Nitish Kumar Nomination : नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, गृहमंत्री शाह भी रहे मौजूद

Nitish Kumar Nomination : पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान विधानसभा परिसर में एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे, जिससे इस कदम को बिहार की राजनीति में अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। नामांकन के समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) भी विधानसभा पहुंचे। उनके साथ बिहार बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी राज्यसभा के लिए अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी नेता विधानसभा से रवाना हो गए। इसके बाद अमित शाह भाजपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक के लिए स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे। माना जा रहा है कि इस बैठक में बिहार की आगे की राजनीतिक रणनीति और सरकार के भविष्य को लेकर चर्चा हो सकती है। Nitish Kumar : कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री, राज्यसभा जायेंगे नीतीश कुमार, बोले- नई सरकार को पूरा सहयोग सोशल मीडिया पर जताई पुरानी इच्छा नामांकन से पहले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी एक इच्छा थी। उन्होंने लिखा कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों—विधानसभा और विधान परिषद—के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों, यानी लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य बनना चाहते थे। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में इस बार होने वाले चुनाव में वे राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा समर्थन और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। तेजस्वी यादव का भाजपा पर आरोप नीतीश कुमार के इस फैसले पर विपक्ष ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजद नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में “महाराष्ट्र मॉडल” लागू किया गया है। US Attack Iranian Warship : IRIS Dena पर अमेरिकी हमला, 87 सैनिकों की मौत, ईरान ने दी कड़ी चेतावनी तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर इतना दबाव बनाया कि उन्हें पद छोड़ने की स्थिति में आना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा अक्सर अपनी सहयोगी पार्टियों को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है। बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा पहुंचते हैं तो बिहार में सत्ता समीकरण में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में यह सवाल भी उठने लगा है कि उनके बाद राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और सरकार की कमान किसके हाथ में जाएगी।
US Attack Iranian Warship : IRIS Dena पर अमेरिकी हमला, 87 सैनिकों की मौत, ईरान ने दी कड़ी चेतावनी

US Attack Iranian Warship : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हिंद महासागर से बड़ी खबर सामने आई है। भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो हमला किए जाने का दावा किया गया है। इस हमले के बाद युद्धपोत श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास डूब गया, जिसमें अब तक 87 नाविकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार जहाज पर करीब 180 नौसैनिक सवार थे। श्रीलंका की नौसेना ने राहत और बचाव अभियान चलाकर 32 घायल नाविकों को समुद्र से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया है। बाकी लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। Petrol Diesel Price Hike : भारत में पेट्रोल-डीजल और CNG के बढ़ सकते हैं दाम! अमेरिका ने हमले की पुष्टि की अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने कहा कि हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाया। उनके मुताबिक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहला मामला है, जब किसी पनडुब्बी ने इस तरह टॉरपीडो से किसी युद्धपोत को डुबोया है। हेगसेथ ने कहा कि ईरानी जहाज को लगा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में सुरक्षित है, लेकिन उसे टॉरपीडो से डुबो दिया गया। श्रीलंका के पास जारी किया था संकट संदेश ईरानी नौसेना के इस फ्रिगेट ने स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 5:30 बजे संकट संदेश (डिस्ट्रेस कॉल) भेजा था। उस समय जहाज Galle से करीब 40 समुद्री मील दूर ऑपरेट कर रहा था। जब श्रीलंका की नौसेना मौके पर पहुंची तो जहाज डूब चुका था। समुद्र में तेल के धब्बे, लाइफ राफ्ट और पानी में तैरते लोग दिखाई दिए। Iran Israel War : फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप पर इजराइली हमला, अब ईरान बनाएगा न्यूक्लियर सेंटर को निशाना! भारत से लौट रहा था युद्धपोत यह ईरानी युद्धपोत हाल ही में भारत के विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 (International Fleet Review 2026) और बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास MILAN 2026 नेवल एक्सरसाइज (Naval Exercise) में हिस्सा लेकर लौट रहा था। भारतीय नौसेना ने फरवरी में विशाखापत्तनम पहुंचने पर इस जहाज का स्वागत भी किया था। ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Seyed Abbas Araghchi) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के तट से लगभग 2000 मील दूर अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हमला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जहाज भारत की नौसेना का “मेहमान” था और अमेरिका ने खतरनाक मिसाल कायम की है। अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका को अपने इस कदम पर पछताना पड़ेगा। पश्चिम एशिया में बढ़ता जा रहा तनाव यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। हाल के दिनों में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ गई हैं। Stock Market Today : सेंसेक्स 300 अंक तो निफ्टी 100 अंक चढ़ा, जानिये आज के शेयर मार्केट का हाल विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर में हुई यह घटना क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है और आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा हालात पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
Petrol Diesel Price Hike : भारत में पेट्रोल-डीजल और CNG के बढ़ सकते हैं दाम!

