AI vs Human : AI से नौकरी जाएगी या बनेगा नया करियर? क्या कहती है ICRIER रिपोर्ट?

AI vs Human : भारत के आईटी सेक्टर में नौकरी खत्म होने के डर के बीच एक नई रिसर्च रिपोर्ट ने बड़ी तस्वीर साफ कर दी है। हाल ही में जारी एक अध्ययन के मुताबिक AI तकनीक बड़े पैमाने पर छंटनी नहीं कर रही, बल्कि काम करने का तरीका बदल रही है। रिपोर्ट बताती है कि कंपनियां कर्मचारियों को हटाने की वजह उनकी स्किल बढ़ाने और नए रोल बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इससे आईटी सेक्टर में काम का स्वरूप बदल रहा है, खत्म नहीं हो रहा। Gold Silver Price Today : चांदी में लगातार तीसरी गिरावट, आज 2,949 रुपए सस्ती, सोना 1,315 रुपए महंगा बदल रहा काम का तरीका हालिया रिसर्च में देश की कई प्रमुख टेक कंपनियों का सर्वे किया गया। इसमें पाया गया कि AI अपनाने के बाद कंपनियों में एंट्री-लेवल भर्ती में मामूली बदलाव आया, लेकिन मिड और सीनियर लेवल टैलेंट की मांग बढ़ी है। यानी कंपनियों को अब सिर्फ कोड लिखने वाले कर्मचारी नहीं बल्कि समस्या हल करने वाले प्रोफेशनल चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन सर्विसेज में काम का पैटर्न बदल रहा है। पहले जहां एक प्रोजेक्ट में कई लोगों की जरूरत पड़ती थी, अब वही काम कम समय में पूरा हो रहा है। इससे कंपनियां नई सर्विस लॉन्च करने और अंतरराष्ट्रीय मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर फोकस कर पा रही हैं। IAS Avi Prasad : कौन हैं IAS अवि प्रसाद? जिनकी तीसरी शादी से मचा बवाल, डिप्टी सेक्रेटरी संग लव स्टोरी चर्चा में विशेषज्ञों का कहना है कि अब रूटीन कोडिंग की जगह सोल्यूशन डिज़ाइनिंग ज्यादा अहम हो गई है। यानी कर्मचारी को केवल टेक्निकल स्किल नहीं, बल्कि लॉजिक और निर्णय क्षमता भी दिखानी होगी। इसी वजह से IT वर्कफोर्स ट्रांसफॉर्मेशन तेजी से हो रहा है। इस बदलाव को कई लोग नौकरी खतरे में समझ रहे थे, लेकिन अध्ययन बताता है कि असल में रोल्स इवॉल्व हो रहे हैं। अब स्किल अपग्रेड ही असली चाबी! रिपोर्ट का सबसे अहम निष्कर्ष उत्पादकता वृद्धि है। कंपनियों में कर्मचारी अब AI-पावर्ड टूल्ससे तेजी से कोड, रिपोर्ट और कंटेंट तैयार कर रहे हैं। इससे समय बच रहा है और वे ज्यादा रणनीतिक काम कर पा रहे हैं। हालांकि एक चिंता भी सामने आई कौशल अंतर। सर्वे में पाया गया कि बहुत कम कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम दिए हैं। नई टेक्नोलॉजी के साथ काम करने के लिए संकर कौशल जरूरी होंगे, जिसमें तकनीकी ज्ञान के साथ संचार और निर्णय-निर्धारण भी शामिल होंगे। Surya Grahan 2026 : साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को, जानें क्या करें क्या न करें यह बदलाव दर्शाता है कि रोजगार खत्म नहीं हो रहा बल्कि नौकरी का स्वरूप बदल रहा है। कई कंपनियां अब कौशल उन्नयन और कौशल प्रशिक्षण को HR नीति का मुख्य हिस्सा बना रही हैं। कर्मचारियों के लिए भी जरूरी है कि वे खुद को लगातार अपडेट रखें। इंसान और तकनीक साथ-साथ काम करेंगे रिपोर्ट साफ कहती है कि AI इंसानों की जगह नहीं ले रहा बल्कि उनके साथ काम कर रहा है। इससे काम की गुणवत्ता बढ़ रही है और कंपनियां बिना ज्यादा भर्ती किए भी विस्तार कर पा रही हैं। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे देश के लिए यह अवसर है। यदि वर्कफोर्स सही समय पर स्किल सीख लेती है तो देश का IT सेक्टर वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सकता है। Rajpal Yadav Bail : राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत,18 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत आने वाला समय नौकरी का प्रतिस्थापन का नहीं बल्कि नौकरी का पुनर्रचना का होगा। जो कर्मचारी सीखते रहेंगे, उनके लिए अवसर बढ़ेंगे और जो नहीं सीखेंगे, उनके लिए चुनौतियां जरूर बढ़ेंगी। कुल मिलाकर रिपोर्ट यह संकेत देती है कि तकनीक से डरने के बजाय उसके साथ चलना ही समझदारी है। बदलाव जरूर हो रहा है, लेकिन इसका मतलब बेरोज़गारी नहीं बल्कि काम करने के तरीके का बदलना है। Sabarimala Case Hearing : सबरीमाला भेदभाव केस में 9 जजों की संविधान पीठ गठित, क्या बदलेगा 2018 का फैसला? आने वाले समय में वही लोग आगे रहेंगे जो नई स्किल सीखते रहेंगे और तकनीक के साथ खुद को ढालेंगे। यानी भविष्य इंसान बनाम मशीन का नहीं, बल्कि इंसान और मशीन के सहयोग का होगा।
Gold Silver Price Today : चांदी में लगातार तीसरी गिरावट, आज 2,949 रुपए सस्ती, सोना 1,315 रुपए महंगा

