Aayudh

Muslim Countries Holi Ban : इन मुस्लिम देशों में नहीं खेली जाती होली! रंग दिखने पर मिलती है कड़ी सजा

Muslim Countries Holi Ban

Muslim Countries Holi Ban : नई दिल्ली। होली भारत का ऐसा त्योहार है जो खुशियों, हंसी-मजाक और रंगों से भरा होता है। यह पर्व गिले-शिकवे भुलाकर रिश्तों में मिठास घोलने और नए उत्साह के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है। भारत में खुले मैदानों, गलियों और सड़कों पर होली बड़े उत्साह से मनाई जाती है। लेकिन जब हम उन देशों की ओर देखते हैं जहां मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है, तो वहां होली का स्वरूप काफी अलग नजर आता है। अफगानिस्तान में स्थिति अफगानिस्तान में तालिबान शासन के बाद धार्मिक नियम काफी सख्त हो गए हैं। वहां हिंदू और सिख समुदाय की संख्या बहुत कम है। ऐसे में होली सार्वजनिक रूप से नहीं मनाई जाती। रंग खेलना या जुलूस निकालना आम तौर पर संभव नहीं है। त्योहार सीमित रूप से घरों या धार्मिक स्थलों के अंदर मनाया जाता है। अगर कोई खुले में रंग खेलता है तो स्थानीय कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है। Missile Attack on Netanyahu : PM नेतन्याहू के दफ्तर पर ईरान ने दागी मिसाइल! इजरायल ने दावे को किया खारिज सऊदी अरब में क्या है नियम सऊदी अरब में लंबे समय तक गैर-इस्लामी त्योहारों के सार्वजनिक आयोजन पर सख्ती रही है। हालांकि हाल के वर्षों में सामाजिक बदलाव देखने को मिले हैं, फिर भी धार्मिक आयोजनों को लेकर नियम कड़े हैं। भारतीय प्रवासी समुदाय प्रायः निजी परिसरों या दूतावासों के अंदर ही होली जैसे त्योहार मनाते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर रंग खेलना आम बात नहीं है और बिना अनुमति आयोजन करने पर प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। कतर और ओमान में हालात खाड़ी देशों जैसे कतर और ओमान में भी धार्मिक स्वतंत्रता सीमित दायरे में है। यहां प्रवासी समुदाय निजी कार्यक्रमों में त्योहार मना सकता है, लेकिन सार्वजनिक रूप से रंगों का उत्सव कम ही देखने को मिलता है। किसी भी आयोजन के लिए प्रशासनिक अनुमति जरूरी होती है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है। Pak-Afghan War : भारत के बाद अफगान ने खोदा नूर खान एयरबेस, पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकाने निशाने पर सजा कितनी कड़ी हो सकती है? इन देशों में सजा की प्रकृति वहां के कानून और परिस्थिति पर निर्भर करती है। आम तौर पर बिना अनुमति सार्वजनिक आयोजन करने पर जुर्माना, हिरासत या कानूनी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि हर मामले में सख्ती का स्तर अलग-अलग होता है और स्थानीय प्रशासन के फैसले पर निर्भर करता है। बदलता वैश्विक माहौल दुनिया के कई हिस्सों में प्रवासी भारतीय समुदाय अपने त्योहारों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रूप में मनाने की कोशिश करता है। कुछ देशों में समय के साथ नियमों में नरमी भी आई है। Holika Dahan Rituals : कितने बजे है होलिका दहन का मुहूर्त, होलिका में क्या-क्या डालें और क्यों करें परिक्रमा, जानिये रोचक कहानियां फिर भी यह साफ है कि हर देश की अपनी सामाजिक और कानूनी व्यवस्था होती है, जिसका पालन करना जरूरी होता है। होली भले ही भारत में खुले रंगों का त्योहार हो, लेकिन विदेशों में इसे स्थानीय कानूनों और परंपराओं के अनुसार सीमित रूप में मनाया जाता है।

Missile Attack on Netanyahu : PM नेतन्याहू के दफ्तर पर ईरान ने दागी मिसाइल! इजरायल ने दावे को किया खारिज

missile attack on PM Netanyahu office

Missile Attack on Netanyahu : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ा दावा किया है। ईरान ने कहा कि उसने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दफ्तर को निशाना बनाकर मिसाइल दागी। हालांकि इजरायल ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का क्या है दावा ईरानी मीडिया के अनुसार IRGC ने एक सटीक हमले में प्रधानमंत्री कार्यालय को टारगेट किया। इसे इजरायल की सैन्य कार्रवाई का जवाब बताया गया। ईरान का कहना है कि यह हमला उसकी “रणनीतिक प्रतिक्रिया” का हिस्सा है। Gold Silver Price Today : सोना-चांदी के भाव में भारी उछाल, जानिये ईरान-इजराइल जंग से कितने चढ़े भाव इजरायल ने किया खंडन इजरायली सरकार ने ईरान के इस दावे को गलत बताया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री कार्यालय पर किसी तरह का सफल मिसाइल हमला नहीं हुआ और न ही किसी बड़े नुकसान की जानकारी है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी स्थिति को नियंत्रण में बताया है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा तनाव इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों पक्षों की ओर से लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई हो रही है, जिससे बड़े युद्ध की आशंका बनी हुई है। Iran Attacks Aramco : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ पर अटैक, इजराइल- कतर और बहरीन पर भी ईरानी हमले पहले भी हो चुके हैं बड़े हमले हाल के दिनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इसी कड़ी में IRGC का यह दावा सामने आया है, जिसने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

Pak-Afghan War : भारत के बाद अफगान ने खोदा नूर खान एयरबेस, पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकाने निशाने पर

Nur Khan Airbase Attack

Pak-Afghan War : इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पाकिस्तान के सबसे अहम सैन्य ठिकानों में शामिल नूर खान एयरबेस पर बड़े हमले की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह हमला अफगानिस्तान की ओर से किया गया, जिसे पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों का जवाब बताया जा रहा है। इस हमले के बाद एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर बड़ा झटका इस एयरबेस को पहले भी मई 2025 में भारत के कथित “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान निशाना बनाया गया था। उस हमले के बाद पाकिस्तान की सेना इसकी मरम्मत में जुटी थी, लेकिन अब नए हमले से काम अधूरा रह गया और नुकसान और बढ़ गया। Pakistan Afghanistan War : पाकिस्तान- अफगानिस्तान जंग में 300 मौत कई घायल, ट्रम्प बोले- अच्छा कर रहा पाक, आतंकी हमलों के पीछे भारत-PAK का दावा रावलपिंडी के पास हुआ हमला रावलपिंडी के नजदीक स्थित यह एयरबेस पाकिस्तान एयर फोर्स का बेहद अहम केंद्र माना जाता है। यहां कमांड सेंटर, लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हथियारों के भंडार मौजूद हैं। अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनके पायलटों ने सटीक निशाना लगाया, जिससे बेस के कई हिस्से तबाह हो गए। स्थानीय लोगों ने रातभर धमाकों की आवाजें सुनने की बात कही है। पाकिस्तान की ओर से नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। Gold Silver Price Today : सोना-चांदी के भाव में भारी उछाल, जानिये ईरान-इजराइल जंग से कितने चढ़े भाव क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय भी निशाने पर अफगान हमलों का दूसरा बड़ा लक्ष्य बलूचिस्तान का क्वेटा शहर रहा, जहां पाकिस्तान आर्मी की 12वीं डिवीजन का मुख्यालय है। यह मुख्यालय पूरे प्रांत की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जाता है। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा कारणों से संचार सेवाओं पर भी रोक लगाए जाने की खबर है। मोहमंद एजेंसी में सीमा के पास हमला खैबर पख्तूनख्वा के मोहमंद एजेंसी में स्थित ख्वाजाई मिलिट्री कैंप पर भी हवाई और ड्रोन हमले किए गए। यह कैंप अफगान सीमा के बेहद करीब है और यहां से सीमा की निगरानी की जाती है। हमले के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोलीबारी की भी खबर है, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है और बाजार व स्कूल बंद हो गए हैं। Iran Attacks Aramco : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ पर अटैक, इजराइल- कतर और बहरीन पर भी ईरानी हमले पेशावर एयरबेस और अन्य पोस्ट भी निशाने पर अफगान पक्ष का दावा है कि पेशावर एयरबेस समेत कई छोटे-बड़े सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए, जिनमें कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा है। तनाव की बड़ी वजह क्या है? दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से टीटीपी जैसे आतंकी संगठन हमले करते हैं, जबकि तालिबान सरकार पाकिस्तान पर अपने विरोधी समूहों को समर्थन देने का आरोप लगाती रही है। हाल के महीनों में काबुल और कंधार पर पाकिस्तान की कार्रवाई के बाद हालात और बिगड़े हैं। आम लोगों पर सबसे ज्यादा असर सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। कई परिवार सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं। दोनों देशों की सेनाएं अलर्ट पर हैं और हालात को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। Iran-Israel War : एयरस्पेस बंद! कराची में फंसे 8 भारतीय, केरल के 3 यात्री शामिल फिलहाल पाकिस्तान सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है, जबकि क्षेत्र में आगे और सैन्य कार्रवाई की आशंका से तनाव बना हुआ है।

