Ayudh Ground Report : झाबुआ में खत्म हो जाएँगे हिंदू? अवैध धर्मांतरण के खेल पर आयुध की पड़ताल

Ayudh Ground Report : मध्य प्रदेश। पुलिस केरल निवासी ईसाई पादरी, Father Godwin (गॉडविन) को गिरफ्तार करती है। उस पर आरोप था कि वो लोगों का अवैध तरीके से धर्मांतरण कर रहे थे। उसके निशाने पर खास करके आदिवासी बहुल झाबुआ जैसे इलाके होते हैं। इस धर्मान्तरण के मामले में अदालत ने पादरी को दोषी पाया और उसे सजा हुई, ये मामला देश भर की मीडिया में छाया। यहां तक कि खुद केरल के चीफ मिनिस्टर पिनरई विजयन ने मध्य प्रदेश सरकार को लेटर लिखकर गॉडविन के साथ अच्छा व्यवहार करने की अपील की। बाद में जब गॉडविन जमानत पर बाहर आया तो उसने फिर अवैध धर्मांतरण का धन्धा शुरू कर दिया। इसी तरह झाबुआ जिले के पडलवा ग्राम में रमेश वसुनिया नाम का व्यक्ति चर्च के अन्दर आदिवासी समाज का धर्मान्तरण कराते पकडाया था। मामला दर्ज हुआ कोर्ट ने 5 साल की सजा और डेढ़ लाख का जुर्माना भी लगाया, आरोपी जेल भी गया लेकिन पेरोल मिलने के बाद फिर से चर्च में एक्टिव हो गया। फादर गॉडविन और रमेश वसुनिया की गिरफ्तारी महज़ एक पुलिस एक्शन नहीं था; यह उन आवाज़ों का उभरना था जो वर्षों से झाबुआ की घाटियों, बांस के जंगलों और टूटी-फूटी कच्ची बस्तियों में दबकर रह गई थीं। यह वही इलाका है जहां आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति को देवता मानकर जीता आया है, जहां लोक देवता केवल धार्मिक प्रतीक नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी की धड़कन हैं और जहां त्योहार केवल उत्सव नहीं बल्कि पीढ़ियों की स्मृति हैं। यह गिरफ्तारी एक ऐसे तंत्र की परतें खोलने लगी जिसने एक पूरे क्षेत्र के सांस्कृतिक ताने-बाने को बदलना शुरू कर दिया था। मीडिया के कैमरे रतलाम की ओर मुड़े, राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हुई, केरल के मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर चिंता जताई, पर झाबुआ के पहाड़ों में रहने वाले आदिवासियों के मन में केवल एक सवाल गूंजता रहा- हमारी संस्कृति, हमारे देवता और हमारी परंपरा के प्रति कौन चिंता जताएगा? RTI के दस्तावेज में शून्य ईसाई लेकिन… RTI के दस्तावेज बताते हैं कि 2020 तक झाबुआ जिले में किसी भी व्यक्ति का आधिकारिक धर्मांतरण दर्ज नहीं है। कागज़ों पर-शून्य ईसाई आबादी लेकिन गांवों के भीतर की सच्चाई बिल्कुल अलग है। यहां के लोग बताते हैं कि पांच-सात साल पहले तक कोई प्रार्थना-घर नहीं था, कोई रविवार की सभा नहीं होती थी, कोई बाहरी प्रचारक गांव की सीमाओं पर नहीं दिखता था। दिवाली से ज्यादा रौशनी क्रिसमस में आज स्थिति यह है कि कई गांवों में मिट्टी, टीन या ईंट से बने छोटे-बड़े प्रार्थना भवनों की श्रृंखला फैल गई है; रविवार को भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि बाहर टेंट तक लगाना पड़ता है। इतना ही नहीं सबसे महत्वपूर्ण-बहुत से परिवार अपनी परंपरागत पूजा-पद्धति छोड़ चुके हैं, कई घरों में लोकदेवताओं की प्रतिमाएं हटाकर बाइबिल रख दी गई है और कई बच्चों ने अपने त्योहारों के अर्थ तक भूलने शुरू कर दिए हैं। अब दिवाली से ज्यादा रौशनी क्रिसमस में होती है। हजारों लोग तो सिर्फ आरक्षण का लाभ लेने के लिए ईसाई धर्म अपनाने के बाद भी अपनी पहचान छुपा रहे हैं, क्योंकि कानूनन अगर किसी आदिवासी माता-पिता ने ईसाई धर्म अपना लिया है तो उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। धर्मांतरण की प्रक्रिया के केंद्र में सबसे महत्त्वपूर्ण-विश्वास और भरोसा गांव-गांव में जो लोग आए, वे शुरू में किसी धर्म की बात नहीं करते थे; वे अपने हाथों में दवा लेकर आते थे, बच्चों की फीस भरते थे, बुज़ुर्गों को अनाज की बोरी देते थे, कंधे पर हाथ रखकर कहते थे- हम तुम्हारे दर्द में तुम्हारे साथ खड़े हैं और यह वह बात है जो एक गरीब, बीमार, संघर्षरत आदिवासी परिवार के दिल को सीधे छू जाती है। आयुध की पड़ताल स्थानीय ने आयुध की ग्राउंड रिपोर्ट टीम को बताया कि- लड़का बीमार था, दवा मिली, आराम मिला-और कहा गया कि यह प्रभु का चमत्कार है। कहीं पैसा नहीं लगा, उल्टा आर्थिक मदद मिली, यही विश्वास का बीज था। पड़ोसी ने धर्म छोड़ा, उसने कहा झूठ नहीं बोलूंगा-शांति मिलती है-और फिर हम भी चले गए। यहां तक कि कई गांवों में चर्च के बाहर फादर का मेला लगता है जहां दवा, भोजन और कपड़ों का वितरण