Aayudh

Nuclear Missiles : भारत की परमाणु ताकत को लेकर बड़ा खुलासा! पहली बार ‘रेडी टू फायर’ वॉरहेड तैनात होने का दावा

Ready to fire India Nuclear Missiles

Ready to fire Nuclear Missiles : नई दिल्ली। भारत की परमाणु क्षमता को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। दुनिया की प्रमुख हथियार निगरानी संस्था SIPRI की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पहली बार 12 परमाणु वॉरहेड ऐसे स्वरूप में तैनात किए हैं जिन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार माना जा रहा है। रिपोर्ट में इसे भारत की लंबे समय से चली आ रही परमाणु नीति में महत्वपूर्ण बदलाव बताया गया है। SIPRI रिपोर्ट में क्या दावा किया गया? स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पहली बार कुछ परमाणु वॉरहेड को ऐसी स्थिति में रखा है जहां उन्हें जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पहले भारत आमतौर पर परमाणु हथियारों और उन्हें लॉन्च करने वाले सिस्टम को अलग-अलग स्थानों पर रखता था। PoK Protest : एक क्रूर फैसले से सुलगा पीओके! सड़कों पर उतरी लाखों की भीड़, इंटरनेट बंद हालात बेकाबू क्या बदली है भारत की रणनीति? रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल में तैनात किए गए 12 वॉरहेड इस बात का संकेत हैं कि भारत ने कुछ परमाणु हथियारों को उनके डिलीवरी सिस्टम या ऑपरेशनल बेस के साथ जोड़कर रखा है। इसे भारत की दशकों पुरानी स्टोरेज नीति में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। पनडुब्बियों और मिसाइल सिस्टम पर फोकस रिपोर्ट के अनुसार भारत ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों (SSBN) पर कुछ वॉरहेड तैनात किए हैं। साथ ही समुद्र में डेटरेंस पेट्रोलिंग और मिसाइलों को कैनिस्टर आधारित सिस्टम में रखने की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं। इससे परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करने की कोशिश दिखाई देती है। भारत के पास कितने परमाणु हथियार? SIPRI के अनुमान के मुताबिक जनवरी 2026 तक भारत के पास करीब 190 परमाणु हथियारों का भंडार हो सकता है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी अधिक बताई गई है। इन हथियारों को एयरक्राफ्ट, जमीन से मार करने वाली मिसाइलों और परमाणु पनडुब्बियों वाले न्यूक्लियर ट्रायड का हिस्सा माना जाता है। MP RS Election : रणदीप सुरजेवाला बने कांग्रेस के पर्यवेक्षक, सियासी हलचल के बीच आलाकमान का बड़ा फैसला क्या है भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति? भारत परमाणु हथियारों के मामले में ‘नो फर्स्ट यूज’ यानी पहले इस्तेमाल न करने की नीति पर कायम है। इसका मतलब है कि भारत किसी भी देश पर पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। परमाणु हथियारों का उपयोग केवल जवाबी कार्रवाई की स्थिति में किया जाएगा। क्यों अहम मानी जा रही है यह रिपोर्ट? रिपोर्ट में सामने आए दावे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि भारत अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत तथा त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि भारत सरकार की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। MP RS Election : Cross Voting से बचाने के लिए कांग्रेस ने परिवार समेत विधायकों को भेजा बेंगलुरु बढ़ती तैयारी का संकेत? विशेषज्ञों के मुताबिक यदि रिपोर्ट के दावे सही हैं, तो यह भारत की परमाणु तैयारियों में एक अहम बदलाव माना जा सकता है। इससे रणनीतिक स्तर पर भारत की प्रतिक्रिया क्षमता और प्रतिरोधक ताकत को नई मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।

Mamata Banerjee CID Raid : अभिषेक के बाद ममता के घर पहुंची CID, नेता विपक्ष के प्रस्ताव पर फर्जी हस्ताक्षर का आरोप

Mamata Banerjee CID Raid

Mamata Banerjee CID Raid : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। टीएमसी में चल रहे विवाद के बीच अब CID ने अभिषेक बनर्जी ममता बनर्जी के घर पर दस्तक दी है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को टीम ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पहुंची। इसी परिसर में पार्टी का केंद्रीय कार्यालय भी है। जांच टीम के पहुंचते ही वहां हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला और काफी देर तक अधिकारियों तथा पार्टी नेताओं के बीच बहस चलती रही। CID के पहुंचते ही बढ़ा सियासी तापमान सीआईडी अधिकारियों के साथ पुलिस और केंद्रीय बल के जवान भी मौजूद थे। जांच टीम कार्यालय में प्रवेश कर तलाशी लेना चाहती थी, लेकिन शुरुआत में उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद मौके पर मौजूद नेताओं और अधिकारियों के बीच लंबी बातचीत और बहस का दौर चला। MP Rajya Sabha Election : कांग्रेस कैंडिडेट मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन होगा रद्द! बीजेपी ने दर्ज कराई आपत्ति एक घंटे तक चला गतिरोध तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद और पार्टी कोषाध्यक्ष शुभाशीष चक्रवर्ती ने कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी फिलहाल दिल्ली में हैं। उनकी अनुपस्थिति में वे कार्यालय की देखरेख कर रहे हैं, इसलिए उनकी अनुमति के बिना किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा सकता। नोटिस दिखाने के बाद मिली एंट्री सीआईडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने पहुंचे हैं और उनके पास संबंधित नोटिस भी मौजूद है। काफी देर तक चले विवाद के बाद शाम करीब चार बजे जांच टीम को कार्यालय के भीतर प्रवेश मिला। किस बात की तलाश में थी जांच एजेंसी? जांचकर्ताओं का मानना है कि जिन विधायकों के हस्ताक्षरों को लेकर विवाद सामने आया है, उससे जुड़ी एक अहम बैठक इसी कार्यालय में हुई थी। इसलिए उस दिन मौजूद लोगों, दस्तावेजों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया। PoK Protest : एक क्रूर फैसले से सुलगा पीओके! सड़कों पर उतरी लाखों की भीड़, इंटरनेट बंद हालात बेकाबू CCTV फुटेज भी जांच के दायरे में सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ने कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की कोशिश की। अधिकारियों का मानना है कि फुटेज से उस दिन की गतिविधियों और मौजूद लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। अभिषेक बनर्जी पर भी नजर इसी मामले में सीआईडी पहले ही अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेज चुकी है। उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने अतिरिक्त समय की मांग की थी। अब तक उनके जांच एजेंसी के सामने पेश होने की जानकारी नहीं है। दूसरे कार्यालय में भी पहुंची टीम मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए सीआईडी की एक अन्य टीम अभिषेक बनर्जी के कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय भी पहुंची। जांच एजेंसी अब कथित हस्ताक्षर जालसाजी से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों की विस्तार से पड़ताल कर रही है। MP Cabinet Meeting : किसानों से 800 करोड़ कमाएगी सरकार, भोपाल मेट्रो परियोजना पर खर्च होंगे 10,033 करोड़ बंगाल की राजनीति में फिर बढ़ी हलचल जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्माता जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसी की कार्रवाई और उससे निकलने वाले निष्कर्षों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

MP Rajya Sabha Election : कांग्रेस कैंडिडेट मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन होगा रद्द! बीजेपी ने दर्ज कराई आपत्ति

