बागेश्वर प्रमुख धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से कथा कराने के बाद से ही पूर्व मुख्य मंत्री कमलनाथ की सॉफ्ट हिंदूत्व की राजनीति पर तरह तरह से सवाल उठाए जा रहे हैं.
मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर हमला करते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं इसलिए वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं साथ ही उनने कहा कि कांग्रेस की चुनावी भक्ती है.
इसपर कमलनाथ ने चौहान पर पलटवार करते हुए कहा कि जो इंसान जैसा होता है वो वैसी ही दृष्टी से दुनिया को देखता है.इतना ही नहीं कमलनाथ के हिंदूत्व को देखकर एआईआईएम प्रमुख ओवेसी ने भी तंज कसते हुए बयान दिया.
शिवराज सिंह का कहना ये कहना है
मुख्य मंत्री ने कमलनाथ की भक्ति पर कहा कि ‘अब यह करने के लिए मजबूर है क्योंकि चुनाव आ रहे हैं. यह कांग्रेस की चुनावी भक्ति है. उनके अंदर ही अंदर अंतर्द्वंद मचा हुआ है.कमलनाथ जी सोच रहे हैं, मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं; बड़ी मुश्किल है किधर जाऊं..?
अब तो उनके एक नेता ने ही कह दिया है, कि मुख्यमंत्री कौन बनना चाहिए? उनके तो नेता होने पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं. अब मुझे लग रहा है कि वह नेता का दावा पुख्ता करने के लिए कथाओं के आयोजन में भी लग गए हैं. ‘वह यह भी कहते हैं कि जो कांग्रेस और जो कमलनाथ राम को काल्पनिक मानते थे अब वही लोग कथा करा रहे हैं,हुनमान चालीसा पढ़ रहे हैं.

कमलनाथ ने ट्वीट कर ये कहा
कमलनाथ ने ट्वीट करके कहा कि “मेरी हनुमान भक्ति पर विचार करने के स्थान पर आप मध्यप्रदेश की “जन–भक्ति” पर विचार कीजिए, जो आपका संवैधानिक उत्तरदायित्व है और जन उपयोगी है. मध्यप्रदेश की जनता को “जन–भक्त” सरकार चाहिए, भाजपा की “घोटाला–भक्त, घोषणा–भक्त, भ्रष्टाचार–भक्त, अत्याचार–भक्त और नौटंकी–भक्त सरकार नहीं”.
मध्यप्रदेश की जनता भाजपा सरकार को अंदर और बाहर से अच्छे से देख–समझ चुकी है, पलट जवाब देने के लिए केवल समय आने का इंतजार कर रही है.”साथ ही मुख्य मंत्री के चुनावी भक्ति वाले बयान पर ट्वीट किया कि “जीवन में जो इंसान जैसा होता है, वो वैसी ही दृष्टि से बाहरी दुनिया को देख पाता है.
निश्चित ही आप “चुनावी भक्त” होंगे, इसीलिए आप दूसरों में भी चुनावी भक्ति खोज रहे हैं, जीवन के हर पहलू को चुनाव के रंग से ही देख पा रहें हैं. आस्था और विश्वास, व्यक्ति की आंतरिक अनुभूति होती है, स्थाई होती है मेरी आस्था आंतरिक है.”
ओवैसी ने कह दी बड़ी बात
कमलनाथ के 80 प्रतिशत हिंदू और भारत के हिंदू राष्ट्र होने वाले बयान पर ओवैसी ने कहा, ‘मध्य प्रदेश के “दिग्गज” नेता साफ़-साफ़ वही कह रहे हैं जो मोहन भागवत कहते हैं: कि भारत हिंदू राष्ट्र है. भारत सिर्फ़ एक समुदाय का देश नहीं है. भारत कभी हिंदू राष्ट्रा ना था, ना है और ना कभी होगा इंशा’अल्लाह.
“मोहब्बत की दुकान” में नफ़रत की तस्करी हो रही है. दूसरों पर B-Team का ठप्पा लगाने का अधिकार इन्हें कहां से मिला? कल के दिन अगर भाजपा हार भी जाये, तो इस नफ़रत में क्या कोई कमी आएगी?’
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