Passenger Transport Vision Summit : इंदौर में होगी यात्री परिवहन विजन समिट, CM मोहन यादव करेंगे नई मोबिलिटी नीति का आगाज
Passenger Transport Vision Summit : समिट का उद्देश्य मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के भविष्य का रोडमैप तैयार करना और नई तकनीकों के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
Passenger Transport Vision Summit : इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से 11 और 12 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' का आयोजन किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में परिवहन क्षेत्र के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और निवेशक एक मंच पर जुटेंगे। समिट का उद्देश्य मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के भविष्य का रोडमैप तैयार करना और नई तकनीकों के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
CM मोहन यादव करेंगे समिट का उद्घाटन
समिट का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस दौरान वे 'मध्य प्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030' पर अपना संबोधन देंगे। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) की भूमिका और राज्य में यात्री परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने की रणनीति साझा करेंगे।
इसके अलावा वे उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद करेंगे। सम्मेलन के दौरान शिखर सम्मेलन स्मारिका और ज्ञान प्रकाशन का भी विमोचन किया जाएगा।
देशभर के विशेषज्ञ एक मंच पर करेंगे मंथन
'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, शहरी परिवहन विशेषज्ञ, परिवहन प्राधिकरण, प्रौद्योगिकी कंपनियां, वाहन निर्माता (OEM), वित्तीय संस्थान और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को डिजिटल तकनीकों, नवाचार और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाना है।
इसमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITMS), इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित फ्लीट प्रबंधन, डिजिटल टिकटिंग, एकीकृत मोबिलिटी समाधान और सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर विस्तार से चर्चा होगी।
दो दिनों तक होंगे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम
समिट के पहले दिन उद्घाटन सत्र, मुख्य वक्तव्य, उच्चस्तरीय पैनल चर्चा, उद्योग प्रदर्शनी, नेटवर्किंग सत्र और ज्ञान साझा करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में परिवहन नीति, तकनीकी नवाचार, निवेश और भविष्य की मोबिलिटी पर विशेष फोकस रहेगा।
दूसरे दिन प्रतिभागियों के लिए उज्जैन की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से भ्रमण कार्यक्रम रखा गया है। इसमें श्री महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन भी शामिल हैं। इसके माध्यम से मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
इन अहम विषयों पर होगी विस्तृत चर्चा
सम्मेलन के दौरान मध्य प्रदेश मोबिलिटी विजन 2030, बस संचालन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), भविष्य की परिवहन अधोसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित बस रूट योजना, वित्तीय रूप से टिकाऊ बस संचालन, यात्री सुरक्षा, हरित मोबिलिटी, स्वच्छ ईंधन, डिजिटल टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर परिवहन क्षेत्र में उद्यमिता और रोजगार बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
मध्य प्रदेश को मिल सकते हैं कई सकारात्मक परिणाम
इस समिट के माध्यम से राज्य के लिए मध्य प्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030 का स्पष्ट रोडमैप तैयार होने की संभावना है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी वाली परियोजनाओं को गति मिल सकती है और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा मिलेगा। हरित परिवहन, स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
साथ ही गैर-किराया राजस्व के नए मॉडल विकसित करने, वित्तीय स्थिरता मजबूत करने और सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत तथा तकनीकी संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिल सकती है। इससे रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है।