Canada Mass Shooting : कनाडा स्कूल मास शूटिंग में 9 लोगों की मौत, PM Modi बोले- भारत, कनाडा के साथ

PM Modi on Canada Mass Shooting : कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के टम्बलर रिज नामक छोटे माइनिंग टाउन में हुए सामूहिक गोलीकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में 9 -10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, हमलावर ने वारदात को अंजाम देने के बाद खुद भी जान दे दी। प्रारंभिक जानकारी में संदिग्ध को भूरे बालों वाली महिला या महिला जैसे कपड़े पहने व्यक्ति के रूप में वर्णित किया गया था, हालांकि पुलिस ने अभी उसकी पहचान और पृष्ठभूमि को सार्वजनिक नहीं किया है। इस घटना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक साझा किया है। Bombay High Court Decision : महात्मा गांधी पर निबंध लिखा तो रेप दोषी की सजा हुई कम! बॉम्बे हाई कोर्ट का हैरान करने वाला फैसला पीएम मोदी ने जताया शोक प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल एमडीए एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा कि, कनाडा में हुई भयानक शूटिंग से बहुत दुख हुआ है। मैं उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। भारत इस गहरे दुख की घड़ी में कनाडा के लोगों के साथ खड़ा है। हाई स्कूल में सात लोगों के शव मिले रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के उत्तरी जिले के प्रमुख चीफ सुपरिटेंडेंट केन फ्लॉयड ने मंगलवार रात (स्थानीय समयानुसार) वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि टम्बलर रिज के एक स्थानीय हाई स्कूल में सात लोगों के शव मिले, जबकि पास के एक घर से दो अन्य शव बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, कथित हमलावर स्कूल परिसर में मृत पाया गया। स्कूल में मौजूद लगभग 100 छात्र और कर्मचारी सुरक्षित हैं और उन्हें तत्काल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। Donald Trump Tariff : ट्रंप का बड़ा ऐलान- भारत पर टैरिफ 50% से घटकर 18%, रूसी तेल खरीद बंद करने पर सहमति एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया पुलिस ने गोपनीयता और जारी जांच का हवाला देते हुए यह स्पष्ट नहीं किया कि हमलावर छात्र था या वयस्क। हालांकि, अधिकारियों ने पुष्टि की कि वही व्यक्ति “एक्टिव अटैकर” अलर्ट में संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया गया था। घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि 25 अन्य लोगों का स्थानीय मेडिकल सेंटर में उपचार और परीक्षण किया गया। ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी ने इस घटना को “अकल्पनीय रूप से दुखद” बताया और कहा कि प्रांतीय सरकार प्रभावित समुदाय को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। Trump On Canada: गोल्डन डोम प्रोजेक्ट पर नाराज ट्रम्प की चेतावनी; कहा – चीन 1 साल में कनाडा को निगल जाएगा वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे “भयानक हिंसा” करार दिया। हमले के पीछे की मंशा अभी स्पष्ट नहीं पुलिस प्रमुख फ्लॉयड ने कहा कि हमले के पीछे की मंशा अभी स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को समझना कठिन होता है, लेकिन पुलिस पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस के अनुसार, स्कूल और पास के घर में हुई गोलीबारी आपस में जुड़ी हुई घटनाएं हैं। करीब 2,400 की आबादी वाला टम्बलर रिज एक छोटा कोयला खनन शहर है, जो डायनासोर के पैरों के निशान और जीवाश्मों के लिए भी जाना जाता है। Donald Trump: ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट वायरल; खुद को बताया इस देश का एक्टिंग राष्ट्रपति कनाडा में इस तरह की गोलीबारी की घटनाएं आम नहीं हैं। इससे पहले स्कूल से जुड़ी बड़ी घटना साल 1989 में मॉन्ट्रियल में हुई थी, जिसमें 14 लोगों की मौत हुई थी। हाल के वर्षों में 2020 की नोवा स्कोटिया की घटना भी काफी चर्चित रही थी।
Bombay High Court Decision : महात्मा गांधी पर निबंध लिखा तो रेप की सजा हुई कम! बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला

Bombay High Court Decision : मुंबई। भारत में लंबे समय से बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के लिए कड़े कानून और सख्त सजा की मांग उठती रही है। खासकर नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के मामलों में कानून बेहद कठोर है, जिसमें न्यूनतम 20 साल के कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक का प्रावधान है। इसी बीच बॉम्बे हाई कोर्ट के एक हालिया फैसले ने कानूनी और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। Rahul Gandhi Speech in Lok Sabha : एपस्टीन फाइल्स, अडाणी, ट्रेड डील पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, सदन में हंगामा ये है पूरा मामला दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने वर्ष 2016 में पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए युवक की उम्रकैद की सजा को घटाकर 12 साल कर दिया है। 2 फरवरी को पारित आदेश में जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस संदेश पाटिल की पीठ ने दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए सजा में आंशिक कमी की। यह फैसला आरोपी की ओर से दायर अपील पर सुनाया गया। इन विशेष परिस्थितियों को बनाया आधार अदालत ने सजा में कमी के पीछे कुछ विशेष परिस्थितियों को आधार बनाया। कोर्ट ने कहा कि अपराध के समय आरोपी की उम्र 20 वर्ष थी और उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। वह दिसंबर 2016 से लगातार जेल में बंद है और कोविड-19 महामारी के दौरान भी उसे अंतरिम रिहाई नहीं मिली। इन तथ्यों को सजा निर्धारण के दौरान महत्वपूर्ण माना गया। Vande Mataram : ‘वंदे मातरम’ पर केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देश, जानिए 2026 में क्या बदला और क्या है इसका इतिहास? सुधार की संभावनाओं को नहीं कर सकते नजरअंदाज हाई कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि जेल में रहते हुए आरोपी ने सुधारात्मक गतिविधियों में भाग लिया। रिकॉर्ड में प्रस्तुत प्रमाणपत्रों के अनुसार उसने शैक्षणिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जिनमें महात्मा गांधी पर निबंध प्रतियोगिता और उनके विचारों से जुड़े अध्ययन कार्यक्रम शामिल थे। अदालत ने कहा कि सुधार की संभावनाओं को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि पीठ ने स्पष्ट किया कि अपराध अत्यंत गंभीर है, लेकिन दंड निर्धारण में सुधार की संभावना भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। Naravane Book Controversy : नरवणे किताब विवाद में दिल्ली पुलिस की एंट्री, पेंगुइन इंडिया भेजा नोटिस अदालत के अनुसार 12 वर्ष का कारावास न्याय के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि आरोपी द्वारा अब तक जेल में बिताई गई अवधि को संशोधित सजा में समायोजित किया जाएगा। पांच साल की बच्ची के साथ किया था यौन अपराध अभियोजन पक्ष के अनुसार, 9 दिसंबर 2016 को पांच वर्षीय बच्ची पानी भरने के लिए पड़ोसी के घर गई थी, जहां आरोपी ने उसके साथ यौन अपराध किया। बच्ची ने भयभीत अवस्था में अपनी मां को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। ट्रायल के दौरान आठ वर्ष की आयु में पीड़िता ने अदालत में गवाही दी। Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर दोषी, एक साल की सजा हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नाबालिग की गवाही विश्वसनीय और स्पष्ट थी। अदालत ने पाया कि बच्ची ने घटना का वर्णन बिना किसी सिखावन या दबाव के किया, जिससे उसकी गवाही पर भरोसा किया गया। इसी आधार पर दोषसिद्धि को बरकरार रखा गया, जबकि सजा में आंशिक राहत दी गई।
Rahul Gandhi Speech in Lok Sabha : एपस्टीन फाइल्स, अडाणी, ट्रेड डील पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, सदन में हंगामा

Rahul Gandhi Speech in Lok Sabha : नई दिल्ली। लोकसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के नेताओं ने लगातार आपत्ति जताई, जिससे सदन में कई बार शोर-शराबा हुआ। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में एपस्टीन फाइल्स, अडाणी समूह, अमेरिका के साथ ट्रेड डील और भारत के डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। Vande Mataram : ‘वंदे मातरम’ पर केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देश, जानिए 2026 में क्या बदला और क्या है इसका इतिहास? एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर टिप्पणी राहुल गांधी ने कहा कि “तीन मिलियन फाइल्स अब भी लॉक के अंदर हैं” और प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिखता है। उन्होंने दावा किया कि अडाणी समूह पर अमेरिका में चल रहा केस वास्तव में प्रधानमंत्री से जुड़ा है और यह भाजपा के “फाइनेंशियल स्ट्रक्चर” से संबंधित है। उन्होंने कहा कि अडाणी कोई साधारण व्यवसायी नहीं हैं और उनकी कंपनी पर अमेरिका में मामला चल रहा है। राहुल आरोप साबित करें इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कड़ी आपत्ति जताई। रिजिजू ने राहुल से अपने आरोप साबित करने की मांग की और कहा कि बिना आधार के आरोप सदन के रिकॉर्ड में नहीं जाने चाहिए। स्पीकर ने राहुल गांधी को बोलते रहने की अनुमति दी और कहा कि सबूत बाद में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। Naravane Book Controversy : नरवणे किताब विवाद में दिल्ली पुलिस की एंट्री, पेंगुइन इंडिया भेजा नोटिस सत्ता पक्ष की तीखी आपत्ति दर्ज राहुल गांधी ने उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम लेते हुए कहा कि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है, लेकिन उन्हें जेल नहीं हुई। उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी उल्लेख किया। इस पर फिर से सत्ता पक्ष की ओर से तीखी आपत्ति दर्ज कराई गई और सदन में शोरगुल बढ़ गया। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हमला राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के सामने “पूरी तरह सरेंडर” कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का टैरिफ 3% से बढ़कर 18% हो गया, जबकि अमेरिका का टैरिफ 16% से घटकर शून्य हो गया। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसानों और ऊर्जा सुरक्षा को नुकसान पहुंचेगा। UP Budget 2026 : 10 लाख युवाओं को नौकरी, लड़कियों की शादी में 1 लाख! चुनाव से पहले यूपी का 9.12 लाख करोड़ का बजट उन्होंने कहा, “क्या आपको भारत को बेचने में शर्म नहीं आती? आपने भारत माता को बेच दिया है।” राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव में भारत ने समझौता किया और प्रधानमंत्री की आंखों में डर साफ दिखता है। डेटा सुरक्षा पर क्या बोले राहुल राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों की नजर भारत के डेटा पर है। उन्होंने AI के दौर में डेटा को “पेट्रोल” के समान महत्वपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि बजट में डेटा सुरक्षा को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। उनके मुताबिक, अगर इंडिया ब्लॉक सत्ता में होता तो अमेरिका से बराबरी की शर्तों पर बातचीत करता। Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर दोषी, एक साल की सजा उन्होंने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया “युद्ध के दौर” में प्रवेश कर चुकी है। गाजा, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक टकराव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ऊर्जा और वित्त को हथियार बनाया जा रहा है, लेकिन बजट में इन चुनौतियों से निपटने की कोई स्पष्ट रणनीति नहीं दिखती। गलत बयानी करना राहुल की आदत राहुल गांधी के बयान पर सत्ता पक्ष के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “गलत बयानी करना इनकी आदत बन गई है।” किरेन रिजिजू ने भी आरोपों को निराधार बताया। सदन में कई बार व्यवधान हुआ और पीठासीन अधिकारी को हस्तक्षेप करना पड़ा। CBSE Copy Checking Rule : CBSE ने बदला कॉपी चेकिंग रूल, अब 12वीं कॉपियों की जांच डिजिटली 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन बरकरार इसी बीच, लोकसभा से निलंबित आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका निलंबन पूरे बजट सत्र तक जारी रहेगा, जो 2 अप्रैल को समाप्त होगा। इन सांसदों पर राहुल गांधी को बोलने से रोकने के विरोध में हंगामा करने और चेयर की ओर कागज फेंकने का आरोप है। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के मणिक्कम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा, गुरजीत सिंह औजिला, हिबी ईडन, डीन कुरियकोज, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और CPM के एस वेंकटेशन शामिल हैं।
Vande Mataram : ‘वंदे मातरम’ पर केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देश, जानिए 2026 में क्या बदला और क्या है इसका इतिहास?