Petrol Diesel Price Hike : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें बढ़कर करीब 84 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं, जो लगभग एक साल के उच्च स्तर के आसपास है। पिछले 5 दिनों में क्रूड करीब 20% महंगा हुआ है, जबकि 3 महीनों में इसकी कीमत 34% तक बढ़ चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है। 90 से 100 डॉलर तक जा सकता है क्रूड ब्रोकरेज फर्म Citigroup का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें आगे 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। अगर ईरान से जुड़ा तनाव लंबा चलता है या क्षेत्र में अस्थिरता बनी रहती है तो तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। हालांकि यदि हालात जल्द सामान्य होते हैं तो कीमतें फिर से 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ सकती हैं। वहीं निवेश बैंक Goldman Sachs ने चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz से तेल की सप्लाई अगले पांच हफ्तों तक प्रभावित रहती है तो ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। यह समुद्री रास्ता बेहद अहम है क्योंकि दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। भारत भी अपने कुल कच्चे तेल आयात का 40% से ज्यादा हिस्सा इसी मार्ग से मंगाता है। Stock Market Today : सेंसेक्स 300 अंक तो निफ्टी 100 अंक चढ़ा, जानिये आज के शेयर मार्केट का हाल पेट्रोल-डीजल महंगे होने की आशंका कमोडिटी विशेषज्ञ अजय केडिया के अनुसार आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी कई वजहें बताई जा रही हैं। पहली वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। दूसरी वजह डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी है। डॉलर इंडेक्स करीब 99 के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि रुपया लगभग 92.50 प्रति डॉलर के स्तर तक गिर गया है। तीसरी वजह यह है कि भारत को अब ईरान और रूस के अलावा Venezuela जैसे देशों से भी तेल खरीदना पड़ रहा है, जिसका खर्च ज्यादा पड़ता है। इसके साथ ही वहां से आने वाले तेल का इंश्योरेंस प्रीमियम भी ज्यादा है। Iran Israel War : फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप पर इजराइली हमला, अब ईरान बनाएगा न्यूक्लियर सेंटर को निशाना! LNG सप्लाई में कटौती, CNG-PNG महंगे हो सकते हैं ऊर्जा बाजार में संकट सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं है। गैस सप्लाई पर भी असर पड़ रहा है। भारत को गैस देने वाला बड़ा देश Qatar फिलहाल अपने LNG प्लांट का उत्पादन रोक चुका है। इसके कारण भारत आने वाली गैस की सप्लाई में करीब 40% तक कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की लगभग 40% LNG कतर से आयात करता है। विदेश से आने वाली LNG को गैस में बदलकर ही CNG और PNG की सप्लाई की जाती है। सप्लाई कम होने की स्थिति में सिटी गैस कंपनियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में इनकी कीमतें भी बढ़ सकती हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य बना बड़ी चुनौती भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का असुरक्षित होना है। यह संकरा समुद्री रास्ता है जिससे होकर कतर और यूएई जैसे देश तेल और गैस निर्यात करते हैं। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 28 फरवरी को जहां इस रास्ते से 91 जहाज गुजरे थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 26 जहाज रह गई है। Gold Silver Prices Today : मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोना पांचवें दिन चमका, पेट्रोल-डीजल महंगा होने के आसार बिजली और खाद उत्पादन पर भी असर LNG का इस्तेमाल सिर्फ वाहनों और घरों में ही नहीं होता, बल्कि इससे बिजली उत्पादन और खाद बनाने का काम भी होता है। अगर गैस की सप्लाई लंबे समय तक प्रभावित रहती है तो गैस आधारित पावर प्लांट्स की बिजली महंगी हो सकती है। वहीं उर्वरक उद्योग में भी गैस की कमी से खाद उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जल्दी खत्म नहीं हुआ, तो इसका असर आने वाले महीनों में भारत के ऊर्जा बाजार और आम लोगों की जेब पर भी दिखाई दे सकता है।
Nitish Kumar : कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री, राज्यसभा जायेंगे नीतीश कुमार, बोले- नई सरकार को पूरा सहयोग

