Datia Bypoll : नरोत्तम मिश्रा के बयान से बढ़ी सियासी हलचल, मंच से SP को बोले- दोस्ती - दुश्मनी दोनों रखते हैं याद
Datia Bypoll : नरोत्तम मिश्रा ने मंच से दतिया SP को संबोधित करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। वह दोस्ती तथा दुश्मनी दोनों याद रखते हैं।
Datia Bypoll : मध्य प्रदेश। दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का एक बयान राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान उन्होंने मंच से दतिया के पुलिस अधीक्षक (SP) को संबोधित करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता और वह दोस्ती तथा दुश्मनी दोनों याद रखते हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है।
कार्यकर्ता सम्मेलन में SP को संबोधित करते हुए दिया बयान
भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंच से कहा, "एसपी साहब... किसी की हिम्मत नहीं कि मेरे कार्यकर्ताओं का नुकसान कर दे। मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं।"
उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने प्रतिक्रिया दी, वहीं बयान की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई। उपचुनाव के दौरान आए इस बयान को लेकर विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
हालिया पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ी बयान की चर्चा
डॉ. नरोत्तम मिश्रा का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले भाजपा के नाराज कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे।
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल पहले से ही संवेदनशील बना हुआ था। ऐसे में पूर्व गृह मंत्री की टिप्पणी को उसी घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है, हालांकि उन्होंने अपने बयान में किसी विशेष घटना का सीधा उल्लेख नहीं किया।
उपचुनाव के बीच राजनीतिक माहौल पर बढ़ी नजर
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल सक्रिय हैं। ऐसे समय में वरिष्ठ नेताओं के बयान भी चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाले माने जा रहे हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक मध्य प्रदेश सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं और क्षेत्र की राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है।
उनके हालिया बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। फिलहाल इस बयान पर प्रशासन या अन्य राजनीतिक दलों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।