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Grow Pistachios At Home : घर के गमले में कैसे उगाए पिस्ता, यहां जानिए सबसे आसान तरीका

Grow Pistachios At Home

Grow Pistachios At Home : पिस्ता उगाना सुनने में भले ही मुश्किल लगे, लेकिन सही जानकारी और थोड़े धैर्य के साथ इसे घर पर भी आसानी से उगाया जा सकता है। आमतौर पर पिस्ता खास मौसम और मिट्टी में उगाया जाता है, लेकिन अब लोग इसे अपने घर की बालकनी या गार्डन में भी सफलतापूर्वक उगा रहे हैं। अगर आप कुछ अलग और खास उगाने का शौक रखते हैं, तो पिस्ता का पौधा आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। पिस्ता का पौधा कैसे उगाएं पिस्ता उगाने की शुरुआत सही बीज या ग्राफ्टेड पौधा चुनने से होती है। इसका वैज्ञानिक नाम पिस्टेशिया वेरा (Pistacia vera) है और यह गर्म व सूखे मौसम में बेहतर बढ़ता है। अगर आप बीज से पौधा उगाना चाहते हैं, तो कच्चे और बिना नमक वाले पिस्ते लें। Tehsildar Bribery Case : KBC में जाने वाली तहसीलदार अमृता सिंह गिरफ्तार, 2.5 करोड़ के घोटाले का आरोप इन्हें लगभग 24 घंटे पानी में भिगोकर रखें और फिर गीले कपड़े में लपेट दें, ताकि अंकुर निकल सके। जैसे ही बीज में अंकुर दिखाई दे, उसे गमले में लगा दें। हालांकि, विशेषज्ञ ग्राफ्टेड पौधे को बेहतर मानते हैं, क्योंकि इससे पौधा जल्दी बढ़ता है और फल मिलने की संभावना अधिक होती है। सही मिट्टी और धूप का महत्व पिस्ता के पौधे के लिए सही मिट्टी और मौसम बेहद जरूरी होते हैं। ऐसी मिट्टी चुनें जिसमें पानी जमा न हो, क्योंकि अधिक नमी से पौधे को नुकसान पहुंच सकता है। रेतीली या दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। Extend Wi-Fi Range : पुराने फोन को ऐसे बनाए Wi-Fi एक्सटेंडर,घर के हर कोने में बिना खर्च के पाएं मजबूत सिग्नल इसके साथ ही पौधे को रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे धूप मिलनी चाहिए। सिंचाई हमेशा सीमित मात्रा में करें, क्योंकि ज्यादा पानी पौधे की जड़ों को खराब कर सकता है। देखभाल कैसे करें पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल बेहद जरूरी है। इसे ऐसी जगह रखें जहां अच्छी हवा और धूप मिलती रहे। समय-समय पर पौधे की छंटाई करें, जिससे उसकी ग्रोथ बेहतर होती है। खाद के रूप में ऑर्गेनिक कंपोस्ट या गोबर का उपयोग करें। कीड़ों से बचाने के लिए नीम के तेल जैसे प्राकृतिक उपाय अपनाना फायदेमंद होता है। Financial Growth Vastu Tips : आर्थिक तंगी से हैं परेशान, इन वास्तु टिप्स से घर में होगी धनवर्षा इन बातों का जरूर रखें ध्यान यह ध्यान रखना जरूरी है कि पिस्ता का पौधा जल्दी फल नहीं देता। अगर आप इसे बीज से उगाते हैं, तो फल आने में 5 से 8 साल तक का समय लग सकता है। वहीं, ग्राफ्टेड पौधे में 3 से 5 साल में फल आ सकते हैं। इसके अलावा, पिस्ता के पेड़ में नर और मादा दोनों प्रकार के पौधे होते हैं, इसलिए फल पाने के लिए दोनों का होना आवश्यक है। Dhurandhar 2 Collection : धुरंधर 2 ने कमाए 1,067 करोड़! बनी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म घर पर पिस्ता उगाने के कई फायदे भी हैं। इससे आपको ताजे और केमिकल-फ्री पिस्ते मिलते हैं, घर की सुंदरता बढ़ती है और आप एक सस्टेनेबल लाइफस्टाइल की ओर कदम बढ़ाते हैं।

