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Aslam Chamda Bail : 26 टन मांस, 500 पेज की चार्जशीट… फिर भी असलम चमड़ा को जमानत, रिहाई के बाद गायब!

Aslam Chamda Bail

Aslam Chamda Bail : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए गोमांस तस्करी के बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा को सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब 70 दिन जेल में रहने के बाद अदालत ने 35 हजार रुपए के मुचलके पर उसे रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, जमानत मिलने के तुरंत बाद आरोपी के कथित रूप से गायब हो जाने से मामला और भी सवालों के घेरे में आ गया है। ये है पूरा मामला यह पूरा मामला 17 दिसंबर 2025 का है, जब जहांगीराबाद इलाके में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक कंटेनर पकड़ा था। इस कंटेनर में करीब 26 टन मांस भरा हुआ था, जिसे मुंबई भेजा जा रहा था। आरोप लगाया गया कि यह मांस अवैध रूप से गोवंश के कत्ल के बाद बाहर भेजा जा रहा था। पुलिस ने मांस के सैंपल लेकर जांच के लिए मथुरा की फॉरेंसिक लैब भेजे, जहां से आई रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि हुई। इसके बाद 8 जनवरी 2026 को जहांगीराबाद थाने में मामला दर्ज कर असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। Cow Slaughter Case: भोपाल सांसद ने अपनी ही सरकार के विभाग के कामकाज पर उठाए सवाल 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में पेश जांच के दौरान विशेष जांच दल (SIT) ने पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की। 25 जनवरी को आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई और 6 मार्च को करीब 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई। जांच में यह भी देखा गया कि कहीं यह नेटवर्क देश के बाहर तक तो नहीं फैला हुआ है। पुलिस जांच में कई खामियां मामले की गंभीरता को देखते हुए निचली अदालत ने पहले ही जमानत याचिका खारिज कर दी थी। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य की अदालत ने इसे गंभीर अपराध माना था लेकिन बाद में सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट जगदीश गुप्ता ने दलील दी कि आरोपी निर्दोष है और पुलिस जांच में कई खामियां हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद की रिपोर्ट अभी लंबित है और कंटेनर में भरा मांस असलम का नहीं, बल्कि आगरा की एक कंपनी का था। साथ ही यह तर्क भी रखा गया कि स्लॉटरिंग से पहले डॉक्टर द्वारा जांच की प्रक्रिया अपनाई जाती है। Bhopal Cow Slaughter Case: भोपाल स्लॉटर हाउस केस में SIT गठित; एसीपी उमेश तिवारी करेंगे जांच आरोपी की जमानत का विरोध दूसरी ओर, जय मां भवानी संगठन के प्रमुख भानू हिंदू ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि इससे लोगों की भावनाएं आहत होंगी और जरूरत पड़ने पर विरोध किया जाएगा। उन्होंने आरोपी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की मांग भी की। आदेश में कोर्ट ने क्या कहा? दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार जैन की अदालत ने जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित अपराध न तो मृत्युदंड और न ही आजीवन कारावास से दंडनीय है। आरोपी दो महीने से अधिक समय से हिरासत में है, जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट पेश की जा चुकी है। ऐसे में ट्रायल में समय लगने की संभावना को देखते हुए जमानत देना उचित माना गया। साथ ही यह शर्त रखी गई कि आरोपी ट्रायल में बाधा नहीं डालेगा और बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाएगा। Bhopal Conversion Update : अमरीन-आफरीन का ईरानी डेरा कनेक्शन! पिता की मौत के बाद बनीं सेक्स रैकेट सरगना गायब हो गया असलम कुरैशी हालांकि, जमानत के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। जानकारी के अनुसार, भोपाल सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद असलम कुरैशी अचानक गायब हो गया। उसके भाई आसिफ का कहना है कि जब वे उसे लेने जेल पहुंचे, तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया। आरोप है कि जैसे ही असलम जेल से बाहर आया, एक पुलिस गाड़ी उसे अपने साथ ले गई। परिवार ने रात साढ़े 8 बजे से उसकी तलाश शुरू की और गांधी नगर थाने समेत कई जगह जानकारी ली, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। वहीं पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस मामले में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है, असलम कुरैशी का नाम शहर के अन्य ठेकों, खासकर वन विहार से जुड़े कार्यों में भी सामने आ रहा है, जहां मृत पशुओं को उठाने का काम किया जाता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। Bhopal Conversion Update : भोपाल धर्मांतरण मामले में 5-6 युवतियों के शोषण का बड़ा खुलासा, अब टीम अहमदाबाद रवाना अब इस पूरे मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या जांच एजेंसियां इस नेटवर्क की गहराई तक पहुंच पाई हैं या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। 26 टन मांस, 500 पेज की चार्जशीट और गंभीर आरोपों के बावजूद जमानत मिलना और फिर आरोपी का अचानक गायब हो जाना इस केस को और ज्यादा संवेदनशील बना रहा है।

Dhar Bhojshala Case : भोजशाला पर जैन समुदाय का दावा, मंदिर- मस्जिद के बाद अब नया विवाद

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Dhar Bhojshala Case : इंदौर। मध्य प्रदेश के धार जिले के बहुचर्चित भोजशाला मामले में अब नया मोड़ आ गया है। हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बाद अब जैन समाज ने भी इस विवाद में अपनी दावेदारी पेश की है। जैन समाज की ओर से इंदौर हाई कोर्ट (Indore High Court) में याचिका दायर की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि ASI (Archaeological Survey of India) के सर्वे के दौरान जैन धर्मस्थल होने के प्रमाण मिले हैं। अदालत इस याचिका पर जल्द सुनवाई कर सकती है। सभी पक्षकारों के दावे, आपत्तियां और सुझाव मांगे इससे पहले हाईकोर्ट ने ASI की सर्वे रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए सभी पक्षकारों से उनके दावे, आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। 23 फरवरी को हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी पक्ष रिपोर्ट का अध्ययन कर अपने-अपने पक्ष अदालत में प्रस्तुत करें। Bhojshala Dispute Hearing : 1000 साल पहले था सरस्वती मंदिर…हिंदू पक्ष का दावा, ASI सर्वे रिपोर्ट कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल 16 मार्च को डेढ़ घंटे तक चली बहस इसके बाद हिंदू और मुस्लिम पक्ष समेत अन्य प्रतिवादियों ने कोर्ट में अलग-अलग आवेदन और आपत्तियां दाखिल कीं। इन पर 16 मार्च को इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ में सुनवाई हुई, जो करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस दौरान अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि वह खुद 2 अप्रैल से पहले भोजशाला परिसर का निरीक्षण करेगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल से निर्धारित की गई है। इसी बीच जैन समाज की याचिका ने मामले को और जटिल बना दिया है। याचिका में कहा गया है कि ASI सर्वे के दौरान मिले तथ्यों से यह संकेत मिलता है कि भोजशाला स्थल पर जैन धर्म से जुड़े प्रमाण भी मौजूद हैं। Anant Singh Bail Granted : दुलारचंद मर्डर केस में बाहुबली अनंत सिंह को बड़ी राहत, 4 महीने बाद जमानत मंजूर इस नए दावे के बाद भोजशाला विवाद में एक और पक्ष जुड़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में अदालत में सुनवाई और बहस और भी अहम हो सकती है।

Anant Singh Bail Granted : दुलारचंद मर्डर केस में बाहुबली अनंत सिंह को बड़ी राहत, 4 महीने बाद जमानत मंजूर

Anant Singh Bail Granted

Anant Singh Bail Granted : पटना। JDU के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। दुलारचंद यादव हत्या मामले में हाई कोर्ट ने गुरुवार 19 मार्च को अनंत सिंह को जमानत दे दी है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए रिहाई का आदेश जारी किया। अनंत सिंह पिछले साल हुए इस हत्याकांड के आरोप में पटना की बेऊर जेल में बंद थे और अब उन्हें बड़ी राहत मिली है। यह मामला अक्टूबर 2025 का है, जब बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपित मानते हुए गिरफ्तार किया था। इससे पहले निचली अदालतों ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं, लेकिन अब हाईकोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद वे जल्द ही जेल से बाहर आ हकदार। Anant Singh Oath : जेल से विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह ने ली शपथ, CM नीतीश के पैर छूने वाला वीडियो वायरल क्या है पूरा मामला? 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक गांव में दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। दुलारचंद यादव पहले आरजेडी से जुड़े रहे थे और मोकामा से जन सुराज के सीनेट के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। हत्या का आरोप अनंत सिंह पर लगाया गया था। चुनावी प्रक्रिया के बीच ही 1 नवंबर की रात पुलिस ने अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 2 नवंबर को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और फिर बेऊर जेल भेज दिया गया। करीब साढ़े चार महीने बाद अब उन्हें जमानत मिल गई है। Bihar Politics : नीतीश कुमार CM नहीं तो मैं भी नहीं! क्या अनंत सिंह ने लिया राजनीति से संन्यास का फैसला? जेल में रहकर जीता चुनाव अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए ही मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की। ​​हाल ही में 16 मार्च को वे राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के लिए विधानसभा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि वे जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद अनंत सिंह ने भी ऐलान किया है कि वे अब आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा है कि मोकामा सीट से भविष्य में उनके बड़े बेटे चुनाव लड़ेंगे।

BJP Candidate List : असम चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट, जानिए किसे मिली टिकट

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BJP Candidate List : दिसपुर। असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 88 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। खास बात यह है कि पार्टी ने चार महिलाओं को टिकट दिया है, जिनमें से दो उम्मीदवार अनुसूचित जनजाति सीटों से चुनाव लड़ेंगी। बीजेपी की इस पहली सूची में सबसे बड़ा नाम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) का है, जो अपनी पारंपरिक जालुकबारी सीट से ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। BJP Candidates List : CM ममता की सीट से चुनाव लड़ेंगे अधिकारी, बंगाल चुनाव के लिए BJP की 144 कैंडिडेट लिस्ट जारी वहीं, कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत को दिसपुर सीट से टिकट दिया गया है। पार्टी ने राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में अपने मजबूत चेहरों पर भरोसा जताया है और खासतौर पर गुवाहाटी और आसपास की सीटों पर विशेष ध्यान दिया गया है। गोलकगंज से अश्विनी राय सरकार, धुबरी से उत्तम प्रसाद, मंदिया से बदल चंद्र आर्य, गोआलपाड़ा वेस्ट से पबित्र राभा दुधनाई से टंकेश्वर राभा बिरसिंह-जरुआ से माधवी दास अभयापुरी से भूपेन राय भोवानिपुर-सोरभोग सीट से रंजीत कुमार दास को चुनावी मैदान में उतारा है। गुवाहाटी और आसपास की प्रमुख सीटों पर भी बीजेपी ने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। नलबाड़ी से जयंत मल्ला बरुआ, तिहू से चंद्रमोहन पटवारी, रंगिया से भवेश कलिता, कमलपुर से दिगंत कलिता, गुवाहाटी सेंट्रल से विजय कुमार गुप्ता न्यू गुवाहाटी से दिप्लू रंजन शर्मा पलासबाड़ी से हिमांशु शेखर बैश्य, बरखेरी से नारायण डेका चमरिया से ज्योत्सना कलिता को उम्मीदवार बनाया गया है। 89 सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी BJP असम में बीजेपी ने अपने सहयोगी दलों असम गण परिषद (Asom Gana Parishad) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (Bodoland People’s Front) के साथ गठबंधन किया है। राज्य की कुल 126 विधानसभा सीटों में से बीजेपी 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि 26 सीटों पर एजीपी और 11 सीटों पर बीपीएफ अपने उम्मीदवार उतारेंगे। TMC Candidate List : 74 के टिकट काटकर नए चेहरों को मौका, मैदान में उतारे 47 मुस्लिम कैंडिडेट चुनाव प्रचार करेंगे PM मोदी और शाह चुनाव प्रचार को लेकर भी बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल के पहले हफ्ते में असम दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे 1 अप्रैल, 3 अप्रैल और 6 अप्रैल को तीन बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी राज्य के कई इलाकों में चुनावी रैलियां कर प्रचार अभियान को गति देंगे। यहां देखिये कैंडिडेट्स की पूरी लिस्ट press-release-1st-list-of-bjp-candidate-for-assam-on-19.03.2026

Mukesh Malhotra : सुप्रीम कोर्ट से मुकेश मल्होत्रा को राहत, चुनाव शून्य घोषित वाले हाईकोर्ट फैसले पर स्टे

Mukesh Malhotra

Mukesh Malhotra : भोपाल। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा (Mukesh Malhotra) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके मामले में अगली सुनवाई तक स्टे दे दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी और तब तक उन्हें अंतरिम राहत मिल गई है। मुकेश मल्होत्रा की ओर से वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा (Vivek Tankha) ने पैरवी की। Chaitra Navratri 2026 : चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ आज से, जानिए घट स्थापना के मुहूर्त और पूजा-व्रत का महत्व हाई कोर्ट ने चुनाव शून्य किया था घोषित इससे पहले ग्वालियर हाई कोर्ट (Gwalior High Court) ने मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित कर दिया था। हाईकोर्ट ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए 15 दिनों का समय भी दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए मुकेश मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां आज इस मामले पर सुनवाई हुई और उन्हें राहत मिल गई। Vijaypur MLA Ram Niwas Rawat : मुकेश मल्होत्रा की सीट की रद्द, रामनिवास रावत बने विजयपुर के नए MLA; जानिये क्या है मामला ये है पूरा मामला दरअसल, 9 मार्च को ग्वालियर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने के आरोप के चलते उनका चुनाव निरस्त कर दिया था। इस मामले की सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच में हुई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद मुकेश मल्होत्रा पर कुछ प्रतिबंध जारी रहेंगे। वे राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे और उन्हें मानदेय भी नहीं मिलेगा। हालांकि, वे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे।

Iran-Israel War : कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट पर हमला, ट्रम्प बोले- कतर फिर हमला बर्दाश्त नहीं, दी बड़े हमले की चेतावनी

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Iran-Israel War : तेहरान। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का आज 20वां दिन है। हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कतर पर दोबारा हमला हुआ तो अमेरिका बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने साफ कहा कि कतर पर हमला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तनाव की शुरुआत उस समय हुई जब इज़राइल ने ईरान के पार्स गैस प्लांट पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट ‘रास लफान’ पर मिसाइल हमला कर दिया। इस हमले के बाद वहां आग लग गई और काफी नुकसान हुआ। हालांकि बाद में आग को पूरी तरह काबू में कर लिया गया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इसके बाद कतर ने ईरान पर “रेड लाइन पार करने” का आरोप लगाया और ईरानी अधिकारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया। Iftar Party in Ganga : गंगा में इफ्तार पार्टी करने वाले युवक गिरफ्तार, गंगा में बिरयानी पार्टी कर मजहब का उड़ाया मजाक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (President Donald Trump) ने कहा कि अमेरिका को इजराइल के इस हमले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी और कतर भी इसमें शामिल नहीं था। उनके अनुसार ईरान ने गलतफहमी में कतर को निशाना बनाया। ट्रम्प ने यह भी कहा कि वे युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर कतर पर फिर हमला हुआ तो अमेरिका सख्त कदम उठाएगा। अमेरिकी इंटेलिजेंस का दावा: ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा शुरू नहीं किया अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) ने कहा है कि ईरान ने अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा शुरू नहीं किया है। उनके मुताबिक पिछले साल जून के हमलों के बाद ईरान की यह क्षमता लगभग खत्म हो गई थी। उन्होंने बताया कि 2025 में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने इसे दोबारा शुरू करने की कोई कोशिश नहीं की। यह बयान ट्रम्प के दावों से अलग माना जा रहा है। ट्रम्प पहले कह चुके हैं कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम खतरा है और इसी वजह से हाल का युद्ध जरूरी था। Iran-Israel War : भारत ने जंग के बीच ईरान को भेजी मेडिकल मदद, इजराइल का दावा- ईरानी इंटेलिजेंस मिनिस्टर की मौत वहीं डेमोक्रेटिक नेता मार्क वार्नर ने कहा कि गबार्ड ने अपनी बात का वह हिस्सा सार्वजनिक रूप से नहीं बताया, जो ट्रम्प के दावों से अलग था। ईरान पहले से कहता आया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा और कुछ विशेषज्ञ भी मानते हैं कि फिलहाल उससे तुरंत बड़ा खतरा नहीं है। ईरान में तीन लोगों को फांसी ईरान में जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में तीन लोगों को फांसी दे दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इन लोगों को दो पुलिस अधिकारियों की हत्या का दोषी पाया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल की शुरुआत में हुए विरोध प्रदर्शनों में भारी हिंसा हुई थी और करीब 3,117 लोगों की मौत हुई थी। वहीं मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी का कहना है कि असली आंकड़ा इससे ज्यादा हो सकता है। एजेंसी के अनुसार अब तक 6,854 मौतों की पुष्टि हो चुकी है और 11,280 से ज्यादा मामलों की जांच जारी है। Dhoni Jersey Number : धोनी ने छोड़ा नंबर 7! IPL 2026 से पहले थाला का मिस्ट्री पोस्ट, क्या ये आखिरी सीजन का इशारा? लेबनान में इजराइली हमले पिछले दो दिनों में लेबनान में इजराइल के हमलों में 45 लोगों की मौत हो गई है। वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक राजधानी बेरूत में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। यहां 11 लोगों की मौत हुई और 45 लोग घायल हुए, जिनमें 14 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा देश के अन्य इलाकों में भी हमले हुए, जिनमें कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए। कतर का कड़ा कदम कतर ने ईरानी दूतावास के मिलिट्री और सिक्योरिटी अधिकारियों को “पर्सोना नॉन ग्राटा” यानी अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है। कतर ने उनसे 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने को कहा है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में ईरान के दूतावास को आधिकारिक नोट भी भेजा है। कतर का कहना है कि ईरान बार-बार उसके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और उसकी सुरक्षा तथा संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है। युद्ध के लिए बड़े बजट की मांग अमेरिकी अखबार द वाशिंगटन पोस्ट (The Washington Post) की रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन ने ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए व्हाइट हाउस से 200 अरब डॉलर से ज्यादा का बजट मांगा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक इस युद्ध की लागत 11 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है और यह प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है। Security Chief Ali Larijani : ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत! क्या बोले इजरायल के रक्षा मंत्री ईरान की चेतावनी ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने कहा है कि सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी (Ali Larijani) की हत्या का बदला लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हर खून की एक कीमत होती है। युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय हालात इस बीच होर्मुज स्ट्रेट से तेल आपूर्ति रुकने के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने सहयोगी NATO देशों से इस समुद्री रास्ते को खोलने में मदद मांगी है। हालांकि नाटो देशों ने साफ कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट में अपने युद्धपोत नहीं भेजेंगे। युद्ध में मारे गए प्रमुख अधिकारी इस युद्ध के दौरान ईरान के कई बड़े नेता और अधिकारी मारे गए हैं। इनमें अली खामेनेई, अली शामखानी, मोहम्मद पाकपुर, अज़ीज़ नसीरज़ादेह, अब्दोलरहीम मौसवी और घोलमरेज़ा सोलेमानी जैसे नाम शामिल हैं।

Chaitra Navratri 2026 : चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ आज से, जानिए घट स्थापना के मुहूर्त और पूजा-व्रत का महत्व

Chaitra Navratri 2026

Chaitra Navratri 2026 : नई दिल्ली। आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। यह पावन पर्व 19 मार्च से 27 मार्च तक मनाया जाएगा। वसंत ऋतु में आने के कारण इसे वासंती नवरात्र भी कहा जाता है। हिंदू नववर्ष के साथ शुरू होने के कारण यह साल की पहली नवरात्रि मानी जाती है। इन नौ दिनों में देवी पूजा के साथ-साथ व्रत का विशेष महत्व होता है। आयुर्वेद के अनुसार वसंत ऋतु की शुरुआत के साथ बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इस समय खानपान पर विशेष ध्यान देने की परंपरा है। माना जाता है कि नवरात्रि में संयमित आहार और व्रत रखने से शरीर पूरे साल स्वस्थ रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार साल में दो नवरात्रि सबसे खास मानी जाती हैं। पहली वसंत ऋतु में मनाई जाने वाली चैत्र नवरात्रि होती है, जबकि दूसरी शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) में आने वाली शारदीय नवरात्रि होती है। Iftar Party in Ganga : गंगा में इफ्तार पार्टी करने वाले युवक गिरफ्तार, गंगा में बिरयानी पार्टी कर मजहब का उड़ाया मजाक घट स्थापना के शुभ मुहूर्त नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। सुबह 6:30 से 8:00 तक शुभ मुहूर्त रहेगा। इसके बाद सुबह 11:00 से दोपहर 12:30 तक चंचल मुहूर्त और दोपहर 2:00 से 3:30 तक अमृत मुहूर्त रहेगा। शाम 5:00 से 6:30 तक शुभ मुहूर्त और सुबह 10:55 से दोपहर 12:35 तक अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा। इसके अलावा शाम 6:30 से रात 8:00 तक अमृत मुहूर्त, दोपहर 12:30 से 2:00 तक लाभ मुहूर्त और रात 8:00 से 9:30 तक चंचल मुहूर्त भी घट स्थापना के लिए अनुकूल हैं। नौ दिनों की पूजा विधि नवरात्रि के नौ दिनों में नियमित पूजा का विशेष महत्व होता है। हर दिन पूजा से पहले अपने ऊपर गंगाजल छिड़कना चाहिए, तिलक लगाना चाहिए और दीपक जलाना चाहिए। पूजा की शुरुआत सबसे पहले गणेशजी से की जाती है, इसके बाद देवी पार्वती, कलश और फिर देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। Hindu Nav Varsh 2026 : हिंदू नववर्ष पर नीम-मिश्री खाने की परंपरा क्यों? जानिए वैज्ञानिक कनेक्शन प्रतिदिन देवी लक्ष्मी, सरस्वती और कालिका की भी आराधना की जाती है। पूजा में कुमकुम, चावल, हल्दी, मेहंदी, फूल और इत्र का उपयोग किया जाता है। पूजा के अंत में नैवेद्य अर्पित कर आरती की जाती है और प्रसाद बांटा जाता है। कलश स्थापना का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मिट्टी का कलश पृथ्वी तत्व का प्रतीक होता है। इसमें भरा जल और उसमें मौजूद वायु तत्व जीवन का आधार माने जाते हैं, जबकि पास रखा दीपक अग्नि तत्व का प्रतीक होता है। कलश में आकाश तत्व यानी ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा का आवाहन करना ही घट स्थापना कहलाता है। मान्यता है कि जल से ही सृष्टि की उत्पत्ति हुई है और जल में सभी देवी-देवताओं का निवास होता है, इसलिए कलश में शक्ति का आवाहन किया जाता है। नौ दिनों तक अलग-अलग देवी की पूजा क्यों नवरात्रि के दौरान हर दिन देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। हालांकि केवल देवी दुर्गा की पूजा करना भी मान्य है, क्योंकि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देवी दुर्गा के ही नौ रूपों की आराधना की जाती है। इन नौ रूपों को नवदुर्गा कहा जाता है। यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और इसका उल्लेख पुराने ग्रंथों में भी मिलता है। Hindu Nav Varsh 2026 : हिंदू नववर्ष पर नीम-मिश्री खाने की परंपरा क्यों? जानिए वैज्ञानिक कनेक्शन व्रत रखने का महत्व नवरात्रि में व्रत रखने से खानपान में संयम आता है और शरीर को लाभ मिलता है। व्रत के दौरान शरीर अपनी कमजोर कोशिकाओं को तोड़कर ऊर्जा बनाता है, जिससे अच्छी कोशिकाएं सुरक्षित रहती हैं। इस प्रक्रिया को ऑटोफेजी कहा जाता है। इसी प्रक्रिया को समझाने के लिए जापानी वैज्ञानिक योशिनोरी ओशुमी को वर्ष 2016 में मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार मिला था। शोध के अनुसार उपवास शरीर को हल्के तनाव में डालता है, जिससे कोशिकाएं मजबूत होती हैं और शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है। व्रत के नियम और कायदे नवरात्रि का व्रत केवल भोजन तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें मन, वचन और कर्म का भी संयम जरूरी होता है। मानसिक व्रत में व्यक्ति को काम, क्रोध और लोभ जैसे विचारों का त्याग करना चाहिए। वाचिक व्रत में हमेशा सत्य बोलना चाहिए और ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए जिससे किसी को दुख पहुंचे। Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के पहले दिन क्यों बोया जाता है जौ? जानिए पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यता कायिक व्रत में किसी भी प्रकार की हिंसा से बचना चाहिए और ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे किसी को नुकसान हो। इस तरह का संयम व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी माना जाता है।