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MP Narmada Crisis : मां नर्मदा समेत 200 से ज्यादा नदियां खतरे में! क्या 50 साल में हो जाएंगी खत्म?

MP Narmada Crisis

MP Narmada Crisis : भोपाल। मध्यप्रदेश को कभी “नदियों का मायका” कहा जाता था, लेकिन आज यहां की नदियां गंभीर संकट से जूझ रही हैं। प्रदेश में बहने वाली 200 से ज्यादा नदियों का अस्तित्व खतरे में है। इनमें करोड़ों लोगों की आस्था और प्रदेश की संस्कृति का केंद्र बनी नर्मदा भी शामिल है। पर्यावरणविदों के अनुसार अवैध रेत खनन, सीवेज प्रदूषण और नदियों के किनारे बढ़ता अतिक्रमण नदियों को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है। अमेरिका के वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट ने भी नर्मदा को दुनिया की उन 6 नदियों में शामिल किया है, जिनका भविष्य खतरे में बताया गया है। Bengal SIR SC Hearing : बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी, 32 लाख वोटर अनमैप्ड, CJI ने जजों से ली जानकारी नर्मदा पर बढ़ता दबाव जाने-माने पर्यावरणविद डॉ. सुभाष पांडे का कहना है कि मध्यप्रदेश की अधिकतर नदियां अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। बारहमासी नदियों में सिर्फ नर्मदा बची है, लेकिन उस पर भी संकट गहराता जा रहा है। नर्मदा में नालों और सहायक नदियों का गंदा पानी मिल रहा है। अवैध रेत खनन सबसे बड़ी समस्या है। रेत में ही मछलियों और अन्य जलीय जीवों की ब्रीडिंग होती है। खनन से जलीय जीवन और जैव विविधता को भारी नुकसान हो रहा है। Bhopal Student Suicide : ऑनलाइन गेम का ‘खूनी टास्क’! 8वीं के छात्र ने घर में लगाई फांसी, मोबाइल खोलेगा राज डॉ. पर्यावरणविद पांडे चेतावनी देते हैं कि अगर हालात नहीं बदले, तो आने वाले 50 साल में नर्मदा एक पूरी नदी नहीं रह जाएगी, बल्कि अलग-अलग जगहों पर बिखरे जल स्रोतों में सिमट जाएगी। किन नदियों पर सबसे ज्यादा असर अवैध खनन से नर्मदा, चंबल, शिप्रा, सोन, केन, बेतवा और तवा जैसी नदियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। नर्मदा से जुड़े कई जिलों में 2024–25 के दौरान 100 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। चंबल और शिप्रा नदी क्षेत्र में भी लगातार कार्रवाई सामने आई है। Mamata Banerjee vs ECI : LLB डिग्री के बावजूद ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में दलील क्यों नहीं दे पाएंगी? लीगल twist समझिए! सीवेज भी बड़ी समस्या नदियों में सीधा सीवेज मिलना एक और गंभीर चुनौती है। कांग्रेस का आरोप है कि नर्मदा को साफ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए, लेकिन कई प्लांट पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे। इससे प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। तालाबों की हालत खराब भोपाल का बड़ा तालाब, जो शहर की पहचान है, अब ‘सी कैटेगरी’ के पानी में आ गया है। डॉ. सुभाष पांडे के अनुसार भोपाल का कोई भी तालाब अब सीधे पीने लायक नहीं बचा है। करीब 12 लाख लोग ट्रीट किया हुआ तालाब का पानी पीने को मजबूर हैं। MP Diesel Petrol Prices : कम हो सकते हैं पेट्रोल डीजल के दाम… केंद्रीय बजट 2026 के बाद CM मोहन यादव ने दिया संकेत सरकार का दावा प्रदेश सरकार का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और रेत माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा नेताओं का दावा है कि नदियों और पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नदियां ही हमारी पहचान विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यप्रदेश की असली पहचान उसकी नदियां, जंगल और जल संपदा हैं। खेती, पानी, बिजली और पर्यावरण संतुलन इन्हीं पर निर्भर है। अगर अभी सख्त और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भारी कीमत चुकाकर देना पड़ेगा।

Bengal SIR SC Hearing : बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी, 32 लाख वोटर अनमैप्ड, CJI ने जजों से ली जानकारी

Bengal SIR SC Hearing

Bengal SIR SC Hearing : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में आज महत्वपूर्ण सुनवाई की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट को पश्चिम बंगाल के दो साथी जजों से जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि पास सर्टिफिकेट कैसे जारी होते हैं। इसी जानकारी के आधार पर इस मुद्दे को कोर्ट ने शामिल किया। सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान ने कोर्ट को बताया कि स्थिति बहुत गंभीर है। सिर्फ चार दिन बचे हैं। 32 लाख वोटर अभी अनमैप्ड हैं। 1.36 करोड़ नाम लॉजिकल गड़बड़ी की लिस्ट में हैं। 63 लाख मामलों में सुनवाई बाकी है। Budget Session 2026 : विपक्ष के हंगामे के बीच ट्रेड डील पर बोले पीयूष गोयल, कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित दीवान ने कहा कि 8,300 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। ये संविधान के तहत नहीं आते। आधार, OBC, डोमिसाइल जैसे मान्य दस्तावेज भी रिजेक्ट हो रहे हैं। लोगों को 4-5 घंटे तक कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। दीवान ने कोर्ट से याचिकाकर्ता का संक्षिप्त नोट देखने का आग्रह किया। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि सिर्फ नाम मैच न करने वाले नोटिस वापस लिए जाएं। चुनाव आयोग की ओर से सीनियर एडवोकेट द्विवेदी ने कहा कि सभी नोटिस में कारण बताए गए हैं। लोगों को अधिकृत एजेंट रखने की अनुमति थी। Bhopal Student Suicide : ऑनलाइन गेम का ‘खूनी टास्क’! 8वीं के छात्र ने घर में लगाई फांसी, मोबाइल खोलेगा राज इस सुनवाई में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोर्ट में मौजूद रहीं। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।

Budget Session 2026 : विपक्ष के हंगामे के बीच ट्रेड डील पर बोले पीयूष गोयल, कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

Budget Session 2026

हाइलाइट्स विपक्ष के शोर से लोकसभा कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित। पीयूष गोयल ने यूएस-इंडिया ट्रेड डील को ऐतिहासिक बताया। विपक्ष के नारे और वेल में प्रदर्शन से सदन बाधित। Budget Session 2026 : नई दिल्ली। लोकसभा में आज फिर भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों ने पूरे सदन में शोर मचाया। नारे लगाए और सदन की कार्यवाही बाधित की। इतने शोर के बीच भी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर अपना बयान दिया। लेकिन विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण स्पीकर ओम बिरला सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करने को मजबूर हो गए। Rahul Gandhi Ravneet Bittu Clash : राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को बताया ‘गद्दार दोस्त’, बोले- चिंता मत करो तुम… पीयूष गोयल का बयान: पीयूष गोयल ने कहा कि यह ट्रेड डील ऐतिहासिक है। इससे भारत को आयात में फायदा होगा। छोटे उद्योग मजबूत होंगे। देश के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। यह समझौता 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बहुत मदद करेगा। ट्रेड डील के फायदे: मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच यह डील आपसी भरोसे और मजबूत रिश्तों का नतीजा है। लेकिन विपक्ष के शोर के कारण उनका पूरा बयान सुनना मुश्किल हो गया। विपक्षी सांसद वेल में आ गए और लगातार नारे लगाते रहे। Mamata Banerjee vs ECI : LLB डिग्री के बावजूद ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में दलील क्यों नहीं दे पाएंगी? लीगल twist समझिए! विपक्ष का हंगामा: स्पीकर ने कई बार सदन चलाने की अपील की। लेकिन जब हंगामा नहीं रुका तो कार्यवाही स्थगित कर दी गई। यह संसद के बजट सत्र में लगातार हंगामे का एक और दिन था।  