Dhurandhar 2 Collection : धुरंधर 2 ने कमाए 1,067 करोड़! बनी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म

Dhurandhar 2 Box Office

Dhurandhar 2 Collection : मुंबई। रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म ‘धुरंधर 2 (धुरंधर: द रिवेंज)’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने दुनियाभर में 1,067 करोड़ रुपए का कलेक्शन करते हुए भारतीय सिनेमा की 8वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ फिल्म ने पठान (1,055 करोड़ रुपए) और कल्कि 2898 AD (1,042 करोड़ रुपए) जैसी बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। भारत में 49.70 करोड़ का नेट कलेक्शन ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, रिलीज के आठवें दिन यानी गुरुवार को फिल्म ने भारत में 49.70 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसमें हिंदी वर्जन का योगदान सबसे ज्यादा रहा, जिसने अकेले 46 करोड़ रुपए कमाए। इसके अलावा तेलुगु में 2.50 करोड़, तमिल में 90 लाख, कन्नड़ में 20 लाख और मलयालम में 10 लाख रुपए का कलेक्शन दर्ज किया गया। Tehsildar Bribery Case : KBC में जाने वाली तहसीलदार अमृता सिंह गिरफ्तार, 2.5 करोड़ के घोटाले का आरोप विदेशों में फिल्म ने कमाए 261.92 करोड़ फिल्म के कुल कलेक्शन की बात करें तो भारत में इसका नेट कलेक्शन 674.17 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 805.32 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। वहीं, विदेशों में फिल्म ने 261.92 करोड़ रुपए की कमाई की है। इस तरह फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 1,067.24 करोड़ रुपए हो गया है। धुरंधर का कितना हुआ था कलेक्शन इससे पहले ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट को भी दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला था। फिल्म ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर मिलाकर करीब 1,307 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए था। खास बात यह रही कि 894.49 करोड़ रुपए की कमाई के साथ यह हिंदी भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। 5th Textbook Prize : महंगी किताबों पर बवाल, क्या शिक्षा बन रही है “बिजनेस मॉडल”? खाड़ी देशों में रिलीज की नहीं मिली थी अनुमति विदेशी बाजारों में भी ‘धुरंधर’ ने शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने ओवरसीज में करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए थे। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर इसने बाहुबली 2: द कन्क्लूजन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था। दिलचस्प बात यह रही कि खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति न मिलने के बावजूद फिल्म ने बेहतरीन सफलता हासिल की। साथ ही यह भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बनी। Trump Signature on Dollar : डॉलर पर डोनाल्ड ट्रंप का सिग्नेचर! टूटेगी 165 साल पुरानी परंपरा, क्या है कारण? टॉप 10 फिल्मों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दंगल (हिंदी) वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹2070 करोड़ इंडियन नेट कलेक्शन: ₹387 करोड़ बाहुबली-2 (तेलुगु/तमिल) वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1788 करोड़ इंडियन नेट कलेक्शन: ₹1030 करोड़ पुष्पा-2 (तेलुगु) वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1742 करोड़ इंडियन नेट कलेक्शन: ₹1234 करोड़ धुरंधर (हिंदी) वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1307 करोड़ इंडियन नेट कलेक्शन: ₹840 करोड़ RRR (तेलुगु) वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1230 करोड़ इंडियन नेट कलेक्शन: ₹782 करोड़ केजीएफ चैप्टर-2 (कन्नड़) वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1215 करोड़ इंडियन नेट कलेक्शन: ₹860 करोड़ जवान (हिंदी) वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1160 करोड़ इंडियन नेट कलेक्शन: ₹640 करोड़ धुरंधर 2 (हिंदी) वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1067 करोड़ इंडियन नेट कलेक्शन: ₹674 करोड़ पठान (हिंदी) वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1055 करोड़ इंडियन नेट कलेक्शन: ₹543 करोड़ कल्कि 2898 AD (तेलुगु) वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1042 करोड़ इंडियन नेट कलेक्शन: ₹646 करोड़ No Lockdown : नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन…सरकार का साफ बयान, हालात काबू में; डरने की जरूरत नहीं धुरंधर 2 का भारत में 8 दिनों का नेट कलेक्शन पहला हफ्तापेड प्रीव्यू शो: ₹43.00 करोड़ गुरुवार: ₹102.55 करोड़ शुक्रवार: ₹80.72 करोड़ शनिवार: ₹113.00 करोड़ रविवार: ₹114.85 करोड़ दूसरा हफ्तासोमवार: ₹65.00 करोड़ मंगलवार: ₹56.55 करोड़ बुधवार: ₹47.70 करोड़ गुरुवार: ₹49.70 करोड़ कुल (8 दिन): ₹674.17 करोड़ नोट: फिल्म के कलेक्शन की बात हो तो इसमें पेड प्रीव्यू का दिन शामिल नहीं किया जाता, लेकिन कमाई जोड़ी जाती है।

Tehsildar Bribery Case : KBC में जाने वाली तहसीलदार अमृता सिंह गिरफ्तार, 2.5 करोड़ के घोटाले का आरोप

Tehsildar Amrita Singh arrested

Tehsildar Bribery Case : ग्वालियर। मध्य प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला तहसीलदार को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। खास बात यह है कि आरोपी तहसीलदार लोकप्रिय टीवी शो “कौन बनेगा करोड़पति” में प्रतिभागी के रूप में हिस्सा ले चुकी हैं। KBC कार्यक्रम के जरिए अमृता सिंह तोमर (Amrita Singh Tomar) को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली थी। अब उन्हीं पर 2.5 करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले में शामिल होने का आरोप लगा है। फिलहाल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। 5th Textbook Prize : महंगी किताबों पर बवाल, क्या शिक्षा बन रही है “बिजनेस मॉडल”? ग्वालियर से किया गिरफ्तार जानकारी के मुताबिक, इस घोटाले में कथित संलिप्तता के चलते महिला तहसीलदार अमृता सिंह तोमर (Amrita Singh Tomar) को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई साल 2021 में बड़ौदा तहसील में हुए बाढ़ राहत घोटाले के सिलसिले में की गई है। अमृता सिंह तोमर (Amrita Singh Tomar) को अदालत में पेश किए जाने के बाद शिवपुरी की जेल में भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अमृता सिंह तोमर “कौन बनेगा करोड़पति” में प्रतियोगी के रूप में 50 लाख रुपये जीत चुकी हैं, जिससे उन्हें देशभर में पहचान मिली थी। BJP-Congress Clash : मोदी- राहुल के खिलाफ नारेबाजी को लेकर विधायकों में हाथापाई, ईरान मुद्दे पर मचा बवाल मिर्जापुर से Jr. इंजीनियर गिरफ्तार इसी तरह का एक और मामला उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से सामने आया है। यहां देहात कोतवाली क्षेत्र में भ्रष्टाचार रोधी दल ने बुधवार को एक जूनियर इंजीनियर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। बिल पास करने के लिए मांगी रिश्वत पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिंचाई विभाग की बाणसागर परियोजना में तैनात कनिष्ठ अभियंता मुसाफिर सिंह यादव को ठेकेदार द्वारा किए गए काम का बिल पास करने के बदले रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। No Lockdown : नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन…सरकार का साफ बयान, हालात काबू में; डरने की जरूरत नहीं अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इन दोनों मामलों ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के मुद्दे को उजागर कर दिया है।

5th Textbook Prize : महंगी किताबों पर बवाल, क्या शिक्षा बन रही है “बिजनेस मॉडल”?