एक बड़े धार्मिक आयोजन जैसा होता है. मेले में एक तरफ झूले और दुकानें होती हैं और एक तरफ होते हैं मेज – जिसमें बैठे अलग अलग “फादर” आदिवासियों को प्रभु का सन्देश बताते हैं और धीरे-धीरे यह ‘मदद’ एक नए विश्वास में परिवर्तित होती जाती है। झाबुआ के कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण बताते हैं कि अवैध रूप से धर्मांतरित समूहों में पिछले कुछ वर्षों में एक प्रकार की उग्रता और हिंसा का रुझान देखने को मिला है। यह आरोप किसी सामान्य बहस का हिस्सा नहीं बल्कि कई घटनाओं से जोड़कर बताया जाता है- 1. पाडलवा ग्राम में रिपोर्टिंग टीम को घेरने की कोशिश चर्च परिसर में आयुध की ग्राउंड टीम को स्थानीय लोगों ने लगभग घेर लिया था कुछ लोगों ने आक्रामक व्यवहार किया और तनाव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है-चर्च से जुड़े समूह अक्सर बाहरी लोगों को लेकर उग्र हो जाते हैं। 2. मेघनगर में वनभूमि पर हिंसक कृत्यों का मामला हाल ही में मेघनगर तहसील में वनभूमि पर अवैध गतिविधियों का मामला सामने आया जहां आरोप है कि बड़ी संख्या में गौ-वध किया गया और इस पूरे प्रकरण में चर्च से जुड़े लोगों की भूमिका की चर्चा हुई। 3. कन्वर्ट समूहों का ‘संगठित दबाव’ कई गांवों में सरपंच, सचिव और पंचायत के पदों तक धर्मान्तरण कर इसाई बन चुके चर्च-समर्थक लोगों की पहुंच हो गई है, और आरोप है कि वे पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों-जैसे पिठौरा, भादो, ग्रामदेव पूजा-को हतोत्साहित करते हैं, यहां तक कि गांव के त्योहारों में भीड़ कम होने लगी है। 4. लोकदेवताओं का तिरस्कार बहुत से परिवार बताते हैं कि धर्मांतरण के बाद उन्हें अपने ही लोकदेवताओं को गलत, पापपूर्ण और अंधविश्वास बताकर हटाने को कहा गया। कुछ लोगों ने मान लिया, कुछ ने विरोध किया-और यहीं टकराव बढ़ने लगा। मंदिर खंडहर, चर्च नए-यह दृश्य आदिवासी मन को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाता है सदियों पुराने माताजी के मंदिर, पिठौरा के स्थल, गांव के देवताओं के छोटे-छोटे घर-सब टूटे-फूटे, जर्जर और
Jabalpur ROB Collapse : जबलपुर में 400 करोड़ का रेलवे ओवर ब्रिज ढहा ! ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, PWD मंत्री बोले- सख्त कार्रवाई होगी

Jabalpur ROB Collapse : भोपाल। मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार शाम नेशनल हाईवे-45 पर रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बने रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का एक हिस्सा अचानक ढह गया। यह ब्रिज शहपुरा के पास स्थित है। घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मार्ग को बंद कर दिया और बैरिकेडिंग कर दी, ताकि कोई वाहन क्षतिग्रस्त हिस्से तक न पहुंच सके। नीचे से ट्रेनें गुजरती हैं और ऊपर से भारी ट्रैफिक रहता है, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है। क्या बोले मंत्री राकेश सिंह PWD मंत्री राकेश सिंह (Rakesh Singh) ने मामले पर बयान देते हुए कहा कि यह ब्रिज मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) की देखरेख में बना था। निर्माण एजेंसी एक हिस्से पर सुधार कार्य कर रही थी, तभी ब्रिज का एक और हिस्सा ढह गया। Delhi Bomb Threat : दिल्ली दहलाने की तैयारी में खालिस्तानी ग्रुप! लाल किला- दिल्ली असेंबली को बम की धमकी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और उसके खिलाफ FIR भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा, “यह घटना नहीं होनी चाहिए थी। जो भी अधिकारी या एजेंसी इसके लिए जिम्मेदार होगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिस अधिकारी की निगरानी में निर्माण हुआ, उस पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।” हालांकि फिलहाल अलग से जांच समिति बनाने की आवश्यकता नहीं बताई गई है। 2015 में शुरू हुआ था ब्रिज का निर्माण कार्य जानकारी के अनुसार, ब्रिज का निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था और 2020 में पूरा हुआ। बताया जा रहा है कि यह अभी गारंटी पीरियड में है। इसके निर्माण पर करीब 628.45 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। दिसंबर में भी ब्रिज का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसके बाद एक लेन से ही यातायात चल रहा था। अब मरम्मत के दौरान दूसरा हिस्सा भी टूटने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहना योजना को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा अब मिलेंगे 3 हजार शहपुरा बस्ती मार्ग की ओर ट्रैफिक डायवर्ट घटना के बाद जबलपुर-भोपाल मार्ग का ट्रैफिक शहपुरा बस्ती मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। वैकल्पिक रूट पर केवल हल्के वाहनों को अनुमति दी गई है, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत पूरी होने तक यातायात प्रभावित रहेगा। वहीं, कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन पर मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि “दिशाहीन नेतृत्व होने पर ऐसी स्थिति बनती है। मध्य प्रदेश को लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है, यहां तक कि कांग्रेस सरकार के समय भी मिला था। ऐसे प्रदेश में किसानों को लेकर प्रदर्शन की जरूरत नहीं है।”
Mukul Roy Passes Away : TMC के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

Mukul Roy Passes Away : कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय (Mukul Roy) का सोमवार तड़के निधन हो गया। उन्होंने कोलकाता के अपोलो हॉस्पिटल (Apollo Hospital) में अंतिम सांस ली। उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय के अनुसार रात करीब 1:30 बजे उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके। Nepal Bus Accident : नेपाल में बस नदी में गिरने से 18 लोगों की मौत, 25 से ज्यादा घायल पीएम मोदी का पोस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुकुल रॉय का राजनीतिक अनुभव बहुत बड़ा था और समाज सेवा के लिए उनके समर्पित प्रयास हमेशा याद किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। Pained by the passing of former Union Minister Shri Mukul Roy Ji. He will be remembered for his political experience and efforts to serve society. Condolences to his family and supporters. Om Shanti. pic.twitter.com/qlrvKM5E2w — Narendra Modi (@narendramodi) February 23, 2026 बीजेपी नेता दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मुकुल रॉय एक अनुभवी नेता थे और पार्टी में उन्हें काफी सम्मान मिला। वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने भी उनके निधन पर शोक जताया और परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। Gold- Silver Price Today : ट्रंप के टैरिफ का असर! सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल, जानें आज के रेट मुकुल रॉय का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा। वह तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और पार्टी को खड़ा करने में उनकी अहम भूमिका रही। बाद में वर्ष 2017 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। हालांकि 2021 में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद वह फिर टीएमसी में लौट आए। अपने राजनीतिक जीवन में मुकुल रॉय राज्यसभा सांसद और केंद्रीय रेल मंत्री भी रहे। संगठनात्मक क्षमता और रणनीतिक कौशल के कारण उन्हें पश्चिम बंगाल की राजनीति का महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता था। उनके निधन से राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
Delhi Bomb Threat : दिल्ली दहलाने की तैयारी में खालिस्तानी ग्रुप! लाल किला- दिल्ली असेंबली को बम की धमकी

हाइलाइट्स दिल्ली विधानसभा, लाल किला और दो स्कूलों को उड़ाने की धमकी। कथित तौर पर खालिस्तानी ग्रुप ने भेजा ई-मेल। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड टीम कर रही जांच। Delhi Bomb Threat : नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सोमवार को बम धमकी से हड़कंप मच गया। दिल्ली विधानसभा (Delhi Vidhan Sabha) और लाल किला (Red Fort) को उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं। यह ई-मेल कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप के नाम से भेजा गया बताया जा रहा है। धमकी मिलते ही दिल्ली विधानसभा परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा टीमों ने पूरे इलाके की जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। दिल्ली पुलिस के अनुसार एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और ई-मेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए साइबर सेल जांच में जुटी है। Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहना योजना को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा अब मिलेंगे 3 हजार इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक दिलीप पांडे (Dilip Pandey) को भी जान से मारने की धमकी मिली है। उन्होंने बताया कि उनके निजी ई-मेल पर धमकी भरा संदेश आया, जिसकी जानकारी उन्होंने तुरंत दिल्ली पुलिस को दे दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मामले को सार्वजनिक किया। Today, I received a bomb threat on my personal email ID, and since the matter was related to public safety, I have immediately forwarded the email to @CPDelhi @DelhiPolice for their review and necessary action.@AamAadmiParty — Dilip K. Pandey – दिलीप पाण्डेय (@dilipkpandey) February 23, 2026 दो स्कूलों को भी मिली धमकी दिल्ली कैंट क्षेत्र स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल दिल्ली कैंट (Army Public School Delhi Cantt) को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिला। इसके बाद स्कूल को खाली कराकर पूरे परिसर की तलाशी ली गई, लेकिन जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसी तरह लोधी कॉलोनी के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल (Air Force Bal Bharati School) को भी धमकी भरा ई-मेल मिला। दोनों ही मामलों को बाद में फर्जी (हॉक्स) घोषित कर दिया गया। Gold- Silver Price Today : ट्रंप के टैरिफ का असर! सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल, जानें आज के रेट पहले भी मिल चुकी हैं कई धमकियां पिछले एक महीने में यह तीसरी बार है जब दिल्ली के स्कूलों, सरकारी संस्थानों और ऐतिहासिक इमारतों को इस तरह की धमकियां मिली हैं। 13 फरवरी और 9 फरवरी को भी कई नामी स्कूलों को इसी तरह के ई-मेल भेजे गए थे, जो जांच में फर्जी निकले। 29 जनवरी को भी वीपीएन के जरिए आठ स्कूलों को धमकी भेजी गई थी। School Bomb Threat : आर्मी और एयर फ़ोर्स के स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, जांच शुरू पुलिस के अनुसार पिछले डेढ़ साल में 50 से अधिक बार ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में भेजने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। फिलहाल सभी एजेंसियां सतर्क हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
Ladli Behna Yojana : लाड़ली बहना योजना को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा अब मिलेंगे 3 हजार

Ladli Behna Yojana : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में लाड़ली बहना योजना को लेकर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार (Satish Sikarwar) ने योजना से जुड़ी महिलाओं की समस्याओं को उठाया। उन्होंने मांग की कि लाड़ली बहना योजना में नई पात्र महिलाओं का पंजीयन शुरू किया जाए और इसके लिए पोर्टल खोला जाए। साथ ही 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को योजना से बाहर नहीं करने की बात कही। कांग्रेस ने यह भी कहा कि भाजपा ने महिलाओं को 3 हजार रुपए देने का वादा किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया। Gold- Silver Price Today : ट्रंप के टैरिफ का असर! सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल, जानें आज के रेट बहनों के लिए नए पंजीयन की कोई व्यवस्था नहीं इसके बाद कांग्रेस विधायक महेश परमार (Mahesh Parmar) ने भी सदन में मुद्दा उठाते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि बहनों के लिए नए पंजीयन की कोई व्यवस्था नहीं की गई और महिलाओं के साथ वादा खिलाफी कर भाजपा ने सरकार बनाई है। मंत्री निर्मला भूरिया ने दिया जवाब सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री निर्मला भूरिया (Minister Nirmala Bhuria) ने कहा कि योजना की राशि नियमित रूप से महिलाओं के खातों में डाली जा रही है और 3 हजार रुपए तक बढ़ाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। Alia Bhatt : नमस्कार… आलिया भट्ट ने BAFTA अवॉर्ड्स के मंच पर हिंदी में दी स्पीच, इंटरनेट पर वायरल उन्होंने स्पष्ट किया कि 60 साल के बाद महिलाओं को वृद्धा पेंशन का लाभ दिया जा रहा है और किसी भी बहन का नाम योजना से नहीं काटा गया है। हालांकि नए पंजीयन को लेकर उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब फिलहाल देना संभव नहीं है। क्या बोले सीएम मोहन यादव मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने भी सदन में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार की योजना लगातार जारी है और साल 2028 तक 3 हजार रुपए देने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी काम चरणबद्ध तरीके से किए जाएंगे और विपक्ष को चिंता करने की जरूरत नहीं है। Nepal Bus Accident : नेपाल में बस नदी में गिरने से 18 लोगों की मौत, 25 से ज्यादा घायल सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विधानसभा में लाड़ली बहना योजना को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
Gold- Silver Price Today : ट्रंप के टैरिफ का असर! सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल, जानें आज के रेट

Gold- Silver Price Today : नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को तेज़ बढ़त देखने को मिली। सोना करीब 1.61% महंगा हो गया, जबकि चांदी में लगभग 5% की बड़ी तेजी दर्ज की गई। यह उछाल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को अवैध करार दिया गया। इस फैसले के बाद निवेशक अमेरिका की नई व्यापार नीति और संभावित कदमों का आकलन कर रहे हैं। एशियाई बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.61% बढ़कर 5,160 डॉलर प्रति औंस और चांदी 5% उछलकर 86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। Trump Tariff Dispute : भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर लगा रोक, ट्रंप के नए टैरिफ विवाद के बीच अहम बैठक टली टैरिफ विवाद बना तेजी की बड़ी वजह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि ट्रंप ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर वैश्विक स्तर पर टैरिफ लगाकर अपने अधिकारों का उल्लंघन किया था। इस फैसले से उनके दूसरे कार्यकाल में लागू कई टैरिफ खत्म हो गए। हालांकि इसके तुरंत बाद ट्रंप ने धारा 122 के तहत 10% का नया वैश्विक टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। इस तरह के लगातार बदलते फैसलों ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। Share Market Today : ग्लोबल संकेतों से शेयर बाजार हरे निशान पर शुरु, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार उछाल मिडिल ईस्ट तनाव का भी असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी सोने-चांदी को मजबूती दी है। अमेरिकी सेना की मध्य पूर्व में बढ़ती तैनाती और ईरान को दी गई चेतावनी से क्षेत्र में टकराव की आशंका बढ़ गई है। ऐसे हालात में निवेशक जोखिम से बचने के लिए कीमती धातुओं में निवेश बढ़ाते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है। आगे भी बढ़ सकते हैं दाम कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत डॉलर और ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद फिलहाल तेजी को थोड़ा सीमित कर सकती है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता बनी रहने पर सोने-चांदी में आगे भी उछाल संभव है। जानकारों के मुताबिक भू-राजनीतिक संकट के समय ये धातुएं निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बन जाती हैं, क्योंकि ये मूल्य को सुरक्षित रखने और बाजार के उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने में मदद करती हैं। Alia Bhatt : नमस्कार… आलिया भट्ट ने BAFTA अवॉर्ड्स के मंच पर हिंदी में दी स्पीच, इंटरनेट पर वायरल कुल मिलाकर, वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों में चल रही हलचल के बीच सोना और चांदी एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बनते नजर आ रहे हैं।
Alia Bhatt : नमस्कार… आलिया भट्ट ने BAFTA अवॉर्ड्स के मंच पर हिंदी में दी स्पीच, इंटरनेट पर वायरल