Vande Mataram : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर विस्तृत नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी को जारी आदेश की जानकारी 11 फरवरी को सार्वजनिक हुई। नए प्रोटोकॉल के अनुसार अब सरकारी कार्यक्रमों, सरकारी स्कूलों और अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया या गाया जाएगा और इस दौरान सभी लोगों का सावधान मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा। यदि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएं, तो पहले ‘वंदे मातरम’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ गाया जाएगा। क्या हैं प्रमुख बदलाव नए नियमों के तहत अब राष्ट्रगीत के सभी छह अंतरे सामूहिक रूप से गाए या बजाए जाएंगे। इसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड (190 सेकेंड) तय की गई है। अब तक प्रचलन में मुख्यतः पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे। राष्ट्रगान की तरह ही ‘वंदे मातरम’ के दौरान भी लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक संस्करण ही इस्तेमाल किया जाएगा। Naravane Book Controversy : नरवणे किताब विवाद में दिल्ली पुलिस की एंट्री, पेंगुइन इंडिया भेजा नोटिस किन अवसरों पर अनिवार्य होगा ‘वंदे मातरम’ नई गाइडलाइन के अनुसार निम्न अवसरों पर राष्ट्रगीत अनिवार्य रूप से गाया या बजाया जाएगा- राष्ट्रध्वज को परेड में लाते समय तिरंगा फहराते समय किसी कार्यक्रम में राष्ट्रपति के आगमन पर राष्ट्रपति के संबोधन से पहले और बाद में राज्यपाल/उपराज्यपाल के समारोहों में राज्यपालों के भाषण से पहले और बाद में सिविलियन अवॉर्ड समारोह (भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्मश्री) स्कूलों में कार्य शुरू होने से पहले। हालांकि मंत्रालय ने यह भी कहा है कि सभी संभावित अवसरों की सूची देना संभव नहीं है। UP Budget 2026 : 10 लाख युवाओं को नौकरी, लड़कियों की शादी में 1 लाख! चुनाव से पहले यूपी का 9.12 लाख करोड़ का बजट सिनेमा हॉल में क्या लागू होगा? नए नियम सिनेमा हॉल पर लागू नहीं होंगे। यानी फिल्मों से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाना और खड़ा होना अनिवार्य नहीं होगा। यदि किसी न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया जाता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना जरूरी नहीं होगा, ताकि प्रदर्शन में व्यवधान न आए। 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पहल केंद्र सरकार इस समय ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का आयोजन कर रही है। इसी क्रम में 77वें गणतंत्र दिवस की परेड की थीम भी ‘वंदे मातरम’ रखी गई थी। संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम: एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ को बेस्ट झांकी का पुरस्कार मिला था। Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर दोषी, एक साल की सजा क्या है वंदे मातरम का इतिहास ‘वंदे मातरम’ की रचना बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को की थी। यह 1882 में उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ में प्रकाशित हुआ। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह गीत क्रांतिकारियों का प्रेरणास्रोत और नारा बन गया। 1905 के बंग-भंग आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम’ राजनीतिक नारे के रूप में उभरा। ब्रिटिश शासन ने कई स्थानों पर इसके सार्वजनिक गायन पर रोक लगाई, लेकिन देशभर में आंदोलनकारियों ने इसे विरोध के प्रतीक के रूप में अपनाया। CBSE Copy Checking Rule : CBSE ने बदला कॉपी चेकिंग रूल, अब 12वीं कॉपियों की जांच डिजिटली 1937 में क्यों हटाए गए चार छंद? 1930 के दशक में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने के बीच मुस्लिम लीग ने गीत के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई। 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने निर्णय लिया कि राष्ट्रीय आयोजनों में केवल पहले दो छंद ही गाए जाएंगे। इस निर्णय में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस सहित कई नेता शामिल थे। बाद में संविधान सभा ने भी इसी स्वरूप को स्वीकार किया। 1950 में मिला राष्ट्रगीत का दर्जा 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की कि ‘जन गण मन’ भारत का राष्ट्रगान होगा, जबकि ‘वंदे मातरम’ को समान सम्मान और दर्जा दिया जाएगा, उसकी ऐतिहासिक भूमिका को देखते हुए। Aadi Mahotsav 2026 : भोपाल हाट में सजा आदिवासी संस्कृति का रंगीन संसार, एम्ब्रॉयडरी से बांस कला तक सब कुछ हालिया राजनीतिक विवाद वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर संसद के शीतकालीन सत्र में विशेष चर्चा हुई थी, जहां इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी हुए। भाजपा और कांग्रेस के बीच 1937 के फैसले और उसके संदर्भों को लेकर बहस छिड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस विषय पर विस्तृत भाषण दिया था। अब क्या बदला है? नए दिशानिर्देशों के तहत आधिकारिक आयोजनों में छहों छंद गाना अनिवार्य किया गया है, जिनमें वे चार छंद भी शामिल हैं जिन्हें 1937 में राष्ट्रीय आयोजनों से हटाया गया था। राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगीत गाने का क्रम तय किया गया है और सभी को सावधान मुद्रा में खड़े रहना होगा। Holi Special Train 2026 : होली पर रानी कमलापति–दानापुर के बीच स्पेशल ट्रेन, 27 फरवरी से होगी शुरू इस तरह केंद्र सरकार ने पहली बार ‘वंदे मातरम’ के गायन और प्रस्तुति को लेकर विस्तृत और औपचारिक प्रोटोकॉल जारी किया है, जिससे इसके आयोजन और सम्मान को लेकर एकरूपता सुनिश्चित की जा सके।
Naravane Book Controversy : नरवणे किताब विवाद में दिल्ली पुलिस की एंट्री, पेंगुइन इंडिया भेजा नोटिस

Naravane Book Controversy : नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) ने ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ को नोटिस जारी कर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक को सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध कराने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह कदम उन रिपोर्ट्स के बाद उठाया गया है, जिनमें दावा किया गया कि जनरल नरवणे की संस्मरण पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ की पांडुलिपि आधिकारिक प्रकाशन से पहले ही डिजिटल प्रारूप में कथित रूप से लीक होकर प्रसारित हो गई। UP Budget 2026 : 10 लाख युवाओं को नौकरी, लड़कियों की शादी में 1 लाख! चुनाव से पहले यूपी का 9.12 लाख करोड़ का बजट स्पेशल सेल ने नोटिस में मांगा जवाब पुलिस के अनुसार, इस मामले में आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच जारी है। स्पेशल सेल ने नोटिस के जरिए प्रकाशक से औपचारिक रूप से संपर्क कर कई अहम सवालों के जवाब मांगे हैं। अधिकारियों ने कहा कि प्रकाशन से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल, पांडुलिपि की हैंडलिंग प्रक्रिया और डिजिटल फाइलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी तलब की गई है। Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर दोषी, एक साल की सजा PDF फाइल बाहरी लोगों तक कैसे पहुंची जांच एजेंसियों का कहना है कि इस समय पेंगुइन इंडिया को ‘मुख्य संदिग्ध’ के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रकाशन संस्थान के पास सुरक्षित रखी गई ड्राफ्ट कॉपी या पीडीएफ फाइल बाहरी लोगों तक कैसे पहुंची। विशेष प्रकोष्ठ ने संबंधित अधिकारियों को पूछताछ में शामिल होने और जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। Pension Rules Changed : MP सरकार का बड़ा फैसला, 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी परिवार पेंशन का लाभ कौन-कौन लोग शामिल ? मामला उस समय और संवेदनशील हो गया जब पुस्तक की सामग्री सार्वजनिक होने को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस का मानना है कि प्रकाशक के जवाब और डिजिटल ट्रेल की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि पांडुलिपि का अनधिकृत प्रसार किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल जांच जारी है, पुलिस इस पूरे प्रकरण की हर कड़ी को खंगालने में जुटी है। ताकि लीक के स्रोत और जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाया जा सके।
UP Budget 2026 : 10 लाख युवाओं को नौकरी, लड़कियों की शादी में 1 लाख! चुनाव से पहले यूपी का 9.12 लाख करोड़ का बजट

UP Budget 2026 : लखनऊ। यूपी विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम और अब तक का दसवां बजट है। पिछले वर्ष की तुलना में यह बजट लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इसे प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बताया है। बजट में पूंजीगत व्यय 19.5 प्रतिशत रखा गया है, जबकि शिक्षा के लिए 12.4 प्रतिशत, स्वास्थ्य के लिए 6 प्रतिशत और कृषि व संबद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत प्रावधान किया गया है। राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत की सीमा में रखने और ऋण-जीएसडीपी अनुपात को 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य तय किया गया है। Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर दोषी, एक साल की सजा MSME और औद्योगिक विकास: सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ‘सरदार वल्लभभाई पटेल इम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ के लिए 575 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1,000 करोड़ और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये रखे गए हैं। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का प्रावधान है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 35,280 करोड़ रुपये के संभावित निवेश की बात कही गई है। प्रदेश को देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बताते हुए सरकार ने कहा कि यहां 65 प्रतिशत मोबाइल फोन का उत्पादन हो रहा है। CBSE Copy Checking Rule : CBSE ने बदला कॉपी चेकिंग रूल, अब 12वीं कॉपियों की जांच डिजिटली स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र: चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के लिए 2,000 करोड़ और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़ रुपये का प्रावधान है। 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हेतु 1,023 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन प्रावधानों से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। युवाओं के लिए पहल: सरकार ने बताया कि 83,122 अराजपत्रित पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। अब तक 49.86 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं। 9.25 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है और 163 अभ्युदय केंद्रों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था है। बजट में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। MP Weather Update : भोपाल-इंदौर समेत 15 शहरों में 30°C पार! MP में दिन की गर्मी, रात में अब भी ठंड का असर महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान: महिला सशक्तिकरण के तहत 39,880 बीसी सखी द्वारा 39,000 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया है। महिला सामर्थ्य योजना के अंतर्गत मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है और वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के माध्यम से 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं। सरकार ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। किसानों के लिए राहत और सहायता: किसानों को मुफ्त बिजली आपूर्ति की व्यवस्था जारी रहेगी। गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना भुगतान किया जा चुका है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 3.12 करोड़ किसानों को लाभ मिला है। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। Pension Rules Changed : MP सरकार का बड़ा फैसला, 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी परिवार पेंशन का लाभ आर्थिक स्थिति और विकास का दावा: प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है और प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है, जो वर्ष 2016-17 की तुलना में दोगुनी बताई गई है। बेरोजगारी दर 2.24 प्रतिशत बताई गई है और सरकार का कहना है कि 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि यह बजट प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा। उत्तर प्रदेश विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का प्रस्तुतीकरण…@SureshKKhanna https://t.co/4dER9md7zX — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 11, 2026
Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर दोषी, एक साल की सजा

