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Online Gaming Suicide Case : भोपाल में ऑनलाइन गेमिंग के चलते छात्र ने की आत्महत्या, सरकार ने लिया संज्ञान

Online Gaming Suicide Case

Online Gaming Suicide Case : मध्य प्रदेश। भोपाल से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को लेकर सख्त रुख अपनाया है और जल्द ही इसके लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने की तैयारी की जा रही है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि इस घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ कहा कि चाहे केंद्र सरकार हो या मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार, दोनों स्तर पर इस मुद्दे पर संज्ञान लिया गया है। Indore Tech Sangam : इंदौर में ‘टेक संगम’ का आयोजन, आईटी युवाओं को मिला करियर मार्गदर्शन जल्द जारी होगी ऑनलाइन गेमिंग को लेकर SOP मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोकना है। इसके लिए ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े नियमों और दिशा-निर्देशों को लेकर जल्द ही एक SOP सुनिश्चित की जाएगी। ताकि बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग की लत से बचाया जा सके और इस तरह की दुखद घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऑनलाइन गेमिंग तेजी से युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है, जिसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ रहा है। सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। Bhopal Student Suicide : ऑनलाइन गेम का ‘खूनी टास्क’! 8वीं के छात्र ने घर में लगाई फांसी, मोबाइल खोलेगा राज परिवारों और समाज की भूमिका भी अहम इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी कितनी जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के साथ-साथ अभिभावकों और समाज की भी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सही दिशा दें और समय रहते उनकी समस्याओं को समझें। भोपाल की यह घटना एक चेतावनी है कि ऑनलाइन गेमिंग को हल्के में नहीं लिया जा सकता। आने वाले समय में सरकार की SOP से उम्मीद की जा रही है कि ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

Indore Tech Sangam : इंदौर में ‘टेक संगम’ का आयोजन, आईटी युवाओं को मिला करियर मार्गदर्शन

Indore Tech Sangam

Indore Tech Sangam : इंदौर। तेजी से बदलती आईटी इंडस्ट्री में युवाओं और कामकाजी पेशेवरों के सामने आ रही चुनौतियों को समझने और उनके समाधान के उद्देश्य से बद्रीनाथ जिला आईटी मिलन, इंदौर द्वारा ‘टेक संगम’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 1 फरवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक प्रेस्टीज कॉलेज यूजी कैंपस, स्कीम नंबर 74, विजय नगर, इंदौर में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम को खास तौर पर आईटी प्रोफेशनल्स, आईटी जॉब सीकर्स (कॉलेज से हाल ही में पास आउट छात्र) और फाइनल ईयर के आईटी विद्यार्थियों के लिए रखा गया था। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को आईटी इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों की सही जानकारी देना और उनके करियर से जुड़े सवालों का समाधान करना था। Delhi Missing Case : 27 दिनों में 800 से ज्यादा लोग लापता, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित आईटी बदलावों पर खुली चर्चा कार्यक्रम की शुरुआत में प्रतिभागियों को तीन अलग-अलग समूहों में बांटा गया। इन समूहों में अनुभवी आईटी विशेषज्ञों ने युवाओं के सवालों के जवाब दिए और उनकी शंकाओं को दूर किया। इस सत्र में करियर ग्रोथ, स्किल डेवलपमेंट और जॉब मार्केट से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद सम्मेलन कक्ष में एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा में श्री स्वप्निल पारखिया, श्रीमती अनुभा माखीजा और श्री प्रवीन राठौर ने हिस्सा लिया। उन्होंने आईटी इंडस्ट्री में बदलते ट्रेंड्स, नई तकनीकों, जरूरी स्किल्स और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। Two Terrorists Killed : जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर समेत दो आतंकवादी ढेर, उधमपुर में सेना का बड़ा ऑपरेशन प्रतिभागियों को मिला सीधे संवाद का मौका पैनल चर्चा के बाद प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछे। इस दौरान आईटी प्रोफेशनल्स की एकजुटता, संगठन की ताकत और देश के विकास में तकनीकी प्रतिभा की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। नेटवर्किंग के साथ कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग सत्र और हाई टी के साथ हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों ने आपस में बातचीत की, अपने अनुभव साझा किए और नए संपर्क बनाए। MP Narmada Crisis : मां नर्मदा खतरे में! हालात नहीं बदले तो 50 साल में सूख सकती है जीवनरेखा ‘टेक संगम’ जैसे आयोजन यह दिखाते हैं कि जब आईटी प्रोफेशनल्स और युवा एक मंच पर आकर सीखते और एक-दूसरे का मार्गदर्शन करते हैं, तो इसका सकारात्मक असर न केवल उनके करियर पर पड़ता है, बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Delhi Missing Case : 27 दिनों में 800 से ज्यादा लोग लापता, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित

Delhi Missing Case

Delhi Missing Case : दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। महज 27 दिनों के भीतर दिल्ली से 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर ने सभी को हैरान कर दिया है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है। पुलिस अब तक कुछ लोगों को ढूंढने में सफल रही है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार, 27 दिनों में कुल 807 लोगों के लापता होने की शिकायत दर्ज की गई। इनमें से 235 लोगों को ट्रेस कर लिया गया है, जबकि 572 लोग अब भी लापता हैं। यह आंकड़े राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं। Manipur CM Oath : आखिरकार मणिपुर को मिला ‘अपना सीएम’, एक साल बाद राष्ट्रपति शासन खत्म, खेमचंद सिंह होंगे मुख्यमंत्री वयस्क और नाबालिग दोनों लापता दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, लापता लोगों में 616 वयस्क शामिल हैं। इनमें से 181 लोगों को ढूंढ लिया गया है, जिनमें 90 पुरुष और 91 महिलाएं हैं। वहीं 435 वयस्क अभी तक लापता हैं। इसके अलावा 191 नाबालिग बच्चों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने इनमें से 48 बच्चों को ट्रेस कर लिया है, जिनमें 29 लड़कियां और 19 लड़के शामिल हैं। हालांकि 137 नाबालिग अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। Bengal SIR SC Hearing : बंगाल SIR पर अब 8 फरवरी को सुनवाई, ममता बनर्जी खुद हुईं पेश; जानिए क्या दी दलील छोटे बच्चों का गायब होना बढ़ा चिंता का कारण पुलिस डेटा के अनुसार, साल 2026 के शुरुआती 27 दिनों में 8 साल तक के 9 बच्चे दिल्ली से लापता हुए। इनमें 6 लड़के थे। पुलिस तीन बच्चों को ढूंढने में सफल रही है, जबकि बाकी बच्चों की तलाश जारी है। वहीं 8 से 12 साल की उम्र के 13 बच्चे भी इस दौरान लापता हुए। इनमें से अब तक सिर्फ 3 बच्चों का ही पता चल पाया है, जबकि 10 बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। Two Terrorists Killed : जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर समेत दो आतंकवादी ढेर, उधमपुर में सेना का बड़ा ऑपरेशन किशोर उम्र के बच्चे भी सुरक्षित नहीं आंकड़ों के मुताबिक, 12 से 18 साल की उम्र के 169 लोग इन 27 दिनों में लापता हुए। पुलिस ने इनमें से 48 लोगों को ढूंढ लिया है, लेकिन 121 किशोर अभी भी लापता हैं। यह स्थिति माता-पिता और समाज दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पिछले साल भी हजारों बच्चे हुए थे लापता अगर पिछले साल की बात करें तो साल 2025 में दिल्ली से 18 साल तक के 5,915 बच्चे लापता हुए थे। पुलिस ने इनमें से 4,424 बच्चों को ढूंढ लिया था, जबकि 1,491 बच्चे अब भी लापता हैं। वहीं 2016 से 2026 के बीच 18 साल तक के कुल 60,694 बच्चे दिल्ली में लापता हुए। पुलिस इनमें से 53,763 बच्चों को ट्रेस करने में सफल रही, लेकिन 6,931 बच्चों का आज तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। MP Narmada Crisis : मां नर्मदा खतरे में! हालात नहीं बदले तो 50 साल में सूख सकती है जीवनरेखा सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था दिल्ली में लगातार बढ़ते लापता लोगों के आंकड़े सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता पर सवाल खड़े करते हैं। खासकर बच्चों और महिलाओं का इस तरह गायब होना गंभीर चिंता का विषय है। अब जरूरत है कि पुलिस के साथ-साथ समाज भी सतर्क हो और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई और जागरूकता को प्राथमिकता दी जाए।

Manipur CM Oath : आखिरकार मणिपुर को मिला ‘अपना सीएम’, एक साल बाद राष्ट्रपति शासन खत्म, खेमचंद सिंह होंगे मुख्यमंत्री

Manipur CM Khemchand Singh Oath

Manipur CM Oath : मणिपुर। करीब एक साल बाद मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है, अब राज्य में नई निर्वाचित सरकार के गठन का काम शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज 4 जनवरी बुधवार को अधिसूचना जारी कर जारी कर तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन को समाप्त करने की घोषणा की है। खेमचंद सिंह बुधवार शाम 6 बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह इंफाल स्थित लोक भवन में आयोजित किया जाना है, जहां सुबह से ही तैयारिया चल रही है।   Ministry of Home Affairs today issued a notification announcing the revocation of President’s Rule in Manipur with immediate effect. pic.twitter.com/GZNE61aeAW — ANI (@ANI) February 4, 2026 खेमचंद सिंह बुधवार शाम 6 बजे मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह इंफाल स्थित लोक भवन में आयोजित किया जाना है, जहां सुबह से ही तैयारिया चल रही है। Bengal SIR SC Hearing : बंगाल SIR पर अब 8 फरवरी को सुनवाई, ममता बनर्जी खुद हुईं पेश; जानिए क्या दी दलील मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के एक साल के बाद आखिरकार चुनी हुई सरकार बहाल होने जा रही है। नई दिल्ली में मंगलवार को मणिपुर भाजपा के विधायक दल की बैठक हुई। जिसमें खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया। सूत्रों की माने तो सरकार में दो उप मुख्यमंत्री भी हो सकते हैं। एक महिला कुकी नेता नेम्चा किप्गेन और दूसरे नगा समुदाय से NPF विधायक लोसी दीखो का नाम चर्चाओं में हैं। नेम्वा पहली महिला डिप्टी सीएम होंगी। कौन है नेता नेम्चा किप्गेन नई सरकार में कुकी समुदाय को संतुष्ट करने के लिए नेम्चा किप्गेन को मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। नेम्चा 2017 और 2022 में कुकी बहुल कांगपोकपी क्षेत्र से भाजपा की मणिपुर विधानसभा की सदस्य हैं। बीरेन सिंह के पहले कार्यकाल (2017-2020) में उन्होंने सामाजिक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री का पद संभाला। Two Terrorists Killed : जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर समेत दो आतंकवादी ढेर, उधमपुर में सेना का बड़ा ऑपरेशन बीरेन सिंह के दूसरे कार्यकाल में वे वाणिज्य एवं उद्योग, वस्त्र एवं सहकारिता विभाग की कैबिनेट मंत्री हैं। मैतेई-कुकी जाति हिंसा के दौरान इम्फाल में उनका सरकारी आवास जला दिया गया था। वे उन 10 कुकी-जो विधायकों में हैं, जिन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशासन की मांग की थी। The swearing-in ceremony of Shri @YKhemchandSingh as the Hon’ble Chief Minister of Manipur will take place today, 4th February 2026, at 6:00 PM at Lok Bhavan. Under his experienced and visionary leadership, Manipur is set to move forward on the path of peace, development, and… pic.twitter.com/bE3DMwC2jT — BJP Manipur (@BJP4Manipur) February 4, 2026 खेमचंद सबकी पसंद बनकर उभरे युमनाम खेमचंद सिंग्जामेई क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं। 2017-2022 तक मणिपुर विधानसभा स्पीकर रहे। 2022 में पूर्व सीएम एन. बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में मंत्री रहे। वे मैतेई समुदाय से आते हैं, जो मणिपुर के घाटी क्षेत्र में बहुसंख्यक हैं। बीरेन के साथ नजदीकी हैं। मई 2023 की हिंसा के बाद दिसंबर 2025 में वे कुकी-बहुल इलाकों और राहत शिविरों का दौरा करने वाले पहले मैतेई नेता बने, जिससे वे कट्टर मैतेई लाइन से अलग दिखे। Bengal SIR SC Hearing : बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी, 32 लाख वोटर अनमैप्ड, CJI ने जजों से ली जानकारी नई सरकार में कुकी-जो समुदाय को संतुष्ट करने के लिए नेम्चा किपोन को उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। नेम्चा 2017 और 2022 में कुकी-बहुल कंगपोक्पी से भाजपा विधायक रही हैं और बीरेन सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। मणिपुर में क्यों था राष्ट्रपति शासन दरअसल, मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा के कारण 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन CM एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। अब 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति शासन की समयसीमा खत्म हो रही है। Bhopal Student Suicide : ऑनलाइन गेम का ‘खूनी टास्क’! 8वीं के छात्र ने घर में लगाई फांसी, मोबाइल खोलेगा राज नई दिल्ली में मंगलवार को मणिपुर भाजपा के विधायक दल की बैठक हुई थी। आज NDA के घटक दलों के विधायकों की बैठक में तीनों नामों पर मुहर लग सकती है। नेम्वा पहली महिला डिप्टी सीएम होंगी।

Bengal SIR SC Hearing : बंगाल SIR पर अब 8 फरवरी को सुनवाई, ममता बनर्जी खुद हुईं पेश; जानिए क्या दी दलील

Bengal SIR SC Hearing

Bengal SIR SC Hearing : नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) को लेकर सुप्रिम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। ममता बनर्जी ने खुद अपनी बात अदालत में रखी। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 8 फरवरी सोमवार को तय की है। इसके साथ ही चुनाव आयोग को मामले की सख्ती से जांच के निर्देश दिए हैं। आज मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद ममता बनर्जी ने न्याय प्रक्रिया पर चिंता जताई है। जानिये सुनवाई के दौरान क्या कुछ हुआ कोर्ट रूम में…. सीएम ममता ने क्या कहा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों के अधिकारों की सुरक्षा की अपील करते हुए कहा, ‘कृपया जनता के अधिकारों की रक्षा करें। ’पश्चिम बंगाल से जुड़े इस मामले में सुनवाई फिलहाल समाप्त हो गई है और अब अगली सुनवाई सोमवार को होगी। इस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं। Two Terrorists Killed : जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर समेत दो आतंकवादी ढेर, उधमपुर में सेना का बड़ा ऑपरेशन सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री ने कोर्ट में पेश होकर अपनी दलीलें रखीं। मुकदमों में आमतौर पर मुख्यमंत्रियों के वकील या सलाहकार ही पेश होते हैं। क्या बोले CJI सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि आधार कार्ड की वैधता से जुड़े मुद्दे पर अदालत पहले ही फैसला सुरक्षित रख चुकी है। इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि आधार कार्ड की अपनी सीमाएं हैं और विसंगतियों के मुद्दे को सुलझाने के लिए अधिकारियों की एक टीम नियुक्त कर सत्यापन कराया जा सकता है, जिसके लिए एक दिन का समय दिया जा सकता है। MP Narmada Crisis : मां नर्मदा खतरे में! हालात नहीं बदले तो 50 साल में सूख सकती है जीवनरेखा इस दौरान सीएम ममता ने आरोप लगाया कि अब ईआरओ की कोई भूमिका नहीं रह गई है और बीजेपी शासित राज्यों से माइक्रो ऑब्जर्वर नाम हटाने के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले चरण में 58 लाख नाम हटाए गए और बड़ी संख्या में लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, साथ ही चुनाव आयोग को ‘व्हाट्सएप आयोग’तक कह दिया। क्लास-2 अधिकारियों की मांगी थी, 80 अधिकारी उपलब्ध चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि आयोग ने राज्य सरकार से क्लास-2 अधिकारियों की उपलब्धता मांगी थी, जिसके जवाब में राज्य सरकार ने 80 अधिकारी उपलब्ध कराए हैं। Bengal SIR SC Hearing : बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी, 32 लाख वोटर अनमैप्ड, CJI ने जजों से ली जानकारी क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ? SIR मतदाता सूची को सुधारने की प्रक्रिया है। चुनाव आयोग कराता है वेरिफिकेशन। BLO लोगों के घर से जानकारी करते है इकठ्ठा। वोटर आईडी में गलतियों को सुधारा जाता है। शिफ्ट हो चुके लोगों का पता होता है अपडेट। मृत, फर्जी या डुप्लीकेट नाम लिस्ट से हटाए जाते हैं। क्या है पूरा मामला चार राज्य बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव होने है। SIR तीन राज्यों में हो रहा है, लेकिन भाजपा-शासित असम में नहीं। इसे लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने का आरोप है कि चुनाव आयोग तृणमूल विधायकों वाली विधानसभा सीटों से वोटरों के नाम हटाने के लिए सेलेक्टिव तरीके से SIR का इस्तेमाल कर रहा है। MP Cabinet Decisions : सरदार सरोवर विस्थापितों की रजिस्ट्री मुफ्त होगी, दो सिंचाई परियोजना मंजूर सीएम ममता बनर्जी ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन चुनाव आयोग की इस एक्ससाइज पर सवाल उठाए। ममता बनर्जी का आरोप है कि आयोग ने SIR प्रक्रिया में पक्षपातपूर्ण तरीके से 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए हैं। 2 फरवरी को ममता ने काली शॉल ओढ़कर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलीं, उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे।

Two Terrorists Killed : जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर समेत दो आतंकवादी ढेर, उधमपुर में सेना का बड़ा ऑपरेशन

Two JeM Terrorists Killed

Two Terrorists Killed : जम्मू- कश्मीर। उधमपुर के जंगलों में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। 20 घंटे से अधिक समय तक चले संयुक्त अभियान के बाद बुधवार को जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के दो आतंकवादियों को मार गिराया गया। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। मारे गए आतंकवादियों में जैश-ए-मोहम्मद का शीर्ष कमांडर अबू मविया भी शामिल है, जो पिछले कई वर्षों से इस इलाके में सक्रिय था और सुरक्षा एजेंसियों को उसकी लंबे समय से तलाश थी। दिल्ली ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा: डॉक्टर मुजम्मिल को जैश-ए-मोहम्मद ने भेजे बम बनाने के 40 वीडियो, आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश ‘ऑपरेशन किया’ के तहत कार्रवाई सेना ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन किया’ नाम दिया था। यह कार्रवाई उधमपुर के बसंतगढ़ इलाके के जाफर जंगल में की गई। सेना की व्हाइट नाइट कोर के अनुसार, पुलिस से मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर काउंटर इंटेलिजेंस फोर्स (सीआईएफ) डेल्टा, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर यह संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियान चलाया। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी ताकि आतंकवादी भाग न सकें। मंगलवार को आतंकवादियों से पहली मुठभेड़ हुई, जिसके बाद लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। Bengal SIR SC Hearing : बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी, 32 लाख वोटर अनमैप्ड, CJI ने जजों से ली जानकारी सुनियोजित कार्रवाई में ढेर सेना ने बताया कि सुनियोजित और समन्वित कार्रवाई के बाद दोनों आतंकवादियों को मार गिराया गया। इस अभियान में सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल और उच्च स्तर की पेशेवर क्षमता देखने को मिली। हथियार और गोला-बारूद बरामद अधिकारियों के अनुसार, एक आतंकवादी का शव एक गुफा के पास से बरामद किया गया, जबकि दूसरे का शव गुफा के अंदर मिला। मारे गए आतंकवादियों के पास से एक एम4 कार्बाइन, एक एके असॉल्ट राइफल और भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किया गया है। MP Narmada Crisis : मां नर्मदा खतरे में! हालात नहीं बदले तो 50 साल में सूख सकती है जीवनरेखा क्षेत्र में निगरानी जारी सेना ने कहा है कि ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरे इलाके में अब भी सघन निगरानी रखी जा रही है।

MP Narmada Crisis : मां नर्मदा खतरे में! हालात नहीं बदले तो 50 साल में सूख सकती है जीवनरेखा

MP Narmada Crisis

MP Narmada Crisis : भोपाल। मध्यप्रदेश को कभी “नदियों का मायका” कहा जाता था, लेकिन आज यहां की नदियां गंभीर संकट से जूझ रही हैं। प्रदेश में बहने वाली 200 से ज्यादा नदियों का अस्तित्व खतरे में है। इनमें करोड़ों लोगों की आस्था और प्रदेश की संस्कृति का केंद्र बनी नर्मदा भी शामिल है। पर्यावरणविदों के अनुसार अवैध रेत खनन, सीवेज प्रदूषण और नदियों के किनारे बढ़ता अतिक्रमण नदियों को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है। अमेरिका के वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट ने भी नर्मदा को दुनिया की उन 6 नदियों में शामिल किया है, जिनका भविष्य खतरे में बताया गया है। Bengal SIR SC Hearing : बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी, 32 लाख वोटर अनमैप्ड, CJI ने जजों से ली जानकारी नर्मदा पर बढ़ता दबाव जाने-माने पर्यावरणविद डॉ. सुभाष पांडे का कहना है कि मध्यप्रदेश की अधिकतर नदियां अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। बारहमासी नदियों में सिर्फ नर्मदा बची है, लेकिन उस पर भी संकट गहराता जा रहा है। नर्मदा में नालों और सहायक नदियों का गंदा पानी मिल रहा है। अवैध रेत खनन सबसे बड़ी समस्या है। रेत में ही मछलियों और अन्य जलीय जीवों की ब्रीडिंग होती है। खनन से जलीय जीवन और जैव विविधता को भारी नुकसान हो रहा है। Bhopal Student Suicide : ऑनलाइन गेम का ‘खूनी टास्क’! 8वीं के छात्र ने घर में लगाई फांसी, मोबाइल खोलेगा राज डॉ. पर्यावरणविद पांडे चेतावनी देते हैं कि अगर हालात नहीं बदले, तो आने वाले 50 साल में नर्मदा एक पूरी नदी नहीं रह जाएगी, बल्कि अलग-अलग जगहों पर बिखरे जल स्रोतों में सिमट जाएगी। किन नदियों पर सबसे ज्यादा असर अवैध खनन से नर्मदा, चंबल, शिप्रा, सोन, केन, बेतवा और तवा जैसी नदियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। नर्मदा से जुड़े कई जिलों में 2024–25 के दौरान 100 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। चंबल और शिप्रा नदी क्षेत्र में भी लगातार कार्रवाई सामने आई है। Mamata Banerjee vs ECI : LLB डिग्री के बावजूद ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में दलील क्यों नहीं दे पाएंगी? लीगल twist समझिए! सीवेज भी बड़ी समस्या नदियों में सीधा सीवेज मिलना एक और गंभीर चुनौती है। कांग्रेस का आरोप है कि नर्मदा को साफ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए, लेकिन कई प्लांट पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे। इससे प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। तालाबों की हालत खराब भोपाल का बड़ा तालाब, जो शहर की पहचान है, अब ‘सी कैटेगरी’ के पानी में आ गया है। डॉ. सुभाष पांडे के अनुसार भोपाल का कोई भी तालाब अब सीधे पीने लायक नहीं बचा है। करीब 12 लाख लोग ट्रीट किया हुआ तालाब का पानी पीने को मजबूर हैं। MP Diesel Petrol Prices : कम हो सकते हैं पेट्रोल डीजल के दाम… केंद्रीय बजट 2026 के बाद CM मोहन यादव ने दिया संकेत सरकार का दावा प्रदेश सरकार का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और रेत माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा नेताओं का दावा है कि नदियों और पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नदियां ही हमारी पहचान विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यप्रदेश की असली पहचान उसकी नदियां, जंगल और जल संपदा हैं। खेती, पानी, बिजली और पर्यावरण संतुलन इन्हीं पर निर्भर है। अगर अभी सख्त और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भारी कीमत चुकाकर देना पड़ेगा।

Bengal SIR SC Hearing : बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी, 32 लाख वोटर अनमैप्ड, CJI ने जजों से ली जानकारी

Bengal SIR SC Hearing

Bengal SIR SC Hearing : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में आज महत्वपूर्ण सुनवाई की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट को पश्चिम बंगाल के दो साथी जजों से जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि पास सर्टिफिकेट कैसे जारी होते हैं। इसी जानकारी के आधार पर इस मुद्दे को कोर्ट ने शामिल किया। सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान ने कोर्ट को बताया कि स्थिति बहुत गंभीर है। सिर्फ चार दिन बचे हैं। 32 लाख वोटर अभी अनमैप्ड हैं। 1.36 करोड़ नाम लॉजिकल गड़बड़ी की लिस्ट में हैं। 63 लाख मामलों में सुनवाई बाकी है। Budget Session 2026 : विपक्ष के हंगामे के बीच ट्रेड डील पर बोले पीयूष गोयल, कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित दीवान ने कहा कि 8,300 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। ये संविधान के तहत नहीं आते। आधार, OBC, डोमिसाइल जैसे मान्य दस्तावेज भी रिजेक्ट हो रहे हैं। लोगों को 4-5 घंटे तक कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। दीवान ने कोर्ट से याचिकाकर्ता का संक्षिप्त नोट देखने का आग्रह किया। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि सिर्फ नाम मैच न करने वाले नोटिस वापस लिए जाएं। चुनाव आयोग की ओर से सीनियर एडवोकेट द्विवेदी ने कहा कि सभी नोटिस में कारण बताए गए हैं। लोगों को अधिकृत एजेंट रखने की अनुमति थी। Bhopal Student Suicide : ऑनलाइन गेम का ‘खूनी टास्क’! 8वीं के छात्र ने घर में लगाई फांसी, मोबाइल खोलेगा राज इस सुनवाई में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोर्ट में मौजूद रहीं। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।

Budget Session 2026 : विपक्ष के हंगामे के बीच ट्रेड डील पर बोले पीयूष गोयल, कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

Budget Session 2026

हाइलाइट्स विपक्ष के शोर से लोकसभा कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित। पीयूष गोयल ने यूएस-इंडिया ट्रेड डील को ऐतिहासिक बताया। विपक्ष के नारे और वेल में प्रदर्शन से सदन बाधित। Budget Session 2026 : नई दिल्ली। लोकसभा में आज फिर भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों ने पूरे सदन में शोर मचाया। नारे लगाए और सदन की कार्यवाही बाधित की। इतने शोर के बीच भी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर अपना बयान दिया। लेकिन विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण स्पीकर ओम बिरला सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करने को मजबूर हो गए। Rahul Gandhi Ravneet Bittu Clash : राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को बताया ‘गद्दार दोस्त’, बोले- चिंता मत करो तुम… पीयूष गोयल का बयान: पीयूष गोयल ने कहा कि यह ट्रेड डील ऐतिहासिक है। इससे भारत को आयात में फायदा होगा। छोटे उद्योग मजबूत होंगे। देश के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। यह समझौता 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बहुत मदद करेगा। ट्रेड डील के फायदे: मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच यह डील आपसी भरोसे और मजबूत रिश्तों का नतीजा है। लेकिन विपक्ष के शोर के कारण उनका पूरा बयान सुनना मुश्किल हो गया। विपक्षी सांसद वेल में आ गए और लगातार नारे लगाते रहे। Mamata Banerjee vs ECI : LLB डिग्री के बावजूद ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में दलील क्यों नहीं दे पाएंगी? लीगल twist समझिए! विपक्ष का हंगामा: स्पीकर ने कई बार सदन चलाने की अपील की। लेकिन जब हंगामा नहीं रुका तो कार्यवाही स्थगित कर दी गई। यह संसद के बजट सत्र में लगातार हंगामे का एक और दिन था।  

T20 WORLD CUP : कैप्टन कूल ने कहा भारत दुनियाभर की टीमों के लिए सबसे बड़ा खतरा

Captain Cool Mahendra Singh Dhoni

T20 WORLD CUP :  पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम को सबसे बड़ा दावेदार बताया। धोनी ने कहा कि वर्तमान भारतीय टीम दुनिया की “सबसे खतरनाक टीमों में से एक” है और खिताब बचाने की पूरी क्षमता रखती है। माही अनप्लग्ड कार्यक्रम में बातचीत के दौरान धोनी ने टीम इंडिया की गहराई, अनुभव और खिलाड़ियों की भूमिका को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया, लेकिन कुछ बातों का जिक्र आते ही उस पर चिंता जताते भी नजर आए। सुपर 8 की राह मुश्किल नहीं महेंद्र सिंह धोनी ने टीम कॉम्बिनेशन को परफेक्ट बताया। बता दें कि इस टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें चार अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। भारतीय टीम ग्रुप A में है, जिसमें पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, यूएसए और नामीबिया की टीमें भी शामिल हैं। इस ग्रुप से दो टीमें सुपर-8 में पहुंचेंगी और वहां से दोनों सुपर-8 ग्रुप की दो-दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। हालांकि, जिस तरह का टूर्नामेंट फॉर्मेट है, उसमें भारतीय टीम का सुपर-8 तक पहुंचना आसान माना जा रहा है। Traitor Friend : राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को बताया ‘गद्दार दोस्त’, बोले- चिंता मत करो तुम… टीम इंडिया दुनिया में हिट एमएस धोनी ने ने कहा कि टीम इंडिया शानदार टीमों में से एक है। एक अच्छी टीम में जो कुछ होना चाहिए, वह सब इसमें मौजूद है। खिलाड़ियों के पास अनुभव है, खासकर इस फॉर्मेट में। सभी खिलाड़ी दबाव में खेल चुके हैं और अपनी-अपनी भूमिकाओं को लंबे समय से निभाते आ रहे हैं। ओस बनी धोनी की चिंता हालांकि, धोनी ने एक ऐसे फैक्टर का भी ज़िक्र किया, जिसने उनके कप्तानी करियर के दौरान भी कई बार मैच का रुख बदला वो है ओस। उन्होंने कहा कि मुझे ओस से नफरत है। ओस कई चीज़ें बदल देती है। टॉस बहुत अहम हो जाता है और मैच का संतुलन बिगड़ सकता है। अगर हालात बराबर रहें और हम बेहतरीन टीमों के खिलाफ 10 मैच खेलें, तो ज़्यादातर मैच हम जीतेंगे। Ghaziabad News : सॉरी पापा कोरियन गेम हमारी जिंदगी… 9वीं मंजिल से कूदी तीन नाबालिग बहनें T20 क्रिकेट की अनिश्चितता सबसे बड़ी चुनौती धोनी ने यह भी माना कि T20 क्रिकेट में कुछ भी होने का बड़ा खतरा बना रहता है। किसी एक खिलाड़ी का खराब दिन और विरोधी टीम के किसी खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन मैच का नतीजा बदल सकता है। धोनी के मुताबिक, कभी-कभी आपकी टीम के कुछ खिलाड़ियों का दिन खराब होता है और सामने वाले का कोई खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर देता है। यही T20 की चुनौती है। ये लीग स्टेज में भी हो सकता है और नॉकआउट में भी। Bhopal News : मोबाइल गेम की लत ने छीनी 14 साल के मासूम की जिंदगी, ब्लू व्हेल संदेह में पुलिस जांच शुरू इंजरी और भूमिका निभाना होगा अहम पूर्व कप्तान ने आगे कहा कि टीम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि खिलाड़ी फिट रहें और उन्हें जो भूमिकाएं सौंपी गई हैं, उन्हें सही तरीके से निभाएं। कोई भी खिलाड़ी चोटिल न हो और सभी अपने रोल को पूरी ईमानदारी से निभाएं बस यही ज़रूरी है। मैं इसे जिंक्स नहीं करना चाहता, लेकिन यह वाकई सबसे खतरनाक टीमों में से एक है। बता दे कि, जब एमएस धोनी कप्तान थे भारतीय टीम ने 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीता था। 17 साल का सूखा 2024 में रोहित शर्मा की टीम ने खत्म किया, जब भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज और अमेरिका में खिताब जीता। Rahul Gandhi on India-US Trade Deal : अडाणी केस और एपस्टीन फाइल्स से PM डरे, ट्रेड डील पर LoP राहुल गांधी अब, 2026 संस्करण में, सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम अपने घरेलू दर्शकों के सामने अपने खिताब का बचाव करेगी। 7 फरवरी को भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज करेगी, जहां मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया अपना पहला मुकाबला खेलेगी।