हाइलाइट्स फरहान अख्तर प्रोडक्शन वाली मणिपुरी फिल्म ने बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म अवॉर्ड जीता। BAFTA मंच पर पहली बार हिंदी में संबोधन, संस्कृति का ग्लोबल प्रमोशन। ‘सेंटिमेंटल वैल्यू’ को अवॉर्ड, आलिया ने प्रेजेंट किया। BAFTA Awards Alia Bhatt Speech : लंदन में आयोजित प्रतिष्ठित ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA) समारोह में इस बार भारत की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली। समारोह में भारत की ओर से फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) और आलिया भट्ट (Alia Bhatt) शामिल हुए। फरहान अख्तर के प्रोडक्शन में बनी मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने बेस्ट चिल्ड्रन और फैमिली फिल्म की कैटेगरी में अवॉर्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया। Nepal Bus Accident : नेपाल में बस नदी में गिरने से 18 लोगों की मौत, 25 से ज्यादा घायल आलिया भट्ट ने स्टेज पर बोली हिंदी इस समारोह में आलिया भट्ट ने पहली बार BAFTA के मंच से एक अवॉर्ड प्रेजेंट किया। उन्हें बेस्ट नॉन-इंग्लिश फिल्म का अवॉर्ड देने के लिए बुलाया गया था। स्टेज पर आते ही आलिया ने अपनी बात हिंदी में शुरू की। उन्होंने कहा, “नमस्कार, अगला अवॉर्ड एक ऐसी फिल्म के लिए है, जो अंग्रेजी में नहीं है।” इसके बाद उन्होंने खुद ही अपनी बात का अंग्रेजी में मतलब समझाया। आलिया ने आगे कहा कि फिल्में अलग-अलग भाषाओं में बनती हैं, लेकिन सिनेमा की भाषा सबको जोड़ती है। उनके इस अंदाज को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है। लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदी और भारतीय संस्कृति का मान बढ़ाया। Trump Tariff Dispute : भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर लगा रोक, ट्रंप के नए टैरिफ विवाद के बीच अहम बैठक टली ‘सेंटिमेंटल वैल्यू’ को मिला बेस्ट नॉन-इंग्लिश फिल्म अवॉर्ड BAFTA में बेस्ट नॉन-इंग्लिश फिल्म का अवॉर्ड ‘सेंटिमेंटल वैल्यू’ को दिया गया, जो इस साल ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेटेड है। समारोह के दौरान आलिया का लुक भी चर्चा में रहा। उन्होंने सिल्वर रंग का गाउन पहना था, जिसके साथ सफेद स्टॉल कैरी किया। रेड कार्पेट पर उनका अंदाज बेहद आकर्षक रहा। तीसरी भारतीय अभिनेत्री बनीं आलिया आलिया भट्ट से पहले प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) और दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) भी BAFTA में अवॉर्ड प्रेजेंट कर चुकी हैं। अब आलिया यह उपलब्धि हासिल करने वाली तीसरी भारतीय अभिनेत्री बन गई हैं। उनके फैंस उनकी इस उपलब्धि से काफी खुश हैं। Rajpal Yadav Bail : राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत,18 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत वर्क फ्रंट की बात करें तो आलिया की आने वाली फिल्मों ‘अल्फा’ और ‘लव एंड वॉर’ का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। BAFTA में उनकी मौजूदगी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय कलाकार अब वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। Alia bhatt presenting the award to film not in english language at Bafta’s – the winners are sentimental value pic.twitter.com/XBq6bLsCMI — 🔮 (@lordofkong) February 22, 2026
Nepal Bus Accident : नेपाल में बस नदी में गिरने से 18 लोगों की मौत, 25 से ज्यादा घायल

Nepal Bus Accident : धादिंग। नेपाल के धादिंग जिले में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पोखरा से काठमांडू जा रही एक यात्री बस हाईवे से नीचे गिरकर त्रिशूली नदी में समा गई। नेपाली मीडिया के अनुसार इस हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 से ज्यादा यात्री घायल हैं। ड्राइवर का नियंत्रण खोने से हुआ हादसा यह दुर्घटना रात करीब 1:30 बजे बेनिघाट रोरांग इलाके में हुई। बस (Ga 1 Kha 1421) में कुल 44 यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि अचानक ड्राइवर का बस पर नियंत्रण बिगड़ गया, जिससे वाहन सीधे नदी में जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। Trump Tariff Dispute : भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर लगा रोक, ट्रंप के नए टैरिफ विवाद के बीच अहम बैठक टली अब तक 17 शव बरामद, बाद में एक और मौत आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पहले 17 शव बरामद किए गए थे। बाद में एक घायल यात्री ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई। मृतकों में 12 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं। इनमें एक पुरुष