Aayudh

खेल जगत की ऐसी महिलाएं जो है भारत की शान

भारत

वर्तमान में हमारा भारत देश महिलाओं की शिक्षा और आजादी को लेकर बेहद आगे बढ़ गया है। अब हर कोई अपनी बेटी, बहन और बहू को पढ़ाना लिखाना चाहता है। कोई नहीं चाहता है कि उनकी बेटी या बहू घर में बैठकर सबके लिए खाना पकाए और अपने सपने को उसी चूल्हे में जला दें। कुछ ऐसे भी शहर या गांव है जहां अभी भी लोग अपनी बेटीयों को घर से बाहर पढ़ने के लिए नहीं भेजते हैं। इसी सोच को खत्म करने के लिए हम आज कुछ ऐसी महान महिलाओं के बारे में पढ़ेंगे जो भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया की महिलाओं के लिए एक मिसाल हैं। नम्बर एक- मेरी लीला राव ओलम्पिक खेलों में भाग लेने वाली प्रथम भारतीय महिला थी। उन्होंने 1956 के ओलम्पिक में 100 मीटर स्प्रिंट दौड़ में भाग लिया था। हालाँकि वे क्वालीफाइंग दौर में ही स्पर्धा से बाहर हो गयीं, लेकिन इतिहास के पन्नों में उनका नाम दर्ज हो गया। भारता की ऐसी कई महिलाएं है जो मेरी लीला राव को अपनी प्रेरणा स्त्रोत मानती है। नम्बर दो- अंजू बॉबी जॉर्ज आज भारत के साथ- साथ पूरे विश्व की महिलाओं के लिए एक मिसाल हैं। अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 में पेरिस में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंबी कूद में कांस्य पदक जीत कर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के साथ वह पहली ऐसी भारतीय एथलीट बनीं, जिसने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 6.70 मीटर की छलांग लगाते हुए पदक जीता। नम्बर तीन- कर्णम मल्लेश्वरी को भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी के नाम से जाना जाता है। भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी ने ओलंपिक में इतिहास रचते हुए ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 2000 के सिडनी ओलंपिक के समय, कर्णम मल्लेश्वरी ने स्नैच में 110 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 130 किग्रा के साथ कुल 240 किग्रा का भार उठाया और भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवपूर्ण पल दिया। ये भी पढ़ें- भारतीय महिला क्रिकेट टीम की 3 सबसे सुंदर खिलाड़ी

Lifestyle: एक व्यक्ति को हर रोज दो केले खाने चाहिए, जाने इसके फायदे

Lifestyle

Lifestyle: हर किसी को अपने जीवन में खाद्य पदार्थ से ज्यादा फल को महत्वता देना चाहिए। इसी तरह केला एक आम फल है जो हर घर में पाया जाता है। यह सस्ता, स्वादिष्ट, और पोषण से भरपूर होता है। केले के नियमित सेवन के कई फायदे होते हैं जो हमें स्वस्थ रहने में मदद करते हैं। इसलिए, हर दिन एक केला खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। लेकिन ध्यान दें कि हर चीज एक मात्रा में ही खानी चाहिए। अधिकतम सेवन से नुकसान हो सकता है, इसलिए मात्रा में रखें और हर तरह के फलों और सब्जियों को सेवन करें। यहाँ हर रोज केला खाने के कुछ मुख्य फायदे बताए गए हैं। आपकी Lifestyle को सुधारें और हर रोज केले का सेवन करें। पोषण से भरपूर: केला विटामिन C, विटामिन B6, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फाइबर, और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है। ये हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करते हैं। डायबिटीज कंट्रोल: केले में मौजूद फाइबर खाने को अच्छे से पचाने में आपकी मदद करता है और रक्त शर्करा स्तर को संतुलित रखता है। इससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। हड्डियों के लिए फायदेमंद: केले में पोटैशियम, मैग्नीशियम, और विटामिन K होता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। वजन नियंत्रण: केला कम फैट और ऊर्जा से भरपूर होता है, इसलिए यह वजन नियंत्रण में मदद करता है। इसका सेवन करने से भूख कम लगती है और वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। दिल के लिए लाभकारी: केले में पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करता है और हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। ये भी पढ़ें- क्या है भोजशाला का पूरा इतिहास, जानिए पूरा विवाद

CAA हुआ लागू, क्या होंगे परिवर्तन

CAA

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने CAA(नागरिकता संशोधन कानून) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। केंद्र सरकार का ये कदम क्या लोकसभा के चुनाव में एक बार फिर जीत दिलाएगा? नागरिकता संशोधन कानून के तहत तीन पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी। इसके पहले देश के बाहर रह रहे भारतीयों को केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन फॉर्म भरना पड़ेगा। CAA के तहत मुस्लिम समुदाय को छोड़कर तीन मुस्लिम बहुल देशों से आने वाले अन्य धर्मों के लोगों को भारत की नागरिरता देने का प्रावधान हैं। सबसे खास बात ये है कि केंद्र सरकार ने सीएए से संबंधित एक वेब पोर्टल भी तैयार कर दिया है। इस पोर्टल को नोटिफिकेशन के ठिक बाद लॉन्च किया जाएगा। CAA के तहत इन 3 देशों के नागरिकों को दस्तावेज नहीं देने होंगे दरअसल CAA के तहत मुस्लिम समुदाय को छोड़कर बहुल पड़ोसी देशों से आने वाले अन्य धर्मों के लोगों को नागरिकता दी जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए ऑनलाइन पोर्टल पर 3 मुस्लिम बहुल पड़ोसी देशों से आने वाले अल्पसंख्यकों को आपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा और सरकारी जांच कराने के बाद उन्हें कानून के द्वारा नागरिकता मिल जाएगी। सारें नियमों को पूरा करने के बाद बांग्लादेश,पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए विस्थापित अल्पसंख्यकों को किसी प्रकार का दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ये भी पढ़ें- हुजूर सहित इन विधानसभाा सीटों से कार्यकर्ताओं ने वापस लिया नामांकन

