Highlights
- भोपाल के खानूगांव, आदमपुर और बाजपेई नगर के अंडरग्राउंड वाटर में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला, 4 सैंपल फेल।
- नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में पानी का इस्तेमाल रोकने और वैकल्पिक आपूर्ति की सलाह दी।
- बैक्टीरिया से उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, स्वास्थ्य विभाग सतर्क।
Bhopal Polluted Water: इंदौर में दूषित पानी से 20 मौतों के बाद अब भोपाल में भी पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। नगर निगम ने शहर के करीब 250 जगहों से पानी के सैंपल लिए, जिनमें से 4 सैंपल फेल पाए गए। इनमें खानूगांव, आदमपुर छावनी और बाजपेई नगर के अंडरग्राउंड पानी में खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया।
नगर निगम ने दी चेतावनी
नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को भूगर्भ जल का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह बैक्टीरिया इंदौर में लोगों की मौत का कारण बना था, लेकिन भोपाल में यह सप्लाई का पानी नहीं बल्कि ग्राउंड वाटर है।
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लोगों में दहशत, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
ई-कोलाई बैक्टीरिया से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गो और कमजोर इम्युनिटी वाले लोग इसके प्रति अधिक संवेदनशील हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतने और प्रभावित इलाकों में वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था शुरू करने का निर्देश दिया है।
क्या है ई-कोलाई और क्यों खतरनाक?
ई-कोलाई आमतौर पर इंसानों और जानवरों की आंतों में पाया जाता है। लेकिन जब यह पीने के पानी में मिल जाता है, तो पानी मल या गंदगी से प्रदूषित होता है और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
सुरक्षा के लिए कदम

नगर निगम ने सभी संदिग्ध जल स्रोत बंद कर दिए हैं। खानूगांव और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारी लगातार सैंपलिंग और निगरानी में जुटे हैं।
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