Aayudh

Categories

Aravali Hills: अरावली मामले में अपने ही फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक; नई विशेषज्ञ समिति का गठन

Aravali Hills

Highlight

  • सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा पर अपने फैसले पर रोक लगा दी।
  • केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी कर माइनिंग रोकने के निर्देश दिए गए।
  • नई विशेषज्ञ समिति गठित कर अरावली क्षेत्र की विस्तृत समीक्षा करने का आदेश।

Aravali Hills: सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा से जुड़े अपने पिछले निर्देशों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और उसके निर्देशों को गलत समझा जा रहा है।

नई समिति का गठन

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि रिपोर्ट लागू करने से पहले एक निष्पक्ष और स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की राय जरूरी है। यह समिति अरावली पहाड़ियों और पर्वतमालाओं की सही पहचान करेगी और माइनिंग से जुड़े नियम तय करेगी।

मुख्य चिंताएं

कोर्ट ने 500 मीटर के गैप वाले क्षेत्रों में माइनिंग की अनुमति, पहाड़ियों की ऊंचाई और इकोलॉजिकल निरंतरता जैसे मुद्दों की जांच करने को कहा। यह भी देखना होगा कि 12,081 में से केवल 1,048 पहाड़िया ही 100 मीटर ऊची हैं, क्या यह सही आंकड़ा है।

READ MORE: RSS और BJP की तारीफ कर अपनी ही पार्टी में घिरे दिग्विजय सिंह; राहुल ने भी जताई आपत्ति

राज्यों और केंद्र को नोटिस

सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि राज्यों और केंद्र को निर्देश दिए गए हैं कि कोई नई माइनिंग गतिविधि न की जाए। कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल और सीनियर एडवोकेट से समिति की संरचना तय करने को कहा।

अरावली क्षेत्र भूजल संरक्षण और मरुस्थलीकरण (वह प्रक्रिया है जिसमें उपजाऊ भूमि, जैसे कि घास के मैदान अपनी उत्पादकता खोकर रेगिस्तान में बदल जाती है) रोकने में महत्वपूर्ण है। परिभाषा में ढील देने से संरक्षित क्षेत्रों में माइनिंग और निर्माण बढ़ सकता है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को रखी है।

READ MORE: उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक; हाईकोर्ट आदेश पर की कड़ी टिप्पणी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *