Yamuna Steamer Accident : 30 टूरिस्ट से भरा स्टीमर यमुना में डूबा, 9 की मौत लापता की तलाश जारी

Yamuna Steamer Accident : मथुरा। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यमुना नदी में 30 पर्यटकों से भरा एक स्टीमर अचानक पलट गया। इस हादसे में 9 पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में 6 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। इस घटना की पुष्टि चंद्र प्रकाश सिंह ने की है। केसी घाट पर हुआ हादसा बताया गया है कि स्टीमर में सवार सभी पर्यटक पंजाब से घूमने के लिए आए थे। हादसा दोपहर करीब पौने 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जो श्री बांके बिहारी मंदिर से लगभग ढाई किलोमीटर दूर स्थित है। Anant Ambani Birthday Celebration : अनंत अंबानी के जन्मदिन पर भव्य आयोजन! 1 लाख गायों को छप्पन भोग ; कई सेलेब्रिटी शामिल हादसे के बाद मौके पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। इसके अलावा करीब 50 स्थानीय गोताखोर भी बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। गोताखोर गुलाब के अनुसार अब तक करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी लोग लुधियाना से आए थे हादसे के समय स्टीमर में मौजूद पर्यटक मनोहर लाल ने बताया कि सभी लोग जगराओं, लुधियाना से आए थे। उन्होंने बताया कि उस समय तेज हवा चल रही थी। Bengal Election BJP Manifesto : बंगाल में BJP महिलाओं को देगी 3 हजार, 6 महीने में UCC लागू! जानिए घोषणापत्र में और क्या यमुना नदी के बीच में पहुंचते ही स्टीमर अचानक हवा के कारण डगमगाने लगा और उसकी गति भी बढ़ गई। इसी दौरान स्टीमर पीपा पुल से टकरा गया और पलट गया। बचाव कार्य तेजी से जारी मौसम विभाग की वेबसाइट स्काईमेट के अनुसार, घटना के समय वृंदावन में करीब 31 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। तेज हवा को इस हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है और अन्य लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
Anant Ambani Birthday Celebration : अनंत अंबानी के जन्मदिन पर भव्य आयोजन! 1 लाख गायों को छप्पन भोग; कई सेलेब्रिटी शामिल

Anant Ambani Birthday Celebration : गुजरात। देश के जाने-माने कारोबारी मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के छोटे बेटे अनंत अंबानी आज अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर गुजरात के जामनगर में भव्य समारोह आयोजित किया गया है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए बॉलीवुड और उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियां जामनगर पहुंच चुकी हैं। गायों को छप्पन भोग अनंत अंबानी ने अपने 31 वे जन्मदिन से पहले गुरुवार को जामनगर में बड़े स्तर पर गो सेवा की। इस दौरान उन्होंने एक लाख से ज्यादा गायों को छप्पन भोग अर्पित किया। गायों को तरबूज समेत कई तरह के फल खिलाए गए। इस सेवा कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। Bengal Election BJP Manifesto : बंगाल में BJP महिलाओं को देगी 3 हजार, 6 महीने में UCC लागू! जानिए घोषणापत्र में और क्या आसपास के गांवों में सामुदायिक भोज जामनगर और उसके आसपास के गांवों में सामुदायिक भोज का आयोजन किया गया। इस भोज में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम में आई महिलाओं को साड़ियां उपहार में दी गईं, जबकि बच्चों को स्कूल किट वितरित की गईं। इसके अलावा अनंत अंबानी ने देश के कई बड़े मंदिरों को करोड़ों रुपए का दान भी दिया है। बॉलीवुड के कई स्टार्स हुए शामिल जन्मदिन के अवसर पर जामनगर में भव्य भोज का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में बॉलीवुड के कई सितारों का पहुंचना शुरू हो चुका है। वहीं मुंबई सहित देश के अन्य हिस्सों में भी इस दिन को धूमधाम से मनाया जा रहा है। US Iran Ceasefire Update : ईरान ने US से शांति वार्ता से किया किनारा, लेबनान में सीजफायर की शर्त पर अड़ा सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अनंत अंबानी के लिए खास सरप्राइज की व्यवस्था की गई। जैसे ही वह एक कमरे में प्रवेश करते हैं, उनका स्वागत गुलाब की पंखुड़ियों से बने हार्ट डिजाइन से किया जाता है। इस दौरान वह हाफ टी-शर्ट और चश्मे में नजर आते हैं। इस खास मौके पर उनकी पत्नी राधिका मर्चेंट भी मौजूद रहीं। इस बार अनंत अंबानी का जन्मदिन केवल निजी जश्न तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे सेवा, दान और सामाजिक सरोकार से जोड़कर बड़े स्तर पर मनाया गया। Yashwant Varma Resign : कैश कांड के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, जांच और महाभियोग विवाद के बाद बड़ा फैसला जामनगर से लेकर देश के अन्य हिस्सों तक धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस आयोजन ने जन्मदिन को एक बड़े सामाजिक उत्सव का रूप दे दिया है। यहां देखिये बर्थडे सेलिब्रेशन के फोटो और वीडियो
Bengal Election BJP Manifesto : बंगाल में BJP महिलाओं को देगी 3 हजार, 6 महीने में UCC लागू! जानिए घोषणापत्र में और क्या

Bengal Election BJP Manifesto : कोलकाता। भाजपा ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। पार्टी ने इसे ‘भरोसे का पत्र’ नाम दिया है। इसमें महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये देने, बेरोजगार युवाओं को 3 हजार रुपये मासिक सहायता देने, पहले 6 महीने में UCC लागू करने और सरकारी कर्मचारियों को 45 दिन में सातवां वेतनमान देने की घोषणा की गई है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग होगी और 4 मई को नतीजे आएंगे। Bengal Elections 2026 : वोटिंग से पहले बंगाल में बंगाल में ‘खेला’! AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन क्या बोले गृहमंत्री अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में यह घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि बंगाल की जनता के लिए पिछले 15 साल बुरे सपने जैसे रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर घुसपैठियों के जरिए तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि बीजेपी घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, रोजगार, किसानों और उद्योगों के लिए नई योजना लाई जाएगी। शाह ने महिलाओं के लिए कई वादे किए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल समेत राज्य की सभी नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये और 6 पोषण किट दी जाएंगी। राज्य की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा मिलेगी। उन्होंने हर मंडल में महिला थाना और महिला डेस्क बनाने की बात भी कही। शाह ने कहा कि बंगाल में ऐसा माहौल बनाया जाएगा, जिसमें किसी महिला को रात में बाहर निकलने को लेकर डर न हो। US Iran Ceasefire Update : ईरान ने US से शांति वार्ता से किया किनारा, लेबनान में सीजफायर की शर्त पर अड़ा किसानों को लेकर किए ये वादे घोषणा पत्र में युवाओं और किसानों को लेकर भी कई वादे किए गए। शाह ने कहा कि पारदर्शिता के साथ युवाओं को नौकरी दी जाएगी और सभी सरकारी पदों को परमानेंट करने की दिशा में काम होगा। उन्होंने कहा कि 75 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों के लिए धान, आलू और आम की खेती में उचित मूल्य सुनिश्चित करने की बात कही गई है। धान की खरीद 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करने का भी वादा किया गया है। Yashwant Varma Resign : कैश कांड के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, जांच और महाभियोग विवाद के बाद बड़ा फैसला 6 महीने के भीतर कॉमन सिविल कोड लागू बीजेपी ने यह भी कहा कि 6 महीने के भीतर कॉमन सिविल कोड लागू किया जाएगा। पार्टी ने दावा किया कि सरकारी जमीन से कब्जे 200 दिन में हटाए जाएंगे, घुसपैठ पर रोक लगेगी, सिंडिकेट खत्म किया जाएगा। उद्योग लगाने वालों को पहले 100 दिन में मदद दी जाएगी। कोलकाता के विकास, हल्दिया पोर्ट, 4 नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप और MSME के लिए भी योजनाएं लाई जाएंगी। सांप पर भरोसा किया जा सकता है,लेकिन बीजेपी पर नहीं इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में रैली की। उन्होंने कहा कि सांप पर भी भरोसा किया जा सकता है, लेकिन बीजेपी पर नहीं। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी असम चुनाव में बाहर से लोगों को लेकर आई थी, क्योंकि उसे राज्य के लोगों के वोटों पर भरोसा नहीं था। Monalisa Marriage Controversy : मोनालिसा नाबालिग अब फरमान पर लगा POCSO, 72 घंटे के अंदर सच्चाई आई सामने AIMIM ने तोड़ लिया गठबंधन इस चुनावी माहौल के बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) से गठबंधन तोड़ लिया है। दोनों दलों ने 25 मार्च को साथ चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन अब AIMIM अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने अपने X हैंडल पर लिखा कि हुमायूं कबीर के हालिया खुलासों के बाद वह ऐसे किसी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुसलमानों की निष्ठा या ईमानदारी पर सवाल उठाए गए हों। कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी के घोषणा पत्र, ममता बनर्जी के हमलों और AIMIM के अलग होने से राजनीतिक मुकाबला और तेज हो गया है। अब सभी की नजरें वोटिंग और फिर 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। Khwaja Asif on Israel : पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को बताया कैंसर, कहा- इसने गाजा-ईरान और लेबनान में किया नरसंहार भाजपा का घोषणा पत्र के बड़े ऐलान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। पार्टी ने इसमें 10 प्रमुख वादे किए हैं, जिनमें बेरोजगार युवाओं को ₹3000 मासिक सहायता देने का बड़ा ऐलान शामिल है। भाजपा के प्रमुख वादे इस प्रकार हैं: महिलाओं के लिए हर महीने ₹3,000 की सहायता, सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण, 75 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य, गर्भवती महिलाओं को ₹21,000 और 6 पोषण किट, साथ ही राज्य की सभी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा। महिला सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बटालियन और दुर्गा सुरक्षा दस्ते का गठन। बेरोजगार युवाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता। घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी। सरकारी कर्मचारियों को DA का भुगतान और 45 दिनों के अंदर सातवें वेतन आयोग को लागू करना। 