T20 WORLD CUP : कैप्टन कूल ने कहा भारत दुनियाभर की टीमों के लिए सबसे बड़ा खतरा

Captain Cool Mahendra Singh Dhoni

T20 WORLD CUP :  पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम को सबसे बड़ा दावेदार बताया। धोनी ने कहा कि वर्तमान भारतीय टीम दुनिया की “सबसे खतरनाक टीमों में से एक” है और खिताब बचाने की पूरी क्षमता रखती है। माही अनप्लग्ड कार्यक्रम में बातचीत के दौरान धोनी ने टीम इंडिया की गहराई, अनुभव और खिलाड़ियों की भूमिका को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया, लेकिन कुछ बातों का जिक्र आते ही उस पर चिंता जताते भी नजर आए। सुपर 8 की राह मुश्किल नहीं महेंद्र सिंह धोनी ने टीम कॉम्बिनेशन को परफेक्ट बताया। बता दें कि इस टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें चार अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। भारतीय टीम ग्रुप A में है, जिसमें पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, यूएसए और नामीबिया की टीमें भी शामिल हैं। इस ग्रुप से दो टीमें सुपर-8 में पहुंचेंगी और वहां से दोनों सुपर-8 ग्रुप की दो-दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। हालांकि, जिस तरह का टूर्नामेंट फॉर्मेट है, उसमें भारतीय टीम का सुपर-8 तक पहुंचना आसान माना जा रहा है। Traitor Friend : राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को बताया ‘गद्दार दोस्त’, बोले- चिंता मत करो तुम… टीम इंडिया दुनिया में हिट एमएस धोनी ने ने कहा कि टीम इंडिया शानदार टीमों में से एक है। एक अच्छी टीम में जो कुछ होना चाहिए, वह सब इसमें मौजूद है। खिलाड़ियों के पास अनुभव है, खासकर इस फॉर्मेट में। सभी खिलाड़ी दबाव में खेल चुके हैं और अपनी-अपनी भूमिकाओं को लंबे समय से निभाते आ रहे हैं। ओस बनी धोनी की चिंता हालांकि, धोनी ने एक ऐसे फैक्टर का भी ज़िक्र किया, जिसने उनके कप्तानी करियर के दौरान भी कई बार मैच का रुख बदला वो है ओस। उन्होंने कहा कि मुझे ओस से नफरत है। ओस कई चीज़ें बदल देती है। टॉस बहुत अहम हो जाता है और मैच का संतुलन बिगड़ सकता है। अगर हालात बराबर रहें और हम बेहतरीन टीमों के खिलाफ 10 मैच खेलें, तो ज़्यादातर मैच हम जीतेंगे। Ghaziabad News : सॉरी पापा कोरियन गेम हमारी जिंदगी… 9वीं मंजिल से कूदी तीन नाबालिग बहनें T20 क्रिकेट की अनिश्चितता सबसे बड़ी चुनौती धोनी ने यह भी माना कि T20 क्रिकेट में कुछ भी होने का बड़ा खतरा बना रहता है। किसी एक खिलाड़ी का खराब दिन और विरोधी टीम के किसी खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन मैच का नतीजा बदल सकता है। धोनी के मुताबिक, कभी-कभी आपकी टीम के कुछ खिलाड़ियों का दिन खराब होता है और सामने वाले का कोई खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर देता है। यही T20 की चुनौती है। ये लीग स्टेज में भी हो सकता है और नॉकआउट में भी। Bhopal News : मोबाइल गेम की लत ने छीनी 14 साल के मासूम की जिंदगी, ब्लू व्हेल संदेह में पुलिस जांच शुरू इंजरी और भूमिका निभाना होगा अहम पूर्व कप्तान ने आगे कहा कि टीम की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि खिलाड़ी फिट रहें और उन्हें जो भूमिकाएं सौंपी गई हैं, उन्हें सही तरीके से निभाएं। कोई भी खिलाड़ी चोटिल न हो और सभी अपने रोल को पूरी ईमानदारी से निभाएं बस यही ज़रूरी है। मैं इसे जिंक्स नहीं करना चाहता, लेकिन यह वाकई सबसे खतरनाक टीमों में से एक है। बता दे कि, जब एमएस धोनी कप्तान थे भारतीय टीम ने 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीता था। 17 साल का सूखा 2024 में रोहित शर्मा की टीम ने खत्म किया, जब भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज और अमेरिका में खिताब जीता। Rahul Gandhi on India-US Trade Deal : अडाणी केस और एपस्टीन फाइल्स से PM डरे, ट्रेड डील पर LoP राहुल गांधी अब, 2026 संस्करण में, सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम अपने घरेलू दर्शकों के सामने अपने खिताब का बचाव करेगी। 7 फरवरी को भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज करेगी, जहां मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया अपना पहला मुकाबला खेलेगी।