5th Textbook Prize

5th Textbook Prize : लखनऊ। देशभर में प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था, लेकिन अब किताबों की आसमान छूती कीमतों ने इस बहस को और तेज कर दिया है। कक्षा 5 की एक इंग्लिश किताब की कीमत 1035 रुपए सामने आने के बाद अभिभावकों का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। सवाल सीधा है, क्या अब शिक्षा जरूरत नहीं, बल्कि महंगा बिज़नेस बनती जा रही है? 1035 रूपए की किताब ने कैसे बढ़ाया विवाद? लखनऊ के एक प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए ‘बर्लिंगटन सीरीज़’ की इंग्लिश किताब ₹1035 में बेची जा रही है। इतना ही नहीं, पूरे बुक सेट की कीमत ₹8000 से भी ज्यादा बताई जा रही है। मिडिल क्लास और लो-इनकम परिवारों के लिए यह खर्च किसी झटके से कम नहीं है। एक अभिभावक ने सोशल मीडिया पर लिखा,”फीस अलग, किताबें अलग… आखिर पढ़ाई कराएं या कर्ज लें?” Trump Signature on Dollar : डॉलर पर डोनाल्ड ट्रंप का सिग्नेचर! टूटेगी 165 साल पुरानी परंपरा, क्या है कारण? स्कूल- पब्लिशर गठजोड़ पर उठे सवाल अभिभावकों का आरोप है कि कई प्राइवेट स्कूल निजी पब्लिशर्स के साथ टाई-अप करते हैं और उन्हीं की महंगी किताबें अनिवार्य कर देते हैं। इसका सीधा असर यह होता है कि, पहला सस्ती किताबों का विकल्प खत्म हो जाता है। दूसरा ये कि, छात्रों को मजबूरी में महंगी किताबें खरीदनी पड़ती हैं और तीसरा ये कि, स्कूल और पब्लिशर्स के बीच “मार्जिन मॉडल” काम करता है, यही वजह है कि सोशल मीडिया पर एक लाइन ट्रेंड कर रही है, “प्राइवेट स्कूल = आधा पढ़ाई, आधा बिज़नेस” NCERT की किताबें क्यों नहीं अपनाते स्कूल? NCERT की किताबें ₹50–₹100 में आसानी से मिल जाती हैं। फिर भी कई प्राइवेट स्कूल इन्हें लागू नहीं करते। कारण: इनमें स्कूलों को कोई कमीशन या लाभ नहीं प्राइवेट पब्लिशर्स ज्यादा “प्रॉफिट” देते हैं स्कूल अपनी “ब्रांडिंग” के लिए अलग सिलेबस दिखाना चाहते हैं No Lockdown : नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन…सरकार का साफ बयान, हालात काबू में; डरने की जरूरत नहीं सोशल मीडिया पर गूंजा मुद्दा X (Twitter) पर हजारों अभिभावक अपनी शिकायतें शेयर कर रहे हैं। लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि, किताबों की कीमत तय की जाए। सभी स्कूलों में NCERT लागू हो और प्राइवेट वेंडर्स और स्कूलों की जांच हो। क्या सरकार कुछ कर रही है? दिल्ली सरकार ने स्कूल फीस को नियंत्रित करने के लिए “विद्यालय स्तरीय शुल्क विनियमन समितियां (SLFRCs)” बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन कोर्ट के कारण यह अभी लागू नहीं हो पाई है। इसका मतलब फिलहाल स्कूल फीस और किताबों की कीमतों पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं है। आम परिवारों पर बढ़ता बोझ आज एक बच्चे की पढ़ाई का खर्च सिर्फ फीस तक सीमित नहीं रहा: स्कूल फीस किताबें यूनिफॉर्म कोचिंग Petrol Diesel Excise Duty Cut : डीजल और पेट्रोल पर 10 रुपये कम हुई एक्साइज ड्यूटी, जानिए आपको कितने में मिलेगा? इन सबको मिलाकर खर्च लाखों तक पहुंच जाता है। यही वजह है कि अब अभिभावक खुलकर विरोध कर रहे हैं और सख्त नियमों की मांग कर रहे हैं। अब क्या होना चाहिए? विशेषज्ञ मानते हैं कि, किताबों की कीमतों पर नियमन जरूरी है। NCERT को प्राथमिकता दी जानी चाहिए वहीं प्राइवेट स्कूलों की मॉनिटरिंग बढ़ानी होगी। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में शिक्षा और भी महंगी हो सकती है- जो देश के लाखों परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन जाएगी।

BJP-Congress Clash : मोदी- राहुल के खिलाफ नारेबाजी को लेकर विधायकों में हाथापाई, ईरान मुद्दे पर मचा बवाल

