Digvijay Singh: इंदौर के शीतलामाता बाजार में मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के फैसले के विरोध में शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं और कुछ व्यापारियों ने उनके खिलाफ नारे लगाए, काले झंडे दिखाए और उनकी कार पर चूड़ियां फेंकी।
दिग्विजय सिंह बाजार में प्रवेश करने से पहले ही पुलिस द्वारा रोके गए और उन्हें सराफा थाने जाने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उन्होंने थाने जाकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। बाजार में पहले से ही भगवा झंडों और बैनरों से सजावट की गई थी। कई दुकानों पर पोस्टर भी लगाए गए थे, जिनमें लिखा था कि “जिहादी मानसिकता का प्रवेश निषेध”
#MP #ShitlaMataMarket #EconomicBoycott
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) September 27, 2025
"When someone is issuing a threat against Muslim businessmen, why is the Police and district administration not acting," asks Rajya Sabha MP, Digvijay Singh.
"This is a clear violation of Article 14 and 25 of the Constitution. This… pic.twitter.com/uQsxgFCKQR
इस विवाद की शुरुआत भाजपा विधायक के पुत्र एकलव्य गौड़ द्वारा मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने की चेतावनी के बाद हुई। इसके बाद 40 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह केवल धर्म के आधार पर उत्पीड़न है और पुलिस अब तक एफआईआर क्यों नहीं कर रही।
पूर्व सीएम ने मध्यप्रदेश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका भी लगाई है। सुनवाई अब 10 नवंबर को होगी।
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