PoK Protest : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। क्षेत्र में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन और सुरक्षा बलों पर सख्त कार्रवाई के आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कई इलाकों में इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।
आज बड़े प्रदर्शन का ऐलान
विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 9 जून को क्षेत्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन का आरोप है कि पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी और छापेमारी के आरोप
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही कई इलाकों में रात के समय घरों पर छापेमारी किए जाने और प्रदर्शन से जुड़े लोगों को उठाए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कई शहरों में संचार सेवाएं प्रभावित
स्थानीय समूहों के अनुसार मुजफ्फराबाद, रावलकोट, पुंछ, मीरपुर और नीलम घाटी समेत कई क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि इससे लोगों तक सूचनाओं का प्रवाह बाधित हुआ है।
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इतिहास से की जा रही तुलना
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा हालात की तुलना अतीत की उन घटनाओं से की है, जहां जन आंदोलनों को बल प्रयोग से रोकने की कोशिश की गई थी। उनका कहना है कि राजनीतिक और आर्थिक मांगों को दबाने से असंतोष और बढ़ सकता है।
हिंसा को लेकर अलग-अलग दावे
विरोध कर रहे संगठनों ने रावलकोट में हुई हिंसा में कई लोगों के हताहत होने का दावा किया है। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठने लगी आवाज
विदेशों में रह रहे कश्मीरी संगठनों और कुछ मानवाधिकार समूहों ने भी हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने क्षेत्र में चल रही घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा नागरिक अधिकारों को लेकर सवाल उठाए हैं।
क्यों मचा वबाल
रिपोर्ट्स, शाहजैब हबीब के अंतिम संस्कार (शोकसभा) में हजारों स्थानीय लोग शामिल होने पहुंचे, तो पाकिस्तानी सेना ने उन पर कथित तौर पर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। इस डाइरेक्ट एक्शन में आधिकारिक तौर पर 11 और स्थानीय दावों के अनुसार दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हैं। इसके बाद हालात बेकाबू हो गए।
PoK पर टिकी दुनिया की नजर
लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शन, प्रशासनिक कार्रवाई के आरोप और संचार सेवाओं पर असर के बीच PoK के हालात पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।