BJP-Congress Clash

BJP-Congress Workers Clash : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता सदन में तस्वीरें और पोस्टर लेकर पहुंच गए। उन्होंने खामेनेई के समर्थन में नारेबाजी की, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस-बीजेपी के बीच टकराव इस बीच मामला और बिगड़ गया जब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को लेकर टिप्पणी पर कांग्रेस और बीजेपी विधायकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इसके जवाब में भाजपा विधायक युद्धवीर सेठी ने राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। Trump Signature on Dollar : डॉलर पर डोनाल्ड ट्रंप का सिग्नेचर! टूटेगी 165 साल पुरानी परंपरा, क्या है कारण? सीएम उमर अब्दुल्ला का बयान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (CM Omar Abdullah) ने ईरान पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह युद्ध थोपा गया और मानवता को नुकसान पहुंचा, उसकी जितनी भी आलोचना की जाए कम है। नेशनल कॉन्फ्रेंस का रुख नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने साफ तौर पर कहा कि उनकी पार्टी ईरान के साथ खड़ी है। उनका कहना था कि किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का अधिकार नहीं है और शीर्ष नेतृत्व को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। कश्मीर में चंदा जुटाने पर एजेंसियां अलर्ट गौरतलब है कि, बीते दिनों कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में करीब ₹18 करोड़ का चंदा जुटाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, करीब 85% रकम शिया समुदाय से आई है, जबकि बड़गाम से लगभग ₹9.5 करोड़ जुटाए गए। No Lockdown : नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन…सरकार का साफ बयान, हालात काबू में; डरने की जरूरत नहीं यह फंड जकात और सदका के जरिए एकत्र किया गया। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस फंडिंग को लेकर सतर्क हो गई हैं और आशंका जता रही हैं कि इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है।

Trump Signature on Dollar : डॉलर पर डोनाल्ड ट्रंप का सिग्नेचर! टूटेगी 165 साल पुरानी परंपरा, क्या है कारण?

Donald Trump Signature

Trump Signature on Dollar : वॉशिंगटन। अमेरिका में इस साल एक ऐसा फैसला लिया गया है, जो 165 साल के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। अब अमेरिकी डॉलर के नोटों पर मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सिग्नेचर दिखाई देंगे। यह कदम अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर उठाया जा रहा है, जिसे बेहद खास माना जा रहा है। 1861 में डॉलर नोट की शुरुआत से लेकर आज तक किसी भी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करेंसी पर नहीं हुए हैं। परंपरा के अनुसार, नोटों पर केवल ट्रेजरर और ट्रेजरी सचिव के सिग्नेचर ही होते थे। ट्रेजरी का ऐलान और वजह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग और ट्रेजरर ब्रैंडन बीच (Brandon Beach) ने इस फैसले की पुष्टि की है। वहीं, ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने कहा कि यह कदम देश की आर्थिक मजबूती और ट्रंप की लीडरशिप को सम्मान देने के लिए उठाया गया है। उनके मुताबिक, अमेरिका इस समय आर्थिक विकास और डॉलर की वैश्विक ताकत को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और ऐसे में यह ऐतिहासिक बदलाव उचित है। सिर्फ नोट ही नहीं, सिक्के पर भी ट्रंप की छाप डॉलर नोट के अलावा, 250वीं वर्षगांठ पर 24 कैरेट सोने का एक विशेष स्मारक सिक्का भी जारी किया जाएगा, जिस पर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की तस्वीर होगी। इस सिक्के का डिजाइन भी मंजूर किया जा चुका है। हालांकि, यह सिक्का सामान्य करेंसी की तरह उपयोग में नहीं आएगा, बल्कि एक कलेक्टिबल आइटम (Collectible Item) होगा। क्या कहता है कानून?  इस फैसले को लेकर अमेरिका में विवाद भी शुरू हो गया है। विरोधियों का कहना है कि अमेरिकी कानून के अनुसार किसी भी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर या पहचान करेंसी पर नहीं हो सकती। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि कानून मुख्य रूप से तस्वीर (portrait) को लेकर है, जबकि सिग्नेचर को लेकर स्पष्टता कम है। इसी वजह से यह मामला कानूनी बहस का विषय बन गया है। टूटेगी 165 साल पुरानी परंपरा अगर यह फैसला पूरी तरह लागू होता है, तो 1861 से चली आ रही परंपरा खत्म हो जाएगी। अब तक अमेरिकी करेंसी पर केवल “संयुक्त राज्य अमेरिका के कोषाध्यक्ष” और “ट्रेजरी सचिव” के सिग्नेचर ही होते थे, लेकिन अब उसमें बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वैश्विक चर्चा का विषय बना फैसला यह निर्णय सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ इसे ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक और विवादास्पद भी माना जा रहा है। अमेरिका की 250वीं सालगिरह पर लिया गया यह फैसला इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सिग्नेचर वाले डॉलर नोट जहां एक नई परंपरा की शुरुआत करेंगे, वहीं यह कदम आने वाले समय में कानूनी और राजनीतिक बहस को भी जन्म दे सकता है।

