Operation Sindoor: पाकिस्तान ने आखिरकार भारत के ऑपरेशन सिंदूर की मार को सार्वजनिक रूप से मान लिया है। उप प्रधानमंत्री इशाक डार और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस कार्रवाई से जुड़े अहम खुलासे किए हैं।
नूरखान एयरबेस पर ड्रोन हमला
इशाक डार ने कहा कि भारत ने 36 घंटे में पाकिस्तान की ओर करीब 80 ड्रोन भेजे। इनमें से 79 ड्रोन पाकिस्तानी सेना ने मार गिराए, लेकिन एक ड्रोन नूरखान एयरबेस तक पहुंच गया। इस हमले में सैन्य ठिकानों को नुकसान हुआ और कई सैनिक घायल हुए। यह एयरबेस रावलपिंडी के चकाला इलाके में स्थित है।
11 एयरबेस को नुकसान का दावा
डार के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने कुल 11 पाकिस्तानी एयरबेस को निशाना बनाया। इनमें नूरखान के अलावा शोरकोट, रफीकी, मुरिद, रहीम यार खान, सुक्कुर, चुनियन, स्कर्दू, भोलारी, जैकोबाबाद और सरगोधा शामिल हैं।
पहलगाम हमले का जवाब
भारत ने यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की थी, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। भारत का कहना है कि उसने आतंकी संगठन TRF के ठिकानों को भी निशाना बनाया।
शुरुआत में पाकिस्तान सरकार और सेना ने हमलों से इनकार किया था। बाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अब डिप्टी पीएम इशाक डार ने इसकी पुष्टि की।
जरदारी का बंकर बयान
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने बताया कि संघर्ष के दौरान उन्हें बंकर में जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि नेता बंकर में नहीं, मैदान में खड़े रहते हैं।
एलओसी पर बढ़ी सतर्कता
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान एलओसी पर एंटी-ड्रोन यूनिट्स मजबूत कर रहा है। ड्रोन पहचान और जैमिंग सिस्टम के साथ कई विशेष यूनिट्स तैनात की गई हैं।
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