1 जनवरी साल 2020 ,यानी साल का पहला दिन जब शाहीन बाग में CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शन में एक बच्चे की मौत हो गयी .बच्चे की माँ नाजिया उसे रोज़ प्रदर्शन में लेकर जाती थी , जहाँ एक रात ठण्ड लगने से उसकी मौत हो गयी .
इस घटना का जिम्मेदार कौन था ? सरकार ….बच्चे के माँ बाप… या वो लोग जो एक बार नहीं कई बार बच्चों को अपने मंसूबे कामयाब करने का जरिया बना लेते है . हालही में दमोह के गंगा- जमुना स्कूल को बंद करने के फैसले पर गुनहगार दोबारा बच्चों की आड़ ले रहे हैं.
नाबालिग बच्चों ने निकाली रैली
विवाद की शरुआत तब हुई जब स्कूल के ऐसे पोस्टर सामने आये जिनमे हिन्दू लड़कियां हिजाब पहने नज़र आईं.जिसके बाद जब NCPCR की जांच हुई तो कई बातें सामने आई . दरअसल पूछताछ में पता चला कि स्कूल में बच्चों को इस्लामिक तौर तरीके सिखाये जाते हैं, प्रार्थना में उर्दू कविता गयी जाती है . साथ ही स्कूल में पढ़ाने वाली ऐसी शिक्षिकाएं है जो हिन्दू थी पर मुसलमान से शादी के बाद इस्लाम में आयी. फिलहाल स्कूल की मान्यता को रद्द कर दिया है.
स्कूल के प्रिंसिपल इदरीश खान स्कूल की आड़ में कई अवैध काम भी करता था जैसे तेंदूपत्ता का व्यापार . इदरीश बीड़ी की कंपनी , हार्डवेयर का काम ,कपड़े के कारखाने ,रेत खनन का काम, भू माफिया ,टेरर फंडिंग आदि कई काम करता था .आरोपी के पास करोड़ों की संपत्ति और कई बड़े शहरों में मकान और जमीन भी है .
दमोह के गंगा जमुना स्कूल के बच्चों ने इसी स्कूल में पढ़ने की बात कही साथ ही स्कूल को बंद न करने की मांग उठाई . ज़ाहिर है कि इन नाबालिग बच्चों ने तो रैली के बारे में नहीं सोचा होगा यानि किसी के कहने पर ही ये बच्चे गंगा जुमना स्कूल में ही पढ़ने की बात कह रहे हैं .आपको बतादे कि राष्ट्रीय बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने पहले ही सचेत कर दिया था कि आरोपी स्कूल के बच्चों का इस्तिमाल कर सकते है .
रैली की विडियो के साथ ही एक और विडियो सामने आया है जिसमे एक बच्ची रो रही है.कुछ पत्रकार द्वारा ट्विटर पर डाले गए इस विडियो में बच्ची के चेहरे को ब्लर नहीं किया है जो की एक अपराध है जिसके लिए पत्रकार पर कार्यवाही होनी चाहिए..इस विडियो में बच्ची रोकर कह रही है कि ‘यही पर पढ़ेंगे’ .वीडियो में बच्ची के साथ एक महिला भी दिख रही है जो कह रही है कि बच्चो के भविष्य का क्या होगा स्कूल बंद हुआ तो ‘ .
मासूम बच्चे ये नहीं जानते हैं कि जिस स्कूल में वो पढ़ने की मांग कर रहे है उसके शिक्षकों और प्रधानाध्यापक पर कितने संगीन आरोप हैं .स्कूल के प्रिंसिपल इदरीश खान स्कूल की आड़ में कई अवैध काम भी करता था जैसे तेंदू पत्ता का व्यापार . इदरीश बीड़ी की कंपनी , हार्डवेयर का काम ,कपड़े के कारखाने ,रेत खनन का काम, भू माफिया ,टेरर फंडिंग आदि कई काम करता था .आरोपी के पास करोड़ों की संपत्ति और कई बड़े शहरों में मकान और जमीन भी है .
पहले भी किया है बच्चों और महिलाओं का इस्तेमाल
दमोह मामला पहला ऐसा मामला नहीं है जहाँ आरोपी महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल अपने बचाव में कर रहे है इसके पहले भी कई बार यही नुस्खा अपनाया गया है .CAA और NRC कानून के खिलाफ प्रदर्शन हुआ तब महिलाओं और बच्चों को आगे कर दिया गया ,जब उत्तराखंड के हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाने की बात आई तब भी मुस्लिम महिलाओं और बच्चों को आगे रख कर प्रदर्शन किया और आज भी जब दमोह के गंगा जमुना स्कूल के हिजाब विवाद में जिहादी मानसिकता के लोग फंस गए तो फिर महिलाओं और बच्चों की आड़ ली जा रही है .