JNU Controversy : JNU में जातिगत टिप्पणी को लेकर छात्रों ने काटा बवाल, पुलिस एक्शन के बाद 14 गिरफ्तार

JNU Controversy

JNU Controversy : नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कुलपति की कथित जातिवादी टिप्पणी को लेकर छात्र आंदोलन तेज हो गया है। 26 फरवरी को जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्रालय तक ‘लॉन्ग मार्च’ निकालने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और 14 को गिरफ्तार कर लिया गया। विवाद की वजह क्या है छात्रसंघ का आरोप है कि विश्वविद्यालय की कुलपति ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि “हमेशा पीड़ित बने रहने से प्रगति नहीं होती”, जिसे कई छात्रों ने जातिवादी टिप्पणी बताया। हालांकि कुलपति की ओर से इस पर सफाई भी दी गई थी, लेकिन छात्र संगठन माफी और इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। Gold Silver Price Today : सोना-चांदी के भाव में भारी उछाल, जानिये ईरान-इजराइल जंग से कितने चढ़े भाव छात्रों की मुख्य मांगें प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कई मुद्दों को उठाया, जिनमें- यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन और रोहित एक्ट लागू करने की मांग नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की मांग विश्वविद्यालय फंड में कटौती रोकने की मांग कुलपति से माफी और इस्तीफा सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने की मांग प्रदर्शन के दिन क्या हुआ छात्रसंघ के अनुसार सुबह से ही कैंपस में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई थी। दोपहर में प्रदर्शन शुरू हुआ और शाम तक छात्र मुख्य गेट की ओर बढ़े। आरोप है कि इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई और बाद में कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। Holika Dahan Rituals : कितने बजे है होलिका दहन का मुहूर्त, होलिका में क्या-क्या डालें और क्यों करें परिक्रमा, जानिये रोचक कहानियां देर रात गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई और अगली सुबह 14 छात्रों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। छात्र संगठनों का कहना है कि कई छात्र घायल हुए और छात्रसंघ पदाधिकारियों को घंटों थाने में रखा गया। पुलिस का क्या कहना है दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हमला किया, जिसमें दो एसीपी और दो एसएचओ समेत 25 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने 51 लोगों को हिरासत में लेने और 14 को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। Stock Market Crash : मिडिल ईस्ट तनाव का असर; बड़ी गिरावट के साथ खुला मार्केट, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज इस घटना के बाद कैंपस की राजनीति और शिक्षा में सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर बहस फिर तेज हो गई है। छात्र संगठन इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मामला बता रहे हैं, जबकि प्रशासन और पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहे हैं। फिलहाल मामले को लेकर कैंपस में तनाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

Gold Silver Price Today : सोना-चांदी के भाव में भारी उछाल, जानिये ईरान-इजराइल जंग से कितने चढ़े भाव