और एक महिला विदेशी नागरिक भी बताए जा रहे हैं, हालांकि उनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है। घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती बचाव दल ने 26 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुछ घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को काठमांडू रेफर किया गया है। हादसा देर रात होने के कारण राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें आईं, लेकिन सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों की मदद से अभियान जारी रखा। School Bomb Threat : आर्मी और एयर फ़ोर्स के स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, जांच शुरू हादसे के कारणों की जांच जारी फिलहाल पुलिस इस दुर्घटना के अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। नेपाल में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे इससे पहले 5 फरवरी को बैतड़ी जिले में बारातियों से भरी बस 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें 13 लोगों की मौत और 34 लोग घायल हुए थे। शुरुआती जांच में ओवरलोडिंग को हादसे की वजह माना गया था। वहीं साल 2024 में लैंडस्लाइड के कारण दो बसें त्रिशूली नदी में बह गई थीं, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी।
Trump Tariff Dispute : भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर लगा रोक, ट्रंप के नए टैरिफ विवाद के बीच अहम बैठक टली

Trump Tariff Dispute : नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच इस हफ्ते होने वाली अंतरिम ट्रेड डील पर चर्चा की तीन दिन की बैठक फिलहाल टाल दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने के लिए इमरजेंसी पावर के इस्तेमाल को रद्द कर दिया गया। इस फैसले के बाद अमेरिकी प्रशासन को नए कानूनी विकल्प तलाशने पड़े हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ी कानूनी उलझन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ दरों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। फिलहाल अमेरिकी प्रशासन 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन साथ ही सेक्शन 338 जैसे अन्य कानूनी प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है। इससे भविष्य की व्यापार वार्ता पर असर पड़ सकता है और दोनों देशों के बीच बातचीत और जटिल हो सकती है। Share Market Today : ग्लोबल संकेतों से शेयर बाजार हरे निशान पर शुरु, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार उछाल मार्च में होने वाली साइनिंग की योजना पर असर आने वाले दिनों में होने वाली यह बैठक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। इसी के आधार पर मार्च में अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर के भारत दौरे और समझौते पर हस्ताक्षर की उम्मीद थी। बैठक टलने से अब पूरा कार्यक्रम अनिश्चित हो गया है। आपसी सहमति से आगे तय होगी नई तारीख सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों का मानना है कि नई परिस्थितियों और उनके प्रभाव को समझने के बाद ही भारतीय मुख्य वार्ताकार और उनकी टीम का दौरा तय किया जाए। इसलिए बैठक को आपसी सहमति से आगे की तारीख पर आयोजित किया जाएगा। US Tariff India Impact : ट्रंप का नया 10% वैश्विक टैरिफ, भारत पर क्या प्रभाव, सरकार कर रही असर का आकलन टैरिफ दरों में लगातार बदलाव भारतीय सामान पर पहले टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जो बाद में घटकर 25 प्रतिशत और फिर 18 प्रतिशत करने का वादा किया गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह दर 10 प्रतिशत तक आ गई थी, लेकिन नए आदेश के तहत इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। भारत के लिए यह दर पहले घोषित 18 प्रतिशत से कम और 26 प्रतिशत के पुराने स्तर से काफी नीचे है। अमेरिका के अगले कदमों के संकेत अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि टैरिफ नीति को जारी रखने के लिए प्रशासन सेक्शन 232, 301 और 122 जैसे अन्य कानूनी रास्तों का इस्तेमाल करेगा। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि सेक्शन 338 के तहत टैरिफ को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का विकल्प भी खुला है। Donald Trump Tariff : ट्रंप का बड़ा ऐलान- भारत पर टैरिफ 50% से घटकर 18%, रूसी तेल खरीद बंद करने पर सहमति भारत सरकार कर रही असर का अध्ययन भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि वह अमेरिकी फैसले और उसके बाद उठाए गए कदमों के असर का बारीकी से अध्ययन कर रहा है। सरकार का कहना है कि सभी घटनाक्रमों को समझने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। कुल मिलाकर, अमेरिकी कानूनी फैसलों और बदलती टैरिफ नीति के चलते भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम ट्रेड डील की प्रक्रिया फिलहाल धीमी पड़ गई है और नई तारीख का इंतजार किया जा रहा है।
