अयोध्या में आज ऐतिहासिक पल आया जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा फहराई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर हाथ जोड़कर भगवान राम को प्रणाम किया। अभिजीत मुहूर्त में हुई इस ध्वजारोहण प्रक्रिया ने पूरे देश को उत्सव के रंग में रंग दिया।
#WATCH | Ayodhya Dhwajarohan | PM Modi and RSS Sarsanghchalak Mohan Bhagwat ceremonially hoist the saffron flag on the Shikhar of the sacred Shri Ram Janmbhoomi Temple, symbolising the completion of the temple’s construction.
— ANI (@ANI) November 25, 2025
The right-angled triangular flag, measuring 10 feet… pic.twitter.com/Ip8mATz2DC
#WATCH | Ayodhya Dhwajarohan | PM Modi says, "…Our scriptures say that those who are unable to come to the temple and yet pay their respects to the temple flag from afar also receive the same merit… This flag will provide a glimpse of Ram Lalla's birthplace from afar and will… pic.twitter.com/mw4wWtZGKT
— ANI (@ANI) November 25, 2025
पीएम मोदी ने कहा कि यह ध्वजा केवल एक झंडा नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण और सदियों से चले आ रहे स्वप्नों का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “सदियों की वेदना आज विराम पा रही है और यह संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है।” धर्मध्वजा पर भगवा रंग, सूर्य का चिन्ह और कोविदार वृक्ष अंकित है, जो राम राज्य और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है।
#WATCH | Ayodhya Dhwajarohan | PM Modi says, "…Humein aane wale 1000 varshon ke liye Bharat ki neev mazboot karni hai. Jo sirf vartaman ka sochte hain wo aane wali pidhiyon ke saath anyaay karte hain. Humein bhavi pidhiyon ke baare mein bhi sochna hai. Hum jab nahi the yeh desh… pic.twitter.com/cS7iqgi495
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प्रधानमंत्री ने मानसिक गुलामी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 1835 में मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी थी, जिसे हमें आने वाले दस साल में पूरी तरह समाप्त करना होगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राम केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि मर्यादा और जनता के सुख-कल्याण का प्रतीक हैं।
धर्मध्वजा समारोह के बाद पीएम मोदी ने मंदिर परिसर में प्रथम फ्लोर पर रामदरबार में पूजा-अर्चना की और रामलला के दर्शन किए। उन्होंने सप्त ऋषियों और लक्ष्मण की पूजा भी की।
ध्वजारोहण समारोह के लिए देशभर के संत मौजूद थे। अयोध्या शहर को फूलों से सजाया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। धर्मध्वजा 161 फीट ऊंचे शिखर पर लगी है और यह 4 किमी दूर से दिखाई देगी।
पीएम मोदी ने कहा कि यह ध्वजा युगों तक श्रीराम के आदर्शों और प्रेरणाओं को मानव मात्र तक पहुंचाती रहेगी और भारत को मानसिक गुलामी से मुक्त करने की दिशा में प्रेरणा बनेगी।
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