MP Vidhansabha: मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सिंगरौली में छह लाख पेड़ों की कटाई को लेकर हंगामा मच गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अडाणी समूह को खदानें देने के नाम पर बड़े पैमाने पर जंगल काटे जा रहे हैं और इससे आदिवासियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह और विक्रांत भूरिया ने कहा कि जंगल काटने का काम अवैध है और वन अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा।
भूरिया ने कहा कि सिंगरौली में काटे गए पेड़ सागर और शिवपुरी में लगाए जा रहे हैं, जो न्यायपूर्ण नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों की जमीन से पेड़ काटकर बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि तीन कोल खदानें अडाणी समूह को दी गई हैं और इसके लिए बड़े पैमाने पर वन कटाई की जा रही है।
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वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि पेड़ काटने और लगाने का काम पूरी तरह नियमों के अनुसार हो रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र से अनुमति मिली है और जितने पेड़ काटे जा रहे हैं, उतने ही नए पेड़ लगाए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और सरकार को राजस्व भी प्राप्त होगा।
इसके बावजूद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। भूरिया ने कहा कि आदिवासियों की पहचान जल, जंगल और जमीन से होती है। जंगल खत्म होने से उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पूरी तरह अडाणी के एजेंट के रूप में काम कर रही है।
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