Gold Silver Price Today

Gold Silver Price Today : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध का असर अब दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और कमोडिटी बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों और बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जबकि शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली है। Iran-Israel War : कुवैत में मिसाइल हमले से अमेरिका का फाइटर जेट F-15 क्रैश सोना-चांदी में जोरदार तेजी मल्टी कमोडिटी मार्केट में 10 ग्राम सोने का भाव 4,641 रुपये बढ़कर 1,66,745 रुपये पर पहुंच गया, जो करीब 2.86 फीसदी की तेजी को दिखाता है। वहीं चांदी की कीमत में भी 8,000 रुपये यानी 2.67 फीसदी की बढ़त हुई और यह 2.91 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,73,240 रुपये प्रति 10 ग्राम और मुंबई में 1,73,090 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। सिर्फ एक हफ्ते में ही 24 कैरेट सोने की कीमत 9,430 रुपये बढ़ चुकी है। Iran Attacks Aramco : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ पर अटैक, इजराइल- कतर और बहरीन पर भी ईरानी हमले अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उछाल वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5,390 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी का भाव 93.76 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर तक जाने के आसार जंग के कारण तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 10 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई बाधित होने पर ब्रेंट क्रूड 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर पड़ सकता है। शेयर बाजार में मचा कोहराम इस भू-राजनीतिक तनाव का असर शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला। सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 300 अंक गिरकर कारोबार कर रहा है। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। निक्केई 225 874 अंक नीचे खुला, शंघाई कंपोजिट में गिरावट रही और हैंग सेंग शुरुआती कारोबार में 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया। Stock Market Crash : मिडिल ईस्ट तनाव का असर; बड़ी गिरावट के साथ खुला मार्केट, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा युद्ध थमने के आसार नहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। लगातार हो रहे मिसाइल हमलों से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसका असर लंबे समय तक वैश्विक बाजार, महंगाई और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।

Iran Attacks Aramco : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ पर अटैक, इजराइल- कतर और बहरीन पर भी ईरानी हमले

Iran Attacks Aramco Oil Refinery

Iran Attacks Aramco Oil Refinery : मिडिल ईस्ट में जारी ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच भीषण संघर्ष का असर अब दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान ने सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की रास तनुरा ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, जिसके बाद एहतियातन रिफाइनरी को बंद करना पड़ा। इस खबर के सामने आते ही ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 9.32% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। दुनिया की सबसे अहम तेल साइट्स में शामिल रास तनुरा सऊदी अरब की सबसे बड़ी और रणनीतिक ऊर्जा साइट्स में से एक मानी जाती है। यहां रोजाना करीब 5.5 से 6 लाख बैरल तेल प्रोसेस करने की क्षमता है और यही टर्मिनल दुनिया के सबसे बड़े ऑफशोर ऑयल लोडिंग प्वाइंट्स में शामिल है। यहां से अमेरिका, एशिया और यूरोप समेत कई देशों को कच्चा तेल भेजा जाता है। Iran-Israel War : पीएम मोदी ने इजराइली PM नेतन्याहू से की बात, मौजूदा हालातों पर जताई चिंता हमले के बाद प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स में आग लग गई, हालांकि अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक दो ड्रोन को मार गिराया गया। होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर जंग के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही लगभग रुक गई है। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है। आधिकारिक तौर पर रास्ता बंद नहीं किया गया है, लेकिन जहाज मालिकों ने सुरक्षा कारणों से आवाजाही रोक दी है। इससे वैश्विक तेल बाजार में चार साल की सबसे बड़ी उछाल देखने को मिली है। बातचीत से इनकार, हमले तेज ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने साफ कहा है कि उनका देश अमेरिका से किसी तरह की बातचीत नहीं करेगा। दूसरी ओर ईरान ने इजरायल के साथ-साथ कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में भी हमले तेज कर दिए हैं। Iran-Israel War : एयरस्पेस बंद! कराची में फंसे 8 भारतीय, केरल के 3 यात्री शामिल इस संघर्ष में अब लेबनान का संगठन हिजबुल्लाह भी शामिल हो गया है, जिसने इजरायल के कई ठिकानों पर बमबारी की है और इसे अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला बताया है। भारी तबाही और जान-माल का नुकसान रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजरायल ने ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। शुरुआती 30 घंटों में 2000 से ज्यादा बम गिराए गए, जिसमें 200 से अधिक लोगों की मौत और 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से बड़ी संख्या में छात्राओं की जान गई। Iran-Israel War : कुवैत में मिसाइल हमले से अमेरिका का फाइटर जेट F-15 क्रैश तीसरे दिन और खतरनाक युद्ध 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब और ज्यादा भयावह होता जा रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में जवाबी हमले तेज हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह जंग लंबी चली तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ेगा।

Iran-Israel War : पीएम मोदी ने इजराइली PM नेतन्याहू से की बात, मौजूदा हालातों पर जताई चिंता

PM Modi spoke to Israeli PM Netanyahu

Iran-Israel War : नई दिल्ली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत ने शांति और आम नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत कर मौजूदा हालात पर चिंता जताई और नागरिकों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि बातचीत के दौरान उन्होंने तनाव जल्द खत्म करने और शांति की दिशा में कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध में आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा बेहद जरूरी है। Holika Dahan Rituals : कितने बजे है होलिका दहन का मुहूर्त, होलिका में क्या-क्या डालें और क्यों करें परिक्रमा, जानिये रोचक कहानियां UAE के राष्ट्रपति से भी की बातचीत प्रधानमंत्री मोदी ने शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने यूएई पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की और जान-माल के नुकसान पर दुख जताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है। भारत की कूटनीतिक पहल जारी इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, कतर और यूएई के विदेश मंत्रियों से बातचीत कर हालात पर चिंता जताई थी। भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर संवाद बनाए हुए है। Israel Iran War : IDF के एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह के संसदीय प्रमुख मोहम्मद राद की मौत, लेबनान में बढ़ा तनाव कैसे बढ़ा संघर्ष गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान पर बड़ा हमला किया था, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई समेत कई शीर्ष अधिकारियों की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने जवाबी हमले करते हुए मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल को निशाना बनाया। Israel US Iran War : ईरान पर हमले का तीसरा दिन-1000 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक, लेबनान के 50 गांव खाली, ट्रम्प बोले- जंग 5 हफ्ते तक चलेगी! शांति की अपील लगातार बढ़ते सैन्य टकराव के बीच भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में है। भारत की इस पहल को क्षेत्र में संतुलन और शांति की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Holika Dahan Rituals : कितने बजे है होलिका दहन का मुहूर्त, होलिका में क्या-क्या डालें और क्यों करें परिक्रमा, जानिये रोचक कहानियां

Holika Dahan Rituals

Holika Dahan Rituals : आज (2 मार्च) सूर्यास्त के बाद होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शुरू हो रहा है, जो रात करीब 12 बजे तक रहेगा। परंपरा के अनुसार प्रदोष काल यानी सूरज डूबने के समय होलिका की पूजा की जाती है और उसके बाद दहन किया जाता है। इस साल भद्रा काल भी नहीं रहेगा, इसलिए शाम 6 बजे से रात तक होलिका दहन का समय शुभ माना जा रहा है। फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि इस बार दो दिन (2 और 3 मार्च) पड़ रही है। वहीं 3 मार्च को चंद्रग्रहण भी है, इसलिए धुलंडी की तारीख को लेकर अलग-अलग पंचांगों में मतभेद है। कुछ जगह 3 मार्च तो कुछ जगह 4 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी। Holika Dahan 2026 : होली पर चंद्र ग्रहण का साया, सूतक काल ने बदला होलिका दहन का समय, यहां दूर कीजिये कन्फ्यूजन होलिका पूजन की आसान विधि होलिका पूजन में फूल, चंदन, कच्चा सूत (मौली), नई फसल की बालियां, घर में बने सात प्रकार के पकवान, नारियल, मौसमी फल, अक्षत, रोली, हल्दी, कंडे (गोबर के उपले) और लकड़ियां आदि शामिल किए जाते हैं। पूजा विधि इस प्रकार है: सबसे पहले होलिका की पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करें। जल, रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें। नई फसल और पकवान चढ़ाएं। कच्चा सूत होलिका पर लपेटें। घी और कपूर अर्पित कर “होलिकायै नमः” बोलते हुए परिक्रमा करें। तीन या सात परिक्रमा सावधानी से करें, आग के ज्यादा पास न जाएं। धूलि वंदन से बनी धुलंडी पुराने समय में होली की राख माथे पर लगाकर धूलि वंदन किया जाता था। मान्यता है कि त्रेतायुग में पहला यज्ञ होने पर भगवान भगवान विष्णु ने भस्म को माथे पर लगाया था। तब से राख को पवित्र माना जाता है। ब्रज में श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ रंग और गुलाल से होली खेली थी। पहले लोग भस्म और मिट्टी से होली खेलते थे, बाद में टेसू के फूलों और गुलाल का प्रचलन बढ़ा। Holi Special Train 2026 : होली पर रानी कमलापति–दानापुर के बीच स्पेशल ट्रेन, 27 फरवरी से होगी शुरू होली से जुड़ी प्रमुख मान्यताएं 1. वसंतोत्सव: ऋतु परिवर्तन का उत्सव होली को सबसे पहले वसंतोत्सव के रूप में मनाया जाता था। फाल्गुन पूर्णिमा के आसपास सर्दी विदा होती है और वसंत का आगमन होता है। 7वीं सदी में सम्राट हर्ष के संस्कृत नाटक रत्नावली में वसंत उत्सव का वर्णन मिलता है, जहां दरबारों में संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे। यही परंपरा आगे चलकर लोकजीवन में आई और अबीर-गुलाल वाली होली में बदल गई। 2. दोलयात्रा: राधा-कृष्ण का झूला उत्सव पूर्वी भारत और वैष्णव परंपरा में होली को दोलयात्रा या दोल पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इसमें राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को सजाकर झूले या पालकी में निकाला जाता है और अबीर-गुलाल अर्पित किया जाता है। कीर्तन और भक्ति कार्यक्रम होते हैं। ओडिशा और बंगाल में यह उत्सव फाल्गुन शुक्ल दशमी से दोल पूर्णिमा तक चलता है। यही दिन चैतन्य महाप्रभु की जयंती से भी जुड़ा है। 3. ब्रज की फाग: प्रेम और भक्ति की होली ब्रज क्षेत्र- मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव, की होली राधा-कृष्ण की फाग-लीला से जुड़ी है। वैष्णव ग्रंथ गर्ग संहिता में होलिकोत्सव का वर्णन मिलता है, जिसमें राधा और सखियों के साथ उत्सव का जिक्र है। यहां होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि भक्ति, फाग-गायन और लीलाओं का उत्सव है। यही परंपरा आगे चलकर गांव और शहरों की सामूहिक होली बनी। Pre-Holi Skin Care : रंगों से पहले ऐसे करें स्किन की तैयारी, केमिकल कलर्स से नहीं होगा नुकसान 4. किसानों का त्योहार: नई फसल की खुशी होली का संबंध खेती और नई फसल से भी है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनुसार यह वसंत और फसल का उत्सव है। पहले किसान होलिका दहन में गेहूं और चने की बालियां चढ़ाते थे और पूरी बस्ती नई फसल की खुशी मनाती थी। बाद में इसमें रंग और धार्मिक परंपराएं जुड़ती चली गईं। 5. रिश्तों में मिठास घोलने वाला पर्व विदेशी समाजशास्त्रियों, मैककिम मैरियट, डी. बी. मिलर और विक्टर टर्नर, के अनुसार भारत में होली ऐसा त्योहार है, जब लोग पुराने मनमुटाव भूलकर एक-दूसरे के करीब आते हैं। “बुरा न मानो होली है” की भावना रिश्तों में नई शुरुआत का संदेश देती है। होलिका में अन्न और औषधियां क्यों डाली जाती हैं? होलिका दहन को यज्ञ के समान माना गया है। इसमें नीम की लकड़ी, हल्दी, काली मिर्च, काले तिल, घी, शहद, कमलगट्टा आदि डाले जाते हैं। माना जाता है कि इनका धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और ऋतु परिवर्तन के समय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। Chandra Grahan 2026 : चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, राहु का घातक असर; जानिए राशियों पर क्या प्रभाव धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से खास उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार होलिका दहन केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मौसम परिवर्तन के समय स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी माना गया है। कुल मिलाकर, होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत, नई फसल की खुशी और रिश्तों में प्रेम बढ़ाने का प्रतीक है। श्रद्धा और सावधानी के साथ इस पर्व को मनाना ही इसकी असली भावना है।