6 महीने के अंदर कॉमन सिविल कोड (UCC) लागू करने का वादा। किसानों के लिए ₹9,000 की वार्षिक सहायता, धान, आलू और आम की खेती को बढ़ावा तथा ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीद की योजना। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में AIIMS, IIT, IIM और फैशन डिजाइनिंग संस्थानों की स्थापना। गो तस्करी पर सख्त रोक लगाई जाएगी। शिक्षकों की नियमित भर्ती, मौजूदा शिक्षकों को न्यूनतम आधार वेतन और मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप।
Morena Murder Update : मुरैना वनरक्षक हत्या मामले में 2 दिन बाद एक गिरफ्तारी, दो अब भी फरार

Morena Murder Update : मध्य प्रदेश। मुरैना में वनरक्षक की हत्या के मामले में पुलिस को आंशिक सफलता मिली है। घटना के दो दिन बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी मलिक सोनू चौहान को दिमनी थाना क्षेत्र में NH 552 स्थित प्लाजा के पास मिश्रिनपुरा रोड से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि आरोपी भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया। Morena Murder : रेत माफिया ने वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला, कांग्रेस बोली- मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त इस मामले में दूसरा आरोपी पवन तोमर (Pawan Tomar) और ट्रैक्टर चालक अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। क्या है मामला? वनरक्षक की हत्या के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया है, लेकिन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। US Iran Ceasefire Update : ईरान ने US से शांति वार्ता से किया किनारा, लेबनान में सीजफायर की शर्त पर अड़ा आगे की कार्रवाई पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
Rishabh Pant : ऋषभ पंत की एक और नाकामी पर उठे सवाल, कप्तानी को लेकर कैफ ने दी बड़ी सलाह

Rishabh Pant : स्पोर्ट्स डेस्क। ऋषभ पंत (Rishabh Pant) एक बार फिर अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। लखनऊ सुपर जायंट्स (Lucknow Super Giants) की IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) के खिलाफ मैच में पंत सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हो गए। इस पर मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने उन्हें बड़ी स्लाग दी है। मैच के दौरान कैमरून ग्रीन (Cameron Green) की बाउंसर पर पंत का शॉट गलत टाइम हुआ और कैच आउट हो गए। उस समय LSG मजबूत स्थिति में थी (73/2), लेकिन उनके आउट होते ही टीम 128/7 तक लड़खड़ा गई। PKBS GT IPL Match 2026 : जडेजा का IPL रिकॉर्ड चहल ने तोड़ा ! अर्शदीप का 11 गेंदों का ओवर, PBKS vs GT मैच के हाइलाइट्स हालांकि, युवा खिलाड़ी मुकुल चौधरी की शानदार पारी ने LSG को रोमांचक जीत दिला दी, लेकिन पंत की पारी ने फिर से उनकी निरंतरता और कप्तानी पर सवाल खड़े कर दिए। पंत को लेनी चाहिए थी जिम्मेदारी भारत के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने साफ कहा कि पंत को जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। उनके मुताबिक, एक अनुभवी खिलाड़ी और कप्तान का काम होता है कि वह लक्ष्य का पीछा करते हुए अंत तक टिके रहें। सिर्फ एक-दो अच्छी पारियां काफी नहीं हैं, बल्कि लगातार प्रदर्शन जरूरी है। Aryaman Birla : कौन हैं आर्यमन बिरड़ा? 30 लाख में बिका था IPL में, अब बना RCB का चेयरमैन युवा खिलाड़ियों की वजह से जीत रही LSG वहीं दिग्गज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने भी टीम के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि LSG इस सीजन में अपने युवा खिलाड़ियों की वजह से जीत रही है। मिचेल मार्श (Mitchell Marsh), एडेन मार्कराम (Aiden Markram) और पंत जैसे सीनियर खिलाड़ी अभी तक उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। पूरन की फॉर्म बनी चिंता टीम के लिए एक और चिंता का विषय निकोलस पूरन (Nicholas Pooran) की खराब फॉर्म है। पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन करने वाले पूरन इस बार तीन पारियों में सिर्फ 21 रन ही बना सके हैं। गावस्कर के अनुसार, वे क्रीज पर “खोए-खोए” नजर आ रहे हैं और आत्मविश्वास की कमी साफ दिख रही है। US Iran Ceasefire Update : ईरान ने US से शांति वार्ता से किया किनारा, लेबनान में सीजफायर की शर्त पर अड़ा भले ही लखनऊ सुपर जायंट्स (Lucknow Super Giants) ने मैच जीत लिया, लेकिन टीम के सीनियर खिलाड़ियों – खासकर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। अगर पंत अपनी निरंतरता और मैच की समझ पर काम करते हैं, तो वे न सिर्फ टीम को मजबूती देंगे बल्कि अपनी कप्तानी भी साबित कर पाएंगे।
US Iran Ceasefire Update : ईरान ने US से शांति वार्ता से किया किनारा, लेबनान में सीजफायर की शर्त पर अड़ा

US Iran Ceasefire Update : तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित सीजफायर वार्ता से पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Iran ने पाकिस्तान में होने वाली बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, जब तक लेबनान में सीजफायर (Lebanon Ceasefire) लागू नहीं होता, तब तक वह किसी भी वार्ता में हिस्सा नहीं लेगा। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि उसका प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद नहीं पहुंचा है और वहां जाने की कोई योजना भी नहीं है। इस बयान के साथ ही उन खबरों को भी खारिज कर दिया गया, जिनमें कहा गया था कि ईरानी डेलिगेशन पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुका है। Khwaja Asif on Israel : पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को बताया कैंसर, कहा- इसने गाजा-ईरान और लेबनान में किया नरसंहार इससे पहले अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल (The Wall Street Journal) ने दावा किया था कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल, जिसमें संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हैं, इस्लामाबाद पहुंच चुका है। दरअसल, 7 अप्रैल को US और ईरान दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमत हुए थे। इसी के तहत दोनों देशों के बीच शनिवार को इस्लामाबाद में अहम बैठक प्रस्तावित थी। इसके लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के आज पाकिस्तान पहुंचने की योजना है। लेबनान बना बड़ा मुद्दा ईरान के इस फैसले के पीछे लेबनान में जारी संघर्ष मुख्य वजह बताया जा रहा है। हिजबुल्लाह (Hezbollah) जो ईरान समर्थित एक शक्तिशाली मिलिशिया है, लेबनान में सक्रिय है। इजराइल के लगातार हमलों से अगर हिजबुल्लाह कमजोर होता है, तो ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव पर असर पड़ सकता है। ईरान ने सीजफायर के लिए कई शर्तें रखी हैं, जिनमें क्षेत्रीय स्तर पर संघर्ष खत्म करना शामिल है। यानी ईरान, लेबनान और यमन में हमले रुकने चाहिए। ईरान का मानना है कि बिना व्यापक शांति के किसी एक मोर्चे पर समझौता संभव नहीं है। Monalisa Marriage Controversy : मोनालिसा नाबालिग अब फरमान पर लगा POCSO, 72 घंटे के अंदर सच्चाई आई सामने अमेरिका-ईरान वार्ता के प्रमुख मुद्दे प्रस्तावित वार्ता में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी। इनमें ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम प्रमुख है, जिस पर अमेरिका कड़ा रुख अपनाए हुए है। अमेरिका चाहता है कि ईरान उच्च स्तर के यूरेनियम संवर्धन को पूरी तरह बंद करे और अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे। इसके अलावा होर्मुज (Strait of Hormuz) का मुद्दा भी बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। ईरान इस पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता है, जबकि अमेरिका इसे पूरी तरह खुला रखना चाहता है। बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और आर्थिक प्रतिबंध भी दोनों देशों के बीच प्रमुख विवाद के मुद्दे हैं। ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जाएं और उसके फंसे हुए संसाधन वापस किए जाएं। MP Viral Video : 11 हजार लीटर दूध से माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक, वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस लेबनान में जारी हमले, हालात गंभीर इस बीच लेबनान में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। समाचार एजेंसी के मुताबिक, दक्षिण लेबनान के हनाविया शहर पर इजराइल के हवाई हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया है। इसके अलावा दक्षिण लेबनान के हनीन और अल-मजादेल जैसे इलाकों में भी इजराइली सेना ने हवाई हमले और विस्फोट कर कई घरों को नुकसान पहुंचाया है। भारत में ईरानी दूतावास की अपील भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। दूतावास ने बताया कि आर्थिक सहायता के लिए पहले बनाए गए सभी बैंक खातों को बंद कर दिया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे इन खातों या किसी अन्य संदिग्ध खाते में पैसा ट्रांसफर न करें। Vande Mataram Controversy : रूबीना इकबाल मामले पर आरिफ मसूद ने की जांच की मांग, बीजेपी ने की FIR की मांग होर्मुज में जहाजों की आवाजाही घटी इस तनाव का असर वैश्विक व्यापार पर भी दिख रहा है। मरीन ट्रैफिक के आंकड़ों के अनुसार, हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में कमी आई है। गुरुवार को केवल 6 जहाज इस मार्ग से गुजरे, जबकि इससे पहले के दिनों में यह संख्या अधिक थी। दबाव में झुक सकता है ईरान: पूर्व अमेरिकी जनरल अमेरिकी सेंट्रल कमांड के पूर्व प्रमुख केनेथ मैकेंजी (Kenneth McKenzie) का मानना है कि बढ़ते दबाव के चलते ईरान अपने रुख में बदलाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान पर अस्तित्व का खतरा बढ़ता है, तो वह समझौते की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। कुल मिलाकर, एक तरफ जहां अमेरिका-ईरान वार्ता से शांति की उम्मीद थी, वहीं लेबनान में जारी संघर्ष और ईरान के रुख ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
Yashwant Varma Resign : कैश कांड के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, जांच और महाभियोग विवाद के बाद बड़ा फैसला

Yashwant Varma Resign : प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा (Yashwant Varma) ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उनके इस्तीफे की खबर शुक्रवार को सामने आई, हालांकि उन्होंने इस्तीफा कब दिया, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। यह फैसला उस समय आया है जब वे लंबे समय से कैश कांड और उससे जुड़ी जांच को लेकर विवादों में घिरे हुए थे। ये है पूरा मामला दरअसल, 14 मार्च 2025 को दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास में आग लगने की घटना हुई थी। इस दौरान मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों को स्टोर रूम में 500-500 रुपये के जले हुए नोटों के बंडल मिले थे। इस घटना के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया था और जस्टिस वर्मा पर सवाल उठने लगे थे। Nitish Kumar Oath : नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ, बिहार में नए सीएम को लेकर अटकलें तेज दिल्ली HC से ट्रांसफर कर इलाहाबाद ट्रांसफर विवाद के बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से ट्रांसफर कर इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया था। उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली थी, लेकिन जांच पूरी होने तक उन्हें कोई न्यायिक जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई थी। लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव इस मामले में उनका नाम सामने आने के बाद लोकसभा में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी लाया गया था। जस्टिस वर्मा ने इस प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि जब राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ, तो लोकसभा द्वारा अकेले जांच समिति का गठन करना गलत है। Monalisa Marriage Controversy : मोनालिसा नाबालिग अब फरमान पर लगा POCSO, 72 घंटे के अंदर सच्चाई आई सामने इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 6 जनवरी को कहा था कि जांच समिति के गठन में कुछ खामियां दिखाई देती हैं। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि वह यह तय करेगा कि ये खामियां कितनी गंभीर हैं। 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने की थी। लोकसभा स्पीकर को जांच समिति बनाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 7 जनवरी को भी टिप्पणी करते हुए कहा था कि लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित जांच पैनल में कुछ खामियां नजर आती हैं। हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि जजेज इन्क्वायरी एक्ट के तहत लोकसभा स्पीकर को जांच समिति बनाने का अधिकार है, भले ही राज्यसभा में प्रस्ताव खारिज हो चुका हो। बचाव में ये बोले जस्टिस वर्मा कैश कांड (cash scandal) में जस्टिस वर्मा ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उनके घर या स्टोर रूम में कोई नकदी नहीं थी और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में उनके घर से 15 करोड़ रुपये मिलने का दावा भी किया गया था, जिसे उन्होंने खारिज किया। Khwaja Asif on Israel : पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को बताया कैंसर, कहा- इसने गाजा-ईरान और लेबनान में किया नरसंहार इस पूरे विवाद के बीच 22 मार्च 2025 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनका तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया था। इसके बाद भी जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रही। दोनों सदनों के महासचिवों से मांगा था जवाब इस मामले में 16 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) को नोटिस जारी किया था और दोनों सदनों के महासचिवों से जवाब मांगा था। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया था कि जब राज्यसभा में प्रस्ताव खारिज हो गया, तो लोकसभा में जांच समिति कैसे गठित की गई। प्रक्रिया में दोनों सदनों की भूमिका जरूरी जस्टिस वर्मा ने जांच पैनल को असंवैधानिक बताते हुए याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि जज को हटाने की प्रक्रिया में लोकसभा और राज्यसभा दोनों की भूमिका जरूरी होती है, इसलिए केवल लोकसभा स्पीकर द्वारा समिति बनाना संविधान के खिलाफ है। Nitish Kumar Oath : नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ, बिहार में नए सीएम को लेकर अटकलें तेज इससे पहले तीन हाईकोर्ट जजों की जांच में जस्टिस वर्मा को दोषी पाया गया था और उन्हें पद से हटाने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद सरकार ने संसद में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया, जिसे 146 सांसदों के समर्थन के साथ स्वीकार किया गया। क्या है महाभियोग की प्रक्रिया भारत में किसी हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने के लिए संसद के किसी भी सदन में महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसके बाद स्पीकर या सभापति एक जांच समिति का गठन करते हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट का एक जज, हाईकोर्ट का एक चीफ जस्टिस और एक विधि विशेषज्ञ शामिल होता है। यदि जांच में आरोप साबित होते हैं, तो संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित किया जाता है। इसके बाद प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है और उनकी मंजूरी मिलने पर संबंधित जज को पद से हटा दिया जाता है। कौन हैं जस्टिस यशवंत वर्मा यशवंत वर्मा (Yashwant Varma) का जन्म 6 जनवरी 1969 को इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उन्होंने हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन, दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम (ऑनर्स) और रीवा विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। Rewa PM-SHRI College Case : पीएमश्री कॉलेज के टीचर अमित शाहू और उमेश प्रजापति बर्खास्त, छात्रा को भेजा था अश्लील मैसेज उन्होंने 8 अगस्त 1992 को वकालत शुरू की। साल 2006 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्पेशल एडवोकेट बने और 2012-13 में उत्तर प्रदेश के चीफ स्टैंडिंग काउंसिल रहे। अगस्त 2013 में उन्हें सीनियर वकील बनाया गया। 13 अक्टूबर 2014 को वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में एडिशनल जज बने और 1 फरवरी 2016 को परमानेंट जज नियुक्त हुए। 11 अक्टूबर 2021 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाया गया था।
Nitish Kumar Oath : नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ, बिहार में नए सीएम को लेकर अटकलें तेज

Nitish Kumar Oath : नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने आज दिल्ली में राज्यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) के रूप में शपथ ले ली। इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) भी कार्यक्रम में शामिल हुए। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अब राज्यसभा सांसद के तौर पर अपनी नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं। उनके इस कदम के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारी भी तेज हो गई है। आज दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक होने जा रही है, जिसमें बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। Khwaja Asif on Israel : पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को बताया कैंसर, कहा- इसने गाजा-ईरान और लेबनान में किया नरसंहार पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात बताया जा रहा है कि राज्यसभा में शपथ लेने के बाद PM नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से भी नीतीश कुमार मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनके साथ ललन सिंह और संजय झा भी मौजूद रहेंगे। वहीं, सूत्रों के मुताबिक 15 अप्रैल को बिहार में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी हो सकती है। नए सीएम के नाम पर चर्चा दिल्ली में आज भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में बिहार के नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चा की जाएगी और संभव है कि नाम को अंतिम रूप भी दिया जाए। अब दिल्ली में काम करेंगे – नीतीश कुमार इससे पहले गुरुवार को दिल्ली पहुंचने पर नीतीश कुमार ने बयान दिया था कि वह लंबे समय तक बिहार में काम कर चुके हैं और अब दिल्ली में काम करेंगे। उनके इस बयान को भी बिहार की राजनीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। Monalisa Marriage Controversy : मोनालिसा नाबालिग अब फरमान पर लगा POCSO, 72 घंटे के अंदर सच्चाई आई सामने एमएलसी सीट से दिया था इस्तीफा इससे पहले नीतीश कुमार ने हाल ही में अपनी एमएलसी सीट से इस्तीफा दे दिया था, जिससे यह लगभग तय हो गया था कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। साल 2005 से लगातार (बीच में करीब 9 महीने छोड़कर) मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब लंबे समय बाद केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आएंगे। क्या बोले मंत्री विजय चौधरी वहीं, बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि पूरा एनडीए, जिसमें बीजेपी और उसके सहयोगी दल शामिल हैं, नीतीश कुमार के शासन मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट है। ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। Bihar Politics : नितिन नवीन और नीतीश कुमार का इस्तीफा, मंत्री अशोक चौधरी रोए नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही यह लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन होगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय जनता पार्टी किसे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपती है।
Monalisa Marriage Controversy : मोनालिसा नाबालिग अब फरमान पर लगा POCSO, 72 घंटे के अंदर सच्चाई आई सामने