Adani Group Defamation Case : अडानी समूह से जुड़े आपराधिक मानहानि के मामले में पत्रकार रवि नायर को अदालत ने दोषी ठहराया है। गुजरात के मानसा स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें एक साल की जेल की सजा सुनाते हुए जुर्माना भी लगाया है। यह मामला अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) द्वारा दायर शिकायत पर आधारित था। CBSE Copy Checking Rule : CBSE ने बदला कॉपी चेकिंग रूल, अब 12वीं कॉपियों की जांच डिजिटली शिकायत में क्या ? शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रवि नायर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे ट्वीट प्रकाशित और प्रसारित किए, जिनमें कंपनी और अडानी समूह के खिलाफ झूठे व मानहानिकारक बयान दिए गए। अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) का कहना था कि इन टिप्पणियों का उद्देश्य कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और जनता व निवेशकों के बीच उसकी विश्वसनीयता कम करना था। MP Weather Update : भोपाल-इंदौर समेत 15 शहरों में 30°C पार! MP में दिन की गर्मी, रात में अब भी ठंड का असर छवि धूमिल करने का प्रयास कंपनी ने अदालत में दलील दी कि संबंधित ट्वीट निष्पक्ष टिप्पणी या वैध आलोचना की श्रेणी में नहीं आते, बल्कि यह जानबूझकर छवि धूमिल करने का प्रयास था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि एईएल अपने आरोप साबित करने में सफल रही है। MP Board 12th Exam Cheating : पहले दिन 13 छात्र नकल करते पकड़े, भोपाल-मुरैना में सबसे ज्यादा मामले जुर्माने के साथ एक साल की सजा अदालत ने फैसला सुनाते हुए रवि नायर को एक वर्ष के कारावास की सजा और जुर्माने से दंडित किया। मामले पर फिलहाल रवि नायर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CBSE Copy Checking Rule : CBSE ने बदला कॉपी चेकिंग रूल, अब 12वीं कॉपियों की जांच डिजिटली

CBSE Copy Checking Rule : नई दिल्ली। इस साल सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव किया है। 17 लाख से ज्यादा छात्रों की कॉपियां अब ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) के जरिए जांची जाएंगी। यानी कॉपियों की चेकिंग पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी। 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक आयोजित होंगी। करीब 32 करोड़ पन्ने होंगे स्कैन हर छात्र की उत्तरपुस्तिका के सभी पन्नों को परीक्षा केंद्र पर ही स्कैन कर कंप्यूटर सिस्टम में अपलोड किया जाएगा। अनुमान है कि करीब 1 करोड़ कॉपियों के लगभग 32 करोड़ पन्ने स्कैन किए जाएंगे। इसके बाद परीक्षक इन्हीं डिजिटल इमेज के आधार पर अंक देंगे। हालांकि 10वीं बोर्ड की कॉपियों की जांच पहले की तरह कागज पर ही की जाएगी। MP Weather Update : भोपाल-इंदौर समेत 15 शहरों में 30°C पार! MP में दिन की गर्मी, रात में अब भी ठंड का असर सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार, इस नई व्यवस्था से कॉपियों के ट्रांसपोर्ट में लगने वाला समय और खर्च बचेगा। शिक्षक अपने ही स्कूल में बैठकर मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। डिजिटल चेकिंग के 3 बड़े फायदे 1. समय पर परिणाम घोषित करने में मदद मिलेगी। 2. टोटलिंग ऑटोमैटिक होगी, जोड़-घटाव की गलती खत्म। 3. छात्र का नाम और रोल नंबर परीक्षक को दिखाई नहीं देगा। सीबीएसई ने देशभर के 32 हजार स्कूलों को कॉपी स्कैनिंग की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। Pension Rules Changed : MP सरकार का बड़ा फैसला, 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी परिवार पेंशन का लाभ 7 चरणों में समझें ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम परीक्षा ऑफलाइन ही होगी: छात्र पहले की तरह कागज पर उत्तर लिखेंगे। स्कैनिंग प्रक्रिया: उत्तरपुस्तिकाएं स्कूल के हाई-सिक्योरिटी स्कैनिंग सेंटर (कंप्यूटर लैब) में स्कैन होंगी। हर कॉपी को यूनिक कोड मिलेगा। लॉगिन प्रक्रिया: शिक्षक ओएसिस आईडी से OSM पोर्टल पर लॉगिन करेंगे। डिजिटल मूल्यांकन: स्कैन पेज स्क्रीन पर खुलेंगे, हर प्रश्न के सामने मार्क्स कॉलम रहेगा। ऑटो टोटलिंग: अंक अपने आप जुड़ेंगे, शिक्षक को कुल योग नहीं करना होगा। री-चेक/मॉडरेशन: जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ परीक्षक द्वारा दोबारा जांच संभव। पूरा ट्रैक रिकॉर्ड सिस्टम में रहेगा। सीधे रिजल्ट डेटाबेस में एंट्री: अंक सीधे सीबीएसई के सिस्टम में जाएंगे, मैनुअल एंट्री की जरूरत नहीं। Manipur Violence Update : मणिपुर में 5 दिन के लिए इंटरनेट बंद, उखरूल हिंसा के बाद प्रशासन ने लगाया कर्फ्यू कंप्यूटर लैब अनिवार्य, शिक्षकों को ट्रेनिंग डिजिटल मूल्यांकन के लिए स्कूलों में कंप्यूटर लैब अनिवार्य होगी। कम से कम 2 Mbps की स्थिर इंटरनेट स्पीड, लेटेस्ट ब्राउजर, एडोब रीडर और निर्बाध बिजली की व्यवस्था जरूरी है। सभी ओएसिस आईडी वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कई ड्राई रन आयोजित होंगे और समस्या समाधान के लिए कॉल सेंटर भी बनाए जा रहे हैं। बोर्ड निर्देशात्मक वीडियो भी जारी करेगा। Om Birla No Confidence Motion : स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव, सचिवालय को दिया नोटिस कुल मिलाकर, सीबीएसई का यह कदम मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यह डिजिटल सिस्टम छात्रों और शिक्षकों के अनुभव को कितना बेहतर बनाता है।
