Lokayukta Raid : बिजली कंपनी के चीफ इंजीनियर के ठिकानों पर लोकायुक्त की रेड, सैलरी से 258 % ज्यादा कमाई
Lokayukta Raid : मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
Lokayukta Raid : मध्य प्रदेश। इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बिजली कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPPKVVCL) के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। शुरुआती जांच में उनकी आय की तुलना में 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
4 जिलों में एक साथ हुई छापेमारी
लोकायुक्त की टीम ने इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में स्थित कुल नौ ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान अधिकारियों ने कई दस्तावेज, निवेश से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई है। लोकायुक्त की टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
करोड़ों की संपत्ति और कई निवेश जांच के घेरे में
जांच के दौरान इंदौर की सिलिकॉन सिटी में करीब 1.20 करोड़ रुपये कीमत का तीन मंजिला आलीशान बंगला मिला है। इसके अलावा ट्रांसफॉर्मर निर्माण से जुड़ी कई फैक्ट्रियां, प्लॉट, कार्यालय और एक इलेक्ट्रिक कार भी जांच के दायरे में आई है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार बेटे, बहू, दामाद और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी निवेश किए जाने के दस्तावेज मिले हैं। शुभम इलेक्ट्रिकल, कर्निश पावरजोन और एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स सहित कई फर्मों की भी जांच की जा रही है।
वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति का दावा
लोकायुक्त के अनुसार, शिवराम सेमिल ने करीब 33 वर्षों की सरकारी सेवा में लगभग दो करोड़ रुपये की वैध आय अर्जित की। हालांकि शुरुआती जांच में उनके पास 7.16 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने के साक्ष्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि यह उनकी ज्ञात आय से लगभग 258 प्रतिशत अधिक है। हालांकि अंतिम आंकड़े जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी
लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। टीम सभी संपत्तियों, बैंक रिकॉर्ड, निवेश और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का विस्तृत आकलन कर रही है।
जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।