BJP-Congress Clash : मोदी- राहुल के खिलाफ नारेबाजी को लेकर विधायकों में हाथापाई, ईरान मुद्दे पर मचा बवाल

BJP-Congress Workers Clash : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता सदन में तस्वीरें और पोस्टर लेकर पहुंच गए। उन्होंने खामेनेई के समर्थन में नारेबाजी की, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस-बीजेपी के बीच टकराव इस बीच मामला और बिगड़ गया जब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को लेकर टिप्पणी पर कांग्रेस और बीजेपी विधायकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इसके जवाब में भाजपा विधायक युद्धवीर सेठी ने राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। Trump Signature on Dollar : डॉलर पर डोनाल्ड ट्रंप का सिग्नेचर! टूटेगी 165 साल पुरानी परंपरा, क्या है कारण? सीएम उमर अब्दुल्ला का बयान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (CM Omar Abdullah) ने ईरान पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह युद्ध थोपा गया और मानवता को नुकसान पहुंचा, उसकी जितनी भी आलोचना की जाए कम है। नेशनल कॉन्फ्रेंस का रुख नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने साफ तौर पर कहा कि उनकी पार्टी ईरान के साथ खड़ी है। उनका कहना था कि किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला करने का अधिकार नहीं है और शीर्ष नेतृत्व को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। कश्मीर में चंदा जुटाने पर एजेंसियां अलर्ट गौरतलब है कि, बीते दिनों कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में करीब ₹18 करोड़ का चंदा जुटाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, करीब 85% रकम शिया समुदाय से आई है, जबकि बड़गाम से लगभग ₹9.5 करोड़ जुटाए गए। No Lockdown : नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन…सरकार का साफ बयान, हालात काबू में; डरने की जरूरत नहीं यह फंड जकात और सदका के जरिए एकत्र किया गया। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस फंडिंग को लेकर सतर्क हो गई हैं और आशंका जता रही हैं कि इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है।
Trump Signature on Dollar : डॉलर पर डोनाल्ड ट्रंप का सिग्नेचर! टूटेगी 165 साल पुरानी परंपरा, क्या है कारण?

Trump Signature on Dollar : वॉशिंगटन। अमेरिका में इस साल एक ऐसा फैसला लिया गया है, जो 165 साल के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। अब अमेरिकी डॉलर के नोटों पर मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सिग्नेचर दिखाई देंगे। यह कदम अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर उठाया जा रहा है, जिसे बेहद खास माना जा रहा है। 1861 में डॉलर नोट की शुरुआत से लेकर आज तक किसी भी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करेंसी पर नहीं हुए हैं। परंपरा के अनुसार, नोटों पर केवल ट्रेजरर और ट्रेजरी सचिव के सिग्नेचर ही होते थे। ट्रेजरी का ऐलान और वजह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग और ट्रेजरर ब्रैंडन बीच (Brandon Beach) ने इस फैसले की पुष्टि की है। वहीं, ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने कहा कि यह कदम देश की आर्थिक मजबूती और ट्रंप की लीडरशिप को सम्मान देने के लिए उठाया गया है। उनके मुताबिक, अमेरिका इस समय आर्थिक विकास और डॉलर की वैश्विक ताकत को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और ऐसे में यह ऐतिहासिक बदलाव उचित है। सिर्फ नोट ही नहीं, सिक्के पर भी ट्रंप की छाप डॉलर नोट के अलावा, 250वीं वर्षगांठ पर 24 कैरेट सोने का एक विशेष स्मारक सिक्का भी जारी किया जाएगा, जिस पर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की तस्वीर होगी। इस सिक्के का डिजाइन भी मंजूर किया जा चुका है। हालांकि, यह सिक्का सामान्य करेंसी की तरह उपयोग में नहीं आएगा, बल्कि एक कलेक्टिबल आइटम (Collectible Item) होगा। क्या कहता है कानून? इस फैसले को लेकर अमेरिका में विवाद भी शुरू हो गया है। विरोधियों का कहना है कि अमेरिकी कानून के अनुसार किसी भी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर या पहचान करेंसी पर नहीं हो सकती। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि कानून मुख्य रूप से तस्वीर (portrait) को लेकर है, जबकि सिग्नेचर को लेकर स्पष्टता कम है। इसी वजह से यह मामला कानूनी बहस का विषय बन गया है। टूटेगी 165 साल पुरानी परंपरा अगर यह फैसला पूरी तरह लागू होता है, तो 1861 से चली आ रही परंपरा खत्म हो जाएगी। अब तक अमेरिकी करेंसी पर केवल “संयुक्त राज्य अमेरिका के कोषाध्यक्ष” और “ट्रेजरी सचिव” के सिग्नेचर ही होते थे, लेकिन अब उसमें बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वैश्विक चर्चा का विषय बना फैसला यह निर्णय सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ इसे ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक और विवादास्पद भी माना जा रहा है। अमेरिका की 250वीं सालगिरह पर लिया गया यह फैसला इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सिग्नेचर वाले डॉलर नोट जहां एक नई परंपरा की शुरुआत करेंगे, वहीं यह कदम आने वाले समय में कानूनी और राजनीतिक बहस को भी जन्म दे सकता है।
Ram Lalla Surya Tilak : अयोध्या में रामनवमी 2026 के अनुष्ठान शुरू, रामलला का भव्य सूर्य तिलक

Ram Lalla Surya Tilak : उत्तर प्रदेश। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रामनवमी (Ram Navami 2026) के पावन अवसर पर अयोध्या (Ayodhya) में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। पूरी राम नगरी ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज रही है और हर ओर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। राम मंदिर में सुबह से ही भगवान रामलला का विशेष शृंगार किया गया, जिससे मंदिर की भव्यता और भी बढ़ गई है। देशभर से लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे हैं। ब्रह्ममुहूर्त में मंगला आरती रामनवमी के अवसर पर विशेष पूजा की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में मंगला आरती के साथ हुई। मंदिर के पट खुलने के बाद रामलला का पंचगव्य, सरयू जल और सुगंधित द्रव्यों से अभिषेक किया गया। इसके बाद उनका आकर्षक शृंगार किया गया और कपूर आरती के साथ पूजा संपन्न हुई। Gold Silver Price Today : सोने चांदी में फिर गिरावट, जानिये क्या है कारण भगवान राम का सूर्य तिलक दोपहर 12 बजे इस पावन अवसर का मुख्य आकर्षण सूर्य तिलक रहा, जब सूर्य की किरणें विशेष तकनीक के माध्यम से भगवान रामलला के ललाट पर पड़ीं और पूरा मंदिर दिव्य प्रकाश से जगमगा उठा। इस दौरान भगवान को 56 प्रकार के भोग और पंजीरी का प्रसाद अर्पित किया गया। कनक भवन और हनुमान गढ़ी में भारी भीड़ भोर से ही राम जन्मभूमि परिसर, कनक भवन (Kanak Bhawan) और हनुमान गढ़ी (Hanuman Garhi) में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। रामलला के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं और भक्तों का तांता लगातार जारी रहा। वहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी (Sarayu River) के घाटों पर स्नान के लिए पहुंचे, क्योंकि इस दिन सरयू स्नान और दान को विशेष पुण्यदायी माना जाता है। No Lockdown : नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन…सरकार का साफ बयान, हालात काबू में; डरने की जरूरत नहीं पूरी अयोध्या को फूलों से सजाया राम मंदिर सहित पूरे अयोध्या शहर को फूलों और रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिरों में आकर्षक सजावट के साथ धार्मिक अनुष्ठान और बधाई गान भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है। राम मंदिर निर्माण के बाद यह पहली भव्य रामनवमी है, जिसके चलते श्रद्धालुओं में उत्साह और भी अधिक देखने को मिल रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
No Lockdown : नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन…सरकार का साफ बयान, हालात काबू में; डरने की जरूरत नहीं

No Lockdown : नई दिल्ली। देश में इन दिनों लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने साफ कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। संसद के बाहर उन्होंने कहा कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खुद पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। पेट्रोलियम मंत्री पुरी और वित्त मंत्री ने कही ये बात सरकार के अन्य मंत्रियों ने भी इस तरह की खबरों को पूरी तरह खारिज किया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और ऐसे समय में डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना है। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने भी स्पष्ट किया कि कोविड-19 जैसा लॉकडाउन दोबारा नहीं लगाया जाएगा और लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। Gold Silver Price Today : सोने चांदी में फिर गिरावट, जानिये क्या है कारण PM मोदी ने दिया था ये बयान दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले संसद में वैश्विक हालात को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण दुनिया में कठिन परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिनका असर लंबे समय तक रह सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि जैसे देश ने कोरोना काल में एकजुट होकर चुनौतियों का सामना किया, वैसे ही अब भी धैर्य और संयम के साथ तैयार रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री आज मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा भी करने वाले हैं। Extend Wi-Fi Range : पुराने फोन को ऐसे बनाए Wi-Fi एक्सटेंडर,घर के हर कोने में बिना खर्च के पाएं मजबूत सिग्नल क्या बोले केन्द्रीय मंत्री रिजेजू केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार हर स्तर पर काम कर रही है ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि पैनिक फैलाने की जरूरत नहीं है और जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने राज्यों को भी निर्देश दिए हैं कि जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और कहीं भी कृत्रिम कमी न बनने दी जाए। क्या बोले खड़गे- राहुल विपक्ष की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोविड जैसे हालात की तुलना करना ठीक नहीं है। वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने भी कोरोना काल की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि उस समय की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Extend Wi-Fi Range : पुराने फोन को ऐसे बनाए Wi-Fi एक्सटेंडर,घर के हर कोने में बिना खर्च के पाएं मजबूत सिग्नल पश्चिम एशिया तनाव का भारत पर असर पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर भारत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से 60-65 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। ऐसे में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों में उछाल आया है और इसका असर महंगाई पर भी पड़ रहा है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा और रोजगार पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। Iran Israel US War : ईरान बनाना चाहता है मुझे सुप्रीम लीडर… ट्रम्प बोले – Not Interested… कुल मिलाकर, सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी जा रही है।
Gold Silver Price Today : सोने चांदी में फिर गिरावट, जानिये क्या है कारण

Gold Silver Price Today : नई दिल्ली। देश में सोने की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। 27 मार्च की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव घटकर 1,44,690 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। वहीं मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,44,540 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत दबाव में है और हाजिर सोना 4,384.38 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच शुरू हुए संघर्ष के बाद से अब तक सोना करीब 17 प्रतिशत तक गिर चुका है। Petrol Diesel Excise Duty Cut : डीजल और पेट्रोल पर 10 रुपये कम हुई एक्साइज ड्यूटी, जानिए आपको कितने में मिलेगा? किस शहर में कितनी कीमत अगर अलग-अलग शहरों की बात करें तो दिल्ली में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,32,640 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 22 कैरेट गोल्ड 1,32,490 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। इन शहरों में 24 कैरेट सोने का रेट 1,44,540 रुपये प्रति 10 ग्राम है। वहीं पुणे और बेंगलुरु में भी 22 कैरेट सोने की कीमत 1,32,490 रुपये और 24 कैरेट का भाव 1,44,540 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। आज के शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव: दिल्ली 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132640 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144690 मुंबई 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132490 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144540 अहमदाबाद 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132540 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144590 चेन्नई 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132490 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144540 कोलकाता 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132490 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144540 हैदराबाद 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132490 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144540 जयपुर 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132640 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144690 भोपाल 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132540 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144590 लखनऊ 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132640 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144690 चंडीगढ़ 22 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹132640 24 कैरेट सोने का आज का भाव: ₹144690 क्या है सोने की गिरावट के कारण सोने की कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं। बाजार में यह धारणा मजबूत हो गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) इस साल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। पहले उम्मीद की जा रही थी कि साल में कम से कम दो बार दरों में कमी आएगी, लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिख रहा है। Extend Wi-Fi Range : पुराने फोन को ऐसे बनाए Wi-Fi एक्सटेंडर,घर के हर कोने में बिना खर्च के पाएं मजबूत सिग्नल ऊंची ब्याज दरों के चलते सोने जैसे निवेश, जिन पर कोई ब्याज नहीं मिलता, निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाते हैं। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का भी बाजार पर असर पड़ रहा है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। सोना- चांदी जोखिम वाले एसेट विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। कुछ विश्लेषकों का यह भी मानना है कि सोना और चांदी अब पारंपरिक सुरक्षित निवेश के बजाय धीरे-धीरे जोखिम वाले एसेट की तरह व्यवहार करने लगे हैं, जिससे आगे चलकर इनमें तेज गिरावट या बबल बनने की संभावना भी बढ़ सकती है। Iran Israel US War : ईरान बनाना चाहता है मुझे सुप्रीम लीडर… ट्रम्प बोले – Not Interested… यहां जानिए चांदी के क्या है भाव वहीं चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। 27 मार्च की सुबह चांदी का भाव 2,49,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका हाजिर भाव 67.71 डॉलर प्रति औंस है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई थी, जिसके बाद अब इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है। कुल मिलाकर, सोना और चांदी दोनों ही धातुओं में इस समय अस्थिरता बनी हुई है।
Petrol Diesel Excise Duty Cut : डीजल और पेट्रोल पर 10 रुपये कम हुई एक्साइज ड्यूटी, जानिए आपको कितने में मिलेगा?

