Highlights
- 2 मृतकों की गारंटी पर ईरानी डेरे के 14 बदमाश जमानत पर बहार।
- कई महीनों की प्लानिंग के बाद 400 पुलिस कर्मियों ने पकड़ा था।
- जल्द ही खारिज हो सकती है जमानत।
Irani Gang Fake Bail: राजधानी भोपाल की अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर हुई पुलिस की हाई-रिस्क कार्रवाई अब विवादों में है। जिन आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी, वे मात्र 48 घंटे में फर्जी तरीके से ली जमानत पर बाहर आ गए।
सुबह 4 बजे हुई थी कार्रवाई
27-28 दिसंबर की रात करीब चार बजे पुलिस ने ईरानी डेरे पर दबिश दी थी। महीनों की प्लानिंग के बाद 400 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान पथराव और मारपीट भी हुई, लेकिन पुलिस ने 22 पुरुषों और 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया।
गंभीर अपराधों में शामिल आरोपी
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी कई राज्यों में चोरी, लूट, ठगी और संगठित अपराध में शामिल रहे हैं। सभी पर बलवा, शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए गए।
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मृत लोगों को बनाया जमानतदार
सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि 14 आरोपियों को फर्जी जमानतदारों के जरिए जमानत दिलाई गई। जमानतदारों में से दो लोगों की मौत दो साल पहले ही हो चुकी थी। उनके नाम और दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने मानी गड़बड़ी
भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने कहा कि जमानत के दस्तावेज प्रथम दृष्टया गलत पाए गए हैं। पुलिस अब ऊपरी अदालत में अपील कर जमानत रद्द कराने की तैयारी कर रही है।
फिर जेल जा सकते हैं आरोपी
यदि जमानत रद्द होती है तो आरोपी दोबारा जेल भेजे जाएंगे। हालांकि पुलिस के सामने उन्हें फिर से पकड़ना बड़ी चुनौती होगा। इस पूरे मामले ने कोर्ट में वेरिफिकेशन प्रक्रिया और पुलिस-न्याय तंत्र के तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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