Afghanistan-Pakistan Peace Talk: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तीसरे दौर की शांति वार्ता एक बार फिर नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। दोनों देशों के बीच सीमा पार आतंकवाद पर कार्रवाई को लेकर मतभेद कायम रहे। पाकिस्तान की ओर से रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बताया कि वार्ता में कोई लिखित समझौता नहीं हो सका और फिलहाल चौथे दौर की कोई योजना नहीं हैं।
यह दो दिवसीय वार्ता तुर्किये के इस्तांबुल में कतर की मध्यस्थता में हुई थी। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान से मांग की थी कि वे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं, जो अफगानिस्तान से पाकिस्तान पर हमले कर रहे हैं।
अफगानिस्तान सरकार ने बातचीत विफल होने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर डाली। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान का रवैया गैर-जिम्मेदाराना था और उसकी शर्तें व्यावहारिक नहीं थी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने हमला किया, तो अफगानिस्तान जवाब देगा।
वहीं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि अफगान पक्ष सिर्फ मौखिक भरोसा देना चाहता था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं में लिखित आश्वासन जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसकी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के लिए न हो।
इससे पहले दो दौर की वार्ताएं भी नतीजाविहीन रही। पहली बैठक 29 अक्टूबर को दोहा में और दूसरी 25 अक्टूबर को इस्तांबुल में हुई थी। लगातार असफल रही इन बैठकों से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव और बढ़ गया है।
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