Monalisa Marriage Controversy : भोपाल। वायरल गर्ल मोनालिसा भोंसले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। नाबालिग होने के दावों की जांच के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने पाया कि मोनालिसा वास्तव में नाबालिग है। इस खुलासे के बाद उससे शादी करने वाले फरमान खान के खिलाफ मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर थाने में POCSO एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में मोनालिसा के नाबालिग होने का खुलासा यह जांच आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में की गई, जिसमें अधिवक्ता प्रथम दुबे ने कानूनी पैरवी की। उन्होंने 17 मार्च 2026 को इस मामले को आयोग के सामने उठाया था। जांच में यह साबित हुआ कि जिस लड़की को बालिग बताकर विवाह कराया गया था, वह पारधी जनजाति समुदाय की नाबालिग है। Khwaja Asif on Israel : पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को बताया कैंसर, कहा- इसने गाजा-ईरान और लेबनान में किया नरसंहार राजनीतिक और संगठनों की भूमिका पर भी सवाल अधिवक्ता प्रथम दुबे ने इस मामले में राजनीतिक और संगठनों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाह में केरल के CPI-M नेताओं और PFI जैसे संगठनों की संलिप्तता हो सकती है। शिकायत में यह भी कहा गया कि यह केवल निजी मामला नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति के तहत गलत नैरेटिव बनाने की कोशिश थी। 72 घंटे के अंदर सच्चाई सामने जांच के दौरान टीम ने केरल से लेकर मध्य प्रदेश के महेश्वर तक सभी दस्तावेजों और तथ्यों की गहन पड़ताल की। जांच दल ने 72 घंटे के भीतर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ते हुए सच्चाई सामने रखी। आयोग के सलाहकार प्रकाश और निदेशक पी. कल्याण रेड्डी की जांच में महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में मोनालिसा की उम्र नाबालिग पाई गई। MP Viral Video : 11 हजार लीटर दूध से माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक, वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस नयनार देवा मंदिर से शुरू हुई जांच जांच की शुरुआत केरल के नयनार देवा मंदिर से हुई, जहां शादी संपन्न हुई थी। मंदिर प्रशासन ने बताया कि विवाह आधार कार्ड में दर्ज आयु के आधार पर कराया गया था। इसके बाद केरल के पुअर गांव के ग्राम पंचायत कार्यालय में शादी का पंजीकरण भी किया गया, जिसमें गलत जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग किया गया था। साल 2009 में जन्मी मोनालिसा जांच में सामने आया कि यह गलत जन्म प्रमाण पत्र महेश्वर नगर परिषद से जारी किया गया था। जब जांच दल ने महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की, तो पता चला कि मोनालिसा का वास्तविक जन्म 30 दिसंबर 2009 को शाम 5:50 बजे हुआ था। इस आधार पर 11 मार्च 2026 को शादी के समय उसकी उम्र 16 साल 2 महीने और 12 दिन थी। गलत प्रमाण पत्र को निरस्त करने के निर्देश जांच टीम ने गलत जन्म तिथि के आधार पर जारी प्रमाण पत्र को निरस्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन को निर्देश भी दिए। इस दस्तावेजी प्रमाण ने पूरे मामले में साजिश की आशंका को और मजबूत कर दिया। इसके साथ ही मोनालिसा के माता-पिता द्वारा प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्रों से यह भी पुष्टि हुई कि वे अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित हैं। Rewa PM-SHRI College Case : पीएमश्री कॉलेज के टीचर अमित शाहू और उमेश प्रजापति बर्खास्त, छात्रा को भेजा था अश्लील मैसेज फरमान पर पॉक्सो एक्ट इस मामले में मध्य प्रदेश पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मामले की डिटेल्स रिपोर्ट केंद्र को भेजी इस खुलासे के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में तलब किया है। साथ ही इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जा रही है। Viral Video : 12 साल के बच्चे ने माँ को बेरहमी से पीटा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की जांच और कार्रवाई पर लगातार नजर रखेगा। तीन दिन के भीतर दोनों राज्यों के डीजीपी से प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई है। इस घटना ने केरल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आयोग ने कहा है कि दोषियों को सजा मिलने तक वह इस मामले की निगरानी करता रहेगा।
Khwaja Asif on Israel : पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजराइल को बताया कैंसर, कहा- इसने गाजा-ईरान और लेबनान में किया नरसंहार

