हिंद महासागर में करोड़ों साल पहले से मौजूद था पाताल का रास्ता

ये है रहस्यमयी ग्रेविटी होल मतलब वैसी जगह जहाँ बाकी हिस्सों के मुकाबले ग्रेविटी कमजोर हो जाती है।इसे इंडियन ओशियन जियोइड लो (IOGL) के नाम से जाना जाता है। ये लगभग 30 लाख वर्ग किमी में फैला हुआ है।इसके बारे में अब तक वैज्ञानिक एक मत पर नहीं थे की ये आखिरकार कैसे बना। पर भारत के वैज्ञानिकों ने इस अनोखी ग्रेविटी होल का कारण खोज निकाला है। Indian Institute of Science (IISc) के रिसर्चर देबांजन पाल और आत्रेयी घोष इस स्टडी के प्रमुख लेखक है। क्या है ग्रेविटी होल की वजह दरसल ये प्राचीन टेथिस महासागर के अवशेष हैं जो पृथ्वी की क्रस्ट के नीचे 950 वर्ग किमी तक फैला है। टेथिस महासागर एक प्राचीन महासागर था जो मेसोजोइक युग के दौरान गोंडवाना और लॉरेशिया महाद्वीपों के बीच मौजूद था। शोधकर्ताओं का मानना है की इसका जवाब पृथ्वी के क्रस्ट के एक हजार किमी नीचे छिपा है। यहां प्राचीन महासागर के ठंडे घने अवशेष अफ्रीका के नीचे तीन करोड़ साल पहले दब गए थे और फिर गर्म पिघली चट्टानें ऊपर आती गयी। इसी वजह से ये ग्रेविटी होल बना है।ये करोड़ सालों से है और आगे कई करोड़ साल तक रहने वाला है।
MP High Court की बड़ी मांग ; सोशल मिडिया के कारण बच्चे जल्दी हो रहे जवान , केंद्र सरकार शारीरिक संबंध बनाने की उम्र करे कम

ग्वालियर हाईकोर्ट ने सरकार से अनुरोध किया है कि आपसी सहमति से शारीरिक संबंध बनाने की उम्र को 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष कर दी जाए। कोर्ट का मानना यह है कि सोशल मीडिया के जमाने में बच्चे कम उम्र मे ही एक दूसरे के तरफ आकर्षित होकर शारीरिक संबंध बना रहे है । वर्तमान में 18 साल की उम्र ने समाज के ताने-बाने को बिगाड़ दिया है, क्योंकि किशोरवय लड़कों के साथ अन्याय हो रहा है। दरअसल अदालत का अनुरोध 27 जून को एक आदेश के माध्यम से सामने आया जिसमें एक व्यक्ति के खिलाफ fir को रद्द कर दिया गया है जिस पर 2020 में एक नाबालिग लड़की से कई बार बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने का आरोप था। कम उम्र में ही आकर्षित होकर बनाते है शारीरिक संबंध , पुरुषों के साथ हो रहा गलत अदालत ने कहा कि लड़कियों के लिए सहमति से संबंध बनाने की उम्र 18 वर्ष करने से समाज का ताना-बाना बिगड़ गया है।उस आयु वर्ग के एक किशोर के शारीरिक और मानसिक विकास को देखते हुए, इसे तर्कसंगत मानेगी कि ऐसा व्यक्ति अपनी भलाई के संबंध में सचेत निर्णय लेने में सक्षम है,”आम तौर पर किशोरावस्था के लड़के-लड़कियां दोस्ती करते हैं और उसके बाद आकर्षण के चलते शारीरिक संबंध बनाते हैं। इन मामलों में पुरुष बिल्कुल भी अपराधी नहीं हैं।आज अधिकांश आपराधिक मामले, जिनमें अभियोजन पक्ष की उम्र 18 वर्ष से कम है, उपरोक्त विसंगति के कारण किशोर लड़कों के साथ अन्याय हो रहा है। अत: मेरा भारत सरकार से अनुरोध है कि वह अभियोक्ता की आयु संशोधन से पहले की तरह 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष करने के विषय पर विचार करें ताकि अन्याय का निवारण हो सके। कोचिंग संचालक के खिलाफ छात्रा ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था 17 जुलाई 2020 को थाटीपुर थाने में कोचिंग संचालक के खिलाफ छात्रा ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। आरोपी 6 महीने से जेल में है। जबकि पीड़िता ने खुद ही शिक्षक के साथ अपनी सहमति से संबंध बनाए थे। इस मामले को लेकर कोर्ट ने शिक्षक के खिलाफ की गई एफआईआर को निरस्त करते हुए जमानत याचिका को स्वीकार किया है।
मध्य प्रदेश के प्रमुख टाइगर रिज़र्व …
हमारे देश के जीव जंतुओं में बाघों को एक विशेष स्थान दिया गया। साथ ही बाघ हमारे देश का राष्ट्रीय पशु भी है। भारत के प्रसिद्ध वाइल्ड्लाइफ पर्यटन स्थलों में से एक मध्य प्रदेश में बाघ हमेशा से ही पर्यटन का एक बड़ा आकर्षण रहे हैं । इसे टाइगर स्टेट की उपाधि भी दी गई। बता दें कि भारत में टाइगर रिजर्व को साल 1973 से स्थापित किया जाने लगा। जहां बाघों की सबसे अधिक संख्या मध्य प्रदेश में दर्ज की गई। जानवरों की श्रेणी में बाघ बिल्ली की प्रजाति में आता, इसका वैज्ञानिक नाम पेंथेरा टाइग्रिस है। तो आइए एक नजर डालें मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व पर जहां आपको बाघ की दहाड़, शानदार हाथी की चिंघाड़, मोर का नाच,और लाखों पक्षियों की चहचहाहट सुनने और देखने को मिलेगी। कान्हा टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश के मंडला और बालाघाट जिले में स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व को 1973 में बनाया गया । यह आधिकारिक तौर पर एक शुभंकर, भूरसिंह और बारहसिंघा पेश करने वाला भारत का पहला टाइगर रिजर्व भी है। मुख्य रूप से पाए जाने वाले बंगाल टाइगर और बारहसिंगा को देखने के लिए लोग दुनिया भर से आते , इसके अलावा प्राकृतिक रूप से भी यह टाइगर रिज़र्व बहुत समृद्ध है। यहा आपको बाघ के अलावा विलुप्त प्राय श्रेणी का जानवर बारहसिंगा, तेंदुए, जंगली कुत्ते, लोमड़ी, लकड़बग्घा और सुस्ती भालू जैसे शिकारी जानवर भी देखने को मिलेंगे। पेंच टाइगर रिजर्व देश का सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिजर्व होने का गौरव प्राप्त करने वाले पेंच राष्ट्रीय उद्यान को 1993 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। सिवनी और छिंदवाड़ा जिले में स्थित इस टाइगर रिजर्व का नाम इसे दो भागों में बांटने वाली पेंच नदी के नाम पर रखा गया। खूबसूरत झीलें, रंग बिरंगे पक्षियों का कलरव, शीतल हवा के झोंके, सोंधी-सोंधी महकती माटी, वन्य प्राणियों का यह अनूठा संसार रोमांच से भर देता है। यह आपको पैंथर और बाघों के अलावा, चीतल, काले हिरण, काले नेप्ड खरगोश, लकड़बग्घा, उड़ने वाली गिलहरी, सांभर, लोमड़ी, जंगली सूअर, साही, सियार, चार सींगा, नील गाय आदि जंतुओं को देखने का अवसर प्राप्त होगा। पन्ना टाइगर रिजर्वपन्ना टाइगर रिजर्व को 1995 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया और प्रोजेक्ट टाइगर के संरक्षण में रखा गया। यह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। पन्ना टाइगर रिजर्व भारत का 22वां टाइगर रिजर्व है और मध्य प्रदेश का पांचवां। बाघ संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व को 25 अगस्त 2011 को यूनेस्को की ‘वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व’ सूची में भी शामिल किया गया। यहा आपको बाघ, चौसिंगा हिरण, चिंकारा, सांभर, जंगली बिल्ली, घड़ियाल, मगरमच्छ, नीलगाय, आदि देखने का मौका मिलेगा। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्वबांधवगढ़ टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के उमरिया जिले मे स्थित है वर्ष 1993 में बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान को एक टाइगर रिज़र्व का दर्जा दे दिया गया। भारत के सबसे ज्यादा बाघ इसी जगह पाए जाते हैं। यहा सिर्फ बाघ ही नहीं आपको बांधवगढ़ में तेंदुआ, हिरन और भी कई अन्य जिव जंतु का दीदार करने का मौका मिलेगा । खास बात ये है कि यहां पर चिड़ियों की 250 प्रजाति, स्तनपायी की 37 प्रजाति और तितलियों की करीब 80 प्रजाति मौजूद है। इतना ही नहीं कई तरह के सरीसृप भी यहां मौजूद है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्वमध्य प्रदेश मे स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व उन छह भारतीय स्थलों में से एक है जिन्हें यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल बनने के लिए सूचीबद्ध किया गया। इस टाइगर रिजर्व कि संरचना 1999 मे की गई। साथ ही मैनेजमेंट इफेक्टिवनेश इवेल्युवेशन में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को दूसरा स्थान भी दिया गया और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का पहला बायोस्फीयर रिजर्व भी है। यहां पर आपको जानवरों में बाघ, तेंदुआ, सांभर, चीतल, भेडकी, नीलगाय, चौसिंगा, चिंकारा, गौर, जंगली सुअर, जंगली कुत्ता, भालू, काला हिरण, लोमड़ी, साही, उड़न गिलहरी, मूषक मृग और भारतीय विशाल गिलहरी देखने का मौका मिलेगा। संजय टाइगर रिजर्वसंजय टाइगर रिजर्व की स्थापना 2008 में जिले के जैव विविधता से समृद्ध वन क्षेत्र के संरक्षण के लिए की गई थी। संजय टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में स्थित है। सफेद बाघों में सबसे प्रथम बाघ ‘मोहन’ यहीं पाया गया था। बाघों के साथ ही यहां स्लोथ भालू, चीतल, नीलगाय, चिंकारा, सांबर, तेंदुआ, धोल, जंगली बिल्ली, हाइना, साही, गीदड़, लोमड़ी, भेड़िया, पाइथन, चौसिंगा और बार्किंग डियर आपको देखने को मिलेंगे .
सामाजिक सद्भाव से मजबूत बनेगा हिन्दू समाज: पं. पूज्य धीरेंद्र शास्त्री जी….
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने खिलचीपुर में ली 73 समाज के प्रमुखों, प्रतिनिधियों की बैठक, हिन्दू समाज को एक सूत्र में पिरोने का किया आह्वान, सभी समाज प्रमुखों को हिन्दू एकता का दिलाया संकल्प अगड़ा-पिछड़ा का झगड़ा मिटाओ, सब हिन्दू एक हो जाओ : ब्यावरा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने खिलचीपुर के उदय पैलेस में 73 समाजों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों की बैठक ली। उन्होंने इस बैठक के माध्यम से हिन्दू समाज की सभी जातियों को एक सूत्र में पिरोने का अनुपम प्रयास किया और सभी समाज प्रमुखों से आह्वान किया कि हम किसी भी जाति के प्रतिनिधि हो सकते हैं लेकिन सभी हिन्दू समाज को सद्भाव के साथ एकजुट करने की जिम्मेदारी हमारी है। यह बैठक हिन्दू समाज की एकता के लिए इतिहास बनेगी। विदेशी ताकतों, रुपयों के माध्यम से समाज में जातीय द्वेष फैलाया गया है। इसको दूर करने के लिए आप सब हमारी प्रार्थना मानकर एक हो जाओ, नहीं माने तो मिट जाओगे। उन्होंने कहा कि अगड़े पिछड़े के भाव मिटा दो। पहले जातिवाद नहीं था। महर्षि वाल्मीकि, संत नामदेव, संत रविदास इन्होंने समाज को एक किया समाज को जगाया। आज भी नई क्रांति लेकर जाना एकता के लिए समय दान देकर हिंदुओ को एक करना है। समाज में फैला रहे प्रायोजित जहर : पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि षड्यंत्रकारी प्रायोजित ढंग से अगड़े–पिछड़े का जहर फैला रहे हैं। लव जिहाद, रामचरित मानस को जलाना, ये सब षड्यंत्र है। हमारे ही भाई षड्यंत्र के शिकार होकर भगवान को बाहर निकाल रहे हैं। बाहरी लोग हमारी बहन–बेटियों को फंसा रहे हैं। पिछड़े समाज को मंचों पर खड़ा करेंगे। जातीय कट्टरता समाज के लिए घातक है। सबको मंदिर में दर्शन करने का अधिकार मिलना है। कुप्रथा को समाप्त करना है। कोई समाज का व्यक्ति गलती करता है तो उसको पूरे समाज से न जोड़ा जाए। हमारी लड़ाई के मजे दूसरे लेते हैं। इस समय में सद्भाव मंच के साथ बैठक करें, दोनों पक्ष बैठें। आज से हम भी नई यात्रा शुरू करेंगे। हर जिले में समाजों की बैठक करेंगे। इस बैठक में सभी जातियों के प्रमुख लोगों एवं समाज के प्रतिनिधियों को पं शास्त्री ने अपना पावन उद्बोधन भी दिया। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत, विभाग, जिला एवं सामाजिक सद्भावना मंच के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए। इस अवसर पर अनिल वाल्मीकि, रामबाबू खरे, जाटव ,अमृत जी बृजवासी,धर्मेंद्र नारोलिया, बालकृष्ण गुप्ता, पवन विजयवर्गीय, राजेंद्र जोशी, गोकुल वर्मा, जया जयसवाल, नम्रता विजयवर्गीय, राजेश्वरी शर्मा, मोना सुस्तानी, हजारी लाल दागी, उदय सिह चौहान नारायण सिंह पवार सहित विभिन्न समाजों के प्रमुखों के साथ ही संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं सह प्रांत संपर्क प्रमुख सुरेंद्र मिश्रा, सह प्रांत कार्यवाह हेमंत सेठिया, विभाग संघचालक लक्ष्मीनारायण चौहान और विभाग कार्यवाह धर्मेंद्र शर्मा उपस्थित रहे। समाज प्रमुखों ने की प्रथम आरती : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने जहां सभी समाज प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों को एक साथ संबोधित किया, वहीं इस आयोजन के माध्यम से हिन्दू समाज की सभी जातियों के बीच परस्पर सद्भाव बनाये रखने पर भी जोर दिया। आयोजन समिति ने बुधवार के दिन कथा की पहली आरती सभी समाज प्रमुखों से कराई। कथा की पावन आरती कर सभी जाति प्रमुखों ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर का आभार व्यक्त किया एवं उनके बताए हुए मार्ग पर हिन्दू समाज को ले जाने का संकल्प लिया। जिले भर के प्रतिनिधि हुए शामिल : बैठक का आयोजन कथा पांडाल के समीप ही उदय पैलेस में किया गया। जहां जिले भर के सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में शामिल होने के लिए 73 जातियों के राष्ट्रीय, प्रांतीय एवं जिला पदाधिकारी तय समय पर शामिल हुए। झलकियां –
ये हैं मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों की लिस्ट …
मध्य प्रदेश भारत का ऐसा राज्य है जहां प्रकृति और जानवरों का सबसे अधिक समन्वय बैठता है । प्रदेश प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसा है क्योंकि यहाँ कुल 12 राष्ट्रीय उद्यान हैं और आज हम आपको इन सभी उद्यानों की जानकारी देंगे …गढ़ राष्ट्रीय उद्यान | बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित भारत के सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। यह राष्ट्रीय उद्यान 437 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों और आश्चर्यजनक परिदृश्य के लिए प्रसिद्ध है। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान 1968 में स्थापित किया गया था तथा 1993 में इस राष्ट्रीय उद्यान को बाघ परियोजना के तहत टाइगर रिजर्व घोषित किया गया।बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न प्रकार के वन्यजीव प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिसमें Royal Bengal Tiger, तेंदुआ, भालू, भारतीय गौर, सांभर हिरण शामिल हैं। यह नेशनल पार्क विशेष रूप से बाघों की संख्या के लिए प्रसिद्ध है तथा प्रयटक यहाँ बाघों को देखने के लिए आते हैं। पेंच राष्ट्रीय उद्यान पेंच राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में स्थित है, और महाराष्ट्र में भी फैला हुआ है। यह राष्ट्रीय उद्यान 758 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और यह वनस्पतियों और जीवों की विविध श्रेणी के लिए प्रसिद्ध है।पेंच राष्ट्रीय उद्यान 1975 में स्थापित किया गया तथा पेंच नदी के नाम पर इस राष्ट्रीय उद्यान का नाम रखा गया है। पेंच राष्ट्रीय उद्यान अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है तथा यहाँ कई लुप्तप्राय और दुर्लभ प्रजातियाँ पाई जाती हैं। संजय राष्ट्रीय उद्यान संजय राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है। यह नेशनल पार्क 466 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है तथाअपनी समृद्ध जैव विविधता और सुंदर परिदृश्य के लिए जाना जाता है। संजय राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1981 में हुई थी।संजय राष्ट्रीय उद्यान में बाघ, तेंदुए, भारतीय बाइसन, चित्तीदार हिरण और जंगली सूअर सहित वनस्पतियां और जीव पाए जाते हैं। संजय नेशनल पार्क का नाम संजय पहाड़ियों के नाम पर रखा गया है, जो विंध्य रेंज का एक हिस्सा हैं और पार्क से होकर गुजरती हैं। यह नेशनल पार्क अपने ऊबड़-खाबड़ इलाके और घने जंगलों के लिए जाना जाता है, जो विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों के लिए एक प्राकृतिक आवास प्रदान करते हैं। सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश का एक लोकप्रिय राष्ट्रीय उद्यान है। यह राज्य के होशंगाबाद जिले में स्थित है। यह राष्ट्रीय उद्यान 524 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है तथा यहाँ विभिन्न वनस्पतियाँ और जीव पाए जाते हैं। सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1981 में हुई थी।यह राष्ट्रीय उद्यान अपनी अनूठी स्थलाकृति के लिए जाना जाता है, जिसमें गहरी घाटियाँ, ऊँची पहाड़ियाँ और कई धाराएँ और झरने शामिल हैं। यहाँ कई दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजाति भी पाई जाती हैं जैसे भारतीय विशाल गिलहरी, भालू, भारतीय तेंदुआ और बंगाल टाइगर शामिल हैं। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान कान्हा राष्ट्रीय उद्यान भारत के सबसे बड़े और सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। यह मध्य प्रदेश के मंडला और बालाघाट जिलों में स्थित है। कान्हा नेशनल पार्क 940 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और अपने विविध वनस्पतियों और जीवों के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें कई लुप्तप्राय प्रजातियां शामिल हैं।कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को 1933 में वन्यजीव अभयारण्य तथा 1955 राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। इस राष्ट्रीय उद्यान को 1974 में बाघ परियोजना (Project Tiger) के तहत टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया। बंगाल टाइगर के अलावा, कान्हा नेशनल पार्क कई अन्य उल्लेखनीय प्रजातियों का भी घर है, जिनमें भारतीय तेंदुआ, बारासिंघा (एक प्रकार का हिरण), जंगली कुत्ता, भारतीय गौर और सांभर हिरण शामिल हैं। माधव राष्ट्रीय उद्यान माधव राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित है। यह नेशनल पार्क 375 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और अपनी समृद्ध जैव विविधता और सुंदर परिदृश्य के लिए जाना जाता है।इस राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1959 में हुई थी तथा यहाँ बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर और भारतीय बाइसन सहित वनस्पतियों और जीवों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं।माधव राष्ट्रीय उद्यान का नाम माधव सागर झील के नाम पर रखा गया है, जो इस राष्ट्रीय उद्यान के भीतर स्थित है और क्षेत्र के वनस्पतियों और जीवों के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह नेशनल पार्क अपने कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मारकों के लिए भी जाना जाता है, जिनमें माधव विलास पैलेस और जॉर्ज कैसल शामिल हैं। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान वन विहार राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मध्य में स्थित है। यह राष्ट्रीय उद्यान 4.45 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और अपनी समृद्ध जैव विविधता और शांत परिवेश के लिए जाना जाता है।इस नेशनल पार्क की स्थापना 1979 में की गयी थी तथा यह राष्ट्रीय उद्यान बाघों, शेरों, तेंदुओं, चीतल, सांभर और विभिन्न प्रकार के पक्षियों सहित वनस्पतियों और जीवों की कई प्रजातियों का घर है। यह राष्ट्रीय उद्यान एक शहर के भीतर स्थित पूरी तरह से संरक्षित वन क्षेत्र है, जो इसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए एक लोकप्रिय जगह बनाता है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान पन्ना राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिलों में स्थित भारत का एक राष्ट्रीय उद्यान है। यह राष्ट्रीय उद्यान 542.67 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है तथा यह अपनी समृद्ध जैव विविधता और सुंदर परिदृश्य के लिए जाना जाता है।पन्ना नेशनल पार्क को 1981 में स्थापित किया गया था तथा यहाँ बाघों, तेंदुओं, चीतल, सांभर और सुस्त भालुओं सहित वनस्पतियों और जीवों की विभिन्न प्रजाति पाई जाती हैं।पन्ना राष्ट्रीय उद्यान अपने संरक्षण प्रयासों और पहलों के लिए जाना जाता है, जिसका उद्देश्य पार्क के प्राकृतिक संसाधनों और वन्य जीवन की रक्षा करना है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 1994 में पन्ना राष्टीय उद्यान को बाघ परियोजना के तहत एक टाइगर रिज़र्व ( Tiger Reserve ) घोषित किया गया था फॉसिल (जीवाश्म) राष्ट्रीय उद्यान फॉसिल (जीवाश्म) राष्ट्रीय उद्यान को घुघुआ जीवाश्म उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। यह मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है। यह नेशनल पार्क में 0.27 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और यह अपने अद्वितीय भूवैज्ञानिक
ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग जैसे स्ट्रक्चर की होगी कार्बन डेटिंग

प्रयागराज – ज्ञानवापी मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है शुक्रवार को न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा की पीठ ने ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग और साइंटिफिक सर्वे कराने की बात कही है । एएसआई को दिया आदेश कहा स्ट्रक्चर को नुकसान ना हो दरअसल ज्ञानवापी मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में हुई जहां पर हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा की पीठ ने आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को आदेश देते हुए कहा की 16 मई 2022 कमीशन की कार्रवाई के दौरान बुजु खाने में मिली शिवलिंग की कार्बन डेटिंग और साइंटिफिक सर्वे कराया जाए । इस दौरान हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शिवलिंग के अपर पाठ का सर्वे करें और 10 ग्राम से ज्यादा हिस्सा उसमें से ना लिया जाए । बता दें कि आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने गुरुवार को हाई कोर्ट में सील बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट पेश की थी जिसके बाद हाई कोर्ट का यह बड़ा आदेश आया है । इस सर्वे के मुताबिक यह पता लगाना होगा कि यह शिवलिंग कितना पुराना है और क्या वास्तव में यह शिवलिंग है या कुछ और । क्या होती है कार्बन डेटिंग कार्बन डेटिंग एक विशेष प्रकार की पद्धति है जिसके माध्यम से किसी भी वस्तु की उम्र का पता लगाया जा सकता है ।यह एक विशेष प्रकार की विधि होती है इस विधि के माध्यम से लकड़ी, बीजाणु, चमड़ी ,बाल कंकाल आदि की उम्र का पता लगाया जा सकता है । इसके माध्यम से 50 हजार साल पुराने तक अवशेषों की उम्र का पता लगाया जा सकता है ।
रमेश शर्मा गुट्टू भैया : भोपाल उत्तर का पहले हिन्दू विधायक जिसने भोपाल स्टेशन में शताब्दी रुकवा दी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे बीजेपी के कद्दावर नेता रमेश शर्मा गुट्टू भैया का बुधवार गुरुवार की दरमियानी रात में हार्ट अटैक से निधन हो गया । पूर्व विधायक रमेश शर्मा का देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के साथ एक लंबा संपर्क रहा है । आज की स्टोरी में हम आपको बताएंगे रमेश शर्मा गट्टू भैया के पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के साथ अनसुने किस्से । प्रधानमंत्री की शपथ के दौरान मंच तक उनके साथ पहुँचे थे गुट्टू भैया पूर्व विधायक गुट्टू भैया ने आयुध मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के साथ बिताए अपने अनुभव को याद करते हुए बताया कि जब अटल जी का दिल्ली में शपथ ग्रहण समारोह था उस वक्त मध्यप्रदेश के केवल पूर्व सीएम सुंदरलाल पटवा और विक्रम वर्मा दिल्ली जाने वाले थे जिनके साथ मेरा जाना भी हुआ इस पूरे कार्यक्रम के दौरान अटल जी उनके साथ मौजूद रहे और मंच तक रमेश शर्मा जी के साथ ही रहे । जब पदाधिकारियों के लिए रुकवा दी शताब्दी एक्सप्रेस इसी इंटरव्यू में रमेश शर्मा अपनी यादों को ताजा करते हुए बताते हैं कि एक बार भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भोपाल में आयोजित की गई थी उस वक्त संसाधनों का काफी अभाव था । ऐसे में जब कार्यकारिणी के बाद भाजपा के तत्कालीन कद्दावर नेताओं की दिल्ली वापसी शताब्दी एक्सप्रेस के माध्यम से होनी थी तो गुट्टू भैया ने अपने संपर्कों के माध्यम से ट्रेन को काफी देर तक स्टेशन पर रोका रखा जिसके बाद ही सारे पदाधिकारी अपने गंतव्य तक पहुंच सके । चुनावों के दौरान पूर्व पीएम ने की थी समर्थन में सभा रमेश शर्मा गुट्टू भैया भोपाल की उत्तर विधानसभा से भाजपा के पहले हिन्दू विधायक थे । वर्ष 1993 में हुए इन चुनावों में भाजपा ने हिंदूवादी छवि होने के नाते गुट्टू भैया को अपना प्रत्याशी बनाया और इस चुनाव में खुद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुट्टू भैया के समर्थन में काजी कैप्म क्षेत्र में एक जन सभा को संबोधित किया , जिसके बाद आए परिणामो ने भाजपा को जीत दिलाई थी। सबके अपने थे गुट्टू भैया लम्बे समय से गुट्टू भैया सक्रिय राजनीति से बाहर थे लेकिन कार्यकर्ताओं और समाज के बीच उनकी सक्रियता कम नहीं हुई थी. अपने आखिरी समय तक गुट्टू भैया कार्यकर्ताओं से मिलते जुलते रहे. वो बिनी किसी छुट्टी के रोज सुबह अपने घर से निकलते और सबका दुःख सुख सुनते हुए रात को हीं घर पहुँचते थे. गुट्टू भैया के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सबके सामने हीं रो पड़े. बड़ी संख्यामे भाजपा के कार्यकर्ता और सामान्य लोग भी गुट्टू भैया को श्रधांजलि देने पहुंचे. पूरा इंटरव्यू देखें –
कूनो से फिर आई दुखद खबर , इस कारण एक और चीते ने तोडा दम

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर एक दुखद खबर सामने आई है । आज फिर कूनो में एक चीते ने दम तोड़ दिया पिछले 3 महीनों में चीतों की मौत का यह तीसरा मामला सामने आया है । आपसी लड़ाई में हुई चीते की मौत इस बार कूनो नेशनल पार्क में चीते की मौत किसी बीमारी से नहीं बल्कि आपसी लड़ाई में हुई है जानकारी के मुताबिक इस चीते का नाम धीरा बताया जा रहा है ।इस घटना के बाद से ही नेशनल पार्क प्रबंधन के द्वारा फोन स्विच ऑफ करने की खबरें सामने आ रही है । 3 महीने में चीते की मौत का तीसरा मामला इससे पहले भी कूनो नेशनल पार्क में चीता स्वास्थ्य और उदय की मौत का मामला सामने आया था मौत से पहले उदय नामक चीते का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था ,जिसमें वह बीमार नजर आ रहा था यह चीता दक्षिण अफ्रीका से दूसरी खेप में भारत लाया गया। कूनो में अब बचे मात्र 17 चीते दरअसल भारत में 2 खेप में चीतों को नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था 17 सितंबर को प्रधानमंत्री ने अपने जन्मदिन के मौके पर इन चीजों को बाड़े में छोड़ा था । जिसके बाद 18 फरवरी को एक बार फिर चीतों की दूसरी खेप भारत पहुंची थी कूनो में दोनों खेप में कुल मिलाकर 20 चीते छोड़े गए थे , लेकिन तीन की मौत हो जाने के बाद अब मात्र 17 सीटें ही बचे हैं ।
मिशनरी आश्रम में मिला मांस और शराब की बोतलें , जाँच दल से हुई अभद्रता

सागर : मध्य प्रदेश के सागर जिले में संचालित मिशनरी संस्थान सेवा धाम आश्रम का औचक निरीक्षण राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के साथ राज्य बाल आयोग के सदस्यों ने किया । इस दौरान निरीक्षण में इन लोगों को संस्थान के अंदर रखी फ्रिज में बड़ी मात्रा में मांस और शराब की बोतलें मिलने का मामला सामने आया है। दल में शामिल महिला सदस्य के साथ हुई अभद्रता दरअसल मंगलवार को राष्ट्रीय बाल आयोग और राज्य बाल आयोग की टीम सेवा धाम आश्रम में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद जांच करने पहुंची थी । इस दौरान जांच दल में शामिल राज्य बाल आयोग की सदस्य निवेदिता शर्मा जब जांच कर रही थी तो मिशनरी संस्थान में मौजूद 2 लोग जो कि स्वयं को प्रीस्ट बता रहे थे उन्होंने महिला सदस्य के साथ अभद्रता की और वीडियो बनाने का प्रयास किया जिसकी शिकायत करने पर पुलिस ने इन 2 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया । निरीक्षण के दौरान फ्रिज में मिला मांस और शराब की बोतलें एक बाल गृह का निरीक्षण करने के लिए दल में शामिल यह सभी सदस्य पहुंचे पाया की एक फ्रिज बड़ी मात्रा में मांस रखा हुआ था तो वहीं एक अन्य कमरे में शराब की 10 बोतलें भी मिली है । छात्रावास का नहीं मिला पंजीयन निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मीडिया को बताया कि सेंट फ्रांसिस सेवा धाम आश्रम में किशोर न्याय अधिनियम के तहत अलग-अलग प्रकार के संस्थान जैसे दिव्यांग मानसिक रूप से कमजोर और बालक बालिका छात्रावास सहित अन्य संचालित हो रहे हैं इसमें बालक छात्रावास के पंजीयन की जानकारी नहीं मिली । इस दौरान राज्य बाल आयोग के सदस्य ओंकार सिंह भी मौजूद रहे ।
IMD Alert : अगले दो दिनों में इन दो जिलों में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

देश की राजधानी दिल्ली समेत सभी मैदानी राज्यों में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। हालांकि बीतें दिन दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में धुंध छायी रही। जिस वजह से मौसम के मिजाज में काफी परिवर्तन देखने को मिला। मौसम विभाग की मानें तो इस महीने के आखिरी तक लू के साथ भीषण गर्मी की संभावना है। राजधानी दिल्ली में मौसम का हाल अगर बात करें राजधानी दिल्ली की तो आज यहाँ न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही IMD ने 15 मई तक लू चलने की संभावना जताई है। हालांकि आज राजधानी में बादल छाए रहे था कई हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। बीतीं रविवार को नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंजाब और दिल्ली समेत एनसीआर के कई इलाकों में रविवार शाम को भी धूल भरी आंधी चली और झमाझम बारिश भी हुई। मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी IMD के मुताबिक, 11 मई से एक बार फिर मौसम के मिजाज में बदलाव आने वाला है। वहीं प्रदेश में 21 मई के बाद से मौसम विभाग ने हीट वेव चलने की भी संभावना जताई है। इसके साथ ही 15 मई से 10 जून के बीच तेजी से तापमान बढ़ेगा और नौतपा तपने का भी अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि इस दौरान 6 दिन गर्मी तथा 6 दिन आंधी और बारिश की संभावना है। Also Read : भोपाल और छिंदवाड़ा से गिरफ्तार हुए संदिग्ध आतंकी , NIA और ATS ने की कार्रवाई IMD इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर,मिजोरम, त्रिपरा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल में आंधी तूफान के साथ जोरदार बारिश की भी संभावना है। इसके अलावा, सिक्किम सहित तटीय आंध्र प्रदेश, मराठवाड़ा, पूर्वोत्तर भारत, तेलंगाना, रायलसीमा और दक्षिण ओडिशा के कई हिस्सों में तेज बारिश के आसार है।