Nitish Kumar : पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा ट्विस्ट आ गया है। नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं लेकिन इस बार नीतीश राज्यसभा चुनाव के जरिए संसद के उच्च सदन में जाना चाहते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए सार्वजनिक रूप से अपनी यह इच्छा जाहिर की है। करीब दो दशकों से बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा कि वे अब अपने संसदीय जीवन के उस पुराने सपने को पूरा करना चाहते हैं, जिसमें वे संसद और विधानमंडल के सभी चारों सदनों का सदस्य बनना चाहते थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के विकास के लिए उनका संकल्प पहले की तरह ही कायम रहेगा। Stock Market Today : सेंसेक्स 300 अंक तो निफ्टी 100 अंक चढ़ा, जानिये आज के शेयर मार्केट का हाल ‘मेरे मन में एक इच्छा थी…’ सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में नीतीश कुमार ने जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि पिछले दो दशकों से भी अधिक समय तक लोगों ने उन पर भरोसा और समर्थन बनाए रखा, जिसकी वजह से उन्हें बिहार और राज्य की जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास और सहयोग की वजह से ही बिहार आज विकास और सम्मान की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके लिए उन्होंने लोगों के प्रति आभार भी जताया। नीतीश कुमार ने आगे लिखा कि जब उन्होंने अपना संसदीय जीवन शुरू किया था, तभी उनके मन में एक इच्छा थी कि वे बिहार विधानसभा (Bihar Legislative Assembly) और बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों लोक सभा और राज्य सभा का सदस्य बनें। इसी क्रम में वे इस बार होने वाले राज्यसभा चुनाव में हिस्सा लेना चाहते हैं। नई सरकार को देंगे सहयोग नीतीश कुमार ने यह भी भरोसा दिलाया कि जनता के साथ उनका रिश्ता आगे भी बना रहेगा। उन्होंने कहा कि बिहार को विकसित बनाने का उनका संकल्प पहले की तरह जारी रहेगा और राज्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। उनका यह बयान बिहार की राजनीति में संभावित बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। IND vs ENG Semifinal : T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल आज, भारत और इंग्लैंड के बीच वानखेड़े में बड़ी भिड़ंत बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन? अगर नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जाते हैं, तो मुख्यमंत्री पद खाली हो जाएगा। ऐसे में राज्य में नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए माना जा रहा है कि सत्ता में सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भूमिका मजबूत हो सकती है। अगर बीजेपी का कोई नेता मुख्यमंत्री बनता है, तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होगा, क्योंकि लंबे समय बाद पार्टी का अपना नेता इस पद पर बैठ सकता है। निशांत कुमार को मिल सकती है जिम्मेदारी राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार के बेटे नितीश कुमार (Nishant Kumar) को भी सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। चर्चा है कि अगर राज्य में सत्ता परिवर्तन होता है, तो उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। US-Israel-Iran War : ट्रंप का ‘बचाव’ वादा ऐसे पूरा हुआ? ईरान ने 165 बच्चियों की सामूहिक कब्रों की तस्वीर शेयर कर पूछा सवाल हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी भी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव और बिहार की राजनीति के नए समीकरणों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
Stock Market Today : सेंसेक्स 300 अंक तो निफ्टी 100 अंक चढ़ा, जानिये आज के शेयर मार्केट का हाल

Stock Market Today : घरेलू शेयर बाजार में आज यानी 5 मार्च को तेजी देखने को मिल रही है। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंकों की बढ़त के साथ 79,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी भी लगभग 100 अंक चढ़कर 24,600 के स्तर पर पहुंच गया है। बाजार में ऑटो और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कमोडिटी बाजार में बढ़ती हलचल के कारण भारतीय बाजार में भी खरीदारी का माहौल बना हुआ है। Gold Silver Prices Today : मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोना पांचवें दिन चमका, पेट्रोल-डीजल महंगा होने के आसार कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड आज करीब 1% बढ़कर 83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। पिछले चार दिनों में इसके दाम करीब 15% तक बढ़ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। इसका सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। संभावना जताई जा रही है कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 95 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर करीब 100 रुपए तक पहुंच सकती है, जबकि डीजल 88 रुपए से बढ़कर 92 रुपए प्रति लीटर तक जा सकता है। अन्य शहरों में भी इसी तरह कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। Stock Market Closed : जंग के असर से कच्चा तेल 80$ पार, हिले एशियाई बाजार ; भारत में मार्केट बंद! सोना और चांदी भी महंगे वायदा बाजार में भी आज कीमती धातुओं के दामों में तेज बढ़त देखी जा रही है। MCX में सोना 1,000 रुपए बढ़कर 1.63 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी की कीमत में 5,000 रुपए की तेजी आई है, जिसके बाद यह 2.71 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। एशियाई बाजारों में भी तेजी आज एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूत बढ़त देखने को मिली। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 519 अंक या 10.20% चढ़कर 5,612 पर कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई इंडेक्स 1,350 अंक या 2.50% बढ़कर 55,596 पर पहुंच गया। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 416 अंक या 1.65% की तेजी के साथ 25,666 पर है। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 27 अंक या 0.65% बढ़कर 4,109 पर कारोबार कर रहा है। IND vs ENG Semifinal : T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल आज, भारत और इंग्लैंड के बीच वानखेड़े में बड़ी भिड़ंत अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद 4 मार्च को अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स इंडेक्स 238 अंक यानी 0.49% बढ़कर 48,739 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 1.29% चढ़कर 22,807 पर पहुंच गया। S&P 500 इंडेक्स 52 अंक यानी 0.78% की तेजी के साथ 6,869 पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी दिन बाजार में गिरावट इससे पहले 4 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 1,123 अंक यानी 1.40% टूटकर 79,116 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 385 अंक यानी 1.55% गिरकर 24,480 के स्तर पर आ गया था। आज की तेजी से निवेशकों को कुछ राहत मिली है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की दिशा आगे तय होगी।
IND vs ENG Semifinal : T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल आज, भारत और इंग्लैंड के बीच वानखेड़े में बड़ी भिड़ंत

IND vs ENG Semifinal : मुंबई। टी-20 वर्ल्ड कप में आज क्रिकेट फैंस को बड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। सेमीफाइनल के दूसरे मैच में भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा। इस मैच को लेकर दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि हाल के वर्षों में दोनों टीमें कई बड़े मुकाबलों में आमने-सामने आ चुकी हैं। खास बात यह है कि दोनों टीमें लगातार तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भिड़ रही हैं। इससे पहले 2022 और 2024 में भी भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मुकाबले हुए थे, जिसमें दोनों टीमों को एक-एक जीत मिली थी। दिलचस्प बात यह भी रही कि सेमीफाइनल जीतने वाली टीम ने उन दोनों मौकों पर फाइनल भी अपने नाम किया था। IND T20 WC Semifinal : वेस्ट इंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में भारत, ईडन गार्डन्स में बना विश्व रिकॉर्ड छठी बार सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड भारतीय टीम टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में छठी बार सेमीफाइनल में पहुंची है। इससे पहले टीम 