Paper Leak Bill : राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल पेश, केंद्रीय मंत्री बोले- मोदी सरकार ने अधूरा काम किया पूरा
Paper Leak Bill : केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, यह PM मोदी की सरकार है, जिसने 33 साल से पेंडिंग इस काम को पूरा किया। मुझे उम्मीद है विपक्ष भी इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार जताएगा।
Paper Leak Bill : नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक पर सदन में विस्तृत चर्चा जारी है और बहस कई घंटे चलने की संभावना है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस चर्चा में हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले लोकसभा इस विधेयक को लगभग सात घंटे की चर्चा के बाद पारित कर चुकी है। अब राज्यसभा की मंजूरी मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
पेपर लीक पर दो महीने में जांच और सख्त सजा का प्रस्ताव
संशोधन विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर सख्त रोक लगाना है। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल तक की जेल हो सकती है। यदि मामला संगठित अपराध से जुड़ा पाया जाता है, तो कम से कम सात साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि यह कानून भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने तथा युवाओं का भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
जितेंद्र सिंह बोले- 33 साल पुरााना प्रस्ताव अब हुआ पूरा
विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की स्थापना का विचार पहली बार वर्ष 1992 में सामने आया था। इसके बाद कई समितियों ने भी इसकी सिफारिश की, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को पूरा किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि वह भी परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए नए कानून की आवश्यकता को स्वीकार कर रहा है।
मंत्री ने बताया कि देश में UPSC, SSC, RRB, IBPS और NTA जैसी प्रमुख संस्थाएं करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ी परीक्षाएं आयोजित करती हैं, इसलिए मजबूत कानूनी व्यवस्था जरूरी है।
संसद में प्रधानमंत्री मोदी की हाईलेवल बैठक
राज्यसभा की कार्यवाही के बीच संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, हरदीप सिंह पुरी, सर्बानंद सोनोवाल तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शामिल हुए।
प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी.के. मिश्रा भी बैठक में मौजूद रहे। हालांकि सरकार की ओर से बैठक के एजेंडे की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर सरकार का फोकस
मानसून सत्र के दौरान सरकार कई अहम विधेयकों को आगे बढ़ा रही है। इनमें राष्ट्रीय सम्मान के अपमान से संबंधित संशोधन विधेयक, जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, विदेशी अंशदान (FCRA) संशोधन विधेयक, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, आयकर संशोधन विधेयक, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा संशोधन और MSME विकास संशोधन विधेयक शामिल हैं। इन विधेयकों का उद्देश्य शिक्षा, न्यायपालिका, वित्त, विदेशी फंडिंग और सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से जुड़े नियमों में सुधार लाना है।
युवाओं और परीक्षा प्रणाली पर रहेगा कानून का सीधा प्रभाव
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन कानून लागू होने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। इससे लाखों अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत होगा।
वहीं विपक्ष इस विधेयक पर अपने सुझाव और संशोधन भी रख रहा है। अब राज्यसभा में चर्चा पूरी होने और मतदान के बाद इस विधेयक का अगला चरण राष्ट्रपति की मंजूरी होगा।