Iran War Update : ट्रम्प का ईरान पर जीत का दावा, बोले- सेना हमारे कंट्रोल में, समझौता न किया तो…

Iran War Update : वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन में दावा किया कि अमेरिका को ईरान के साथ जारी जंग में बढ़त मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर बड़ा हमला कर सकता है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है और उसकी नौसेना भी कमजोर हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सैन्य अभियान का मकसद पूरा होने के करीब है। Stock Market Crash : ट्रंप के बयान से शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, सभी सेक्टर लाल निशान में क्या बोले डोनाल्ड ट्रम्प अपने 19 मिनट के भाषण में डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान को “पाषाण काल” में पहुंचा दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई नेतृत्व पहले से कम कट्टर है। उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देगा। होर्मुज स्ट्रेट पर कही ये बात ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कहा कि अमेरिका उस रास्ते से तेल नहीं लेता, इसलिए जिन देशों को वहां से तेल चाहिए, उन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने सऊदी अरब और बहरीन का समर्थन करने की बात भी कही। हालांकि उनके इस भाषण में कोई नया ऐलान नहीं था और उन्होंने पहले दिए गए बयानों को ही दोहराया। Iran Israel US War : ईरान बनाना चाहता है मुझे सुप्रीम लीडर… ट्रम्प बोले – Not Interested… ईरान के विदेश मंत्रालय का बयान इस बीच ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Ismail Baghaei) ने कहा कि इजराइल की गलत रणनीति के कारण अमेरिका इस युद्ध में शामिल हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका कूटनीति का इस्तेमाल केवल अपनी शर्तें थोपने के लिए करता है। 24 घंटों में 40 से अधिक लड़ाकों को मारा मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इजराइल ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में हिजबुल्लाह के 40 से अधिक लड़ाकों को मार गिराया और लेबनान में कई ठिकानों पर हमले किए। वहीं ईरान ने कहा है कि उसके एडवांस हथियार सुरक्षित हैं और दुश्मन उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा पाया है। Iran Ground Operation : ईरान में ग्राउंड बूटिंग की तैयार में अमेरिका, क्यों बच रहा इजरायल? वहीं तेहरान में 100 साल पुराने पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान पर हमले की खबर भी सामने आई है, जिससे इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने इसे नागरिक ढांचे पर हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। रूस और चीन ने की युद्धविराम की अपील अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संघर्ष को लेकर हलचल तेज हो गई है। व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने संकेत दिए हैं कि रूस इस युद्ध को खत्म कराने में मध्यस्थता के लिए तैयार है। वहीं चीन ने भी तुरंत युद्धविराम की अपील की है। इसी बीच नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए, जहां लोगों ने सैन्य कार्रवाई का विरोध किया। ब्रिटेन ने होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर 35 देशों की बैठक बुलाई है, जिसमें वैश्विक स्तर पर समाधान तलाशने की कोशिश की जा रही है। Iran Israel US War : होर्मुज स्ट्रेट में भारत को राहत! अमेरिका ने दी बड़े हमले की चेतावनी, ईरान बोला- शांति की कोई उम्मीद नहीं कुल मिलाकर, अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ता यह तनाव अब वैश्विक चिंता का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस संघर्ष की दिशा क्या होगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।
MP Politics : मध्य प्रदेश में ‘खेला’ ! राज्यसभा की जंग, कांग्रेस की बढ़ी टेंशन

MP Politics : भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों ‘शह और मात’ का खेल चरम पर है। राज्यसभा चुनाव अब महज एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सियासी शतरंज बन चुका है… जहाँ हर चाल के साथ कांग्रेस की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ विधायकों का घटता कुनबा है, तो दूसरी तरफ पार्टी के दिग्गज चेहरों का मैदान छोड़ना। दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और अजय सिंह जैसे कद्दावर नेताओं ने राज्यसभा की दौड़ से दूरी बना ली है। साफ है कि कांग्रेस के भीतर भरोसे का संकट गहरा है। उधर, बीजेपी पूरी तरह आक्रामक है। नरोत्तम मिश्रा के बयानों ने सियासी पारा बढ़ा दिया है और बीजेपी अब तीनों सीटों पर जीत की रणनीति बना रही है। क्या कांग्रेस अपनी इकलौती साख बचा पाएगी या बीजेपी हरियाणा और बिहार की तर्ज पर यहाँ भी ‘क्लीन स्वीप’ कर जाएगी? Raghav Chadha News : क्या जनता के मुद्दे उठाने की मिली राघव चड्ढा को सजा, क्यों हटाया डिप्टी लीडर पद से? 62 विधायकों पर सिमटती दिख रही कांग्रेस मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए बिसात बिछ चुकी है, लेकिन कांग्रेस के लिए समीकरण ‘पहाड़’ चढ़ने जैसा हो गया है। कभी 65 विधायकों का दम भरने वाली कांग्रेस अब 62 पर सिमटती दिख रही है। संकट सिर्फ संख्या का नहीं, निष्ठा का भी है। निर्मला सप्रे ने पाला बदला तो कांग्रेस हाई कोर्ट पहुँच गई, लेकिन कानूनी दांवपेच में फंसी कांग्रेस अब न उन्हें निकाल पा रही है और न अपना मान पा रही है। रही-सही कसर दतिया विधायक राजेंद्र भारती पर मंडरा रहे सजा के खतरे ने पूरी कर दी है। अगर सजा 2 साल से ऊपर हुई, तो कांग्रेस का एक और हाथ साथ छोड़ देगा। Adhikari Nomination Chaos : भवानीपुर सीट से सुवेंदु अधिकारी ने भरा नामांकन, BJP-TMC कार्यकर्ताओं में हाथापाई एमपी में ‘खेला’ दोहराएगी बीजेपी बीजेपी की नज़र कांग्रेस के इसी कमजोर गणित पर है। एक सीट के लिए 58 वोट चाहिए और कांग्रेस के पास अब मार्जिन बेहद कम है। मुकेश मल्होत्रा के वोट न देने के ऐलान ने खतरे की घंटी बजा दी है। क्या बीजेपी तीसरे उम्मीदवार को उतारकर बिहार, ओडिशा और हरियाणा जैसा ‘खेला’ एमपी में भी दोहराने वाली है? राज्यसभा चुनाव – बिगड़ता गणित कुल सीटें: 3 जीत के लिए जरूरी वोट: 58 (प्रति सीट) कांग्रेस की मौजूदा हालत: 65 से घटकर 62 पर पहुँची। जोखिम: बहुमत से महज 4 वोट ज्यादा, क्रॉस वोटिंग का हाई रिस्क। Rajendra Bharti : कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी पर संकट! एफडी घोटाले में 3 साल की सजा क्यों मुश्किल में है कांग्रेस? निर्मला सप्रे: बीजेपी में शामिल, तकनीकी रूप से फंसा मामला। मुकेश मल्होत्रा: वोटिंग से दूरी बनाने के संकेत। राजेंद्र भारती: भ्रष्टाचार केस में सजा का डर, विधायकी पर तलवार। दिग्गजों का इनकार: दिग्विजय, जीतू पटवारी ने दावेदारी छोड़ी। बीजेपी का ‘मिशन क्लीन स्वीप’ बीजेपी 3 उम्मीदवारों को उतारने की तैयारी में। भाजपा के बड़े नेता का दावा “तीसरी सीट पर भी हो सकता है सरप्राइज”। विपक्ष के असंतुष्ट विधायकों पर बीजेपी की पैनी नजर। MLA Nirmala Sapre : मैं अभी भी कांग्रेस में… विधायक निर्मला सप्रे के बयान को हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में लिया, सिंघार से मांगे सबूत अन्य राज्यों में NDA का ‘खेला’ (ट्रैक रिकॉर्ड) बिहार: कांग्रेस के 3 विधायकों की क्रॉस वोटिंग, NDA को सीधा लाभ। ओडिशा: BJD और कांग्रेस में सेंधमारी, 4 में से 3 सीटें बीजेपी के नाम। हरियाणा: कांग्रेस के 5 विधायकों ने बिगाड़ा अपनी ही पार्टी का खेल। कांग्रेस के लिए ‘खतरे का सिग्नल’ अब सवाल ये नहीं है कि बीजेपी कितनी सीटें जीतेगी, सवाल ये है कि क्या कांग्रेस अपने कुनबे को एकजुट रख पाएगी? अगर राजेंद्र भारती की सदस्यता पर आंच आती है या क्रॉस वोटिंग होती है, तो मध्य प्रदेश का ये राज्यसभा चुनाव कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक हार साबित हो सकता है। फिलहाल, नरोत्तम मिश्रा की मुस्कुराहट कांग्रेस के लिए ‘खतरे का सिग्नल’ बनी हुई है। देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली से भोपाल तक चल रही इस सियासी हलचल का नतीजा क्या निकलता है।
Raghav Chadha News : क्या जनता के मुद्दे उठाने की मिली राघव चड्ढा को सजा, क्यों हटाया डिप्टी लीडर पद से?

Raghav Chadha News : नई दिल्ली। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने उभरते चेहरे और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को पार्टी के राज्यसभा उपनेता (डिप्टी लीडर) के पद से हटा दिया है। बीते कुछ दिनों से राघव चड्ढा सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में थे। संसद में उन्होंने जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया था, जिनकी रील्स सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुईं और लोगों के बीच व्यापक चर्चा का विषय बनीं। आम आदमी पार्टी में अरविंद केजरीवाल के बाद सबसे चर्चित नेताओं में राघव चड्ढा का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। ऐसे में पार्टी का यह अचानक फैसला कई लोगों को ‘खुद के पैर पर कुल्हाड़ी मारने’ जैसा माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस कदम को लेकर कयासबाजी भी तेज हो गई है। कई लोग अनुमान लगा रहे हैं कि राघव चड्ढा अब भाजपा में शामिल हो सकते हैं। Adhikari Nomination Chaos : भवानीपुर सीट से सुवेंदु अधिकारी ने भरा नामांकन, BJP-TMC कार्यकर्ताओं में हाथापाई क्यों हटाया डिप्टी लीडर पद से पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में उनकी बढ़ती लोकप्रियता, संसद में सक्रिय भूमिका और सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ के चलते वह तेजी से एक बड़े चेहरे के रूप में उभर रहे थे, जिसे देखते हुए आलाकमान ने उन्हें बैकफुट पर करने का फैसला लिया। यह भी कहा जा रहा है कि कुछ नेताओं को उनकी लोकप्रियता रास नहीं आ रही थी, इसलिए संगठन के भीतर संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया। हालांकि, पार्टी ने इस पर कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। इन मुद्दों से चर्चा में रहे राघव चड्ढा 1. डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स का मुद्दा 18 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में राघव चड्ढा ने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की समस्याएं उठाईं। उन्होंने कहा कि यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर काम करने वाले लाखों लोगों को पुराने कॉपीराइट कानून (1957) से परेशानी हो रही है। उन्होंने “फेयर यूज” को स्पष्ट करने और एल्गोरिदम आधारित कॉपीराइट स्ट्राइक्स पर रोक लगाने की मांग की। Petrochemical Import Duty : पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी माफ, जानिए किन सेक्टर्स को होगा फायदा? 2. फ्रूट जूस की भ्रामक ब्रांडिंग मार्च 2026 में उन्होंने पैकेट वाले फ्रूट जूस की भ्रामक मार्केटिंग का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि कंपनियां आकर्षक पैकेजिंग दिखाकर असल में शुगर सिरप बेच रही हैं, जिससे बच्चों और युवाओं में मोटापा और डायबिटीज जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने सख्त लेबलिंग नियम लागू करने की मांग की। 3. मोबाइल डेटा की मिडनाइट एक्सपायरी 23 मार्च 2026 को उन्होंने मोबाइल डेटा खत्म होने के नियम पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बचा हुआ डेटा रात 12 बजे खत्म हो जाता है, जबकि उपभोक्ता उसका पूरा भुगतान करता है। उन्होंने डेटा रोलओवर और ट्रांसफर की सुविधा देने की मांग की। 4. 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान मार्च 2026 में राघव चड्ढा ने 28 दिन वाले मोबाइल रिचार्ज प्लान को “छिपी हुई लूट” बताया। उनका कहना था कि इससे उपभोक्ताओं को साल में 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है, जो अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। Raghav Chadha : सांसद राघव चड्ढा को AAP से बड़ा झटका, राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाया 5. मेंस्ट्रुअल हाइजीन पर जोर 13 मार्च 2026 को उन्होंने मासिक धर्म को स्वास्थ्य और शिक्षा का मुद्दा बताते हुए स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और जागरूकता बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह दान नहीं, बल्कि अधिकार का विषय है। 6. पेटर्निटी लीव की मांग राघव चड्ढा ने संसद में पिता को भी बच्चे के जन्म के बाद पेड लीव देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि पालन-पोषण की जिम्मेदारी केवल मां की नहीं, बल्कि दोनों माता-पिता की होनी चाहिए। 7. एयरपोर्ट पर सस्ता खाना उन्होंने एयरपोर्ट पर महंगे खाने के मुद्दे को उठाते हुए UDAN Yatri Cafe जैसी सस्ती सुविधा की मांग की। बाद में मुंबई एयरपोर्ट पर 10 रुपये की चाय पीकर उन्होंने इस पहल को सफल उदाहरण के तौर पर पेश किया।
Adhikari Nomination Chaos : भवानीपुर सीट से सुवेंदु अधिकारी ने भरा नामांकन, BJP-TMC कार्यकर्ताओं में हाथापाई

Adhikari Nomination Chaos : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वहीं नामांकन भरने के दौरान BJP-TMC कार्यकर्ताओं के बीच बहा हो गई और बात इतनी बढ़ गई कि, लात घूसे भी चल गए। नामांकन दाखिल करने से पहले सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और आसपास के इलाकों में रोड शो किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतरे और “जय श्री राम” तथा “बीजेपी जिंदाबाद” के नारे लगाए। इसके बाद वह ‘सर्वे बिल्डिंग’ स्थित दफ्तर पहुंचे, जहां उन्होंने आधिकारिक तौर पर नामांकन दाखिल किया। Raghav Chadha : सांसद राघव चड्ढा को AAP से बड़ा झटका, राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाया बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प नामांकन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब दफ्तर के बाहर बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो जल्द ही झड़प में बदल गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन इससे चुनाव से पहले राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव की झलक साफ दिखाई दी। शाह का ममता बनर्जी पर निशाना कोलकाता में चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरे बंगाल से एक ही आवाज सुनाई दे रही है कि ममता बनर्जी को सत्ता से हटाना है। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने आरोप लगाया कि राज्य की जनता तृणमूल कांग्रेस की “गुंडागर्दी और रंगदारी” से परेशान हो चुकी है और बदलाव चाहती है। Petrochemical Import Duty : पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी माफ, जानिए किन सेक्टर्स को होगा फायदा? सुवेंदु अधिकारी का ‘परिवर्तन’ का दावा वहीं सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अमित शाह की मौजूदगी उनके प्रति पार्टी के समर्थन को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि “अमित जी मुझे आशीर्वाद देने आए हैं।” उन्होंने आगे दावा किया कि बीजेपी भवानीपुर में “परिवर्तन” लाएगी और यह सीट भी नंदीग्राम की तरह राजनीतिक बदलाव की राह पर चलेगी। चुनाव से पहले भवानीपुर में बढ़ती राजनीतिक गतिविधियां और दोनों प्रमुख दलों के बीच टकराव राज्य की सियासत को और गरमा रहा है। आने वाले दिनों में यहां मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है।
Petrochemical Import Duty : पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी माफ, जानिए किन सेक्टर्स को होगा फायदा?

Petrochemical Import Duty : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार यानी 1 अप्रैल को एक अहम फैसला लेते हुए 40 क्रिटिकल पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह से माफ कर दिया है। यह छूट 30 जून 2026 तक लागू रहेगी। सरकार के इस कदम का सीधा असर देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और आम उपभोक्ताओं पर देखने को मिल सकता है। सरकार ने यह निर्णय अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आई रुकावटों को देखते हुए लिया है। इन हालातों के कारण पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतों में तेजी आई है और कच्चे माल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार का उद्देश्य घरेलू उद्योगों को लगातार कच्चा माल उपलब्ध कराना और उनकी लागत को कम करना है। इस फैसले से सरकारी खजाने पर करीब 1,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन इससे उद्योगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। Raghav Chadha : सांसद राघव चड्ढा को AAP से बड़ा झटका, राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाया किन-किन प्रोडक्ट्स पर मिली छूट सरकार ने जिन 40 पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी माफ की है, उनमें कई महत्वपूर्ण केमिकल और पॉलिमर शामिल हैं। इनमें एनहाइड्रस अमोनिया, एसीटिक एसिड, पॉलीस्टाइरीन, टोल्यूइन, विनाइल एसीटेट मोनोमर, स्टाइरीन, प्यूरीफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड (PTA), पॉलीकार्बोनेट्स, पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC), मेथनॉल, अमोनियम नाइट्रेट, आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीयूरेथेन, मोनोएथिलीन ग्लाइकोल (MEG) और फिनॉल जैसे कई उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा एपॉक्सी रेजिन, पॉली (विनाइल एसीटेट), अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन, पॉली (एथिलीन टेरेफ्थैलेट) यानी PET चिप्स और इंजीनियरिंग प्लास्टिक जैसे ABS और पॉलीकार्बोनेट को भी इस छूट के दायरे में रखा गया है। क्यों लिया यह फैसला सरकार के मुताबिक, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ी है। इससे पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और इंटरमीडिएट्स की कीमतों में उछाल आया है और सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ऐसे में यह कदम उद्योगों को कच्चे माल की कमी और बढ़ती लागत से बचाने के लिए उठाया गया है, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो और बाजार में स्थिरता बनी रहे। Stock Market Crash : ट्रंप के बयान से शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, सभी सेक्टर लाल निशान में किन सेक्टर्स को होगा फायदा इस फैसले का फायदा उन सभी उद्योगों को मिलेगा, जो पेट्रोकेमिकल उत्पादों का इस्तेमाल कच्चे माल के रूप में करते हैं। इनमें मुख्य रूप से प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल (कपड़ा), फार्मास्यूटिकल्स (दवा), केमिकल्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर शामिल हैं। टेक्सटाइल सेक्टर में PTA और MEG सस्ते होने से कपड़ों की उत्पादन लागत कम होगी। ऑटो सेक्टर में प्लास्टिक पार्ट्स सस्ते बनेंगे, जिससे गाड़ियों की लागत घट सकती है। वहीं फार्मा सेक्टर में दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सॉल्वेंट्स सस्ते हो जाएंगे। इसका सीधा फायदा आम लोगों को भी मिल सकता है, क्योंकि पैकेजिंग और रोजमर्रा के प्लास्टिक उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी रुक सकती है। Rajendra Bharti : कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी पर संकट! एफडी घोटाले में 3 साल की सजा पॉलिमर और इंजीनियरिंग प्लास्टिक भी सस्ते सरकार ने पॉलिमर कैटेगरी के कई अहम उत्पादों को भी इस छूट में शामिल किया है। इनमें पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीस्टाइरीन, PVC और PET चिप्स जैसे उत्पाद शामिल हैं, जो पैकेजिंग और ऑटो सेक्टर में बड़े पैमाने पर उपयोग होते हैं।इसके अलावा ABS और पॉलीकार्बोनेट जैसे इंजीनियरिंग प्लास्टिक भी सस्ते हो जाएंगे, जिससे कई उद्योगों की लागत में कमी आएगी। 30 जून तक लागू रहेगी छूट सरकार ने साफ किया है कि यह एक अस्थायी राहत है, जिसे मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लागू किया गया है। यह छूट 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे कदम उठा सकती है। MLA Nirmala Sapre : मैं अभी भी कांग्रेस में… विधायक निर्मला सप्रे के बयान को हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में लिया, सिंघार से मांगे सबूत क्या होते हैं पेट्रोकेमिकल इंटरमीडिएट्स? आसान भाषा में समझें तो क्रूड ऑयल या प्राकृतिक गैस से मिलने वाले बेसिक केमिकल्स को प्रोसेस करके इंटरमीडिएट्स तैयार किए जाते हैं। इनका सीधा इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि इनसे आगे चलकर प्लास्टिक, फाइबर, पेंट और दवाएं बनाई जाती हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है, इसलिए वहां के हालात का असर सीधे देश के उद्योगों पर पड़ता है।
Raghav Chadha : सांसद राघव चड्ढा को AAP से बड़ा झटका, राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाया

Raghav Chadha : नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को उपनेता (डिप्टी लीडर) के पद से हटा दिया है। यह फैसला उनके लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। AAP पार्टी ने उनकी जगह सांसद अशोक कुमार मित्तल (Ashok Kumar Mittal) को राज्यसभा में नया डिप्टी लीडर नियुक्त किया है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेजकर जानकारी दी है। Rajendra Bharti : कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी पर संकट! एफडी घोटाले में 3 साल की सजा जानकारी के मुताबिक, AAP पार्टी ने सचिवालय को यह भी निर्देश दिया है कि अब राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को सदन में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। यह कदम पार्टी के भीतर बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। राघव चड्ढा की ‘चुप्पी’ बनी चर्चा का विषय पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा (Raghav Chadha) पार्टी और उसके शीर्ष नेताओं से जुड़े अहम मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए थे। हाल ही में आबकारी नीति मामले में पार्टी के बड़े नेताओं को राहत मिलने के बाद भी उन्होंने न तो पार्टी नेतृत्व से मुलाकात की और न ही सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया दी। उनकी इस चुप्पी को राजनीतिक हलकों में पार्टी के भीतर संभावित दूरी के रूप में देखा जा रहा था। अब उन्हें पद से हटाए जाने के बाद इन अटकलों को और बल मिल गया है। Khesari Lal Yadav Show Chaos : खेसारी लाल यादव के शो में बवाल! पुलिस ने किया लाठीचार्ज, तीन जवान घायल अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी नए डिप्टी लीडर बनाए गए अशोक कुमार मित्तल (Ashok Kumar Mittal) शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अनुभवी नेता हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर भी रह चुके हैं और साल 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद बने थे। संसद के पिछले सत्रों में उन्होंने कृषि और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सक्रिय रूप से अपनी बात रखी है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनकी शांत और तार्किक कार्यशैली राज्यसभा में पार्टी के एजेंडे को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद करेगी। राजनीतिक मायने आम आदमी पार्टी का यह फैसला संगठन के भीतर एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाना पार्टी की रणनीति में बदलाव का संकेत दे रहा है। Gold Silver Crash : चांदी 13,000 रुपये सस्ती; सोना भी लुढ़का, गिरावट ये 3 बड़े कारण अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में पार्टी की राज्यसभा में भूमिका कैसी रहती है और अशोक कुमार मित्तल अपनी नई जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं।
Khesari Lal Yadav Show Chaos : खेसारी लाल यादव के शो में बवाल! पुलिस ने किया लाठीचार्ज, तीन जवान घायल

Khesari Lal Yadav Show Chaos : मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में आयोजित पशु मेले में बुधवार शाम भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घटना के बाद कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा और लोग मौके से भागने लगे। खेसारी लाल को देखने हजारों की भीड़ बताया जा रहा है कि यह मेला औराई विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक रामसूरत राय द्वारा हर साल आयोजित किया जाता है। इस बार भी मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। बुधवार को खेसारी लाल यादव का कार्यक्रम रखा गया था, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। Rajendra Bharti : कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी पर संकट! एफडी घोटाले में 3 साल की सजा गाना शुरू होने के बाद बिगड़ा माहौल जैसे ही खेसारी लाल यादव मंच पर पहुंचे और गाना शुरू किया, अचानक माहौल बिगड़ने लगा। दर्शकों की ओर से हूटिंग शुरू हो गई और कुछ लोगों ने मंच की ओर जूते-चप्पल फेंकना शुरू कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया, लेकिन मामला और ज्यादा बिगड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह लोग स्टेज की ओर सामान फेंक रहे हैं और पुलिस उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर रही है। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोग पहुंचे थे। Gold Silver Crash : चांदी 13,000 रुपये सस्ती; सोना भी लुढ़का, गिरावट ये 3 बड़े कारण क्या बोले SSP कांतेश कुमार मिश्रा मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने इस पूरे मामले में मेला प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आयोजकों ने प्रशासन को पहले जानकारी दी थी कि करीब 30 से 40 हजार लोगों के आने की संभावना है, लेकिन वास्तविक संख्या एक से डेढ़ लाख तक पहुंच गई। तीन पुलिसकर्मी घायल भीड़ ज्यादा होने के कारण पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान हुए बवाल में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपद्रव करने वालों की पहचान की जा रही है। Stock Market Crash : ट्रंप के बयान से शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, सभी सेक्टर लाल निशान में गौरतलब है कि इस मेले में दो दिन पहले भी स्टेज पर डांसरों के बीच मारपीट का वीडियो सामने आया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। लगातार हो रही घटनाओं के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यहां देखिये वायरल वीडियो
Stock Market Crash : ट्रंप के बयान से शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, सभी सेक्टर लाल निशान में

Stock Market Crash : मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े नुकसान के साथ खुले। सेंसेक्स 1500 निफ्टी में 500 अंकों की गिरावट सेंसेक्स 1500 अंकों से ज्यादा गिरकर खुला, जबकि निफ्टी में भी करीब 500 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बैंक निफ्टी पर भी इसका असर साफ दिखाई दिया और इसमें करीब 1500 अंकों की गिरावट देखी गई। खास बात यह रही कि बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से कोई भी शेयर ग्रीन जोन में कारोबार करता हुआ नजर नहीं आया, जबकि सभी सेक्टर लाल निशान में दिखे। Gold Silver Crash : चांदी 13,000 रुपये सस्ती; सोना भी लुढ़का, गिरावट ये 3 बड़े कारण ये रहा मार्केट का हाल सुबह 9:25 बजे सेंसेक्स 1478 अंक यानी करीब 2 फीसदी गिरकर 71,600 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी 440 अंक यानी करीब 2 फीसदी गिरकर 22,250 के नीचे कारोबार कर रहा था। निफ्टी बैंक भी 1500 अंकों से ज्यादा टूट