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G-7 Summit : PM मोदी ने ट्रंप के सामने उठाया Hormuz का मुद्दा, ट्रंप ने कहा- मोदी के रहते भारत पर हमला तो अमेरिका साथ खड़ा रहेगा

G-7 Summit

G-7 Summit : नई दिल्ली। फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल रही। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे का स्वागत किया और कई महत्वपूर्ण वैश्विक एवं द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान ट्रम्प ने भारत की सुरक्षा को लेकर ऐसा बयान दिया जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञ इसे भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देख रहे हैं। मोदी और ट्रम्प की मुलाकात ने खींचा वैश्विक ध्यान जी-7 सम्मेलन के दौरान हुई इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रक्षा सहयोग, वैश्विक सुरक्षा, पश्चिम एशिया की स्थिति और आर्थिक साझेदारी जैसे कई विषयों पर विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं के बीच बातचीत का माहौल सकारात्मक और भरोसे से भरा दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इस मुलाकात को सम्मेलन की प्रमुख घटनाओं में शामिल किया। G-7 Summit : PM मोदी ने ट्रंप के सामने उठाया Hormuz का मुद्दा, ट्रंप ने कहा- मोदी के रहते भारत पर हमला तो अमेरिका साथ खड़ा रहेगा भारत की सुरक्षा को लेकर ट्रम्प का बड़ा बयान बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और अमेरिका के संबंधों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच औपचारिक रक्षा संधि भले नहीं है, लेकिन भारत अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार है। ट्रम्प ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व में हैं, यदि भारत पर किसी प्रकार का हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए भारत के साथ खड़ा रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में नेतृत्व बदलने की स्थिति में परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेना होगा। ट्रम्प का यह बयान रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में शांति पर मोदी ने रखी भारत की चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। पीएम मोदी ने विशेष रूप से भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न समुद्री मार्गों पर लाखों भारतीय नाविक काम कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्रीय शांति प्रयासों में इस मुद्दे को प्राथमिकता दी जाएगी। Rahul Gandhi Defamation Case : राहुल की याचिका पर MP HC में सुनवाई, कार्तिकेय मानहानि केस में मांगी भोपाल कोर्ट की पूरी आर्डर शीट होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके खुले रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा का सीधा असर भारतीय व्यापार और नाविकों पर पड़ता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रम्प ने कहा कि समुद्री परिवहन हमेशा जोखिम भरा क्षेत्र रहा है, लेकिन नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समुद्री सुरक्षा को लेकर अमेरिका गंभीरता से काम करेगा। ट्रम्प ने भारत के साथ मजबूत रिश्तों का किया जिक्र राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि उनका भारत के साथ विशेष संबंध है और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी अच्छी समझ है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक वह राष्ट्रपति पद पर हैं, वाइट हाउस में भारत का एक सच्चा मित्र मौजूद रहेगा। ट्रम्प ने अपनी पिछली भारत यात्रा को याद करते हुए कहा कि उन्हें भारत की मेहमाननवाजी और लोगों का प्यार आज भी याद है। उन्होंने भविष्य में भारत यात्रा की संभावना भी जताई। Betul Cop Assault Man : पुलिसकर्मी ने की युवक की निर्मम पिटाई, सिर पर पाइप से मारा; सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका की सराहना डोनाल्ड ट्रम्प ने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व राजनीति और आर्थिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण शक्ति बन चुका है। ट्रम्प के अनुसार पश्चिम एशिया सहित कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की भूमिका रचनात्मक और संतुलित रही है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्थिरता और शांति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। बदल सकते हैं वैश्विक रणनीतिक समीकरण विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प का बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं बल्कि एक रणनीतिक संकेत भी हो सकता है। ऐसे समय में जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं और कई देशों के बीच नए सैन्य गठबंधन बन रहे हैं, भारत को लेकर अमेरिका का यह रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भविष्य में क्षेत्रीय और वैश्विक शक्ति संतुलन पर भी असर पड़ सकता है।