Iran-Israel War : एयरस्पेस बंद! कराची में फंसे 8 भारतीय, केरल के 3 यात्री शामिल

Iran-Israel War Impact

Iran-Israel War Impact : कराची। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब हवाई यात्रा पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई देशों द्वारा एयरस्पेस बंद किए जाने के कारण एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को पाकिस्तान के कराची एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा, जिसमें आठ भारतीय यात्री फंस गए हैं। इन यात्रियों में केरल के तीन लोग भी शामिल हैं। यह जानकारी नोर्का रूट्स ने दी है। केरल का परिवार भी फ्लाइट में सवार अधिकारियों के मुताबिक पालक्काड के कृष्णदास, उनकी पत्नी डॉ. रेश्मी मेनन और उनकी तीन साल की बेटी स्मृति मेनन इस फ्लाइट में यात्रा कर रहे थे। यह परिवार अजरबैजान के बाकू से शारजाह होते हुए कुवैत जा रहा था। अन्य भारतीय यात्री भी इसी एयर अरेबिया की फ्लाइट में सवार थे। Iran-Israel War : कुवैत में मिसाइल हमले से अमेरिका का फाइटर जेट F-15 क्रैश एयरस्पेस बंद होने से बदला रूट मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के चलते कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे उड़ानों के रूट बदलने पड़े। इसी वजह से फ्लाइट को कराची में डायवर्ट किया गया। फिलहाल सभी यात्री कराची एयरपोर्ट पर ही फंसे हुए हैं और आगे की यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय से संपर्क में केरल सरकार नोर्का रूट्स ने बताया कि वह विदेश मंत्रालय के संपर्क में है और यात्रियों को जल्द से जल्द भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कराची से कोलंबो के रास्ते भारत लाने की योजना पर भी विचार चल रहा है। Israel Iran War : IDF के एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह के संसदीय प्रमुख मोहम्मद राद की मौत, लेबनान में बढ़ा तनाव हेल्प डेस्क की शुरुआत खाड़ी देशों में फंसे एनआरके और उनके परिवारों की मदद के लिए नोर्का रूट्स ने हेल्प डेस्क शुरू किया है, ताकि उन्हें जरूरी जानकारी और सहायता मिल सके। यह कदम फंसे हुए लोगों की सुरक्षा और उनकी वापसी को आसान बनाने के लिए उठाया गया है। भारत-पाक के बीच नहीं है हवाई सेवा गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी हवाई सेवा नहीं है और दोनों देश एक-दूसरे को अपना एयरस्पेस इस्तेमाल करने की अनुमति भी नहीं देते। ऐसे में यात्रियों की वापसी के लिए वैकल्पिक रूट तलाशे जा रहे हैं। Stock Market Crash : मिडिल ईस्ट तनाव का असर; बड़ी गिरावट के साथ खुला मार्केट, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा वैश्विक उड़ानों पर पड़ा असर ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के हमले और क्षेत्र में बढ़ते युद्ध के कारण कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। इसका असर दुनियाभर की उड़ानों पर पड़ा है और बड़ी संख्या में यात्री अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर फंस गए हैं।

Iran-Israel War : कुवैत में मिसाइल हमले से अमेरिका का फाइटर जेट F-15 क्रैश

US F-15 fighter jet crash

Iran-Israel War : कुवैत। मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के बीच कुवैत से बड़ी खबर सामने आई है। यहां अमेरिका का एक F-15 लड़ाकू विमान क्रैश हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस फाइटर जेट को मिसाइल से निशाना बनाया गया था, जिसके बाद यह हादसा हुआ। राहत की बात यह रही कि विमान का पायलट सुरक्षित बच गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार घटना सुबह के समय हुई, जब अमेरिकी एयरफोर्स का F-15 मिशन पर था। तभी अचानक उस पर मिसाइल से हमला किया गया। हमले के बाद विमान नियंत्रण खो बैठा और क्रैश हो गया। हालांकि पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते पैराशूट के जरिए खुद को इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित जमीन पर उतर गया। Israel Iran War : IDF के एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह के संसदीय प्रमुख मोहम्मद राद की मौत, लेबनान में बढ़ा तनाव हमले को लेकर सस्पेंस फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि मिसाइल हमला किसने किया और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। इस घटना को लेकर अमेरिका या कुवैत की ओर से आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार F-15 जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट का नुकसान रणनीतिक तौर पर अहम होता है, लेकिन पायलट का सुरक्षित बचना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। Stock Market Crash : मिडिल ईस्ट तनाव का असर; बड़ी गिरावट के साथ खुला मार्केट, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा क्षेत्र में बढ़ा तनाव ईरान-इजरायल संघर्ष पहले ही पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा चुका है। ऐसे में कुवैत में अमेरिकी लड़ाकू विमान पर मिसाइल हमला क्षेत्रीय हालात को और संवेदनशील बना सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस घटना को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है।   BREAKING: A U.S. fighter jet has crashed in Kuwait. pic.twitter.com/W6Mgim47iO — Clash Report (@clashreport) March 2, 2026