एक बार फिर सीएम शिवराज का संवेदनशील चेहरा आया जनता के सामने
मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर दिखे अपने छोटे से भांजे को मंच से प्यार करते हुए. मामा का संवेदनशील चेहरा फिर आया जनता के सामने. मुख्यमंत्री से अपने पिता का इलाज कराने के लिए लगा रहे गुहार पर मामा से ‘भांजे’ मिस्बाह को ढेर सारा प्यार मिला है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत ‘भांजे’ मिस्बाह के पिता का इलाज कराने का निर्देश दे दिए. मिस्बाह के पिता को तुरंत चिरायु अस्पताल में उनके इलाज के लिए भर्ती कराया गया. दरसल बात ये है कि कल शिवराज सिंह चौहाV पुराने शहर में चुनाव प्रचार के लिए पहुचे हुए थे. तभी मिस्बाह ने मुख्यमंत्री शिवराज को एक पत्र दिया जिसमें लिखा था कि- शिवराज मामा! आपसे निवेदन है कि, मेरे अब्बा 4 महीने से बीमार हैं वो चल नहीं पा रहे हैं उनके पांव काम नहीं कर रहे हैं। आप उनका इलाज कराए. जिसके कुछ ही देर बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मिस्बाह के पिता का इलाज कराने का निर्देश दे दिए. इस वाकया को देखते हुए मामा बोले ये हि तो है जनता के लिए मुख्यमंत्री का प्यार. एैसा ही एक वाकया सीएम शिवराज का इंदौर में देखने को मिला इंदौर के राऊ क्षेत्र में एक एैसा वाकया हुआ जिसे देख शिवराज मामा बोले कि मैं इसीलिये तो कहता हूं कि हम सरकार नहीं परिवार चलाते हैं. इंदौर के राऊ क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंच से जनता से संवाद कर रहे थे. तभी उस भीड़ में से एक 3 या 4 बर्ष की मासूम बच्ची “मामा , मामा” चिल्लाने लगी जिसे देख शिवराज सिंह चौहान भी अपना संबोधन रोक जल्दी से जाके मासुम बच्ची को गोद में उठा लिए. सीएम मामा से मिलकर मासूम भांजी के चेहरे पर इतनी खुशी थी, जैसे उसका कोई सपना पुरा हो गया हो. ये भी पढ़े- सिंधिया ने किया ये काम , हर तरफ हो रही चर्चा
चुनाव के पहले एकांतवास में नज़र आये सीएम शिवराज
मध्यप्रदेश में निर्वाचन आयोग द्वारा आचार संहिता लगाने के कुछ घंटों बाद ही बीजेपी द्वारा प्रत्याशियों की चौथी लिस्ट जारी की गई। उसके बाद से मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान काफी कूल मूड में नज़र आ रहे हैं। हाल ही में सीएम शिवराज ने अपने X हैंडल (पूर्व ट्वीटर) पर एक पोस्ट किया जिसमें वे ऋषिकेश के गंगा नदी के किनारे एक पत्थर पर बैठे हैं। उनके हाथ में किताब है। उस तस्वीर में वे शांती का लुफ्त उठाते नज़र आ रहे हैं। पोस्ट के कैप्शन में उनहोंने लिखा-“मां गंगा भारतीय संस्कृति का पुण्य प्रवाह है; यही संस्कृति भौतिकता की अग्नि में दग्ध विश्व मानवता को शाश्वत शांति के पथ का दिग्दर्शन कराएगी।” सीएम शिवराज सिंह के पोस्ट पर कमलनाथ का बयान पोस्ट के कुछ देर बाद ही ये पोस्ट चर्चा का विषय बन गया। विपक्षी दल को अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं मिला की आखिरकार शिवराज चुनावों के ऐलान के साथ ही अचानक एकांतवास में क्यों चले गए? उसी बीच अब कमलनाथ का एक बयान सामने आया जिसमें उन्होंने सीएम शिवराज के पोस्ट पर तंज कस्ते हुए कहा “जिस गंगा किनारे आप शांति की तलाश में कैमरे की टीम लेकर गए हैं उस गंगा मां के ‘गंगाजल’ पर उनके दल की भाजपा सरकार द्वारा ही जीएसटी लगाकर धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है।” कमलनाथ के ट्वीट पर कैलाश विजयवर्गीय का तीखा प्रहार कमलनाथ के ट्वीट से मध्य प्रदेश में एक बार फिर सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई, एक तरफ सीएम शिवराज के पोस्ट पर कमलनाथ ने तंज कसा तो वहीं बीजेपी के राष्ट्र महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कमलनाथ के तंज पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा “75 साल की उम्र के बाद लोगों को नींद कम आती है, और वैसे भी कमलनाथ सपने देखते रहते हैं, सपने सच करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है।” “शिवराज सिंह चौहान और हमारी टीम ने पैदल चलकर मध्य प्रदेश देखा है। हम गरीबों की परेशानी और दर्द समझते हैं”, जो कभी AC कमरों में बैठकर बयानबाजी करने से सपने सच नहीं होते हैं। इसी के साथ कैलाश विजयवर्गीय ने कमलनाथ पर तंज कसते हुये यह भी कहा की “कमलनाथ जी ने मध्यप्रदेश अभी देखा ही नहीं है, हेलीकॉप्टर से उड़े हैं, कभी सड़कें देखी ही नहीं है। न तो गरीबों के काम देखें न उनके घर देखें हैं” उनको क्या मालूम होगा? इसके साथ उन्होंने आगे कहा हम इसी कारण जानते हैं गरीब की तकलीफ को समझते हैं। ये भी पढ़े- नरोत्तम मिश्रा ने किया कांग्रेस का पर्दाफाश , जानिए क्या थे कांग्रेस के इरादे
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड का 9वां मैच भारत और अफगानिस्तान आमने-सामने
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड का 9वां मैच आज यानि 11 अक्टूबर को हो रहा है. इस मैच में भारत और अफगानिस्तान आमने-सामने दोनो टीमों का दुसरा मैच है. भारत को अपने पहले मैच में जीत मिली थी तो वहीं अफगानिस्तान को अपने पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा था. भारतीय टीम का पहला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया टीम के खिलाफ और अफगानिस्तान का पहला मुकाबला बांग्लादेश के साथ था. 9वें मैच में भारतीय टीम और अफगानिस्तान टीम का मुकाबला है जिसमें अफगानिस्तान ने टॉस जीत लिया है. टॉस जीतने के बाद अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है. आजतक दोनों टीम वनडे क्रिकेट मैच में 3 बार आमने- सामने आ चुकी है, भारत को 2 बार जीत मिली है, एक मैच टाई रहा है. इसके अलावा वर्ल्ड कप में दोनों टीम केवल एक बार 22 जून 2019 को साउथैम्पटन में साथ खेली है. जहां भारत 11 रनों से जीत पाया था. आज के मैच में अफगानिस्तान टीम की ओपनिंग रहमानुल्लाह गुरबाज़ और इब्राहिम जादरान कर रहे हैं. शुरू के 5 ओवर में 19 रन बनाए अफगानिस्तान ने. इसी के साथ पहला विकेट केएल राहुल के हाथ मिला इंडिया को और अफगानिस्तान का स्कोर 32/1 हो गया है. अफगानिस्तान टीम ने अपने अच्छे प्रदर्शन से बनाए 200 रन. भारतीय टीम के गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने अफगानिस्तान को दिया बड़ा झटका एक ही ओवर में 2 विकेट इसके बाद 235 रनों पर 7वां कैच आउट. अफगानिस्तान का आठवां विकेट 261 रन पे 8 विकेट, इसी के साथ अफगानिस्तानी टीम ने 8 विकेट पर 272 रन बनाए है. भारतीय क्रिकेट टीम को मिला 273 का टारगेट. अफगानिस्तान क्रिकेट टाम के कप्तान हशमतुल्ला शाहिदी ने शानदार बैटींग के साथ 80 रन बनाए. अजमतुल्लाह उमरजई ने 62 रन बनाए. ये भी पढ़े- विधानसभा चुनाव में खर्च की सीमा बढ़ा दी गई, हर खर्च का हिसाब देना होगा