Share Market Today : ग्लोबल संकेतों से शेयर बाजार हरे निशान पर शुरु, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार उछाल

Share Market Today : नई दिल्ली। पॉज़िटिव ग्लोबल संकेतों और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के टैरिफ को रद्द किए जाने के फैसले के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। निवेशकों के उत्साह का असर शुरुआती कारोबार में ही दिखा और बाजार मजबूती के साथ खुला। सेंसेक्स-निफ्टी में अच्छी बढ़त सुबह करीब 9:25 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 563 अंक यानी 0.68 प्रतिशत बढ़कर 83,375 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 170 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,741 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार की यह बढ़त निवेशकों के सकारात्मक रुख को दर्शाती है। School Bomb Threat : आर्मी और एयर फ़ोर्स के स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, जांच शुरू मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी मुख्य इंडेक्स के साथ-साथ ब्रॉड मार्केट में भी बढ़त देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.12 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.86 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत मिला। PSU बैंक, मेटल और ऑटो सेक्टर चमके सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और केमिकल को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में रहे। निफ्टी PSU बैंक सबसे ज्यादा 1.13 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा मेटल और ऑटो सेक्टर में भी क्रमशः 0.77 प्रतिशत और 0.83 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। US Tariff India Impact : ट्रंप का नया 10% वैश्विक टैरिफ, भारत पर क्या प्रभाव, सरकार कर रही असर का आकलन मार्केट का आउटलुक अभी सीमित विश्लेषकों का कहना है कि टैरिफ से जुड़े बदलते हालात के बीच भारत की ट्रेड नेगोशिएटिंग टीम के अमेरिका दौरे में देरी करना सकारात्मक कदम है। हालांकि उनका मानना है कि यह तेजी बाजार में लंबी रैली शुरू करने के लिए अभी पर्याप्त नहीं है। निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम स्तर मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक निफ्टी के लिए 25,370 का स्तर मजबूत सपोर्ट और 25,700 का स्तर रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। वहीं बैंक निफ्टी में हालिया कमजोरी के बाद अच्छा रिकवरी देखने को मिला है, जिसमें 60,800–60,900 सपोर्ट और 61,300–61,400 रेजिस्टेंस माना जा रहा है। Trump 10% Global Tariff : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द किए, फिर भी ट्रंप ने लगाया 10% वैश्विक टैरिफ एशियाई और अमेरिकी बाजार का हाल एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान का निक्केई 225 1.12 प्रतिशत गिरा, जबकि हैंग सेंग 2.22 प्रतिशत चढ़ा और कोस्पी 0.36 प्रतिशत ऊपर रहा। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में कमजोरी दिखी, जहां नैस्डैक 0.16 प्रतिशत गिरा, एसएंडपी 500 लगभग सपाट रहा और डाउ जोन्स 0.13 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। FIIs की बिकवाली, DIIs की खरीदारी 20 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 935 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,637 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। कुल मिलाकर ग्लोबल संकेतों और घरेलू खरीदारी के दम पर बाजार ने हफ्ते की शुरुआत मजबूती के साथ की, लेकिन आगे की दिशा ग्लोबल ट्रेंड और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी।