विधायक गोलू शुक्ला के 400 समर्थकों ने थाना घेरा, इंदौर में BJP कार्यकर्ता को पीटने का आरोप; TI समेत 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड
विवाद बढ़ने के बाद मौके पर पहुंच पुलिस के आला अधिकारियों ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह कुशवाह, सब-इंस्पेक्टर संजय विश्नोई 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में एरोड्रम थाने में शुक्रवार देर रात जमकर बवाल हुआ। बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला के 400 से ज्यादा समर्थकों ने थाने का घेराव कर लिया। आरोप है कि शिकायत लेकर पहुंचे एक व्यक्ति और साथ में आए एक भाजपा कार्यकर्ता के साथ मारपीट की गई और थाने के अंदर घसीटा गया। घटना के बाद भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के समर्थक थाने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और थाने में पुलिसकर्मियों और समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया।
कार पार्किंग से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद कार पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था। जानकारी के अनुसार एरोड्रम थाना क्षेत्र में रहने वाले जयदीप दुबे अपनी कार घर के सामने पार्क कर रहे थे। इसी दौरान बाइक से आए दो युवकों की कार से टक्कर हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर बाइक सवार युवकों ने जयदीप के साथ मारपीट की।
घटना के बाद जयदीप शिकायत लेकर एरोड्रम थाने पहुंचे। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने में आनाकानी की। इसके बाद उन्होंने अपने साले को घटना की जानकारी दी। बताया गया है कि उनके साले भाजपा से जुड़े पदाधिकारी हैं। जब भाजपा नेता थाने पहुंचे, तो वहां पुलिसकर्मियों के साथ उनका विवाद हो गया। आरोप है कि उनके साथ अभद्रता की गई और मारपीट भी हुई। इसके बाद उन्होंने भाजपा विधायक गोलू शुक्ला को पूरे मामले की जानकारी दी।
विधायक के समर्थकों ने थाने का किया घेराव
मामले की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के समर्थक एरोड्रम थाने पहुंच गए। समर्थकों ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। थाने में हुए घटनाक्रम के बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा।
इसके बाद एडिशनल डीसीपी सुमित केरकेट्टा को मामले की जांच के लिए थाने भेजा गया। अधिकारियों ने घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और शुरुआती कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह कुशवाह, सब-इंस्पेक्टर संजय विश्नोई 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद शिकायत लेकर थाने पहुंचने वाले लोगों के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस थाने से आम नागरिकों को न्याय की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद रहती है। ऐसे में शिकायत दर्ज करने में आनाकानी और दुर्व्यवहार के आरोप गंभीर माने जा रहे हैं।
फिलहाल, वरिष्ठ अधिकारियों की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि शिकायत दर्ज करने को लेकर क्या हुआ था और थाने में दोनों पक्षों के बीच विवाद किन परिस्थितियों में बढ़ा। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति साफ हो सकेगी।