Petrol Diesel Excise Duty Cut : नई दिल्ली। देशभर में इन दिनों पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालांकि सरकार लगातार यह कह रही है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसका असर जमीनी स्तर पर पूरी तरह नजर नहीं आ रहा है। इसी बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये की कटौती कर दी है। इस फैसले के बाद अब डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म हो गई है, जबकि पेट्रोल पर यह घटकर सिर्फ 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर देश की तेल कंपनियों पर पड़ रहा था, जो लंबे समय से बढ़ती लागत के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बनाए हुए थीं। Extend Wi-Fi Range : पुराने फोन को ऐसे बनाए Wi-Fi एक्सटेंडर,घर के हर कोने में बिना खर्च के पाएं मजबूत सिग्नल ऐसे में सरकार ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन जैसी प्रमुख कंपनियों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना वित्त मंत्रालय द्वारा 26 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कंपनियों पर भारी दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए, ताकि आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ न पड़े। तुरंत नहीं मिलेगा फायदा हालांकि इस टैक्स कटौती का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को तुरंत नहीं मिलेगा। जानकारों का मानना है कि तेल कंपनियां इस राहत का इस्तेमाल अपने घाटे को कम करने में करेंगी। Iran Israel US War : ईरान बनाना चाहता है मुझे सुप्रीम लीडर… ट्रम्प बोले – Not Interested… मौजूदा समय में कंपनियों को एक लीटर पेट्रोल या डीजल पर करीब 48.8 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में एक्साइज ड्यूटी में कमी से उनके नुकसान में कुछ कमी जरूर आएगी। एक्साइज ड्यूटी कम करने से कंपनियों को राहत पेट्रोल-डीजल की कीमतों का गणित भी काफी जटिल होता है। करीब 100 रुपये प्रति लीटर की कीमत में असली तेल की लागत 50-55 रुपये के आसपास होती है। इसके अलावा डीलर का कमीशन 3 से 4 रुपये तक होता है। फिर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट जुड़ने के बाद कीमत 90 से 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाती है। अब केंद्र सरकार द्वारा ड्यूटी कम करने से कंपनियों को राहत मिलेगी, लेकिन आम उपभोक्ताओं को सस्ती कीमत का फायदा तभी मिलेगा जब राज्य सरकारें भी वैट में कटौती करें। क्या बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाने के साथ ही एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर की अतिरिक्त ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। इसके अलावा डीजल के निर्यात पर भी 21.5 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। Truck Bus Accident Fire : डंपर से टकराकर बस में आग, 13 जिंदा जले,22 घायल; PM मोदी ने जताया शोक इस बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि इससे घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी और आपूर्ति बेहतर बनी रहेगी। कुल मिलाकर, सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर कीमतें कम करने के बजाय बाजार को स्थिर रखने और तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव को कम करने की दिशा में उठाया गया कदम है। आने वाले समय में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं और राज्यों की ओर से भी टैक्स में राहत मिलती है, तो आम लोगों को पेट्रोल-डीजल के दाम में वास्तविक कमी देखने को मिल सकती है।