Aayudh

Categories

सुप्रीम कोर्ट ने कहा – ममता एजेंसी की कार्यवाही में नहीं दे सकती दखल, ED के खिलाफ FIR पर लगाई रोक

Supreme Court ED Raid

Highlights

  • I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को नोटिस, ED अधिकारियों पर FIR पर 3 फरवरी तक रोक।
  • कोर्ट का सख्त संदेश: राज्य सरकार और पुलिस केंद्रीय एजेंसियों की जांच में दखल न दें।
  • ममता बनर्जी पर सबूत ले जाने के आरोप, सभी CCTV फुटेज और दस्तावेज सुरक्षित रखने का आदेश।

Supreme Court ED Raid: I-PAC से जुड़े ED रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार से दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर हैं।

ED अधिकारियों के खिलाफ FIR पर रोक

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर 3 फरवरी 2026 तक रोक लगा दी है। साथ ही, ED अधिकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई पर भी अंतरिम रोक लगाई गई है।

एजेंसियों के काम में दखल न हो

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि राज्य सरकार या पुलिस केंद्रीय एजेंसियों की जांच में दखल नहीं दे सकती। अगर एजेंसियां किसी गैरकानूनी गतिविधि की ईमानदारी से जांच कर रही हैं, तो उन्हें रोका नहीं जाना चाहिए।

READ MORE: विराट कोहली बने 5 साल बाद नंबर-1 वनडे बल्लेबाज; कोहली ने रोहित को पीछे छोड़ा

सबूत सुरक्षित रखने का आदेश

कोर्ट ने बंगाल सरकार और पुलिस को निर्देश दिया है कि सभी CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि जवाब न मिलने पर स्थिति अराजक हो सकती है।

ED के गंभीर आरोप

ED का आरोप है कि 8 जनवरी 2026 को I-PAC से जुड़े ठिकानों पर रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, DGP और पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे। एजेंसी का कहना है कि इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज अपने साथ ले जाए गए और ED अधिकारियों के मोबाइल भी छीने गए।

कोर्ट में तीखी बहस

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के बीच तीखी बहस हुई। मेहता ने सबूत चोरी का आरोप लगाया, जबकि सिब्बल ने चुनाव से पहले रेड के समय पर सवाल उठाया।

अगली सुनवाई 3 फरवरी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां चुनावी कार्यक्रमों में दखल नहीं दे सकती, लेकिन अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई कर सकती हैं। मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को होगी।

READ MORE: एलन मस्क का AI Grok अब नहीं बनाएगा अश्लील कंटेंट; Deepfake तस्वीर बनाने वालो को मिलेगी ये सजा 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *