Share Market Today : शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,100 के आसपास

Share Market Today : मुंबई। शेयर बाजार में आज 11 मार्च को गिरावट देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 500 अंक टूटकर 77,700 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 150 अंक गिरकर 24,100 के आसपास पहुंच गया है। बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों में सावधानी का माहौल नजर आ रहा है। आज के कारोबार में बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में ज्यादा दबाव देखा जा रहा है। इन सेक्टरों की कई बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर भी असर पड़ा है। Iran Israel War : युद्ध में अमेरिका के 7 सैनिकों की मौत 140 घायल, ईरान में अब तक 8000 घरों पर हमला कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड करीब 0.25% गिरकर 88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। वहीं अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) भी घटकर करीब 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों का संकेत मानी जा रही है। एशियाई बाजारों में तेजी एक ओर भारतीय बाजार में गिरावट है, वहीं एशियाई बाजारों में आज तेजी देखने को मिल रही है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3.50% की बढ़त के साथ 5,724 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई इंडेक्स 1,351 अंक यानी 2.50% की तेजी के साथ 55,599 के स्तर पर पहुंच गया है। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ 25,963 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी मामूली बढ़त के साथ 4,125 के स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी बाजार में भी हल्की गिरावट 10 मार्च को अमेरिकी शेयर बाजार में भी हल्की गिरावट देखने को मिली थी। डाउ जोन्स 34 अंक यानी 0.07% गिरकर 47,706 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं टेक्नोलॉजी आधारित इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट लगभग स्थिर रहकर 22,697 पर बंद हुआ। इसके अलावा एसएंडपी 500 इंडेक्स 14 अंक यानी 0.21% गिरकर 6,781 के स्तर पर बंद हुआ। Surya Gochar 2026 : 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी विदेशी निवेशकों (FII) की ओर से भी बाजार में लगातार बिकवाली देखी जा रही है। 10 मार्च को विदेशी निवेशकों ने कैश सेगमेंट में 4,672 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 6,333 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की। मार्च महीने की बात करें तो अब तक विदेशी निवेशकों ने कुल 32,849 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। इसके विपरीत घरेलू निवेशकों ने इस दौरान 48,134 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की है। फरवरी महीने में भी विदेशी निवेशकों ने 6,640 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे, जबकि घरेलू निवेशकों ने 38,423 करोड़ रुपए की खरीदारी की थी। एक दिन पहले बाजार में आई थी तेजी गौरतलब है कि इससे पहले 10 मार्च को शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखी गई थी। उस दिन सेंसेक्स 640 अंक यानी 0.82% की बढ़त के साथ 78,205 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 233 अंक यानी 0.97% की तेजी के साथ 24,262 के स्तर पर बंद हुआ था।
Iran Israel War : युद्ध में अमेरिका के 7 सैनिकों की मौत 140 घायल, ईरान में अब तक 8000 घरों पर हमला

Iran Israel War : ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव के 10 दिनों में करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता सीन पर्नेल ने ईमेल के जरिए जारी बयान में बताया कि घायल सैनिकों में से ज्यादातर को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि 108 सैनिक इलाज के बाद दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं, जबकि 8 सैनिक अभी भी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। ईरान की ओर से किए गए रॉकेट और ड्रोन हमलों के दौरान कुवैत और सऊदी अरब में तैनात सात अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हुई है। वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस संघर्ष में घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या करीब 150 तक पहुंच सकती है, जो पहले जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों से अधिक है। Maulana on CM Yogi Mother : कौन है मौलाना अब्दुल्ला सलीम, 83 थानों में FIR, CM योगी की मां पर की थी टिप्पणी व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग में प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिना लेविट ने भी संकेत दिया कि घायल सैनिकों की संख्या लगभग 150 के आसपास हो सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका ने इजरायल की सेना के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी ठिकानों पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए। अब तक ज्ञात जानकारी के अनुसार छह अमेरिकी सैनिकों की मौत एक ईरानी हमले में हुई है। The six fallen warriors represent the very best of America, giving everything in service to our country. Their service and sacrifice will never be forgotten. Freedom is never free. May God bless them, their families, and the United States of America. 🇺🇸 pic.twitter.com/TjEoZWhG0N — The White House (@WhiteHouse) March 7, 2026 चोटों की प्रकृति अभी साफ नहीं रिपोर्ट के मुताबिक अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घायल सैनिकों को किस तरह की चोटें आई हैं। यह भी जानकारी सामने नहीं आई है कि किसी सैनिक को विस्फोट से होने वाली गंभीर चोट, जैसे ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी (TBI), लगी है या नहीं। ईरान ने अपने जवाबी हमलों में अरब खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों के साथ-साथ कूटनीतिक मिशनों, होटलों और हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया है। कुछ हमलों से तेल से जुड़े ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। Bhopal Conversion Update : अमरीन-आफरीन का ईरानी डेरा कनेक्शन! पिता की मौत के बाद बनीं सेक्स रैकेट सरगना ईरानी हमलों की तीव्रता में कमी हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ईरानी हमलों की तीव्रता कम होती दिखाई दे रही है। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना लगातार ईरान के हथियार भंडार और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाकर कार्रवाई कर रही है। डैन केन ने पेंटागन की ब्रीफिंग में कहा कि यह संघर्ष अमेरिकी सेना के लिए उम्मीद से ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं रहा है। अमेरिका के लिए महंगा साबित हो रहा युद्ध यह युद्ध अमेरिका के लिए आर्थिक रूप से भी भारी पड़ रहा है। शुरुआती 48 घंटों में ही अमेरिका ने करीब 560 करोड़ डॉलर के हथियार और गोला-बारूद का इस्तेमाल किया था। अमेरिका लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि यह युद्ध तीन से चार हफ्तों तक चल सकता है, लेकिन हाल ही में उन्होंने संकेत दिया कि संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है। उनके विशेष दूत स्टीव विटकाफ जल्द ही इजरायल की यात्रा पर जाने वाले हैं, जहां इस मुद्दे पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है। Surya Gochar 2026 : 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य देव, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत ईरान का पलटवार और वैश्विक असर हालांकि ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युद्ध का अंत वही तय करेगा। ईरान ने संघर्ष शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है। इजरायल ने भी साफ कर दिया है कि वह इस युद्ध को निर्णायक मोड़ तक ले जाना चाहता है। ऐसे में फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि यह संघर्ष कब खत्म होगा, हालांकि दुनिया भर में जल्द शांति की उम्मीद जरूर जताई जा रही है।