Gold Silver Price Today : सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन 16 फरवरी को गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक एक किलो चांदी 2,949 रुपए गिरकर 2,39,484 रुपए पर आ गई। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 2,42,433 रुपए प्रति किलो थी। वहीं सोने की बात करें तो 24 कैरेट सोना 1,315 रुपए महंगा होकर 1,54,080 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पहले 1,52,765 रुपए था। हालांकि पिछले तीन कारोबारी दिनों में चांदी 26,965 रुपए और सोना 3,242 रुपए तक सस्ता हो चुका है। IAS Avi Prasad : कौन हैं IAS अवि प्रसाद? जिनकी तीसरी शादी से मचा बवाल, डिप्टी सेक्रेटरी संग लव स्टोरी चर्चा में ऑल टाइम हाई से अब तक भारी गिरावट 29 जनवरी को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर बनाया था। उस समय सोना 1,76,121 रुपए और चांदी 3,85,933 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई थी। लेकिन इसके बाद से सोना 22,041 रुपए और चांदी 1,46,449 रुपए तक सस्ती हो चुकी है, जिससे निवेशकों का रुझान फिर से बाजार की ओर बढ़ा है। अलग-अलग शहरों में अलग क्यों होते हैं रेट IBJA द्वारा जारी कीमतों में 3% जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता, इसलिए अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के रेट अलग नजर आते हैं। इन बेस रेट्स का इस्तेमाल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के दाम तय करने के लिए करता है, वहीं कई बैंक गोल्ड लोन की वैल्यू तय करने में भी इन्हीं कीमतों को आधार मानते हैं। Youngest Organ Donor : 10 महीने की आलिन बनीं सबसे छोटी ऑर्गन डोनर, पांच मरीजों को मिली नई जिंदगी गिरावट के बीच बढ़ी खरीदारी पिछले कुछ दिनों में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू कर दी है। सोना करीब 15% तक सस्ता होने से बाजार में मांग बढ़ी है। हालांकि जानकार सलाह दे रहे हैं कि एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे पैसा लगाना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद रहेगा। सोना खरीदते समय रखें ये ध्यान सोना खरीदते समय हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क लगा सर्टिफाइड गोल्ड ही लें। इससे शुद्धता की गारंटी मिलती है। साथ ही खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से उस दिन का भाव जरूर चेक करें, क्योंकि 24, 22 और 18 कैरेट के रेट अलग-अलग होते हैं। Rajpal Yadav Bail : राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत,18 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत असली चांदी की पहचान ऐसे करें असली चांदी की पहचान के लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं। मैग्नेट टेस्ट में असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। आइस टेस्ट में चांदी पर रखी बर्फ तेजी से पिघलती है। असली चांदी में किसी तरह की गंध नहीं होती, जबकि नकली में कॉपर जैसी स्मेल आ सकती है। वहीं सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आना भी असली होने की निशानी माना जाता है।
IAS Avi Prasad : कौन हैं IAS अवि प्रसाद? जिनकी तीसरी शादी से मचा बवाल, डिप्टी सेक्रेटरी संग लव स्टोरी चर्चा में

IAS Avi Prasad : भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी IAS अवि प्रसाद की निजी जिंदगी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में उनकी तीसरी शादी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में बहस छिड़ गई है। यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि उनकी पूर्व पत्नियां भी उच्च प्रशासनिक पदों पर कार्यरत अधिकारी हैं और वर्तमान पत्नी भी राज्य सेवा में महत्वपूर्ण पद संभाल रही हैं। Youngest Organ Donor : 10 महीने की आलिन बनीं सबसे छोटी ऑर्गन डोनर, पांच मरीजों को मिली नई जिंदगी कौन हैं IASअवि प्रसाद ? मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारी अवि प्रसाद, IAS 2014 बैच के अफसर हैं। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 13 हासिल की थी, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। सिविल सेवा में आने से पहले वे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में कार्य कर चुके हैं। अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने जिलों में काम करते हुए जनसमस्याओं के समाधान और कुपोषण जैसे मुद्दों पर विशेष काम किया। कटनी जिले में कलेक्टर रहते हुए उनके काम की चर्चा राज्य स्तर पर हुई थी। बाद में उन्हें राज्य स्तर की जिम्मेदारी देते हुए मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया। Surya Grahan 2026 : साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को, जानें क्या करें क्या न करें निजी जीवन बन गया चर्चा का विषय शासनिक अधिकारियों की पहचान आम तौर पर उनकी कार्यशैली, फैसलों की पारदर्शिता और जमीन पर दिखने वाले असर से बनती है। कोई अधिकारी जनता से सीधे संवाद करता है, शिकायतों का तुरंत समाधान करता है या योजनाओं को तेज़ी से लागू करता है तो उसकी अलग छवि बन जाती है। हालांकि इस बार चर्चा का केंद्र प्रशासनिक कामकाज नहीं बल्कि निजी जीवन बन गया है। जब किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के निजी फैसले सामने आते हैं तो लोगों की जिज्ञासा स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। Sabarimala Case Hearing : सबरीमाला भेदभाव केस में 9 जजों की संविधान पीठ गठित, क्या बदलेगा 2018 का फैसला? सोशल मीडिया और डिजिटल न्यूज के दौर में ऐसी खबरें तेजी से फैलती हैं। इसके बाद आम लोग अधिकारी के व्यक्तित्व को सिर्फ प्रशासनिक भूमिका से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत जीवन के नजरिए से भी देखने लगते हैं। यही वजह है कि इस बार लोगों की दिलचस्पी नीतियों या योजनाओं से ज्यादा उनके व्यक्तिगत फैसलों को लेकर दिखाई दे रही है, जिससे यह मामला सामान्य प्रशासनिक चर्चा से निकलकर जन चर्चा का विषय बन गया है। तीसरी शादी के बाद क्यों बना चर्चा हाल ही में उनकी शादी 2017 बैच की अधिकारी अंकिता धाकर से निजी समारोह में हुई। अंकिता राज्य सचिवालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद कार्यरत हैं और पहले कई जिलों में SDM रह चुकी हैं। Gujarat School Bomb Threat : गुजरात के एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों को बम की धमकी, बोले- खालिस्तान बना देंगे … लगातार तीन अलग-अलग प्रशासनिक अधिकारियों से विवाह की वजह से यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड करने लगी। हालांकि संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। यह घटना लोगों के बीच सरकारी अधिकारियों की निजी जिंदगी और सार्वजनिक छवि पर चर्चा को भी जन्म दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों की व्यक्तिगत खबरें अक्सर जनचर्चा का हिस्सा बन जाती हैं लेकिन प्रशासनिक कार्य और जिम्मेदारियां इससे अलग रहती हैं।
Youngest Organ Donor : 10 महीने की आलिन बनीं सबसे छोटी ऑर्गन डोनर, पांच मरीजों को मिली नई जिंदगी

Youngest Organ Donor : देश। केरल ने रविवार को 10 महीने की मासूम आलिन शेरिन अब्राहम को नम आंखों से विदाई दी। इतनी छोटी उम्र में वह राज्य की सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर बन गईं। कुछ दिन पहले उनके अंग दान किए गए, जिससे पांच गंभीर मरीजों को नई जिंदगी मिली। एक परिवार का गहरा दर्द पांच घरों की उम्मीद बन गया। अभिनेता कमल हसन ने परिवार के लिए भावुक संदेश लिखते हुए कहा कि उनकी नन्ही बच्ची अब पांच और बच्चों को स्वस्थ जीवन जीने में मदद करेगी। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई पठानमथिट्टा के एक चर्च में आलिन का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस मौके पर केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी भी मौजूद रहे। Surya Grahan 2026 : साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को, जानें क्या करें क्या न करें माहौल इतना भावुक था कि वहां मौजूद लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने कहा कि इतने बड़े दुख के बीच माता-पिता का यह फैसला इंसानियत की मिसाल है। सड़क हादसे में लगी थी गंभीर चोट 5 फरवरी को आलिन अपनी मां और दादा-दादी के साथ कार में जा रही थीं। सामने से आई एक गाड़ी ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। पहले उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए कोच्चि ले जाया गया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन 12 फरवरी को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इसी गहरे दुख के बीच माता-पिता ने अंगदान का साहसिक फैसला लिया। ‘ग्रीन कॉरिडोर’ से पहुंचाए गए अंग आलिन के माता-पिता अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन ने प्रशासन से अंगदान