भोपाल। मध्य प्रदेश अभिलेखागार को 50 साल पूरे हो चुके हैं इस मौके पर स्टेट म्यूजियम में एक ऐतिहासिक प्रदर्शनी लगाई गई है जो आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस प्रदर्शनी में 1857 के संग्राम, रानी लक्ष्मीबाई के युग से लेकर आजादी की लड़ाई और नाना साहब, तात्या टोपे से संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेज, फोटोज आम जनता , रिसर्चस देख सकते हैं। आर्कियोलॉजिकल विभाग की उपसंचालक डॉक्टर मनीषा शर्मा ने इस आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हम लोग ऐतिहासिक दस्तावेजों को भविष्य के लिए संरक्षित करने का काम लगातार कर रहे हैं।
प्रदर्शनी में यह है खास :
- 1857 विद्रोह के प्रमुख केंद्रों के पत्रक
- गाय और सूअर की चर्बी वाले कारतूस से संबंधित इश्तहार
- तात्या टोपे के हस्ताक्षर से जारी हुकुमनामा
- नाना साहब पर जारी किया गया 50 हजार और 1 लाख के नाम के संबंध में इश्तहार
- क्रांतिकारी नारायण सिंह को फांसी देने का आदेश
- 1857 संग्राम के सैनिकों के फोटोज
- दिल्ली के शहजादों, बहादुर शाह जफर के पुत्रों का पकड़ा जाना और उनकी मृत्यु
- भारत की आजादी समय के अखबारों के क्लिप्स
- वीर क्रांतिकारियों के बारे में दस्तावेज और फोटोज
ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के साथ ही पुरातत्व विभाग इनका बड़े पैमाने पर डिजिटालइजेशन करने का काम भी कर रहा है। जिसमें मध्य प्रदेश के भोपाल , ग्वालियर, होलकर समेत अन्य छोटे बड़े राजघराने और स्टेटस के राजस्व से लेकर अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का कलेक्शन मौजूद है। आने वाले समय में इन्हें इन्टरनेट की मदद से आसानी से एक्सेस कर सकेंगे।
अभिलेखागार के 50 साल पूरे होने पर प्रदर्शनी के साथ ही स्टेट म्यूजियम में संगोष्टी का भी आयोजन किया गया जिसमें देश भर के इतिहासकार और डॉक्यूमेंट के जानकार शामिल हुए। विभाग ने कैसे इतने सालों से डॉक्यूमेंट को कंजर्व करने का काम किया है और आने वाले समय की चुनौतियों पर भी अलग-अलग सत्रों में चर्चा हुई।