Ram Lalla Surya Tilak : अयोध्या में रामनवमी 2026 के अनुष्ठान शुरू, रामलला का भव्य सूर्य तिलक

Ram Lalla Surya Tilak

Ram Lalla Surya Tilak : उत्तर प्रदेश। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रामनवमी (Ram Navami 2026) के पावन अवसर पर अयोध्या (Ayodhya) में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। पूरी राम नगरी ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज रही है और हर ओर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। राम मंदिर में सुबह से ही भगवान रामलला का विशेष शृंगार किया गया, जिससे मंदिर की भव्यता और भी बढ़ गई है। देशभर से लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे हैं। ब्रह्ममुहूर्त में मंगला आरती रामनवमी के अवसर पर विशेष पूजा की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में मंगला आरती के साथ हुई। मंदिर के पट खुलने के बाद रामलला का पंचगव्य, सरयू जल और सुगंधित द्रव्यों से अभिषेक किया गया। इसके बाद उनका आकर्षक शृंगार किया गया और कपूर आरती के साथ पूजा संपन्न हुई। Gold Silver Price Today : सोने चांदी में फिर गिरावट, जानिये क्या है कारण भगवान राम का सूर्य तिलक दोपहर 12 बजे इस पावन अवसर का मुख्य आकर्षण सूर्य तिलक रहा, जब सूर्य की किरणें विशेष तकनीक के माध्यम से भगवान रामलला के ललाट पर पड़ीं और पूरा मंदिर दिव्य प्रकाश से जगमगा उठा। इस दौरान भगवान को 56 प्रकार के भोग और पंजीरी का प्रसाद अर्पित किया गया। कनक भवन और हनुमान गढ़ी में भारी भीड़ भोर से ही राम जन्मभूमि परिसर, कनक भवन (Kanak Bhawan) और हनुमान गढ़ी (Hanuman Garhi) में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। रामलला के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं और भक्तों का तांता लगातार जारी रहा। वहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी (Sarayu River) के घाटों पर स्नान के लिए पहुंचे, क्योंकि इस दिन सरयू स्नान और दान को विशेष पुण्यदायी माना जाता है। No Lockdown : नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन…सरकार का साफ बयान, हालात काबू में; डरने की जरूरत नहीं पूरी अयोध्या को फूलों से सजाया राम मंदिर सहित पूरे अयोध्या शहर को फूलों और रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिरों में आकर्षक सजावट के साथ धार्मिक अनुष्ठान और बधाई गान भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है। राम मंदिर निर्माण के बाद यह पहली भव्य रामनवमी है, जिसके चलते श्रद्धालुओं में उत्साह और भी अधिक देखने को मिल रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

No Lockdown : नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन…सरकार का साफ बयान, हालात काबू में; डरने की जरूरत नहीं

No Nationwide Lockdown Government Says

No Lockdown : नई दिल्ली। देश में इन दिनों लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने साफ कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। संसद के बाहर उन्होंने कहा कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खुद पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। पेट्रोलियम मंत्री पुरी और वित्त मंत्री ने कही ये बात सरकार के अन्य मंत्रियों ने भी इस तरह की खबरों को पूरी तरह खारिज किया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और ऐसे समय में डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना है। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने भी स्पष्ट किया कि कोविड-19 जैसा लॉकडाउन दोबारा नहीं लगाया जाएगा और लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। Gold Silver Price Today : सोने चांदी में फिर गिरावट, जानिये क्या है कारण PM मोदी ने दिया था ये बयान दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले संसद में वैश्विक हालात को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण दुनिया में कठिन परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिनका असर लंबे समय तक रह सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि जैसे देश ने कोरोना काल में एकजुट होकर चुनौतियों का सामना किया, वैसे ही अब भी धैर्य और संयम के साथ तैयार रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री आज मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा भी करने वाले हैं। Extend Wi-Fi Range : पुराने फोन को ऐसे बनाए Wi-Fi एक्सटेंडर,घर के हर कोने में बिना खर्च के पाएं मजबूत सिग्नल क्या बोले केन्द्रीय मंत्री रिजेजू केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार हर स्तर पर काम कर रही है ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि पैनिक फैलाने की जरूरत नहीं है और जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने राज्यों को भी निर्देश दिए हैं कि जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और कहीं भी कृत्रिम कमी न बनने दी जाए। क्या बोले खड़गे- राहुल विपक्ष की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोविड जैसे हालात की तुलना करना ठीक नहीं है। वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने भी कोरोना काल की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि उस समय की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Extend Wi-Fi Range : पुराने फोन को ऐसे बनाए Wi-Fi एक्सटेंडर,घर के हर कोने में बिना खर्च के पाएं मजबूत सिग्नल पश्चिम एशिया तनाव का भारत पर असर  पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर भारत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से 60-65 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। ऐसे में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों में उछाल आया है और इसका असर महंगाई पर भी पड़ रहा है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा और रोजगार पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। Iran Israel US War : ईरान बनाना चाहता है मुझे सुप्रीम लीडर… ट्रम्प बोले – Not Interested… कुल मिलाकर, सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी जा रही है।

Gold Silver Price Today : सोने चांदी में फिर गिरावट, जानिये क्या है कारण

Gold Silver Price Today

Gold Silver Price Today : नई दिल्ली। देश में सोने की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। 27 मार्च की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव घटकर 1,44,690 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। वहीं मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,44,540 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत दबाव में है और हाजिर सोना 4,384.38 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच शुरू हुए संघर्ष के बाद से अब तक सोना करीब 17 प्रतिशत तक गिर चुका है। Petrol Diesel Excise Duty Cut : डीजल और पेट्रोल पर 10 रुपये कम हुई एक्साइज ड्यूटी, जानिए आपको कितने में मिलेगा? किस शहर में कितनी कीमत अगर अलग-अलग शहरों की बात करें तो दिल्ली में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,32,640 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 22 कैरेट गोल्ड 1,32,490 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। इन शहरों में 24 कैरेट सोने का रेट 1,44,540 रुपये प्रति 10 ग्राम है। वहीं पुणे और बेंगलुरु में भी 22 कैरेट सोने की कीमत 1,32,490 रुपये और 24 कैरेट का भाव 1,44,540 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। आज के शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव: दिल्ली 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132640 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144690 मुंबई 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132490 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144540 अहमदाबाद 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132540 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144590 चेन्नई 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132490 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144540 कोलकाता 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132490 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144540 हैदराबाद 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132490 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144540 जयपुर 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132640 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144690 भोपाल 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132540 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144590 लखनऊ 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132640 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144690 चंडीगढ़ 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132640 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144690 क्या है सोने की गिरावट के कारण सोने की कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं। बाजार में यह धारणा मजबूत हो गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) इस साल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। पहले उम्मीद की जा रही थी कि साल में कम से कम दो बार दरों में कमी आएगी, लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिख रहा है। Extend Wi-Fi Range : पुराने फोन को ऐसे बनाए Wi-Fi एक्सटेंडर,घर के हर कोने में बिना खर्च के पाएं मजबूत सिग्नल ऊंची ब्याज दरों के चलते सोने जैसे निवेश, जिन पर कोई ब्याज नहीं मिलता, निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाते हैं। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का भी बाजार पर असर पड़ रहा है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। सोना- चांदी जोखिम वाले एसेट विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। कुछ विश्लेषकों का यह भी मानना है कि सोना और चांदी अब पारंपरिक सुरक्षित निवेश के बजाय धीरे-धीरे जोखिम वाले एसेट की तरह व्यवहार करने लगे हैं, जिससे आगे चलकर इनमें तेज गिरावट या बबल बनने की संभावना भी बढ़ सकती है। Iran Israel US War : ईरान बनाना चाहता है मुझे सुप्रीम लीडर… ट्रम्प बोले – Not Interested… यहां जानिए चांदी के क्या है भाव वहीं चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। 27 मार्च की सुबह चांदी का भाव 2,49,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका हाजिर भाव 67.71 डॉलर प्रति औंस है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई थी, जिसके बाद अब इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है। कुल मिलाकर, सोना और चांदी दोनों ही धातुओं में इस समय अस्थिरता बनी हुई है।

Petrol Diesel Excise Duty Cut : डीजल और पेट्रोल पर 10 रुपये कम हुई एक्साइज ड्यूटी, जानिए आपको कितने में मिलेगा?

Petrol Diesel Excise Duty Cut

Petrol Diesel Excise Duty Cut : नई दिल्ली। देशभर में इन दिनों पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालांकि सरकार लगातार यह कह रही है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसका असर जमीनी स्तर पर पूरी तरह नजर नहीं आ रहा है। इसी बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये की कटौती कर दी है। इस फैसले के बाद अब डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म हो गई है, जबकि पेट्रोल पर यह घटकर सिर्फ 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर देश की तेल कंपनियों पर पड़ रहा था, जो लंबे समय से बढ़ती लागत के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बनाए हुए थीं। Extend Wi-Fi Range : पुराने फोन को ऐसे बनाए Wi-Fi एक्सटेंडर,घर के हर कोने में बिना खर्च के पाएं मजबूत सिग्नल ऐसे में सरकार ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन जैसी प्रमुख कंपनियों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना वित्त मंत्रालय द्वारा 26 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कंपनियों पर भारी दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए, ताकि आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ न पड़े। तुरंत नहीं मिलेगा फायदा हालांकि इस टैक्स कटौती का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को तुरंत नहीं मिलेगा। जानकारों का मानना है कि तेल कंपनियां इस राहत का इस्तेमाल अपने घाटे को कम करने में करेंगी। Iran Israel US War : ईरान बनाना चाहता है मुझे सुप्रीम लीडर… ट्रम्प बोले – Not Interested… मौजूदा समय में कंपनियों को एक लीटर पेट्रोल या डीजल पर करीब 48.8 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में एक्साइज ड्यूटी में कमी से उनके नुकसान में कुछ कमी जरूर आएगी। एक्साइज ड्यूटी कम करने से कंपनियों को राहत पेट्रोल-डीजल की कीमतों का गणित भी काफी जटिल होता है। करीब 100 रुपये प्रति लीटर की कीमत में असली तेल की लागत 50-55 रुपये के आसपास होती है। इसके अलावा डीलर का कमीशन 3 से 4 रुपये तक होता है। फिर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट जुड़ने के बाद कीमत 90 से 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाती है। अब केंद्र सरकार द्वारा ड्यूटी कम करने से कंपनियों को राहत मिलेगी, लेकिन आम उपभोक्ताओं को सस्ती कीमत का फायदा तभी मिलेगा जब राज्य सरकारें भी वैट में कटौती करें। क्या बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाने के साथ ही एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर की अतिरिक्त ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। इसके अलावा डीजल के निर्यात पर भी 21.5 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। Truck Bus Accident Fire : डंपर से टकराकर बस में आग, 13 जिंदा जले,22 घायल; PM मोदी ने जताया शोक इस बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि इससे घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी और आपूर्ति बेहतर बनी रहेगी। कुल मिलाकर, सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर कीमतें कम करने के बजाय बाजार को स्थिर रखने और तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव को कम करने की दिशा में उठाया गया कदम है। आने वाले समय में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं और राज्यों की ओर से भी टैक्स में राहत मिलती है, तो आम लोगों को पेट्रोल-डीजल के दाम में वास्तविक कमी देखने को मिल सकती है।