Highlight
- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 12 लोगों की मौत, 162 अस्पताल में भर्ती।
- कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने बीजेपी और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर निशाना साधा, इस्तीफा मांगा।
- कांग्रेस ने 5 सदस्यीय जांच समिति बनाई, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी।
Indore Contaminated Water: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। 162 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। मृतकों में से 11 के नाम उनके परिवार ने पुष्टि किए हैं।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जिस शहर ने स्वच्छता का ताज पाया, वहां जनता को पानी में जहर दिया गया। उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगा और कहा कि मासूम बच्चों समेत लोगों की मौत सरकार की लापरवाही की वजह से हुई।
कांग्रेस की जांच समिति
इंदौर के भागीरथपुरा कालोनी में दूषित पानी से 8 लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सैकड़ों लोग अस्पताल में इलाजरत है। देश के सबसे साफ शहर इंदौर में हुई मौते सरकार की घोर लापरवाही को उजागर करती है।
— MP Congress (@INCMP) December 31, 2025
उक्त घटना की जांच हेतु पाँच सदस्यीय समिति का गठन किया है जो शीघ्र ही संयुक्त रूप से… pic.twitter.com/qZoqR91hsV
कांग्रेस ने एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है जो हाल ही में उठे विवादित मामले की जांच करेगी। इस समिति में वरिष्ठ और अनुभवशील नेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, जयवर्धन सिंह, बदनावर से विधायक भंवर सिंह शेखावत, तराना से विधायक महेश परमार और सरदारपुर से विधायक प्रताप ग्रेवाल शामिल हैं। समिति का उद्देश्य मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करना है।
हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
भागीरथपुरा में हुई मौतों पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्थिति की रिपोर्ट 2 जनवरी तक पेश करने को कहा। कोर्ट में बताया गया कि 10 अस्पतालों में मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है।
जांच और मुआवजा की मांग
भाजपा के नेताओं में सत्ता का अहंकार रावण से भी बड़ा हो गया है, तभी वे पत्रकारों को गालियां दे रहे हैं।@drmohanyadav51 जी को अपनी रीढ़ की हड्डी दिखाते हुए 13 मौतों के जिम्मेदार लोगों से इस्तीफा लेना चाहिए और उनके खिलाफ हत्या के मुकदमे चलने चाहिए। pic.twitter.com/tss7yPugSh
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 1, 2026
कांग्रेस ने दो पूर्व मंत्रियों के नेतृत्व में जांच टीम बनाई है। उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने और पीड़ित परिवारों को 1–1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की भी मांग की है।
सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी स्थिति फिर कभी न बने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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