2007, 2014, 2016, 2022 और 2024 में भी अंतिम चार में जगह बना चुकी है। इन पांच मौकों में से भारत ने तीन बार सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह बनाई है। वहीं इंग्लैंड की टीम भी छठी बार इस स्टेज पर पहुंची है। इंग्लैंड इससे पहले 2010, 2016, 2021, 2022 और 2024 में सेमीफाइनल खेल चुका है और इनमें से तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंचा था। वर्ल्ड कप में छठी बार आमना-सामना भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक कुल 29 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 17 मैच जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को 12 मुकाबलों में जीत मिली है। टी-20 वर्ल्ड कप की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक 5 मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 3 और इंग्लैंड ने 2 मुकाबले जीते हैं। ऐसे में आज का मैच दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। IND vs ZIM T20 WC : अक्षर-सैमसन IN, सुंदर OUT! जानें जिम्बाब्वे के खिलाफ रिंकू सिंह खेलेंगे या नहीं? सूर्या और वरुण भारत की ताकत इस वर्ल्ड कप में भारत के लिए कप्तान सूर्यकुमार यादव शानदार फॉर्म में नजर आए हैं। उन्होंने 7 मैचों में 231 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 84 रन रहा है। गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने 7 मैचों में 12 विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। इंग्लैंड के लिए ब्रूक और रशीद अहम इंग्लैंड की ओर से बल्लेबाजी में हैरी ब्रूक सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने 7 मैचों में 228 रन बनाए हैं। वहीं गेंदबाजी में आदिल रशीद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 मैचों में 11 विकेट झटके हैं और टीम के प्रमुख गेंदबाज बनकर उभरे हैं। यहां जानिए पिच रिपोर्ट मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां तेज आउटफील्ड और छोटी बाउंड्री के कारण बड़े स्कोर बनने की संभावना रहती है। साफ मौसम के कारण ओस भी अहम भूमिका निभा सकती है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला ले सकती है। Rinku Singh Father death : क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, स्टेज-4 लिवर कैंसर से लड़ रहे थे खानचंद्र सिंह इस मैदान पर अब तक 16 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं, जिनमें 8 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली और 8 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने जीत हासिल की है। यहां 254 रन इस मैदान का सबसे बड़ा स्कोर है, जो वेस्टइंडीज ने इसी वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ बनाया था। वहीं इसी मैदान पर इंग्लैंड की टीम 2025 में भारत के खिलाफ 97 रन पर ऑलआउट भी हो चुकी है। मौसम साफ, रिजर्व डे भी रखा गया गुरुवार को मुंबई में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना है और बारिश का कोई अनुमान नहीं है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, जबकि रात में तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहेगा। फिर भी आईसीसी ने एहतियात के तौर पर सेमीफाइनल के लिए 6 मार्च को रिजर्व डे रखा है। अगर किसी कारण 5 मार्च को मैच पूरा नहीं हो पाता है, तो मुकाबला अगले दिन खेला जाएगा। Iran Israel War : फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप पर इजराइली हमला, अब ईरान बनाएगा न्यूक्लियर सेंटर को निशाना! संभावित प्लेइंग-11 भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती। इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, हैरी ब्रूक (कप्तान), सैम करन, विल जैक्स, लियम डॉसन, जैमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर और आदिल रशीद। यहां देख सकते हैं लाइव मैच भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले इस सेमीफाइनल मैच का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स चैनल पर देखा जा सकता है। वहीं इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप पर उपलब्ध होगी।
Iran Israel War : फिलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप पर इजराइली हमला, अब ईरान बनाएगा न्यूक्लियर सेंटर को निशाना!

Iran Israel War : मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। दोनों देशों के बीच पिछले कई दिनों से हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। बुधवार रात इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में दो अलग-अलग एयरस्ट्राइक किए, जिनमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह हमला बेरूत के एयरपोर्ट हाईवे पर चल रही गाड़ियों को निशाना बनाकर किया गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि की है। इसके अलावा इजरायली सेना ने उत्तरी लेबनान के त्रिपोली शहर में स्थित एक फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर भी हमला किया, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है। US-Israel-Iran War : ट्रंप का ‘बचाव’ वादा ऐसे पूरा हुआ? ईरान ने 165 बच्चियों की सामूहिक कब्रों की तस्वीर शेयर कर पूछा सवाल डिमोना न्यूक्लियर सेंटर पर हमले की चेतावनी इजरायल के हमलों के बीच ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ईरान की ओर से इजरायल पर कई मिसाइलें दागी गई हैं। इसी दौरान ईरान ने इजरायल को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका के साथ मिलकर ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की गई तो वह इजरायल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है। हालांकि लगातार मिल रही धमकियों और हमलों के बावजूद फिलहाल इस संघर्ष के रुकने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। ईरान और इजरायल दोनों एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। वहीं अमेरिका भी इस संघर्ष में इजरायल के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। Iran-Israel War : पाक रक्षा मंत्री बोले- ईरान जंग पाकिस्तान के लिए ‘खतरा’, हिजबुल्लाह सैन्य गतिविधियों पर लेबनान ने लगाया बैन! गांव खाली करने के आदेश इजरायली सेना ने बुधवार को दक्षिणी लेबनान के दर्जनों गांवों के लोगों को तुरंत इलाके खाली करने की चेतावनी जारी की है। सेना का कहना है कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह की ओर से किए जा रहे रॉकेट और ड्रोन हमलों के जवाब में की जा रही है। हाल के दिनों में बेरूत के दक्षिणी इलाकों और सीमा के पास कई जगहों पर लगातार एयरस्ट्राइक हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इन हमलों में अब तक 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बढ़ते हमलों के कारण हजारों लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो गए हैं। Stock Market Closed : जंग के असर से कच्चा तेल 80$ पार, हिले एशियाई बाजार ; भारत में मार्केट बंद! इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच पुराना संघर्ष इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच टकराव नया नहीं है। 7 अक्टूबर 2023 को गाजा में हमास के हमले के बाद हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट दागने शुरू कर दिए थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कई महीनों तक सीमित झड़पें होती रहीं। सितंबर 2024 में यह संघर्ष बड़े युद्ध में बदल गया और इजरायल ने लेबनान में जमीनी सैन्य अभियान शुरू कर दिया। बाद में अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ, लेकिन इजरायली सेना अभी भी सीमा के पास पांच महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात है। युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजरायल की ओर से हमले जारी रहे हैं, जिनमें अब तक करीब 400 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका ने ईरानी युद्धपोत को डुबोया इसी बीच बुधवार को एक और बड़ी घटना सामने आई। अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरान के युद्धपोत IRIS देना पर हमला कर दिया। यह जहाज पिछले महीने विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था। बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास इस जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया। जहाज पर करीब 180 ईरानी नौसैनिक सवार थे। Israeli-Iran War : तेहरान और बेरुत पर एक साथ इजरायली हमले, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव इस हमले में 87 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 32 घायल नौसैनिकों को श्रीलंका की नौसेना ने बचाकर अस्पताल पहुंचाया। वहीं लापता सैनिकों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई के कारण मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और पूरी दुनिया की नजरें अब इस संघर्ष के आगे के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।