Highlight
- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 8 लोगों की मौत, 200 मरीज अस्पताल में भर्ती।
- जांच कमेटी बनाई, जोनल अधिकारी और पीएचई अधिकारी निलंबित।
- क्षेत्र में मुफ्त इलाज और घर-घर स्वास्थ्य जांच, क्लोरीन और ORS वितरित किए जा रहे हैं।
Indore Contaminated Water Case: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 8 लोगों की मौत हुई है। हालांकि सरकार ने आधिकारिक तौर पर केवल 3 मौतों की पुष्टि की है। इनमें नंदराम (70), उर्मिला (60) और ताराबाई कोरी (70) शामिल हैं।
अस्पताल में 200 से ज्यादा मरीज भर्ती
विभिन्न अस्पतालों में कुल 200 से ज्यादा लोग भर्ती हैं। वर्मा हॉस्पिटल में 50, ईएसआईसी हॉस्पिटल में 25, एमवायएच में 19, त्रिवेणी हॉस्पिटल में 26 और अरबिंदो हॉस्पिटल में 18 मरीज हैं। गंभीर मरीजों को आईसीयू में रखा गया है।
READ MORE: मौत का हाइवे NH 30! 5 साल में 500 मौतों का क्या है सच… क्या शापित है हाइवे
जांच कमेटी का गठन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है। इस बीच जोनल अधिकारी शालिग्राम सितोले, सहायक यंत्री योगेश जोशी और पीएचई उपयंत्री शुभम श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। सरकार ने साफ कहा कि स्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भागीरथपुरा में कांग्रेस का जोरदार हंगामा
भागीरथपुरा में कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया है। खासतौर पर महिला कार्यकर्ता हाथों में चूड़ी लेकर प्रदर्शन कर रही है।
अब तक की कार्रवाई
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर और कलेक्टर ने तुरंत स्थिति पर का जायजा लिया, और ऐलान किया की सभी मरीजों का इलाज मुफ्त में किया जाएगा। भागीरथपुरा की 15 गलियों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ घर-घर जाकर जांच कर रहे हैं।
भागीरथपुरा में टॉयलेट के नीचे मेन लाइन में लीकेज पाया गया। लोगों को क्लोरीन, जिंक टैबलेट और ORS वितरित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सतर्क रहने और दूषित पानी से बचने की सलाह दी है।
READ MORE: नए साल में 5 लाख रुद्राक्ष और 11 हजार डमरूओं से सजेगा महाकाल का दिव्य दरबार