Meenakshi Natarajan nomination

MP Rajya Sabha Election : भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को लेकर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज कराई है। भाजपा ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करते हुए नामांकन की वैधता पर सवाल उठाए हैं। इस मामले ने चुनावी मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है। भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन पत्र में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी है। इसके अलावा पार्टी ने उन पर संपत्ति संबंधी विवरण में भी कथित तौर पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में उम्मीदवारों द्वारा सही और पूरी जानकारी देना आवश्यक है इसलिए मामले की जांच की जानी चाहिए। PoK Protest : एक क्रूर फैसले से सुलगा पीओके! सड़कों पर उतरी लाखों की भीड़, इंटरनेट बंद हालात बेकाबू रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर नजर भाजपा की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा सुनवाई की जा रही है। इस मामले में शाम 5:30 बजे निर्णय आने की संभावना है। फैसले के बाद यह स्पष्ट होगा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन वैध रहेगा या उस पर कोई कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर अब इस निर्णय पर टिकी हुई है। कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु भेजने की तैयारी राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों को कर्नाटक शिफ्ट करने की रणनीति बनाई है। पार्टी के अनुसार विधायकों को बेंगलुरु ले जाया जाएगा और मतदान से एक दिन पहले 17 जून को वापस भोपाल लाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि यह कदम विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों से बचाने के लिए उठाया गया है। MP Cabinet Meeting : किसानों से 800 करोड़ कमाएगी सरकार, भोपाल मेट्रो परियोजना पर खर्च होंगे 10,033 करोड़ विमान को अनुमति नहीं मिलने का आरोप इस बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर एक और बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि विधायकों को बेंगलुरु ले जाने के लिए तैयार विमान को भोपाल एयरपोर्ट से उड़ान की अनुमति नहीं दी जा रही है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार विधायक कई घंटों से एयरपोर्ट पर मौजूद हैं और विमान के रवाना होने का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश बताया है। Shigella Infection Update : 4 साल के बच्चे की मौत के बाद बढ़ी चिंता, जानिए क्या है शिगेला और कैसे फैलता है संक्रमण सियासी बयानबाजी हुई तेज कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा राज्यसभा चुनाव को लेकर घबराई हुई है और इसी कारण विभिन्न स्तरों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौर ने राज्यसभा चुनाव को और अधिक चर्चित बना दिया है।

PoK Protest : एक क्रूर फैसले से सुलगा पीओके! सड़कों पर उतरी लाखों की भीड़, इंटरनेट बंद हालात बेकाबू

PoK Protest

PoK Protest : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। क्षेत्र में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन और सुरक्षा बलों पर सख्त कार्रवाई के आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कई इलाकों में इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। आज बड़े प्रदर्शन का ऐलान विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 9 जून को क्षेत्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन का आरोप है कि पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। MP Cabinet Meeting : किसानों से 800 करोड़ कमाएगी सरकार, भोपाल मेट्रो परियोजना पर खर्च होंगे 10,033 करोड़ गिरफ्तारी और छापेमारी के आरोप प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही कई इलाकों में रात के समय घरों पर छापेमारी किए जाने और प्रदर्शन से जुड़े लोगों को उठाए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। कई शहरों में संचार सेवाएं प्रभावित स्थानीय समूहों के अनुसार मुजफ्फराबाद, रावलकोट, पुंछ, मीरपुर और नीलम घाटी समेत कई क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि इससे लोगों तक सूचनाओं का प्रवाह बाधित हुआ है। Pakistan Economic Crisis : पाकिस्तान पर गहराया आर्थिक संकट, UAE ने 2 अरब डॉलर का मांगे वापस इतिहास से की जा रही तुलना मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा हालात की तुलना अतीत की उन घटनाओं से की है, जहां जन आंदोलनों को बल प्रयोग से रोकने की कोशिश की गई थी। उनका कहना है कि राजनीतिक और आर्थिक मांगों को दबाने से असंतोष और बढ़ सकता है। हिंसा को लेकर अलग-अलग दावे विरोध कर रहे संगठनों ने रावलकोट में हुई हिंसा में कई लोगों के हताहत होने का दावा किया है। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठने लगी आवाज विदेशों में रह रहे कश्मीरी संगठनों और कुछ मानवाधिकार समूहों ने भी हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने क्षेत्र में चल रही घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा नागरिक अधिकारों को लेकर सवाल उठाए हैं। Pakistani Deputy PM Fall : ईरान युद्ध पर मध्यस्थता कराने पहुंचे पाक डिप्टी PM कारपेट पर गिरे, वीडियो वायरल क्यों मचा वबाल रिपोर्ट्स, शाहजैब हबीब के अंतिम संस्कार (शोकसभा) में हजारों स्थानीय लोग शामिल होने पहुंचे, तो पाकिस्तानी सेना ने उन पर कथित तौर पर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। इस डाइरेक्ट एक्शन में आधिकारिक तौर पर 11 और स्थानीय दावों के अनुसार दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हैं। इसके बाद हालात बेकाबू हो गए। PoK पर टिकी दुनिया की नजर लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शन, प्रशासनिक कार्रवाई के आरोप और संचार सेवाओं पर असर के बीच PoK के हालात पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

