मध्य प्रदेश के दमोह स्थित ईसाई मिश्नरी अजय लाल द्वारा संचालित आधारशिला संस्थान के बालगृह की मान्यता अब नीलंबित कर दी गई है.यह बड़ा फैसला प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया.संस्थान पर धर्मांतरण का मामला दर्ज था जिसके बाद यह फैसला लिया गया.
आधारशिला का पूरा मामला
मामला बीते जून महीने का है.जब आधारशिला संस्थान के देवेंद्र डोनियल नामक एक कर्मचारी ने नाबालिग बच्ची को अश्लील मैसिज किए और यौन शोषण भी किया. जिसकी खबर मिलने पर तुरन्त ऐक्शन लेते हुए बाल आयोग ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की.साथ ही बाकी बच्चियों से भी पूछताछ की,जहां उनके हाथ कई सबूत लगे.

धर्मांतरण से जुड़े तार
जाँच के दौरान बाल आयोग के हाथ धर्मांतरण से जुड़े हुए कई सबूत मिले.संस्थान में पढ़ने वाली कक्षा पहली से लेकर के पाँचवी तक की बच्चियों को बाईबल दी गई थी साथ ही उनको ईसाई धर्म के प्रति आकर्षित किया जा रहा था.जिसके बाद सभी बाईबल की पुस्तकों को जब्त कर लिया गया.
अवैध रूप से चलाने का लगा आरोप
बाल आयोग के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें जब मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत ऐक्शन लेते हुए जाँच की जिसके बाद सामने ये आया कि आधारशिला संस्थान धर्मांतरण का कार्य तो करती ही थी साथ ही संस्थान के बालगृह की कोई परमिशन नहीं है वह अवैध रूप से चलाया जा रहा था.
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