Khwaja Asif on Israel : इस्लामाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले अंतरराष्ट्रीय माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। इस बीच पाकिस्तान और इजराइल के बीच विवाद तेज हो गया है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इजराइल के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की। इजराइल बुराई का प्रतीक ख्वाजा आसिफ (Khwaja Asif) ने इजराइल पर लेबनान में नरसंहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इजराइल बुराई का प्रतीक है और मानवता के लिए अभिशाप बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जब इस्लामाबाद (Islamabad) में शांति वार्ता की तैयारी चल रही है, उसी समय लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या हो रही है। उन्होंने गाजा, ईरान और अब लेबनान में हमलों का जिक्र करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। MP Viral Video : 11 हजार लीटर दूध से माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक, वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस इजरायल का पलटवार इजराइल ने इस बयान पर कड़ा विरोध जताया। इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने ख्वाजा आसिफ के बयान को आपत्तिजनक बताया और कहा कि यह बयान इजराइल को खत्म करने की मांग जैसा प्रतीत होता है। इजराइल ने यह भी कहा कि ऐसे बयान उस देश से आना चिंताजनक है, जो खुद को शांति वार्ता का मध्यस्थ बता रहा है। विवाद बढ़ने के बाद ख्वाजा आसिफ ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी। अमेरिका – ईरान सीजफायर पर बात दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को सीजफायर को लेकर अहम बातचीत होने वाली है। यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई बड़े नेता शामिल होंगे। Vande Mataram Controversy : रूबीना इकबाल मामले पर आरिफ मसूद ने की जांच की मांग, बीजेपी ने की FIR की मांग ये नेता होंगे सीजफायर वार्ता में शामिल पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आसिम मलिक मौजूद रहेंगे। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ, सीनियर एडवाइजर जेरेड कुशनर और सैन्य अधिकारी ब्रैड कूपर शामिल होंगे। वहीं ईरान का प्रतिनिधित्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उप विदेश मंत्री मजीद तख्त खांची करेंगे। होटल सेरेना में आयोजित होगी सीजफायर वार्ता अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचेगा, जबकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही पहुंच चुका है। यह बैठक इस्लामाबाद के होटल सेरेना में आयोजित होगी। इस वार्ता में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस टीम का नेतृत्व करेंगे, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष गालिबाफ प्रमुख भूमिका में रहेंगे। Rewa PM-SHRI College Case : पीएमश्री कॉलेज के टीचर अमित शाहू और उमेश प्रजापति बर्खास्त, छात्रा को भेजा था अश्लील मैसेज इन मुद्दों पर होगी चर्चा इस बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम प्रमुख है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम को बाहर करे और परमाणु गतिविधियों को सीमित करे। वहीं ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जाएं और उसके फंसे हुए संसाधन वापस किए जाएं। बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर मतभेद इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा भी अहम रहेगा, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। ईरान इस पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता है, जबकि अमेरिका इसे पूरी तरह खुला और सुरक्षित रखना चाहता है। बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम (Iran ballistic missile program) को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। Bengal Elections 2026 : वोटिंग से पहले बंगाल में बंगाल में ‘खेला’! AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन पत्रकारों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए पाकिस्तान ने विशेष व्यवस्था की है। विदेश मंत्री इशाक डार ने घोषणा की है कि सभी प्रतिनिधियों और पत्रकारों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दी जाएगी। एयरलाइंस को भी निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे यात्रियों को बिना वीजा के बोर्डिंग की अनुमति दी जाए। इसी बीच लेबनान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इजराइल ने दक्षिण लेबनान में अपनी जमीनी कार्रवाई तेज कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना बिंत जुबैल शहर को घेरने और आसपास के इलाकों पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। Pakistan welcomes all delegates including journalists from participating nations, traveling in relation to Islamabad Talks 2026. To this end, all airlines are requested to permit boarding to all such individuals without Visa. Immigration authorities in Pakistan will issue them… pic.twitter.com/mvWJyv2P4s — Ishaq Dar (@MIshaqDar50) April 10, 2026 इजराइली सेना ने बाहरी इलाकों में की घुसने की कोशिश पिछले 24 घंटों में इजराइली सेना ने शहर के बाहरी इलाकों में घुसने की कोशिश की है। वहीं हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइली सैनिकों को निशाना बनाया है। हिजबुल्लाह (Hezbollah) के अनुसार, उसने पिछले 24 घंटों में 50 से ज्यादा हमले किए हैं, जिनमें से कई इजराइल की सीमा के अंदर भी हुए हैं। कुल मिलाकर, एक ओर जहां अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीदें हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में बढ़ता तनाव स्थिति को और जटिल बना रहा है।