MP RS Election : रणदीप सुरजेवाला बने कांग्रेस के पर्यवेक्षक, सियासी हलचल के बीच आलाकमान का बड़ा फैसला

Randeep Surjewala appointed Congress observer

MP RS Election : भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। इसी बीच कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। पार्टी का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में चुनावी रणनीति और विधायकों की एकजुटता को लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। कांग्रेस नेतृत्व चुनाव से जुड़े हर घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। RS Election Politics : तीसरी सीट पर बढ़ा रोमांच! कांग्रेस विधायकों की कर्नाटक शिफ्टिंग, पटवारी बोले- BJP की उल्टी गिनती शुरू चुनावी रणनीति को मजबूत करने की तैयारी कांग्रेस द्वारा रणदीप सुरजेवाला को पर्यवेक्षक बनाए जाने को चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी चाहती है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान सभी संगठनात्मक गतिविधियों और विधायकों के समन्वय पर प्रभावी निगरानी बनी रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुरजेवाला का अनुभव चुनावी प्रबंधन और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। MP RS Election : Cross Voting से बचाने के लिए कांग्रेस ने परिवार समेत विधायकों को भेजा बेंगलुरु आलाकमान का भरोसा, बड़ी जिम्मेदारी कांग्रेस नेतृत्व ने रणदीप सुरजेवाला को यह जिम्मेदारी देकर उनके अनुभव और संगठनात्मक क्षमता पर भरोसा जताया है। राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में बन रहे राजनीतिक समीकरणों और बदलते घटनाक्रम पर नजर रखने की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है। माना जा रहा है कि वे पार्टी नेताओं और विधायकों के साथ लगातार संपर्क में रहकर चुनावी तैयारियों को गति देंगे। Ayush Malik Conversion : धर्मांतरण पर आयुष मलिक ने तोड़ी चुप्पी, कहा- दिल से अपनाया इस्लाम पांच वक्त का नमाजी हूं… राज्यसभा चुनाव पर टिकी राजनीतिक नजरें मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दल सक्रिय हैं। चुनाव से पहले हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है। ऐसे में कांग्रेस का यह कदम साफ संकेत देता है कि पार्टी चुनाव को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। अब सभी की नजरें आगामी मतदान और उससे पहले बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई हैं।

MP Cabinet Meeting : किसानों से 800 करोड़ कमाएगी सरकार, भोपाल मेट्रो परियोजना पर खर्च होंगे 10,033 करोड़

MP Cabinet Meeting

MP Cabinet Meeting : भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना को पूरा करने के लिए इसकी संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। सरकार के इस फैसले के बाद अब भोपाल मेट्रो परियोजना पर कुल 10,033 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। राज्य सरकार का मानना है कि इस मंजूरी से परियोजना के निर्माण कार्य को गति मिलेगी और राजधानी भोपाल को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का लाभ जल्द मिल सकेगा। 2016 में बनी थी योजना, अब बढ़ी लागत कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भोपाल मेट्रो रेल परियोजना वर्ष 2016 में तैयार की गई थी। उस समय इसकी अनुमानित लागत लगभग 6,241 करोड़ रुपए निर्धारित की गई थी। समय के साथ निर्माण लागत, तकनीकी बदलाव और अन्य आवश्यकताओं के कारण परियोजना की लागत बढ़कर 10,033 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। सरकार का दावा है कि अगले दो वर्षों में परियोजना का स्वरूप और अधिक स्पष्ट दिखाई देगा तथा निर्माण कार्य में तेजी आएगी। MP RS Election : Cross Voting से बचाने के लिए कांग्रेस ने परिवार समेत विधायकों को भेजा बेंगलुरु मंडी शुल्क में बदलाव से बढ़ेगा राजस्व कैबिनेट बैठक में कृषि क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया गया। सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को कम करते हुए अन्य कृषि उपज पर मंडी शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले कपास पर अधिक शुल्क होने से किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। अब कपास पर केवल 0.50 प्रतिशत मंडी शुल्क लिया जाएगा, जिससे कपास उत्पादक किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार को मिलेगा 800 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व सरकार ने कपास के अलावा अन्य कृषि उपज पर मंडी शुल्क को फिर से डेढ़ प्रतिशत करने का फैसला लिया है। कुछ वर्ष पहले इस शुल्क को घटाकर एक प्रतिशत किया गया था। बढ़े हुए शुल्क से राज्य सरकार को लगभग 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। सरकार के अनुसार यह राशि सड़क विकास, ग्रामीण अधोसंरचना और गौ संवर्धन जैसे कार्यों में खर्च की जाएगी। इससे विकास योजनाओं को वित्तीय मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। Ayush Malik Conversion : धर्मांतरण पर आयुष मलिक ने तोड़ी चुप्पी, कहा- दिल से अपनाया इस्लाम पांच वक्त का नमाजी हूं… प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा मध्यप्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों में किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, कम लागत वाली कृषि पद्धतियों और जैविक उत्पादन के लाभों की जानकारी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी। पीएम सूर्य घर योजना और विकास कार्यक्रमों पर चर्चा कैबिनेट बैठक के दौरान पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सरकार ने बताया कि योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में जनकल्याण और विकास कार्यों से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। BRICS Agriculture Summit : इंदौर में ब्रिक्स कृषि महाकुंभ का आगाज, खाद्य सुरक्षा से लेकर AI आधारित खेती तक वैश्विक मंथन संविदा कर्मचारियों के वेतन वृद्धि पर भी चर्चा बैठक के दौरान राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने प्रदेश के करीब एक लाख संविदा कर्मचारी और अधिकारियों को 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस निर्णय के लिए बधाई दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मंत्री उदय प्रताप सिंह और नारायण सिंह कुशवाहा को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।

MP RS Election : Cross Voting से बचाने के लिए कांग्रेस ने परिवार समेत विधायकों को भेजा बेंगलुरु

MP Congress

MP RS Election : भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी के कई विधायक अपने परिवार के साथ बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए हैं। कांग्रेस का मानना है कि चुनाव से पहले विधायकों को एक साथ रखने से किसी भी तरह की राजनीतिक सेंधमारी या दबाव की संभावना को कम किया जा सकता है। भोपाल से रवाना हुए विधायकों को विदा करने के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। RS Election Politics : तीसरी सीट पर बढ़ा रोमांच! कांग्रेस विधायकों की कर्नाटक शिफ्टिंग, पटवारी बोले- BJP की उल्टी गिनती शुरू क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग, हॉर्स ट्रेडिंग और राजनीतिक खरीद-फरोख्त की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पार्टी नहीं चाहती कि मतदान से पहले किसी भी प्रकार का राजनीतिक समीकरण उसके पक्ष को प्रभावित करे। इसी वजह से विधायकों को सुरक्षित माहौल में रखने की रणनीति अपनाई गई है। इस दौरान विधायक अपने परिवार के सदस्यों के साथ बेंगलुरु रवाना हुए हैं, जिससे उन्हें लंबे समय तक वहां रुकने में कोई परेशानी न हो। Ayush Malik Conversion : धर्मांतरण पर आयुष मलिक ने तोड़ी चुप्पी, कहा- दिल से अपनाया इस्लाम पांच वक्त का नमाजी हूं… दिग्विजय सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद भोपाल से विधायकों की रवानगी के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत कई बड़े नेता एयरपोर्ट और पार्टी कार्यक्रमों में नजर आए। नेताओं ने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और राज्यसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति सफल रहेगी। पार्टी लगातार अपने विधायकों के संपर्क में बनी हुई है और चुनाव तक संगठनात्मक गतिविधियों पर नजर रखेगी।

Ayush Malik Conversion : धर्मांतरण पर आयुष मलिक ने तोड़ी चुप्पी, कहा- दिल से अपनाया इस्लाम पांच वक्त का नमाजी हूं…

Ayush Malik Conversion

Shamli Ayush Malik Conversion : उत्तर प्रदेश। शामली में कथित धर्मांतरण और करोड़ों रुपये की संपत्ति विवाद का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब स्थानीय युवक आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने स्वयं सामने आकर अपनी बात रखी। आयुष ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने किसी दबाव, लालच या साजिश के तहत नहीं बल्कि अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया है। उनका कहना है कि धर्म परिवर्तन का फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत था और इसमें किसी व्यक्ति या संगठन की भूमिका नहीं थी। इलाज के दौरान शुरू हुआ परिचय आयुष मलिक के अनुसार, कुछ वर्ष पहले उन्हें कंधे में गंभीर चोट (लिगामेंट टियर) लगी थी, जिसका इलाज चल रहा था। इसी दौरान उनकी मुलाकात जिम ट्रेनर और फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी से हुई। इलाज के दौरान दोनों के बीच परिचय बढ़ा और बाद में चांदनी के परिवार तथा उनके परिचितों से भी संपर्क बना। आयुष का कहना है कि इस दौरान उन्होंने विभिन्न धर्मों और विचारों को समझने का प्रयास किया और अपनी जिज्ञासाओं के जवाब तलाशने शुरू किए। Shigella Infection Update : 4 साल के बच्चे की मौत के बाद बढ़ी चिंता, जानिए क्या है शिगेला और कैसे फैलता है संक्रमण इंटरनेट के माध्यम से बढ़ी धार्मिक समझ आयुष ने बताया कि वे लंबे समय से विभिन्न धार्मिक विषयों का अध्ययन कर रहे थे। उन्होंने गूगल, यूट्यूब और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए इस्लाम से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं। उनके अनुसार, कई विद्वानों के व्याख्यान सुनने और धार्मिक साहित्य को समझने के बाद उन्होंने इस्लाम के प्रति गहरी रुचि विकसित की। आयुष का दावा है कि धर्म परिवर्तन का निर्णय किसी व्यक्ति के प्रभाव में नहीं बल्कि स्वयं के अध्ययन और समझ के आधार पर लिया गया। परिवार के आरोपों पर दी सफाई धर्मांतरण और संपत्ति विवाद के बीच आयुष ने अपने पिता द्वारा लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया। उनका कहना है कि चांदनी कुरैशी और उनके परिवार ने कभी उन पर धर्म बदलने का दबाव नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार और अपनी पत्नी दोनों के साथ संबंध बनाए रखना चाहते हैं। आयुष ने यह भी दावा किया कि चार वर्ष पहले उन्होंने चांदनी से निकाह किया था, लेकिन पारिवारिक कारणों से इस बात को सार्वजनिक नहीं किया गया। BRICS Agriculture Summit : इंदौर में ब्रिक्स कृषि महाकुंभ का आगाज, खाद्य सुरक्षा से लेकर AI आधारित खेती तक वैश्विक मंथन पिता ने लगाए गंभीर आरोप दूसरी ओर, आयुष के पिता देवराज मलिक ने इस पूरे मामले को संपत्ति हड़पने की साजिश बताया है। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे को बहकाकर धर्म परिवर्तन कराया गया और करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चांदनी, उनके पिता और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है और मामले की जांच जारी है। समाज में बढ़ी चर्चा और जांच पर नजर मामले के सामने आने के बाद शामली में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। वहीं पुलिस और जांच एजेंसियां सभी आरोपों और दावों की जांच कर रही हैं। MP Investment and Export : मप्र बना वैश्विक निवेश का नया हब, CM बोले- लैटिन अमेरिकी देशों के साथ व्यापार में 19% की बढ़ोतरी फिलहाल मामले में कई पहलुओं की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। ऐसे में सभी पक्षों के दावों के बीच अब नजरें पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

Shigella Infection Update : 4 साल के बच्चे की मौत के बाद बढ़ी चिंता, जानिए क्या है शिगेला और कैसे फैलता है संक्रमण

Shigella Infection Update : केरल एक बार फिर संक्रामक बीमारी के बढ़ते मामलों को लेकर चर्चा में है। राज्य में शिगेला संक्रमण के 126 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। संक्रमण की चपेट में आए एक चार वर्षीय बच्चे की मौत ने चिंता और बढ़ा दी है। अधिकारियों ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और केवल सुरक्षित पानी पीने की अपील की है। बच्चे की मौत के बाद बढ़ी सतर्कता स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक शिगेला संक्रमण की पुष्टि होने के बाद तीन बच्चों को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से दो बच्चों की हालत में सुधार हुआ, लेकिन एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और बचाव के उपाय तेज कर दिए हैं। RS Election Politics : तीसरी सीट पर बढ़ा रोमांच! कांग्रेस विधायकों की कर्नाटक शिफ्टिंग, पटवारी बोले- BJP की उल्टी गिनती शुरू 126 मामलों ने बढ़ाई चिंता राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक शिगेला संक्रमण के 126 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य टीमें विभिन्न इलाकों में जांच और निगरानी अभियान चला रही हैं। वायनाड समेत कई क्षेत्रों में छात्रों में पेट संबंधी बीमारियों की भी जांच की जा रही है। क्या है शिगेला संक्रमण? शिगेला एक बेहद संक्रामक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है। इस बीमारी को शिगेलोसिस भी कहा जाता है। संक्रमण बढ़ने पर गंभीर दस्त, पेट दर्द, बुखार और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में इसका खतरा अधिक माना जाता है। कैसे फैलती है यह बीमारी? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क, दूषित पानी, दूषित भोजन, गंदे हाथों और संक्रमित सतहों के जरिए फैल सकता है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि संक्रमण फैलाने के लिए बहुत कम मात्रा में बैक्टीरिया भी पर्याप्त होते हैं, इसलिए यह तेजी से फैल सकता है। BRICS Agriculture Summit : इंदौर में ब्रिक्स कृषि महाकुंभ का आगाज, खाद्य सुरक्षा से लेकर AI आधारित खेती तक वैश्विक मंथन क्या हैं इसके प्रमुख लक्षण? शिगेला संक्रमण होने पर लगातार दस्त, कई मामलों में खूनी दस्त, तेज बुखार, पेट में मरोड़, उल्टी, मतली, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। केरल में बार-बार क्यों बढ़ते हैं संक्रामक रोग? विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण भारत के कई हिस्सों में जंगलों और आबादी वाले क्षेत्रों के बीच बढ़ते संपर्क, मानसून के मौसम और तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ रहा है। वनों की कटाई और बदलते पर्यावरणीय हालात भी कई बीमारियों के फैलाव की वजह माने जाते हैं। कैसे करें बचाव? शिगेला संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता सबसे जरूरी मानी जाती है। साबुन से नियमित हाथ धोना, उबला या साफ पानी पीना, फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाना और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचना संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। Mahesh Kevat Nomination : BJP उम्मीदवार महेश केवट ने भरा नामांकन, सीएम मोहन यादव बोले- तीनों सीट आएंगी भाजपा के खाते में बच्चों को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत अधिकांश मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों में यह संक्रमण तेजी से गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

RS Election Politics : तीसरी सीट पर बढ़ा रोमांच! कांग्रेस विधायकों की कर्नाटक शिफ्टिंग, पटवारी बोले- BJP की उल्टी गिनती शुरू

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RS Election Politics : भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बार तीसरी राज्यसभा सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही इस सीट को लेकर पूरी ताकत झोंक रही हैं। भाजपा ने तीसरी सीट के लिए महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस भी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है। राज्यसभा की इस सीट के लिए मतदान 18 जून को विधानसभा में होगा, जिसके चलते दोनों दलों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। कांग्रेस की कर्नाटक रणनीति, विधायक होंगे रवाना राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में पार्टी आज अपने विधायकों को कर्नाटक भेजने की तैयारी कर रही है। जानकारी के अनुसार दोपहर 12:30 बजे भोपाल से कांग्रेस विधायक कर्नाटक के लिए रवाना होंगे। हालांकि सूत्रों के मुताबिक 5 से 7 विधायक पहले चरण में कर्नाटक नहीं जाएंगे। कुछ वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के पारिवारिक कार्यक्रम होने के कारण वे एक या दो दिन बाद बेंगलुरु पहुंच सकते हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, सतीश सिकरवार और आरिफ मसूद भी पहले दिन कर्नाटक नहीं जाएंगे। बताया जा रहा है कि उमंग सिंघार अगले दिन बेंगलुरु पहुंचेंगे। BRICS Agriculture Summit : इंदौर में ब्रिक्स कृषि महाकुंभ का आगाज, खाद्य सुरक्षा से लेकर AI आधारित खेती तक वैश्विक मंथन जीतू पटवारी का बड़ा दावा, भाजपा पर लगाए आरोप राजनीतिक उठापटक के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दायित्व लोकतंत्र को सुरक्षित रखना है और पार्टी राज्यसभा चुनाव में 100 प्रतिशत जीत दर्ज करेगी। पटवारी ने दावा किया कि भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। उन्होंने प्रदेश की जनता से कांग्रेस का समर्थन करने की अपील करते हुए भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार फैलाने का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा कि सरकार केवल विज्ञापन, भ्रष्टाचार और जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने तीसरी सीट पर ओबीसी उम्मीदवार को केवल चुनाव हराने की मंशा से मैदान में उतारा है, जबकि महिला आरक्षण की बात करने वाली पार्टी महिला उम्मीदवार को हराने की साजिश कर रही है। Mahesh Kevat Nomination : BJP उम्मीदवार महेश केवट ने भरा नामांकन, सीएम मोहन यादव बोले- तीनों सीट आएंगी भाजपा के खाते में कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का पलटवार कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी जोरदार प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस के खेमे में घबराहट और बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के जीत के दावों का प्रतिशत लगातार कम होता जा रहा है और 18 जून तक पार्टी अपनी हार स्वीकार कर लेगी। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास भ्रष्टाचार से जुड़ा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा को सफलता मिलेगी और विपक्ष के सभी आरोप बेबुनियाद साबित होंगे। 18 जून के मतदान पर टिकी राजनीतिक नजरें मध्यप्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट का चुनाव अब राजनीतिक प्रतिष्ठा का विषय बन चुका है। कांग्रेस जहां अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटी है, वहीं भाजपा अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रही है। Bengal Politics : ममता के 21 सांसद छोड़ेगें TMC! सुखेंदु शेखर रे ने दिया इस्तीफ़ा, CM शुभेंदु के साथ BJP बंगाल प्रभारी से मुलाकात दोनों दलों के दावों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की नजरें 18 जून को होने वाले मतदान और उसके परिणामों पर टिकी हुई हैं। यह चुनाव प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण तय कर सकता है।