गया। सनफार्मा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट बीएसई के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो एचसीएल टेक को छोड़कर लगभग सभी शेयरों में गिरावट देखी गई। सबसे ज्यादा गिरावट सनफार्मा के शेयरों में 4.59 फीसदी की रही। इसके अलावा इंडिगो के शेयर करीब 4 फीसदी और अडानी पोर्ट के शेयर 3.60 फीसदी तक टूट गए। बीएसई के 803 शेयरों में तेजी बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) भी कमजोर रही। बीएसई के कुल 3,506 शेयरों में से केवल 803 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि 2,561 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 142 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते रहे। PM Modi Plucks Tea Leaves : चाय बागान पहुंचे पीएम मोदी, महिलाओं संग की बातचीत, सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल इसके अलावा 107 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए, जबकि 28 शेयर 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर थे। 84 शेयरों में लोअर सर्किट लगा, जबकि 92 शेयर अपर सर्किट पर पहुंचे। ट्रम्प के इस बयान ने मचाई हलचल विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण ट्रंप का बयान है। उन्होंने ईरान को लेकर कहा कि अमेरिका अगले 2 से 3 हफ्तों में कोई बड़ा कदम उठा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों के करीब पहुंच चुकी है और किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु शक्ति बनने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा ट्रंप ने होर्मुज मार्ग को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका उस रास्ते से तेल नहीं लाता है और जो देश उस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा के लिए आगे आना चाहिए। हालांकि, अमेरिका मदद करने के लिए तैयार है। Excise policy case : केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से फिर नोटिस, नाराजगी जताते हुए 29 अप्रैल तक मांगा जवाब कच्चे तेल की कीमतों पर भी असर ट्रंप के इस बयान का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में जोरदार उछाल आया और यह करीब 5 फीसदी बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। खास बात यह है कि केवल एक दिन में ही कच्चे तेल की कीमतों में 8 डॉलर की तेजी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव के संकेत और तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी। नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।
Rajendra Bharti : कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी पर संकट! एफडी घोटाले में 3 साल की सजा

Rajendra Bharti : नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया गया है। गुरुवार को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई और साथ ही जमानत भी दे दी। इस फैसले के बाद उनकी विधायकी पर खतरा मंडराने लगा है। कोर्ट ने राजेंद्र भारती को आपराधिक साजिश (धारा 120B) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) के तहत दोषी पाया है। इस मामले में सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है। अदालत ने दो धाराओं में 3-3 साल और एक धारा में 2 साल की सजा सुनाई है। SC on Malda : मजबूर कर रहे हैं आप! मालदा बवाल पर CJI सूर्यकांत ने ममता सरकार को लगाई जोरदार फटकार क्या था पूरा मामला? यह मामला साल 1998 से जुड़ा हुआ है। श्याम सुंदर संस्थान की अध्यक्ष सावित्री श्याम, जो राजेंद्र भारती की मां हैं, उन्होंने दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी। साल 1998 से 2001 के बीच राजेंद्र भारती उसी बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष भी थे और संस्थान के ट्रस्टी बोर्ड के सदस्य थे। आरोप है कि उन्होंने बैंक के लिपिक रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर बैंक रिकॉर्ड में हेराफेरी की। एफडी की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी गई। इसके बाद 13.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के हिसाब से 1,35,000 रुपये प्रति वर्ष साल 1999 से 2011 के बीच निकाले गए। कैसे खुला मामला? यह मामला 3 मार्च 2011 को सामने आया, जब भाजपा नेता पप्पू पुजारी बैंक अध्यक्ष बने। जांच में एफडी पर ऑडिट आपत्ति दर्ज की गई। इसके बाद 2012 में जब भारती ने एफडी की राशि निकालने की कोशिश की, तो बैंक ने भुगतान से इनकार कर दिया। MP Weather Today : मध्यप्रदेश में बदला मौसम, 30 जिलों में ओले- बारिश का अलर्ट; किसानों की बढ़ी चिंता इसके बाद मामला उपभोक्ता फोरम, राज्य उपभोक्ता फोरम, राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम और अंत में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। साल 2015 में तत्कालीन कलेक्टर प्रकाश जांगरे की पहल पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया। बाद में एमपी-एमएलए कोर्ट बनने के बाद केस ग्वालियर स्थानांतरित हुआ और अक्टूबर 2025 में इसे दिल्ली एमपी-एमएलए कोर्ट भेजा गया। इन धाराओं में मिली सजा कोर्ट ने आईपीसी की कई धाराओं में दोषी ठहराया है, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश शामिल हैं। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर विधायकी स्वतः समाप्त हो सकती है। MLA Nirmala Sapre : मैं अभी भी कांग्रेस में… विधायक निर्मला सप्रे के बयान को हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में लिया, सिंघार से मांगे सबूत विधायकी पर खतरा चूंकि राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा सुनाई गई है, इसलिए उनकी विधानसभा सदस्यता पर संकट बना हुआ है। हालांकि वरिष्ठ वकीलों के अनुसार, उन्हें हाईकोर्ट में अपील के लिए 60 दिन का समय मिलेगा। यदि हाईकोर्ट सजा पर स्थगन (स्टे) दे देता है, तो उनकी विधायकी बच सकती है। विधायक के बेटे अनुज भारती ने बताया कि उनके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। Ashoka Garden Murder Update : अशोका गार्डन हत्याकांड के आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, प्रदर्शन के बीच पुलिस का एक्शन राजनीतिक हलचल तेज इस फैसले के बाद दतिया क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। अगर उनकी विधायकी समाप्त होती है, तो सीट खाली होने पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि हाईकोर्ट में अपील के बाद क्या फैसला आता है।
Gold Silver Crash : चांदी 13,000 रुपये सस्ती; सोना भी लुढ़का, गिरावट ये 3 बड़े कारण

Gold Silver Crash : नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया संबोधन के बाद सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। उनके बयान से संकेत मिला है कि अगले दो से तीन हफ्तों में कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है, जिससे वैश्विक बाजार का माहौल प्रभावित हुआ है। ट्रंप ने होर्मुज मार्ग को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका उस रास्ते से तेल नहीं लाता है, इसलिए जिन देशों की निर्भरता उस मार्ग पर है, उन्हें आगे आकर चिंता करनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका मदद करने के लिए तैयार है। Silver – Gold Price Today : सोना-चांदी में फिर उछाल, आज सोना 2836 रुपए महंगा, जानिए ताजा रेट इस बयान के बाद डॉलर में मजबूती देखने को मिली, जिसका असर सीधे तौर पर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 मई वायदा के लिए चांदी का भाव करीब 13,000 रुपये गिरकर 2,29,888 रुपये प्रति किलो पर आ गया। वहीं, सोने की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 2,200 रुपये टूटकर 1,51,161 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी के दामों में तेज गिरावट देखने को मिली। ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमत 2.15 फीसदी गिरकर 4,710.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इसी तरह चांदी के दाम 5.20 फीसदी टूटकर 72.108 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए। Middle East Conflict : NATO से अलग हो सकता है अमेरिका! ट्रम्प का बड़ा बयान, बताया कागजी शेर सोने-चांदी में गिरावट के साथ ही भारतीय शेयर बाजार पर भी दबाव देखा गया। सेंसेक्स में 1500 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि निफ्टी 420 अंकों से अधिक लुढ़क गया। सोने-चांदी की कीमतों में इस बड़ी गिरावट के कारण विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में इस बड़ी गिरावट के पीछे कई कारण हैं। पहला कारण ट्रंप का बयान है, जिसने बाजार की धारणा को नकारात्मक कर दिया है। उनके 2 से 3 हफ्तों में बड़ी कार्रवाई के संकेत से वैश्विक तनाव बढ़ने की आशंका बनी है। दूसरा कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। कच्चा तेल 8 डॉलर प्रति बैरल से अधिक बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। तीसरा बड़ा कारण डॉलर की मजबूती है। डॉलर इंडेक्स करीब 100 के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 94 के स्तर के करीब बना हुआ है। डॉलर मजबूत होने पर सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ता है, जिसके चलते इनमें गिरावट देखने को मिलती है। MP Weather Today : मध्यप्रदेश में बदला मौसम, 30 जिलों में ओले- बारिश का अलर्ट; किसानों की बढ़ी चिंता कुल मिलाकर, ट्रंप के बयान के बाद वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर सीधे तौर पर सोने-चांदी और शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। नोट- सोना-चांदी या अन्य असेट में खरीदारी से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।