Delhi Protest Update : सरकार ने हमारी तीनों मांगें मान ली, मंगलवार तक मिलेगी लिखित गारंटी - कॉकरोच जनता पार्टी
Delhi Protest Update : CJP ने जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। CJP ने कहा कि सरकार के साथ उनकी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है।
Delhi Protest Update : नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को समाप्त करने का ऐलान कर दिया गया है। संगठन का दावा है कि सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत के बाद उसकी प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। CJP का कहना है कि सरकार ने कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। इन्हीं भरोसों के आधार पर संगठन ने फिलहाल अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला किया है। हालांकि CJP ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह तय समयसीमा के भीतर सभी वादों के पूरा होने की उम्मीद कर रहा है।
सरकार और CJP के बीच कई दौर की वार्ता
CJP के अनुसार, सरकार और संगठन के प्रतिनिधियों के बीच तीन चरणों में बातचीत हुई। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने वार्ता में हिस्सा लिया। वहीं CJP की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल हुए।
बैठक के बाद संगठन ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनने का दावा किया गया। इसी के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया। संगठन ने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों पर भरोसा करते हुए यह फैसला लिया गया है।
इन प्रमुख मांगों पर सहमति बनने का दावा
CJP ने दावा किया कि उसकी तीन मुख्य मांगें सरकार के सामने रखी गई थीं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और कानूनी मामलों को वापस लेना तथा नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल था।
संगठन का कहना है कि सरकार ने इन मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाया और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एफआईआर वापस लेने को लेकर क्या कहा गया
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमति जताई है। उनका दावा है कि यह फैसला केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भाजपा शासित और भाजपा समर्थित दलों की सरकार वाले राज्यों में दर्ज मामलों पर भी लागू होगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में दर्ज लगभग 15 से 20 एफआईआर की प्रतियां कुछ दिनों के भीतर संगठन को उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही सरकार से भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन भी मांगा गया है।
लिखित गारंटी मिलने की उम्मीद
संगठन का कहना है कि उसने सरकार को एक मसौदा भी सौंपा है, जिसमें एफआईआर वापस लेने और भविष्य में कानूनी कार्रवाई नहीं करने की लिखित गारंटी की मांग की गई है। CJP के नेताओं के अनुसार सरकार ने तय समयसीमा के भीतर लिखित आश्वासन देने का भरोसा दिलाया है।
संगठन ने कहा कि आंदोलन समाप्त करने का फैसला इसी भरोसे के आधार पर लिया गया है और अब वह सरकार के अगले कदम का इंतजार करेगा।
शिक्षा सुधारों पर भी हुई चर्चा
वार्ता के दौरान CJP ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़ा पांच सूत्रीय चार्टर भी सरकार को सौंपा। संगठन का कहना है कि इस चार्टर में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के सुझाव शामिल हैं।
सरकार की ओर से कहा गया कि इन प्रस्तावों का अध्ययन किया जाएगा और आगे भी प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत चर्चा जारी रहेगी। सूत्रों के अनुसार, इस विषय पर आने वाले कुछ सप्ताह में एक और बैठक हो सकती है।
मुआवजे के मुद्दे पर भी आश्वासन का दावा
CJP ने नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी रखी थी। संगठन के नेताओं का कहना है कि सरकार ने नियमों के तहत पीड़ित परिवारों को अधिकतम संभव सम्मानजनक सहायता देने का भरोसा दिया है।
CJP का दावा है कि इस मुद्दे पर भी सकारात्मक सहमति बनी है। संगठन ने कहा कि सरकार के इन आश्वासनों को देखते हुए आंदोलन समाप्त किया गया है, लेकिन यदि तय समय में वादे पूरे नहीं हुए तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।