Highlights
- बाबा बागेश्वर ने कहा, न्यू ईयर पर युवाओं का रुझान पब और शराब से हटकर मंदिरों की ओर बढ़ा।
- अयोध्या, मथुरा, काशी, महाकालेश्वर और बागेश्वर धाम में लाखों युवा दर्शन और भजन-कीर्तन में शामिल।
- 1 जनवरी को बागेश्वर धाम में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, करीब 2 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान।
Bageshwar Dham: नव वर्ष के मौके पर युवाओं की सोच में आ रहे बदलाव को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब युवा पब, होटल या मकबरों की बजाय धार्मिक स्थलों में जाकर नए साल की शुरुआत कर रहे हैं।
पब नहीं, पूजा की ओर युवा
बाबा बागेश्वर ने कहा कि पहले युवा नए साल का जश्न शराब और पार्टियों के साथ मनाते थे, लेकिन अब समय बदल गया है। आज का युवा भगवान के दर्शन कर, चरणामृत ग्रहण कर और भजन-कीर्तन में भाग लेकर नव वर्ष मना रहा है। यह बदलाव समाज के लिए सकारात्मक संकेत है।
धार्मिक स्थलों पर बढ़ रही भीड़
उन्होंने बताया कि अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, वाराणसी, उज्जैन के महाकालेश्वर और बागेश्वर धाम में बड़ी संख्या में युवा पहुंच रहे हैं। नए साल पर लाखों श्रद्धालु इन पवित्र स्थानों पर दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं।
READ MORE: न्यू ईयर जश्न पर पुलिस का कड़ा पहरा; 1500 जवान की तैनाती, 75 जगहों पर होगी चैकिंग
बागेश्वर धाम में खास आयोजन
बाबा ने जानकारी दी कि 1 जनवरी 2026 को बागेश्वर धाम में करीब दो लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। यहां सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। नए वर्ष की शुरुआत धार्मिक माहौल में होगी।
नव वर्ष पर छतरपुर और खुजराहो में होटल पूरी तरह भर गए हैं। खासकर युवा वर्ग सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ को लेकर उत्साहित नजर आ रहा है।
आस्था की जीत – धीरेंद्र शास्त्री
बाबा बागेश्वर ने कहा कि यह बदलाव आस्था की जीत है और पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बाहर आने का संकेत है। युवाओं का यह रुझान देश और समाज के भविष्य के लिए शुभ है।
READ MORE: अमेरिका के बाद अब चीन ने किया भारत-पाक संघर्ष रूकवाने का दावा; कहा – हमने कई लड़ाई सुलझाई