Bhopal Student Suicide : ऑनलाइन गेम का ‘खूनी टास्क’! 8वीं के छात्र ने घर में लगाई फांसी, मोबाइल खोलेगा राज

Bhopal Student Suicide : मध्य प्रदेश। भोपाल के पिपलानी इलाके में एक बेहद दुखद घटना ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। श्रीराम कॉलोनी में रहने वाले 14 साल के अंश साहू ने सोमवार को अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, अंश घर में अकेला था। उसके माता-पिता और परिवार के सदस्य ननिहाल में नाना की तेरहवीं के लिए गए थे। दोपहर में जब वे अंश को लेने लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। Ghaziabad News : सॉरी पापा कोरियन गेम हमारी जिंदगी… 9वीं मंजिल से कूदी तीन नाबालिग बहनें खिड़की से झांककर परिजनों ने देखा तो अंश फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। परिवार ने तुरंत दरवाजा तोड़ा और अंश को इंद्रपुरी के निजी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया। मर्ग दर्ज किया गया। जांच में परिजनों ने बताया कि अंश पिछले कुछ समय से मोबाइल पर ‘ब्लू व्हेल’ (Blue Whale Game) जैसे खतरनाक गेम खेलने का आदी हो गया था। यह गेम टास्क-बेस्ड होता है और इसका अंतिम चरण आत्महत्या तक पहुंचाता है। MP Diesel Petrol Prices : कम हो सकते हैं पेट्रोल डीजल के दाम… केंद्रीय बजट 2026 के बाद CM मोहन यादव ने दिया संकेत परिजनों का कहना है कि अंश अकेले में गेम खेलता था। पुलिस ने अंश का मोबाइल जब्त कर लिया है। इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच से पता चलेगा कि गेम ने ही इस कदम के लिए उकसाया था या नहीं। क्या बोले अंश के घर वालों ने अंशु साहू के परिजनों ने बताया कि पिछले एक महीने से वह फ्री फायर गेम खेल रहा था। अंश ने अपने दादा के अकाउंट से 28000 रुपए का ट्रांजैक्शन भी किया। अंश के मामा ने कहा कि गेम की लत के कारण ही उनके भांजे कीजान गई। अंश के परिजनों ने की सभी पेरेंट्स से की अपील अपने बच्चों पर ध्यान दें कि कहीं वह किसी जानलेवा गेम की लत में तो नहीं है। Bhopal News : मोबाइल गेम की लत ने छीनी 14 साल के मासूम की जिंदगी, ब्लू व्हेल संदेह में पुलिस जांच शुरू अंश के मामा ने बताया कि हमारा भांजा बहुत होनहार था, पढ़ाई लिखाई में हमेशा अव्वल आता था। अंश ने जब सुसाइड किया उस दौरान घर में कोई भी मौजूद नहीं था। सभी लोग हमारे पिताजी की रसोई में गए हुए थे। सरकार को इस तरीके के गेम्स पर रोक लगानी चाहिए।
Rahul Gandhi Ravneet Bittu Clash : राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को बताया ‘गद्दार दोस्त’, बोले- चिंता मत करो तुम…

Rahul Gandhi Ravneet Bittu Clash : दिल्ली। संसद के मुख्य द्वार पर आज एक नजारा देखने को मिला जो राजनीतिक गलियारों में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा। कांग्रेस सांसद तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का आमना-सामना हो गया। T20 WORLD CUP : कैप्टन कूल ने कहा भारत दुनियाभर की टीमों के लिए सबसे बड़ा खतरा दोनों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। राहुल गांधी ने बिट्टू को “गद्दार दोस्त” कहा। उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने को गद्दारी बताया। राहुल ने हाथ बढ़ाकर शेक करने की कोशिश की, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया। बिट्टू ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनका “देश के दुश्मनों” से कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, कांग्रेस सांसद संसद गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। राहुल गांधी वहां पहुंचे। उन्होंने अपने सांसदों की तारीफ की। तभी बिट्टू भी आए। राहुल ने उन्हें “गद्दार दोस्त” कहा। हाथ मिलाने की कोशिश की लेकिन बिट्टू ने मना कर दिया। दोनों के बीच बातचीत तेज हो गई। वीडियो में साफ दिख रहा है कि राहुल हाथ बढ़ाते हैं लेकिन बिट्टू पीछे हट जाते हैं। Mamata Banerjee vs ECI : LLB डिग्री के बावजूद ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में दलील क्यों नहीं दे पाएंगी? लीगल twist समझिए! केंद्रीय मंत्री बिट्टू का पलटवार: केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने कहा कि उनका देश के दुश्मनों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने राहुल के पुराने बयानों का जिक्र किया। कहा कि राहुल सिख समुदाय को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। कौन हैं रवनीत बिट्टू: रवनीत सिंह बिट्टू पहले तीन बार कांग्रेस सांसद रहे। 2009 में आनंदपुर साहिब, 2014-2019 में लुधियाना से जीते। खालिस्तान समर्थकों के कट्टर आलोचक हैं। 2024 में बीजेपी में शामिल हुए। लुधियाना से हारे लेकिन मंत्री बने। Ghaziabad News : सॉरी पापा कोरियन गेम हमारी जिंदगी… 9वीं मंजिल से कूदी तीन नाबालिग बहनें यह पहली बार नहीं जब राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी बयानबाजी हुई है। सितंबर 2024 में भी बिट्टू ने राहुल को “देश का नंबर वन टेररिस्ट” कहा था। बिट्टू पहले कांग्रेस में थे। 2009 से 2019 तक कांग्रेस सांसद रहे। 2024 में बीजेपी में शामिल हुए। अब वे राज्य मंत्री हैं। बता दें कि, बिट्टू के पिता और दादा की हत्या खालिस्तान समर्थकों ने की थी। 2007 में राहुल गांधी से मिलने के बाद राजनीति में आए। 2024 में पार्टी बदल ली। यहां देखिये वीडियो
Ghaziabad News : सॉरी पापा कोरियन गेम हमारी जिंदगी… 9वीं मंजिल से कूदी तीन नाबालिग बहनें

Ghaziabad News : गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। मंगलवार रात 2 बजे तीन सगी बहनें 9वीं मंजिल की बालकनी से हाथ पकड़कर कूद पड़ीं। तीनों की उम्र 12, 14 और 16 साल थी। गिरने की तेज आवाज सुनकर कॉलोनी वाले दौड़े। पुलिस को खबर दी। 80 फीट ऊंचाई से गिरने पर तीनों गंभीर घायल हो गईं। लोनी अस्पताल ले जाए गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना भारत सिटी बी-1 टावर फ्लैट 907 की है। पुलिस को कमरे में 8-10 पेज का सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था, “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही। अब आपको पता चलेगा हम इस गेम से कितना प्यार करते थे।” पिता चेतन ने बताया कि बहनें कोरोना से कोरियन लव गेम की लत में फंसी थीं। उन्होंने मना किया तो फटकार दी। इसी से तनाव में आकर यह कदम उठाया। चेतन शेयर ट्रेडिंग करते हैं। पुलिस हर पहलू जांच रही है। एडिशनल CP आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि सुसाइड कन्फर्म, लेकिन वजह पता लगेगी। यह ब्लू व्हेल जैसा मामला लगता है। पिता की अपील, बच्चों को मोबाइल गेम न खेलने दें। कौन सा टास्क आता है पता नहीं चलता।
Mamata Banerjee vs ECI : LLB डिग्री के बावजूद ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में दलील क्यों नहीं दे पाएंगी? लीगल twist समझिए!

Mamata Banerjee vs ECI : नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई में शामिल हो सकती हैं। यह सुनवाई राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ दायर याचिकाओं पर हो रही है। ममता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वे खुद अदालत में पेश होकर दलील रख सकें। सूत्रों के अनुसार उनके लिए कोर्ट में प्रवेश पास भी जारी हो चुका है। ममता ने अंतरिम आवेदन दाखिल कर याचिकाकर्ता के रूप में मौजूद रहने और तथ्य पेश करने की अनुमति मांगी है। Ghaziabad News : सॉरी पापा कोरियन गेम हमारी जिंदगी… 9वीं मंजिल से कूदी तीन नाबालिग बहनें ममता ने LLB डिग्री ली है। लेकिन वे प्रैक्टिसिंग एडवोकेट नहीं हैं। इसलिए सवाल उठ रहा है कि क्या वे जज के सामने खुद कानूनी बहस कर सकती हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ LLB डिग्री से कोर्ट में वकालत का अधिकार नहीं मिलता। यह अधिकार Advocates Act, 1961 और Bar Council of India के नियमों से मिलता है। फिर भी, याचिकाकर्ता के तौर पर ममता कोर्ट में मौजूद रह सकती हैं। वे अपने वकीलों को निर्देश दे सकती हैं। यह मामला पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया से जुड़ा है। Bhopal News : मोबाइल गेम की लत ने छीनी 14 साल के मासूम की जिंदगी, ब्लू व्हेल संदेह में पुलिस जांच शुरू ममता का आरोप है कि इससे लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। चुनाव से पहले यह प्रक्रिया गलत है। वे कहती हैं कि पीड़ितों को बचाव का मौका नहीं दिया जा रहा। आज CJI सूर्यकांत की बेंच इस पर सुनवाई करेगी। अगर अनुमति मिली तो ममता देश की पहली मौजूदा मुख्यमंत्री बन सकती हैं जो खुद सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगी। सुनवाई की मुख्य बातें: सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच सुनवाई करेगी। ममता की याचिका के अलावा TMC सांसदों की याचिकाएं भी शामिल हैं। Rahul Gandhi on India-US Trade Deal : अडाणी केस और एपस्टीन फाइल्स से PM डरे, ट्रेड डील पर LoP राहुल गांधी ममता ने क्या मांगा: सीएम ममता ने ‘पार्टी इन पर्सन’ के तौर पर पेश होने की अनुमति मांगी। कहा कि वे SIR से प्रभावित लोगों की समस्याओं से भली-भांति वाकिफ हैं। कोर्ट की मर्यादा और प्रक्रिया का सम्मान करेंगी। LLB से क्या अधिकार मिलता है: कानूनी विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत मिश्रा के अनुसार, LLB डिग्री से कोर्ट में बहस का हक नहीं मिलता। State Bar Council में एनरोलमेंट, AIBE पास और Certificate of Practice जरूरी है। Parliament Budget session : लोकसभा में बड़ा हंगामा, स्पीकर की कुर्सी पर कागज फेंकने वाले 8 विपक्षी सांसद निलंबित Advocates Act 1961 क्या कहता है: कानून के अनुसार, कोर्ट में दलील देने का अधिकार सिर्फ एनरोल्ड एडवोकेट को है। बिना इस प्रक्रिया के बहस गैरकानूनी है। ममता की कानूनी स्थिति: ममता LLB होल्डर हैं। लेकिन Bar Council में एनरोलमेंट नहीं कराया। AIBE पास नहीं किया। इसलिए वे वकील नहीं मानी जातीं। याचिकाकर्ता के रूप में मौजूद रह सकती हैं।