की प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग किया। कोच्चि से तिरुवनंतपुरम तक अंगों को पहुंचाने के लिए ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया गया। रात में हेलीकॉप्टर की अनुमति नहीं मिलने के कारण एंबुलेंस से 230 किलोमीटर की दूरी तय की गई। Sabarimala Case Hearing : सबरीमाला भेदभाव केस में 9 जजों की संविधान पीठ गठित, क्या बदलेगा 2018 का फैसला? ट्रैफिक रोका गया और एंबुलेंस ने यह सफर केवल 3 घंटे 20 मिनट में पूरा किया। आलिन का लीवर छह महीने के एक बच्चे को प्रत्यारोपित किया गया, किडनी 10 साल के बच्चे को दी गई, हार्ट वाल्व तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज भेजा गया और आंखों की कॉर्निया एक निजी आई बैंक को सौंपी गई। ‘नन्ही परी’ को देशभर से श्रद्धांजलि इस घटना के बाद पूरे केरल में शोक और गर्व का माहौल रहा। राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar ने कहा कि माता-पिता ने दूसरों को जीवन और उम्मीद दी है। अभिनेता मोहनलाल (Mohanlal) ने आलिन को “नन्ही परी” बताते हुए कहा कि वह लाखों दिलों में जिंदा रहेगी। Rajpal Yadav Bail : राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत,18 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल (K. C. Venugopal) और भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने भी इस फैसले को इंसानियत की मिसाल बताया। एक हादसे ने एक घर को उजाड़ दिया, लेकिन उसी घर के साहसिक निर्णय ने पांच जिंदगियों को नई शुरुआत दे दी। यही छोटी आलिन की सबसे बड़ी पहचान बन गई।
Surya Grahan 2026 : साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को, जानें क्या करें क्या न करें

Surya Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर लगता है। 17 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह की अमावस्या के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में होगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण है, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा, फिर भी इसे लेकर लोगों में जिज्ञासा बनी हुई है। क्या है ‘रिंग ऑफ फायर’? NASA के अनुसार, जब चंद्रमा पृथ्वी से अपनी अधिकतम दूरी पर होता है और उसी समय सूर्य ग्रहण लगता है, तो चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। इस स्थिति में सूर्य का बीच का भाग ढका हुआ दिखाई देता है, जबकि चारों ओर रोशनी की चमकदार पतली रिंग नजर आती है। यह दृश्य आग की अंगूठी जैसा प्रतीत होता है, इसलिए इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। वलयाकार ग्रहण के दौरान सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में होते हैं। Rajpal Yadav Bail : राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत,18 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत ज्योतिष के अनुसार क्यों है विशेष? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह ग्रहण इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि यह शनि देव की राशि कुंभ में लग रहा है। इस दौरान सूर्य के साथ राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा भी इसी राशि में रहेंगे। सूर्य और राहु की युति को ग्रहण योग कहा जाता है, जिसे पारंपरिक रूप से अशुभ माना जाता है। इसलिए इस ग्रहण को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूर्य ग्रहण का समय (भारत के अनुसार) भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा। यह ग्रहण कुल 4 घंटे 32 मिनट तक रहेगा। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाएगा। Sabarimala Case Hearing : सबरीमाला भेदभाव केस में 9 जजों की संविधान पीठ गठित, क्या बदलेगा 2018 का फैसला? सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें? गर्भवती महिलाएं रखें विशेष सावधानी मान्यता है कि ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। इस दौरान बाहर निकलने, सुई-धागा, कैंची या नुकीली वस्तुओं के उपयोग से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही ग्रहण की छाया से दूर रहने की भी परंपरागत मान्यता है। पूजा स्थल को न छुएं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय मंदिर या पूजा घर की मूर्तियों को स्पर्श नहीं करना चाहिए और मंदिर को बंद रखना चाहिए। ऐसा करने से नकारात्मक प्रभाव से बचाव माना जाता है। Rajasthan Chemical Factory Fire : राजस्थान में केमिकल फैक्ट्री में भयंकर आग, 7 कर्मचारी जिंदा जले सुनसान जगहों पर न जाएं मान्यता है कि ग्रहण काल में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। इसलिए श्मशान या सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचना चाहिए और घर पर रहकर ईश्वर का ध्यान करना चाहिए। शुभ कार्य से बचें ग्रहण के दौरान सिलाई, कढ़ाई, बाल और नाखून काटना वर्जित माना गया है। साथ ही कोई भी शुभ कार्य इस अवधि में नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ग्रहण के समय किसी गरीब या असहाय व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए। इस दौरान घर में शांति बनाए रखना शुभ माना गया है। Bhullar Bail Rejected : रिश्वतखोर DIG भुल्लर जेल में ही रहेंगे, हाई कोर्ट से बड़ा झटका सूर्य ग्रहण में क्या करें? गर्भवती महिलाएं रखें नारियल पास धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में अपने पास नारियल रखना चाहिए और घर के अंदर ही रहना चाहिए। मंत्र जाप और ध्यान करें ग्रहण काल में मानसिक रूप से पूजा, ध्यान और मंत्र जाप करना शुभ माना गया है। इससे सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति मिलती है। Mahesh Babu Film 2026 : महेश बाबू ने ‘नागबंधम’ का भव्य टीजर किया लॉन्च ग्रहण के बाद क्या करें? स्नान और शुद्धिकरण ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना चाहिए और घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। इसके बाद भगवान की पूजा और दान-पुण्य करना शुभ माना गया है। भोजन में तुलसी का प्रयोग मान्यता है कि ग्रहण के दौरान भोजन दूषित हो सकता है। इसलिए ग्रहण शुरू होने से पहले पके हुए भोजन में तुलसी के पत्ते रखने की परंपरा है, जिससे भोजन शुद्ध माना जाता है।
Rajpal Yadav Bail : राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत,18 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत

Rajpal Yadav Bail : दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी है। राजपाल यादव ने अदालत से गुहार लगाई थी कि 19 फरवरी को उनकी भतीजी की शादी है और इस पारिवारिक समारोह में उनकी मौजूदगी बेहद जरूरी है। अदालत ने उनकी इस दलील को स्वीकार करते हुए राहत प्रदान की। साथ ही यह भी सामने आया कि अभिनेता की ओर से शिकायतकर्ता को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को तय की गई है। Sabarimala Case Hearing : सबरीमाला भेदभाव केस में 9 जजों की संविधान पीठ गठित, क्या बदलेगा 2018 का फैसला? चेक बाउंस मामले में काट रहे सजा राजपाल यादव इस समय 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस में सजा काट रहे हैं। यह मामला लंबे समय से अदालत में चल रहा था और हाल ही में उन्हें इस केस में दोषी ठहराया गया था। अंतरिम जमानत मिलने से उन्हें फिलहाल कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली है, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। फिल्म बनाने के लिए लिया था कर्ज पूरा मामला साल 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्शन में बनी फिल्म अता पता लापता के निर्माण के लिए Murali Projects Pvt. Ltd. से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई, जिसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई। Gujarat School Bomb Threat : गुजरात के एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों को बम की धमकी, बोले- खालिस्तान बना देंगे … चेक बाउंस होने के बाद दर्ज हुआ केस कर्ज चुकाने के लिए अभिनेता ने कंपनी को कई चेक दिए, लेकिन वे बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी ने उनके खिलाफ Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत मामला दर्ज कराया। समय बीतने के साथ ब्याज और अन्य देनदारियों के कारण 5 करोड़ रुपये की यह राशि बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये हो गई। Bhullar Bail Rejected : रिश्वतखोर DIG भुल्लर जेल में ही रहेंगे, हाई कोर्ट से बड़ा झटका आगे क्या होगा? फिलहाल अंतरिम जमानत मिलने से राजपाल यादव अपने परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल हो सकेंगे, लेकिन 18 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई इस केस के लिए अहम मानी जा रही है। इस दिन अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
Sabarimala Case Hearing : सबरीमाला भेदभाव केस में 9 जजों की संविधान पीठ गठित, क्या बदलेगा 2018 का फैसला?

हाइलाइट्स 7 अप्रैल से सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ करेगी सुनवाई। 2018 के सबरीमाला फैसले की समीक्षा पर रहेगा मुख्य फोकस। सभी पक्षों को 14 मार्च तक लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश। Sabarimala Case SC Hearing : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की 9 न्यायाधीशों की संविधान पीठ 7 अप्रैल से धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश से जुड़े मामलों की सुनवाई शुरू करेगी। इस सुनवाई का मुख्य फोकस केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़े विवाद पर रहेगा और सभी पक्षों को 14 मार्च तक अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने को कहा गया है। Gujarat School Bomb Threat : गुजरात के एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों को बम की धमकी, बोले- खालिस्तान बना देंगे … बेंच में कौन-कौन जज शामिल इस अहम मामले की सुनवाई करने वाली बेंच में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली सहित कुल 9 जज शामिल हैं। कोर्ट ने सुनवाई को 22 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। एमिकस क्यूरी और नोडल काउंसल की नियुक्ति सुनवाई के दौरान कोर्ट की मदद के लिए वरिष्ठ वकील परमेश्वर और शिवम सिंह को एमिकस क्यूरी बनाया गया है। सबरीमाला फैसले की समीक्षा का समर्थन करने वालों के लिए कृष्ण कुमार सिंह को नोडल काउंसल और विरोध करने वालों के लिए शश्वती परी को नोडल काउंसल नियुक्त किया गया है। Rajasthan Chemical Factory Fire : राजस्थान में केमिकल फैक्ट्री में भयंकर आग, 7 कर्मचारी जिंदा जले 2018 के फैसले की होगी समीक्षा यह मामला 2018 के उस फैसले से जुड़ा है जिसमें सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। 11 मई 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कानून से जुड़े बड़े सवालों को बड़ी बेंच के पास भेजा जा सकता है। अब संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा पर भी विचार होगा। सबरीमाला के अलावा धार्मिक स्थल भी दायरे में इस सुनवाई में मस्जिदों और दरगाहों में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश और पारसी समुदाय की अगियारी में महिलाओं के प्रवेश जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि किसी धार्मिक परंपरा को पीआईएल के जरिए चुनौती दी जा सकती है या नहीं। Delhi Blast Update : JK में ‘वाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल का खुलासा, डॉक्टरों ने बनाया ‘अंसार अंतरिम’ आतंकी संगठन केंद्र सरकार का रुख केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सबरीमाला फैसले की समीक्षा का समर्थन किया है, जिससे इस मामले को और संवैधानिक महत्व मिल गया है। सुनवाई से पहले सियासी बयानबाजी तेज केरल में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। विपक्षी कांग्रेस ने सरकार से अदालत में अपना रुख साफ करने की मांग की है, जबकि सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) ने कहा है कि सरकार अपना पक्ष कोर्ट में ही रखेगी। IND vs PAK Match Highlights : भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से रौंदा, ईशान किशन के मुरीद हुए तेंदुलकर सरकार बनाम विपक्ष आमने-सामने नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सरकार से स्पष्ट रुख की मांग की है। वहीं सीपीआई (एम) का कहना है कि यह मामला बेहद जटिल है और भक्तों की भावनाओं के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों का भी सम्मान किया जाएगा।
Gujarat School Bomb Threat : गुजरात के एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों को बम की धमकी, बोले- खालिस्तान बना देंगे …

हाइलाइट्स अहमदाबाद और वडोदरा के 13 स्कूलों को बम की धमकी। ईमेल में स्कूल और बसों में विस्फोटक लगाने का दावा। खालिस्तान का जिक्र और पीएम मोदी-अमित शाह पर आपत्तिजनक भाषा। Gujarat School Bomb Threat : गुजरात। अहमदाबाद और वडोदरा के कम से कम 13 स्कूलों को सोमवार को बम की धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद तुरंत खाली करा लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया और छात्रों को एहतियात के तौर पर छुट्टी दे दी गई। Rajasthan Chemical Factory Fire : राजस्थान में केमिकल फैक्ट्री में भयंकर आग, 7 कर्मचारी जिंदा जले कितने स्कूल आए निशाने पर अधिकारियों के मुताबिक अहमदाबाद के सात और वडोदरा के छह स्कूलों को धमकी मिलने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा दो से तीन अन्य स्कूलों को भी ऐसे ही ईमेल मिलने की सूचना की जांच की जा रही है। किन स्कूलों को मिला मेल अहमदाबाद में वस्त्रपुर का एशिया स्कूल, सैटेलाइट का ए-वन स्कूल, मकरबा का डीएवी इंटरनेशनल स्कूल और अंकुर इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं। वडोदरा में उर्मी स्कूल, डी.आर. अमीन स्कूल और नालंदा स्कूल को टारगेट किया गया। Bhullar Bail Rejected : रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए सस्पेंड DIG भुल्लर जेल में रहेंगे, हाई कोर्ट से बड़ा झटका ईमेल में बम लगाने का दावा धमकी भरे ईमेल में स्कूल कैंपस और बसों में विस्फोटक रखने का दावा किया गया था। मैसेज मिलते ही स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी और कैंपस खाली कराकर जांच शुरू करवाई। पूरी ताकत के साथ सर्च ऑपरेशन सभी स्कूलों में बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड, लोकल पुलिस और सीनियर अधिकारियों की टीम तैनात की गई। पार्किंग में खड़ी गाड़ियों की भी जांच की गई और फायर ब्रिगेड को स्टैंडबाय पर रखा गया। Delhi Blast Update : JK में ‘वाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल का खुलासा, डॉक्टरों ने बनाया ‘अंसार अंतरिम’ आतंकी संगठन अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला अहमदाबाद के जॉइंट पुलिस कमिश्नर (क्राइम) शरद सिंघल ने बताया कि अभी तक किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। ईमेल भेजने वाले के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है और उसकी पहचान की कोशिश की जा रही है। वडोदरा पुलिस ने क्या कहा वडोदरा के पुलिस कमिश्नर नरसिम्हा कोमर ने कहा कि शुरुआती जांच में यह धमकी पहले की तरह फर्जी लग रही है, लेकिन पूरी जांच के लिए बम स्क्वॉड की टीमों को तैनात किया गया है। IND vs PAK Match Highlights : सचिन बोले- किशन की दमदार पारी, पाकिस्तान को 61 रनों से रौंदा ; T20 WC हाइलाइट्स खालिस्तान का जिक्र ईमेल में गुजरात को खालिस्तान बनाने की धमकी दी गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। डीसीपी अजित आर्यन के मुताबिक ईमेल पंजाबी भाषा में भेजा गया है और क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है। हॉस्टल भी कराया गया खाली वडोदरा के उर्मी स्कूल में हॉस्टल को भी खाली कराया गया ताकि सुरक्षा एजेंसियां बिना किसी जोखिम के पूरी जांच कर सकें।
Rajasthan Chemical Factory Fire : राजस्थान में केमिकल फैक्ट्री में भयंकर आग, 7 कर्मचारी जिंदा जले

हाइलाइट्स केमिकल फैक्ट्री में आग से 7 शव बरामद। केमिकल भंडारण के कारण आग फैली। कई दमकल गाड़ियों ने मिलकर आग बुझाई। Rajasthan Chemical Factory Fire : भिवाड़ी, राजस्थान। भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी यूनिट इसकी चपेट में आ गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 7 मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री का प्लॉट नंबर G1/118B है और आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है। Bhullar Bail Rejected : रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए सस्पेंड DIG भुल्लर जेल में रहेंगे, हाई कोर्ट से बड़ा झटका केमिकल के कारण तेजी से फैली आग प्रशासन के अनुसार फैक्ट्री में केमिकल मौजूद होने की वजह से आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बाद में भिवाड़ी, तिजारा और आसपास के क्षेत्रों से भी फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फैक्ट्री में काम कर रहे थे 20–25 मजदूर हादसे के समय फैक्ट्री में लगभग 20 से 25 मजदूर काम कर रहे थे। कुछ मजदूर समय रहते बाहर निकल आए, लेकिन कई अंदर ही फंस गए और आग की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। आग बुझने के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में 7 शव बाहर निकाले गए। IND vs PAK Match Highlights : सचिन बोले- किशन की दमदार पारी, पाकिस्तान को 61 रनों से रौंदा ; T20 WC हाइलाइट्स प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही भिवाड़ी के एसपी, तिजारा के डीएसपी शिवराज सिंह और अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र मौके पर पहुंच गए और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। प्रशासन ने मौतों की पुष्टि करते हुए आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। भारी पुलिस बल तैनात हादसे के बाद फैक्ट्री के बाहर मजदूरों के परिजनों की भीड़ जुट गई और उन्होंने आक्रोश जताया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। फिलहाल कंपनी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यहां देखिये वीडियो
Bhullar Bail Rejected : रिश्वतखोर DIG भुल्लर जेल में ही रहेंगे, हाई कोर्ट से बड़ा झटका

हाइलाइट्स हाईकोर्ट में हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका खारिज। CBI ने दिया रिश्वत मांगने के मैसेज और दो गवाहों का हवाला। घर से 7.50 करोड़ कैश और लग्जरी सामान की बरामद। Bhullar Bail Rejected : चंडीगढ़। पंजाब पुलिस के सस्पेंड DIG हरचरण सिंह भुल्लर को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद वे फिलहाल जेल में ही रहेंगे। इससे पहले चंडीगढ़ की CBI कोर्ट भी उनकी बेल अर्जी ठुकरा चुकी है। Rajasthan Chemical Factory Fire : राजस्थान में केमिकल फैक्ट्री में भयंकर आग, 7 कर्मचारी जिंदा जले CBI की दलीलें कोर्ट में मजबूत CBI के वकील ने कोर्ट में कहा कि भुल्लर एक बड़े पद पर तैनात अधिकारी थे और उनके खिलाफ गिरफ्तारी से पहले पूरे सबूत जुटाए गए थे। रिश्वत मांगने से जुड़े मैसेज और गवाहों के आधार पर कार्रवाई की गई थी, इसलिए मामला नॉन-बेलेबल है। बचाव पक्ष ने लगाए जांच पर सवाल भुल्लर के वकील ने कहा कि चालान में इस्तेमाल किया गया “सेवा-पानी” शब्द रिश्वत साबित नहीं करता। उन्होंने यह भी दलील दी कि केस में समय, तारीख और रकम को लेकर विरोधाभास है और गिरफ्तारी की सूचना पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई। IND vs PAK Match Highlights : सचिन बोले- किशन की दमदार पारी, पाकिस्तान को 61 रनों से रौंदा ; T20 WC हाइलाइट्स CBI ने पेश किए गवाह और डिजिटल सबूत CBI की ओर से कहा गया कि इस मामले में इंस्पेक्टर पवन लांबा और आरएम शर्मा गवाह हैं। साथ ही भुल्लर के मैसेज में “पूरे 8 लाख करने हैं” जैसी बात साफ तौर पर रिश्वत मांगने की ओर इशारा करती है। गिरफ्तारी से मचा था हड़कंप CBI ने 16 अक्टूबर 2025 को भुल्लर को मोहाली स्थित उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनके बिचौलिए कृष्नु शारदा को पकड़ा गया था। बाद में उनके घर से 7.50 करोड़ रुपए नकद, महंगी घड़ियां, शराब और गाड़ियों की चाबियां बरामद होने से मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। Delhi Blast Update : JK में ‘वाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल का खुलासा, डॉक्टरों ने बनाया ‘अंसार अंतरिम’ आतंकी संगठन विजिलेंस ने भी दर्ज किया केस CBI के साथ-साथ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भी भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। फिलहाल वे बुड़ैल जेल में बंद हैं और उनके बैंक खाते भी अटैच किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य का हवाला देकर लगाई अर्जी भुल्लर ने जेल में पीठ दर्द का हवाला देते हुए गद्दा देने की मांग की थी। इस पर अदालत ने जेल प्रशासन को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। GOLD SILVER PRICE: सोने की कीमत इस हफ्ते ₹687 बढ़ी, चांदी ₹2,496 सस्ती शिकायत से गिरफ्तारी तक ऐसे बढ़ा मामला स्क्रैप कारोबारी आकाश बत्ता की शिकायत के बाद CBI ने जांच शुरू की। FIR सेटल करने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा था, जिसके बाद लगातार रेड, रिमांड और पूछताछ की कार्रवाई होती रही।