MP Weather Update : भोपाल-इंदौर समेत 15 शहरों में 30°C पार! MP में दिन की गर्मी, रात में अब भी ठंड का असर

हाइलाइट्स कई जिलों में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार। भोपाल में अधिकतम 30.4 और न्यूनतम 12.8 डिग्री तापमान दर्ज। अगले तीन दिनों में तापमान 3 डिग्री तक बढ़ने की संभावना। MP Weather Update : भोपाल। मध्य प्रदेश में अब धीरे-धीरे ठंड की विदाई शुरू हो गई है। प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। भोपाल समेत 15 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। हालांकि रात और अलसुबह के समय ठंड का असर अभी भी बना हुआ है। Pension Rules Changed : MP सरकार का बड़ा फैसला, 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी परिवार पेंशन का लाभ मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं के कारण मौसम का रुख बदला है और तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। भोपाल में अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर संभाग में भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। प्रदेश में नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा, जबकि कल्याणपुर में सबसे सर्द रात दर्ज की गई। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का एहसास बढ़ गया है, लेकिन सुबह और देर रात ठंड अभी भी लोगों को महसूस हो रही है। MP Board 12th Exam Cheating : पहले दिन 13 छात्र नकल करते पकड़े, भोपाल-मुरैना में सबसे ज्यादा मामले मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले तीन दिनों में तापमान 3 डिग्री तक और बढ़ सकता है। हालांकि 13 से 16 फरवरी के बीच वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट भी आ सकती है। यानी फरवरी में दिन गर्म और रातें ठंडी रहने का सिलसिला फिलहाल जारी रहेगा।
Pension Rules Changed : MP सरकार का बड़ा फैसला, 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी परिवार पेंशन का लाभ

हाइलाइट्स MP सरकार ने 50 साल पुराना नियम बदला। 2005 के बाद NPS कर्मचारियों को परिवार मिलेगी पेंशन। पत्नी के बाद आश्रितों को भी पेंशन। Pension Rules Changed : भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने करीब 50 साल पुराने पेंशन नियम में महत्वपूर्ण बदलाव किये हैं। इस फैसले के तहत अब वर्ष 2005 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों को भी परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा। अब तक ये कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना (NPS) के दायरे में आते थे, जिनके लिए परिवार पेंशन को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं था। MP Board 12th Exam Cheating : पहले दिन 13 छात्र नकल करते पकड़े, भोपाल-मुरैना में सबसे ज्यादा मामले किन्हें मिलेगा लाभ? सरकार के नए निर्णय के अनुसार, अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी भी अब परिवार पेंशन के लिए पात्र होंगे। यदि किसी कर्मचारी का सेवा के दौरान निधन हो जाता है, तो उसकी पत्नी को परिवार पेंशन दी जाएगी। पत्नी के बाद आश्रितों को यह लाभ मिलेगा। बेटियों को भी आजीवन पेंशन नए नियम में एक अहम प्रावधान यह भी जोड़ा गया है कि अविवाहित और तलाकशुदा बेटियों को आजीवन परिवार पेंशन की पात्रता होगी, बशर्ते वे निर्धारित शर्तों को पूरा करती हों। यह प्रावधान महिला आश्रितों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Om Birla No Confidence Motion : स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव, सचिवालय को दिया नोटिस कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों द्वारा परिवार पेंशन की मांग की जा रही थी। अब नियम में संशोधन के बाद हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।