ममता बनर्जी ने अधीर रंजन के खिलाफ लड़ने की कर ली पूरी तैयारी

ममता बनर्जी

लोकसभा 2024 के चुनाव के लिए ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने राज्य की 42 सीटों पर उम्मीवारों के नाम की घोषणा कर दी है। इस बार ममता बनर्जी ने नए चहरों पर दाव लगाया है। बंगाल की ममता दीदी ने हुगली सीट से इस बार रचना बनर्जी को चुनावी मैदान में उतारा है। इस बार हुगली की सीट से जबरदस्त टक्कर होने वाली है। दरअसल इस सीट से बीजेपी ने लॉकेट चटर्जी को टिकट दिया है। पिछली बार 2019 के लोकसभा चुनाव में हुगली सीट से लॉकेट ने जीत हासिल की थी। इसी के साथ जादवपुर सीट से युवा अभिनेत्री सयानी घोष को टिकट मिला है और इस सीट से पार्टी की वर्तमान सांसद मिमी चक्रवर्ती को इस बार टिकट नहीं मिला है। ममता बनर्जी ने इन सुपरस्टार को दिया टिकट बांग्ला फिल्मों के सुपरस्टार अभिनेता दीपक अधिकारी को घाटल लोकसभा सीट से टिकट मिला है। शताब्दी रॉय को बीरभूम से पार्टी ने टिकट दिया है तो वहीं जून मालिया को मिदनापुर लोकसभा सीट से टिकट दिया गया है। आपको बता दें की इस बार राजनीतिक पार्टीयों ने अभिनेता के साथ-साथ क्रिकेट के खिलाड़ीयों को भी लोकसभा चुनाव का टिकट दिया है। टीएमसी पार्टी ने पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को भी लोकसभा का टिकट दिया है। यूसुफ पठान को बरहामपुर से मैदान में उतारा गया है। वहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि यूसुफ के खिलाफ कांग्रेस पार्टी मैदान में रंजन चौधरी को उतारने वाली है, क्योकिं वर्तमान में रंजन चौधरी इस सीट से सीट से सांसद है। भारतीय जनता पार्टी बरहामपुर से डॉ. निर्मल कुमार साहा को पहले ही टिकट दे दिया है। आखिर क्यों टीएमसी अकेले लड़ेगी चुनाव इस प्रकार लोकसभा 2024 का चुनाव ममता बनर्जी अकेले ही लड़ेंगी। पश्चिम बंगाल में इंडिया ब्लॉक पूरी तरह से टूट गया है और इसके टूटने की कई वजह बताई जा रही है। मिली जानकारी से ऐसा कहा जा रहा है कि टीएमसी और कांग्रेस गठबंधन के टूटने का कारण रंजन चौधरी की बयानबाजी है, क्योंकि रंजन साल 2023 से लगातार ममता बनर्जी के खिलाफ बयान दे रहे हैं। इस एक तरफा बयान को देखते हुए ये साफ है कि ममता रंजन के खिलाफ कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहती है। ममता ने सोच लिया है कि इस बार अधीर रंजन को हराना है इस लिए एक ताकतवार चेहरे को मैदान में उतारा है। ये भी पढ़ें- दीपक जोशी को अपनाना भाजपा के लिए मुश्किल

12 वीं के बाद इन क्षेत्रों में बनाए अपना करियर

करियर

विद्यार्थियों के लिए 12वीं के बाद करियर चुनना एक बड़ा निर्णय होता है। इस समय पर, कई विकल्प उपलब्ध होते हैं, और यह निर्णय उनके भविष्य को बनाने वाला होता है। आइए जानें कुछ क्षेत्रों के बारे में जो विद्यार्थियों के लिए सबसे उपयुक्त हो सकते हैं। इन क्षेत्रों को चुनने के बाद विद्यार्थी एक अच्छी दिशा में अपना करियर बना सकते हैं। विद्यार्थियों को अपनी रुचियों, क्षमताओं, और लक्ष्यों के आधार पर अपना क्षेत्र चुनना चाहिए। यह उनके भविष्य को समृद्ध और संतुलित बनाने में मदद करेगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी- यदि विद्यार्थी विज्ञान और प्रौद्योगिकी में रुचि रखते हैं, तो वे इंजीनियरिंग, चिकित्सा, या विज्ञान में अध्ययन कर सकते हैं। यह क्षेत्र तकनीकी और वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग करके नई और नोवेल चीजों को विकसित करता है। वाणिज्य और व्यापार- विद्यार्थी व्यावसायिक संगठनों, बैंकिंग, वित्त और बाजारी क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। इसमें व्यवसायिक और निवेश संबंधित काम किया जाता है। कला और सामाजिक विज्ञान- यह उन विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त है जो साहित्य, इतिहास, जर्नलिज्म, या मनोविज्ञान में रुचि रखते हैं। इसमें क्रिएटिविटी और सामाजिक ज्ञान का उपयोग किया जाता है। कृषि और पर्यावरण- विद्यार्थी वनस्पति विज्ञान, कृषि, या पर्यावरण अध्ययन में अपना करियर बना सकते हैं। यह सामुदायिक और पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान करता है। ये भी पढ़ें- दीपक जोशी को अपनाना भाजपा के लिए मुश्किल

GDA के अधिकारियों को मिली एक बड़ी सौगात देखिए पूरी लिस्ट

GDA

सामान्य प्रशासन विभाग (GDA) के अफसरों को एक बड़ी खुशखबरी मिली है। सामान्य प्रशासन विभाग (GDA) ने 8 मार्च के दिन राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को पदोन्नति और क्रमोन्नति दी है। विभाग ने एक अधिकारी को सुपर टाइम स्केल का लाभ देने के साथ ही 28 को सीनियर अपर कलेक्टर, 30 को अपर कलेक्टर और 37 अफसरों को संयुक्त कलेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है। ये भी कही जा रहा है कि, चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर के तबादले की तैयारी भी की जा रही है। इसी के साथ 2016 के पहले के डिप्टी कलेक्टर बनने वाले अफसरों को संयुक्त कलेक्टर और अपर लकेक्टर, सीनिययर अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ किए जाने की कार्यविधि जीएडी कर रही है। दूसरी ओर एक जिले और लोकसभा क्षेत्र में तीन साल तथा गृह जिले में पदस्थापना नहीं रखने के चुनाव आयोग के निर्देश के आधार पर एक अलग तबादला सूची भी जीएडी तैयार कर रहा है जो दो तीन दिनों में जारी होने वाली है। GDA के बाद एसपीएस की बारी GDA के अफसरों के बाद राज्य पुलिस सेवा के अफसरों के तबादलें भी किए जा सकते हैं। इसका कारण एक लोकसभा क्षेत्र में तीन साल की पदस्थापना नहीं रखना है। जानकारी के मुताबिक 14 मार्च तक लोकसभा आचार संहिता लगने का अनुमान लगाया जा रहा है। अचार संहिता लगने के पहले सूची जारी की जा सकती है।

आ गई बॉलीवुड की एक और धमाकेदार फिल्म ‘शैतान’ (Shaitaan)

फिल्म 'शैतान' (Shaitaan)

अजय देवगन की फिल्म ‘शैतान’ (Shaitaan) 8 मार्च को थियेटर्स में रिलीज हो गई है। हम आपको बताते है कि इस फिल्म की पुरी कहानी क्या है। हर कोई अपने बच्चों से कहता रहता है कि किसी अंजान व्यक्ति से बात नहीं करना उनका दिया हुआ कुछ नहीं खाना, ट्रेन में या बस में किसी अंजान का दिया हुआ नहीं खाना तब बच्चा अपने माता- पिता से सवाल करता है कि क्यों नहीं खाना? अजय देवगन की फिल्म ‘शैतान’ (Shaitaan) देखने के बाद आप सभी को समझ आ जाएगा कि आखिर क्यों हर कोई मना करता है किसी अंजान का दिया हुआ खाना चाहिए। काले जादू और वशीकरण पर बनी फिल्म शैतान में दिखाया गया है कि कैसे कोई काला जादू करने वाला आपके खुशहाल परिवार को एक पल में बिखेर कर रख देता है। कैसे किसी पर कोई शैतान या काली शक्तियां हावी हो जाती है और उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाती है। ये है फिल्म ‘शैतान'(Shaitaan) की कहानी इस फिल्म में अजय देवगन ने कबीर का और ज्योति ने ज्योतिका का किरदार निभाया है दोनों एक खुशहाल कपल का किरदार कर रहे हैं। परिवार में दो बच्चे भी हैं, जाह्नवी और ध्रुव कबीर अपने परिवार के साथ देहरादून में रहता है। पुरा परिवार एक दूसरे के साथ हंसते खेलते आपनी जिंदगी गुजार रहा है। एक दिन कबिर का पुरा परिवार छुट्टीयों के लिए अपने फार्म हाउस पर जाता है। तभी उनकी जिंदगी में काले जादूगर वनराज यानी आर माधवन की एंट्री होती है। कबीर का पुरा परिवार एक ढाबे पर बैठा रहता है तभी वनराज उनको मिलता है, वहीं से वनराज उनके पिछे पड़ जाता है। कबीर और उसके परिवार को नहीं पता है कि वनराज कोई आम इंसान नहीं है वह एक शैतान है, काली शक्तियों का जादूगर है और उसने उनकी बेटी जाह्नवी को अपने वस में कर लिया है। वनराज जाह्नवी को अपने साथ ले जाना चाहता है। जब कबिर वनराज से पुछता है कि तुम क्यों आए हो मेरे घर में तो वनराज का कहना है कि तुम्हारी बेटी को लेने आया हूं लेकिन तुम्हारी मरजी से ले जाना चाहता हूं। कबिर का कहना है कि मेरे जीवित रहते हुए तुम मेरी बेटी को कहीं नहीं ले जा सकते हो। इस फिल्म में यहीं देखना है कि कबीर और ज्योति अपनी बच्ची को बचाने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, यही फिल्म में देखने वाली बात है. दर्शको से हमारा अनुरोध है कि अपने किमती वक्त में कुछ समय निकाल कर फिल्म शैतान देखने जरूर जाएं। फिल्म ‘शैतान’ (Shaitaan) के डायरेक्टर विकास बहल ने 2023 में आई गुजराती फिल्म वश का रिमेक ‘शैतान’ बनाया है। विकास बहल ने क्वीन जैसी बड़ी फिल्मे बना चुके हैं। ये भी पढ़ें- रिलीज हुआ फिल्म ‘मैदान’ का ट्रेलर, मिल सकता है नेशनल अवार्ड

रिलीज हुआ फिल्म ‘मैदान’ का ट्रेलर, मिल सकता है नेशनल अवार्ड

फिल्म 'मैदान'

अजय देवगन के फैंस के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बॉलीवुड के सिंघम एक एैसी फिल्म लेकर आ रहे हैं जिसे देखने के बाद आपको अपने भारतीय सिनेमा पर गर्व होगा। अजय देवगन की फिल्म ‘मैदान’ का इंतजार हर कोई कर रहा था। लेकिन आखिरकार अब ये इंतजार खत्म हो गया है। जल्द ही फिल्म ‘मैदान’ सिनेमा घरों में रिलीज होने वाली है। पिछले साल ही इस फिल्म का टीजर आया था जिसे देखने के बाद हर कोई उस दिन का इंतजार कर रहा था जिस दिन ये फिल्म थिएटर्स में चलाई जाएगी। अब ये फिल्म थिएटर्स में चलने के लिए तैयार है। फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद हर कोई अजय देवगन और फिल्म के निर्देशक की जमकर तारिफ कर रहा है। फिल्म ‘मैदान’ को मिलेगा नेशनल अवार्ड पिछले साल आप सभी ने फिल्म ‘मैदान’ के टीजर में ही अजय देवगन की दमदार एक्टिंग तो देख ही ली होगी। टिजर का एक झलक देखने के बाद ही जनता पूरी फिल्म देखने के लिए तैयार है। इस फिल्म के प्रोड्यूसर बोनी कपूर ने कुछ समय पहले फिल्म दुनिया से जुड़े लोगों के लिए मैदान की एक स्क्रीनिंग रखी थी। ये फिल्म देखने के बाद एक डिस्ट्रीब्यूर ने तो सोशल मीडिया पोस्ट पर ये कह दिया कि ‘मैदान’ का नेशनल अवार्ड जीतना तय है। उस डिस्ट्रीब्यूर की बात तब सच हो गई जब सभी ने इस फिल्म का ट्रेलर देखा। अजय देवगन की इस फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद आपको भी यकीन हो जाएगा कि उस डिस्ट्रीब्यूर ने फिल्म की स्क्रीनिंग देखने के बाद एैसा क्यों कहा था। ये भी पढ़ें- Women’s Day: खेल जगत की ऐसी महिलाएं जो भारत की शान हैं

maha shivratri: भगवान शिव के हर भक्त को अपनाना चाहिए ये रास्ता

maha shivratri

फाल्गुन महाशिवरात्रि (maha shivratri) इस बार 8 मार्च को मनाई जाएगी। महाशिवरात्री के इस खास अवसर पर हम आपको को मनुष्य के जीवन से जुड़े कुछ अच्छे विचारों के बारे में बताएंगे। अगर आप भगवान शिव के भक्त है तो आपको इन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। भगवान शिव ने बताया की दुनिया में सबसे बड़ा पाप बेइमानी और किसी के साथ किया गया धोखा है। हर इंसान को अपने कर्म सुधारने चाहिए और ईमानदारी का रास्ता चुनना चाहिए। इस दुनिया में मान-सम्मान कमाना और हमेशा सत्य वचन बोलना सबसे बड़ा पुण्य है। मनुष्य अपनी वाणी, कर्म और विचारों के माध्यम से भी पाप का भागीदार बनता है। इसी लिए इंसान को अपने विचारों को वाणी के माध्यम से व्यक्त ना करें और बुरे विचारों का ख्याल ना करें। शिवजी ने अपने भक्तों को बताया कि मानव को हमेशा परिश्रम के साथ खुद का मूल्यांकन करना चाहिए। कभी अपने से कमजोर व्यक्ति के साथ खुद का मूल्यांकन ना करें। शिवजी ने कहा था कि मृगतृष्णा ही सभी कष्टों का एकमात्र उपया है। इंसान को एक के बाद दूसरी चीजों के पिछें भागने के बजाए ध्यान में मन लगाना चाहिए। इस महाशिवरात्री (maha shivratri) को आपको ये गुण जरूर अपनाने चाहिए। ये भी पढ़ें- महाशिवरात्री के व्रत और पूजा में इन बातों को रखें विशेष ध्यान

Women’s Day: खेल जगत की ऐसी महिलाएं जो भारत की शान हैं

Women's Day

Women’s Day: इस महिला दिवस पर, हमें समाज में महिलाओं के प्रति अभिवादन और समर्थन का एक उचित संदेश देना चाहिए। हमें उनके समर्थन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि हम सभी एक समृद्ध, समर्थ और समान समाज की ओर बढ़ें। इस आर्टिकल में हम आपको उन महिलाओं के बारे में बताएंगे जो आज हमारे बारत देश के लिए एक मिसाल है। जिनके नाम से भारत की शान बढ़ती है। मेरी लीला राव: मेरी लीला राव ओलम्पिक खेलों में भाग लेने वाली प्रथम भारतीय महिला थी। उन्होंने 1956 के ओलम्पिक में 100 मीटर स्प्रिंट दौड़ में भाग लिया था। हालाँकि वे क्वालीफाइंग दौर में ही स्पर्धा से बाहर हो गयीं, लेकिन इतिहास के पन्नों में उनका नाम दर्ज हो गया। भारता की ऐसी कई महिलाएं है जो मेरी लीला राव को अपनी प्रेरणा स्त्रोत मानती है। हर वर्ष महिला दिवस (Women’s Day) पर इनको जरूर याद किया जाता है। अंजू बॉबी जॉर्ज: अंजू बॉबी जॉर्ज आज भारत के साथ- साथ पूरे विश्व की महिलाओं के लिए एक मिसाल हैं। अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 में पेरिस में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंबी कूद में कांस्य पदक जीत कर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के साथ वह पहली ऐसी भारतीय एथलीट बनीं, जिसने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 6.70 मीटर की छलांग लगाते हुए पदक जीता। भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी: कर्णम मल्लेश्वरी को भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी के नाम से जाना जाता है। भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी ने ओलंपिक में इतिहास रचते हुए ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 2000 के सिडनी ओलंपिक के समय, कर्णम मल्लेश्वरी ने स्नैच में 110 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 130 किग्रा के साथ कुल 240 किग्रा का भार उठाया और भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवपूर्ण पल दिया। ये भी पढ़ें- रूद्राक्ष महोत्सव में फिर हुई अनहोनी