विधानसभा चुनाव में खर्च की सीमा बढ़ा दी गई, हर खर्च का हिसाब देना होगा
मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में खर्च की लिस्ट जारी हो गई है. पोहा, समोसा, टेंट, मिठाई, ग्राफिक्स, प्रिंटिंग, इलेक्ट्रिक सामान समेत सभी के दाम तय कर दिए गए है. दरसल मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव कि डेट आगई है एैसे में विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले नेता चुनाव प्रचार में 40 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे. इसके साथ ही एक-एक खर्च का हिसाब चुनाव आयोग को देना पड़ेगा. यही नही अगर मंच पर नेता जी तकिए पर बैठते है तो उसके भी 10 रुपए खर्च में जोड़े जाएंगे. 275 प्रकार के आयटम का किराया तय किया गया है. जिसमें अंजीर मिठाई के 1045 रुपए किलो चुकाने होंगे तो काजू कतली के 979 रुपय मिल्क केक के 484 रुपय देने पड़ेंगे. कोई भी मिठाई हो बर्फी या बूंदी के लड्डू सबके खर्च के हिसाब देने होंगे. इन सभी सामान के दाम भोपाल के कलेक्टर आशीष सिंह तय किए है. आपको बता दे कि मध्यप्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में खर्च की सीमा 28 लाख रुपए थी। जिसे बढ़ाकर 40 लाख रुपय कर दिया गया है. इस बार हर खर्च पर कड़ी नजर रखने की बात अफसरों ने कही है। हेलिकॉप्टर से प्रचार करना हो या मंच सजाना हो सबके खर्च जोड़े जाएंगे. प्रचार- प्रसार के लिए उपयोग किए जाने वाले 18 वाहनों का भी किराया तय किया गया है. इनमें 1+4 सीटर हेलिकॉप्टर सिंगल इंजन, 2+5 हेलिकॉप्टर डेल 407 सिंगल इंजन और 2+5 सीटर हेलिकॉप्टर अगस्ता का किराया भी फिक्स किया गया है। हेलिकॉप्टर का किराया प्रतिघंटे के हिसाब से आयोग द्वारा निर्धारित रेट के अनुसार ही खर्च में जुड़ेगा। नाश्ते में अगर समोसा, पोहा, जलेबी या चाय दे रहे है तो उसके 60 रुपए लगेंगे. खाने की बात करे तो, दाल – बाफला की थाली 180 रुपए में, वीआईपी लंच पैकेट भी 180 रुपए में, लंच पैकेट मीडियम है तो 150 रुपए, लंच पैकेट सादा है तो 100 रुपए देने पड़ेंग. डालडा से बनी मिठाई के दाम 350 रुपए प्रति किलो और शुद्ध घी में बनी मिठाई के दाम 460 रुपए देने होंगे. चुनाव के दौरान सभा में उपयोग होने वाली चिजें दरी, परदा, तकिया, गद्दे,कंबल, टेबल, पंखा, कूलर, स्पेशल कूलर, तखत, ड्रम, टब, कुर्सी कवर रंगीन चादर, नग वाले गद्दे, और सभा के दौरान नेताजी को स्पेशल बुडन सोफे पर भी बैठाया तो उसके 950 रुपए देने होंगे। ये भी पढ़े- कांग्रेस ने कराया “मामा का श्राद्ध!” बौखलाए सिंधिया
ग्वालियर के आरोन स्थित बनहेरी गांव के सरपंच की गोली मारकर हत्या
मध्य प्रदेश के ग्वालियर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. ग्वालियर के आरोन स्थित बनहेरी गांव के सरपंच को सरे आम गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया गया. पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया गया है. सरपंच कि हत्या के बाद सरपंच पक्ष के लोगों को भी गुस्सा आ गया और आरोपियों के घरों को आग को हवाले कर दिया. सारा मामला ग्वालियर के आरोन स्थित बनहेरी गांव के सरपंच विक्रम रावत का है. सरपंच विक्रम रावत अपनी कार में सवार हो कही जा रहे थे. तभी रास्ते में बाईक पे सवार हो दो शूटर आए और बीच सड़क पर सरपंच विक्रम रावत पर लागातार गोलियों के फायर किया. आरोपियों ने सरेआम गोलियों से भूनकर सरपंच की हत्या कर दी. हत्या की खबर से पुरे गांव में मातम छा गया. सरपंच पक्ष ने आक्रोश में आरोपियों घर को किया आग को हवाले सरपंच विक्रम रावत के मौत कि खबर जैसे ही गांव वालो को मिली तो सरपंच पक्ष के लोग आक्रोशित हो उठे और आरोपितों के घरों में आग लगा दी. सूचना मिलने पर पुलिस भी गांव में पहुंची, लोगों ने पुलिस को गांव में पहुचने ही नही दियाा. सरपंच पक्ष वाले मृतक के शव को लेकर एसपी ऑफिस पहुंच गए और एसपी ऑफिस पर शव को रखकर चक्का जाम कर दिया. पीडि़त परिवार की मांग थी कि आरोपियो को तत्काल गिरफ्तार किया जाए. साथ ही आरोपियों के मकानों को तोड़ा जाए. सरपंच कांग्रेस पार्टी के समर्थक बताए जा रहे है. मृतक की पत्नी का आरोप है, कि उनके पति की हत्या में भितरवार से बीजेपी के विधानसभा के प्रत्याशी मोहनसिंह राठौर का भी हाथ है. एसपी राजेश चंदेल का बयान है कि इन दोनों के बीच पहले से विवाद था, उसी विवाद को लेकर पेशी थी. अब पुलिस लगातार आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्यवाई कर रही है. ये भी पढ़े- बेटे नकुलनाथ ने कर दिया पिता के मुख्यमंत्री बनने का दावा
बेटे नकुलनाथ ने कर दिया पिता के मुख्यमंत्री बनने का दावा
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका हैं। प्रदेश में 17 नवंबर 2023 को मतदान किया जाएगा। वहीं तीन दिसंबर को मतगणना होगी और परिणाम का एलान किया जाएगा। मध्य प्रदेश चुनाव को लेकर पीसीसी चीफ कमलनाथ के बेटे और सांसद नकुलनाथ ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कमलनाथ को मध्य प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। आपको बता दें , सोमवार को चुनाव आयोग द्वारा चुनावी तारीख का एलान होने के बाद छिंदवाड़ा से सांसद नकुलनाथ ने ट्वीट किया। इस पोस्ट पर लिखा कि – “आज चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख 17 नवंबर का ऐलान कर दिया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि मध्यप्रदेश की जनता आगामी चुनाव में कांग्रेस को भारी बहुमत प्रदान करेगी और 03 दिसंबर को कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे। ” एमपी कांग्रेस ने ट्वीट कर की नारी को असली सम्मान दिलाने की बात एमपी कांग्रेस ने महिला सुरक्षा ऊपर चर्चा करते हुए शिवराज सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा- मध्यप्रदेश की आज़ादी की तारीख़ों का ऐलान हो चुका है। जनता 17 नवंबर को शिवराज के जंगलराज के खिलाफ मतदान करेगी और 3 दिसंबर को जनता अपनी ताक़त का प्रमाणपत्र हासिल करेगी। मध्यप्रदेश के चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का चुनाव नहीं है, यह चुनाव लोकतंत्र के हत्यारों से बदला लेने का, बेरोज़गारी के जनक को सबक़ सिखाने का, आदिवासियों के पलटवार का, किसानों की कर्जमाफी पुन: चालू कराने का, पूरे प्रदेश की जनता को मुफ्त बिजली देने का और मध्यप्रदेश की नारी को असली सम्मान दिलाने का चुनाव है। आगे कहा कि प्रदेश के चुनाव अंधकार से उजियारे की तरफ़ बढ़ने का चुनाव है। एमपी के चुनाव असत्य पर सत्य की जीत का, अन्याय पर न्याय की जीत का, कुशासन पर सुशासन की शुरुआत का चुनाव है। मध्यप्रदेश के चुनाव 18 सालों के अत्याचार के खिलाफ जनता का जवाब है, मध्यप्रदेश के चुनाव सिसकती बेटियों की रक्षा का संकल्प है। प्रदेश के चुनाव एक एक घर और एक एक व्यक्ति तक ख़ुशहाली पहुंचाने का चुनाव है। मध्यप्रदेश का चुनाव कांग्रेस को लाने का चुनाव है। “कांग्रेस आयेगी, ख़ुशहाली लायेगी” ये भी पढ़े-भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तारिख का ऐलान,दोनों पार्टीयों का बयान
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तारिख का ऐलान,दोनों पार्टीयों का बयान
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्यप्रदेश सहित 5 चुनावी राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारिख के साथ आचार संहिता का भी ऐलान कर दिया गया है। मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव कि तारिख तय की गई है। साथ ही बताया गया है की चुनाव एक ही चरण में पुरे मध्यप्रदेश में संपन्न कराया जायेगा। दोपहर 12 बजे चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता के ऐलान होने के बाद मध्यप्रदेश सीएम शिवराज सिंह का पहला बयान सामने आया है। सीएम शिवराज ने अपने बयान में कहा, अब म्ध्यप्रदेश में चुनाव की तारीखों के ऐलान हो चुके हैं बीजेपी फिर से चुनाव जीत कर सत्ता में वापसी करेगी ,साथ ही सभी राजनीतिक दलों के साथ अपनी सद्भावना रखी कहा मेरी सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है और यहाँ पर चुनाव शांतिपूर्ण करने में सभी राजनीतिक दाल अपना सहयोग करें। सीएम शिवराज ने कहा ये कोई लड़ाई नहीं है इसलिए कोशिश करें कि चुनाव लड़ते समय हम लोग एक दूसरे पर व्यक्तिगत आरोप , प्रत्यारोप लगाने से बचें। ये कोई शत्रुता नहीं है। ये विचारधारा का संघर्ष है। सीएम शिवराज ने कहा विपक्ष अपनी बात जनता के सामने रखे , सरकार अपनी बात जनता के सामने रखेगी। मैं चाहता हूं कि मध्यप्रदेश में चुनाव एक अच्छे माहौल में हो। विपक्ष पार्टी कांग्रेस के बड़े नेता का बयान आपको बता दें विपक्षी नेता रणदीप सुरजेवाला और जयवर्धन सिंह ने जीत का दवा किया साथ ही कांग्रेस नेता ” कमलनाथ जी ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट के द्वारा अपना बयान रखा कहा कि मध्य प्रदेश की सम्मानित जनता पिछले कई वर्ष से जिस तारिख का इंतज़ार कर रही थी उसकी विधिवत घोषणा कर दी गई है। 17 नवंबर को मध्यप्रदेश में मतदान है। उन्होंने कहा ये दिन लोकतंत्र का हरण करने वालों को सबक सीखने और सत्य के शासन की पुर्नस्थापना करने का दिन होगा।” कमलनाथ जी ने कहा कि “मैं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और मध्यप्रदेश की समस्त जनता से निवेदन करता हूँ कि मध्य प्रदेश के विकास को और मध्य प्रदेश के भविष्य को निगाह में रख कर चुनाव की तैयारी करें और सही समय पर सही जगह ऊँगली रखकर नए मध्यप्रदेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें। 3 दिसंबर को मध्यप्रदेश में जनता की सरकार की विजय पर मोहर लग जायेगी। ” ये भी पढ़े- MP समेत अन्य चुनावी राज्यों में दोपहर 12 बजे से लगाई गई आचार संहिता
मध्य प्रदेश में दोपहर 12 बजे से लगाई गई आचार संहिता
मध्य प्रदेश में आज दोपहर 12 बजे भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस कर मध्यप्रदेश सहित पांच चुनावी राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है, साथ ही सभी राज्यों में आचार संहिता लागु कर दिया गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा पूरे चुनाव का शेड्यूल निकाला गया है जिसमें सभी राज्यों में होने वाले चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। सभी राज्यों में पोलिंग बूथ की संख्याओं के साथ चुनाव कितने चरण में होंगे और इसके रिजल्ट कब तक आएंगे उसकी भी घोषणा कर दी गई है। एक चरण में होगा मध्य प्रदेश में चुनाव निर्वाचन आयोग द्वारा बताया गया है की मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को एक चरण में विधानसभा चुनाव होगा और 3 दिसंबर को रेज़ल्ट अनाउंस कर दिया जायेगा।आपको बता दें चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता लागु करने के साथ ये निर्देश जारी किये गए है की इन दिनों नेताओं द्वारा कौन से कार्य किये जा सकते है कौन से नहीं। आचार संहिता लगने के बाद सरकार कोई नई योजना लांच नहीं कर सकती है। हालाँकि जिन योजनाओं और विकास कार्यों को पहले ही शुरू कर दिया था और जिनके टेंडर निकलकर वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं, वे विकास कार्य कराए जा सकेंगे. लेकिन कोई नए कार्यों की घोषणा अब सरकार नहीं कर सकेगी। मध्य प्रदेश में राजनितिक दल किसी भी राजनीतिक प्रचार के लिए सरकारी धन और संसाधनों का उपयोग नहीं कर सकते। वहीं किसी भी नेता द्वारा आम नागरिक को धमकाना या उसका उत्पीड़न करना गंभीर अपराध माना जायेगा। किसी भी प्रकार की हिंसा या भेदभाव नहीं कर सकते। जातिवाद, धर्म, लिंग या क्षेत्रीयता से संबंधित बयान बाजी नहीं कर सकते। नेताओं द्वारा जनता को गलत या भ्रामक जानकारी देना दंडनीय है। धार्मिक स्थलों का राजनीतिक गतिविधियों के लिए प्रयोग नहीं कर सकते।टिकट के दावेदार या प्रत्याशी नेता नागरिकों को किसी भी प्रकार का लालच या भय नहीं दिखा सकते। ये भी पढ़े-एमपी में लागू हुई आचार संहिता , विधानसभा चुनाव का पूरा शेड्यूल हुआ जारी
भारत निर्वाचन आयोग ने जारी किया विधानसभा चुनाव का पूरा शेड्यूल
2023 विधानसभा चुनाव को लेकर पांचो राज्यों में आदर्श आचार संहिता लगा दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस कर राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान कर दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में दो फेज में 7 और 17 नवंबर को वोटिंग होगी। इसके अलावा मध्य प्रदेश में 17 नवंबर और राजस्थान में 23 नवंबर को सिंगल फेज में वोटिंग होगी। वहीँ, मिजोरम में 7 नवंबर और तेलंगाना में 30 नवंबर को एक ही फेज में वोटिंग होगी। पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम का एलान 3 दिसंबर को किया जाएगा। पांचों राज्यों में कुल वोटर्स कांफ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि पांचों राज्यों में कुल 16.14 करोड़ मतदाता हैं। जिनमें 8.2 करोड़ पुरुष मतदाता शामिल है , तो वहीँ 7.8 करोड़ महिला मतदाता होंगी। इसके अलावा 17.34 लाख दिव्यांग वोटर्स है।साथ ही 80 से अधिक उम्र के 24. 7 लाख लोग है। आपको बता दे , इस बार 60.2 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। विधानसभा चुनाव की बड़ी बातें 5 राज्यों की 679 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी जिनके लिए 1.77 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। 17734 मॉडल बूथ होंगे , 621 पोलिंग बूथों को दिव्यांग कर्मचारी संभालेंगे। 8192 पोलिंग बूथों पर महिलाएं कमान संभालेंगी। 1.01 लाख पोलिंग बूथ पर वेबकास्टिंग होगी। आदिवासियों के स्पेशल बूथ होंगे। 2 किलोमीटर के अंदर पोलिंग बूथ होंगे। “सी विजिल ऐप ” से चुनावी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। लोग ऐप के जरिए शिकायत कर सकेंगे। आपको बता दें , मध्य प्रदेश में 230 सीटों पर चुनाव होगा।वही राजस्थान में 200 ,छत्तीसगढ़ में 90 , तेलंगाना में 119 और मिजोरम में 40 सीटों पर मतदान होगा। ये भी पढ़े- CM शिवराज ने MP में आचार संहिता लगने के कुछ समय पहले किया ये ऐलान
CM शिवराज ने MP में आचार संहिता लगने के कुछ समय पहले किया ये ऐलान
आज यानि 9 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के साथ 4 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारिख का ऐलान हो जाएगा. आचार संहिता लगने से ठीक कुछ घंटे पहले मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कई बड़ी घोषणाओं का ऐलान किए है. आचार संहिता लगने के बाद कोई भी पार्टी या सरकार किसी भी योजना या नए काम की घोषणा नही कर सकती है. इस बात को ध्यान में रखते हुए. आज शिवराज ने मध्यप्रदेश के तीन जिलों पन्ना, कटनी और बैतूल में सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाने का आदेश जारी कर दिया है. ये घोषणा आचार संहिता लागू होने के ठिक पहले की गई है. एक बार फिर सिहोर की जनता के सामने सीएम शिवराज सिंह चौहान भावुक हो गए. बोले मै खुद को बड़ा सौभाग्यशाली मानता हूं, कि मध्यप्रदेश की जनता ने मुझे हमेशा अपने परिवार का सदस्य समझा और इतना प्यार दिया. उन्होने बोला मैं इस प्यार का कर्ज मरते दम तक चुकाउंगा और अपने परिवार की सेवा करूंगा. यह मेरा मध्यपर्देश की जनता से वादा है. 2023 के चुनाव में युवा मतदाता करेंगे MP का भविष्य तय किसी भी चुनाव में नेता युवा मतदाता पे ज्यादा ध्यान देते है. क्योकि चुनाव में युवा मतदाताओं की भूमिका निर्णायक मानी जाती है. मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि दो महीने तक किए गए पुनरीक्षण में 24 लाख 33 हजार 965 नए मतदाता जोड़े गए हैं. वहीं 7 लाख 50 हजार 175 नाम हटाए गए हैं. इस आकड़े के हिसाब से देखा जाए तो 16 लाख 83 हजार 790 मतदाता बढ़ें हैं. 18-19 की उम्र के 22 लाख 36 हजार 564 वोटर एैसे है जो पहली बार विधानसभा चुनाव में वोट डालेंगे. निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 100 की उम्र पार करने वाले मतदाता की संख्या 5124 है. वहीं 80 की उम्र पार करने वाले वोटरों की संख्या करीब 6 लाख 53 हजार 640 है. ये भी पढे- मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज ने जनता से पुछा विधानसभा ‘चुनाव लड़ूं या नहीं’?