MP RS Elections : मीनाक्षी नटराजन राजयसभा चुनाव को लेकर HC पहुंची, चुनाव आयोग को बताया 'कॉम्प्रोमाइज्ड'
MP RS Elections : मीनाक्षी का कहना है कि उनका दावा गलत आधार पर खारिज किया गया। वहीं उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद व्यक्त की है।
MP RS Elections : जबलपुर। कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन रद्द किए जाने के मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव याचिका दायर की है। मीनाक्षी का कहना है कि उनका दावा गलत आधार पर खारिज किया गया। वहीं उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद व्यक्त की है।
हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल
जबलपुर पहुंचीं मीनाक्षी नटराजन ने बताया कि उन्होंने चुनाव कानून के तहत निर्धारित 45 दिनों की अवधि के भीतर याचिका दायर कर दी है। उनके अनुसार, निर्वाचन अधिकारी ने ऐसे मामले को आधार बनाकर उनका दावा खारिज किया, जिस पर विधिवत संज्ञान तक नहीं लिया गया था। उन्होंने कहा कि अब पूरे मामले पर न्यायालय से निष्पक्ष निर्णय की उम्मीद है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है।
नामांकन विवाद से हाईकोर्ट तक का सफर
कांग्रेस ने जून 2026 में मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज की गई और बाद में रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन निरस्त कर दिया।
इसके बाद कांग्रेस ने पहले चुनाव आयोग और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सीधी रिट याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए चुनाव याचिका दाखिल करने की सलाह दी थी। इसके बाद मीनाक्षी नटराजन ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है।
जंतर-मंतर घटना पर सरकार पर साधा निशाना
मीनाक्षी नटराजन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया और सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास कर रही है।
उनके अनुसार, युवा अपने अधिकारों और मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और उनकी बात शांतिपूर्वक सुनी जानी चाहिए। ये बयान उन्होंने अपने राजनीतिक दृष्टिकोण के तहत दिए।
विवेक तन्खा ने भी उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोनम वांगचुक के अनशन का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि उनकी स्थिति गंभीर होती है, तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए चिंता का विषय होगा।
उन्होंने सरकार से इस मामले का समाधान निकालने की अपील की और कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ कदम उठाना चाहिए।