Bhopal Student Suicide : ऑनलाइन गेम का ‘खूनी टास्क’! 8वीं के छात्र ने घर में लगाई फांसी, मोबाइल खोलेगा राज

Bhopal Student Suicide

Bhopal Student Suicide : मध्य प्रदेश। भोपाल के पिपलानी इलाके में एक बेहद दुखद घटना ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। श्रीराम कॉलोनी में रहने वाले 14 साल के अंश साहू ने सोमवार को अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, अंश घर में अकेला था। उसके माता-पिता और परिवार के सदस्य ननिहाल में नाना की तेरहवीं के लिए गए थे। दोपहर में जब वे अंश को लेने लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। Ghaziabad News : सॉरी पापा कोरियन गेम हमारी जिंदगी… 9वीं मंजिल से कूदी तीन नाबालिग बहनें खिड़की से झांककर परिजनों ने देखा तो अंश फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। परिवार ने तुरंत दरवाजा तोड़ा और अंश को इंद्रपुरी के निजी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया। मर्ग दर्ज किया गया। जांच में परिजनों ने बताया कि अंश पिछले कुछ समय से मोबाइल पर ‘ब्लू व्हेल’ (Blue Whale Game) जैसे खतरनाक गेम खेलने का आदी हो गया था। यह गेम टास्क-बेस्ड होता है और इसका अंतिम चरण आत्महत्या तक पहुंचाता है। MP Diesel Petrol Prices : कम हो सकते हैं पेट्रोल डीजल के दाम… केंद्रीय बजट 2026 के बाद CM मोहन यादव ने दिया संकेत परिजनों का कहना है कि अंश अकेले में गेम खेलता था। पुलिस ने अंश का मोबाइल जब्त कर लिया है। इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच से पता चलेगा कि गेम ने ही इस कदम के लिए उकसाया था या नहीं। क्या बोले अंश के घर वालों ने अंशु साहू के परिजनों ने बताया कि पिछले एक महीने से वह फ्री फायर गेम खेल रहा था। अंश ने अपने दादा के अकाउंट से 28000 रुपए का ट्रांजैक्शन भी किया। अंश के मामा ने कहा कि गेम की लत के कारण ही उनके भांजे कीजान गई। अंश के परिजनों ने की सभी पेरेंट्स से की अपील अपने बच्चों पर ध्यान दें कि कहीं वह किसी जानलेवा गेम की लत में तो नहीं है। Bhopal News : मोबाइल गेम की लत ने छीनी 14 साल के मासूम की जिंदगी, ब्लू व्हेल संदेह में पुलिस जांच शुरू अंश के मामा ने बताया कि हमारा भांजा बहुत होनहार था, पढ़ाई लिखाई में हमेशा अव्वल आता था। अंश ने जब सुसाइड किया उस दौरान घर में कोई भी मौजूद नहीं था। सभी लोग हमारे पिताजी की रसोई में गए हुए थे। सरकार को इस तरीके के गेम्स पर रोक लगानी चाहिए।

Rahul Gandhi Ravneet Bittu Clash : राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को बताया ‘गद्दार दोस्त’, बोले- चिंता मत करो तुम…

Traitor Friend

Rahul Gandhi Ravneet Bittu Clash : दिल्ली। संसद के मुख्य द्वार पर आज एक नजारा देखने को मिला जो राजनीतिक गलियारों में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा। कांग्रेस सांसद तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का आमना-सामना हो गया। T20 WORLD CUP : कैप्टन कूल ने कहा भारत दुनियाभर की टीमों के लिए सबसे बड़ा खतरा दोनों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। राहुल गांधी ने बिट्टू को “गद्दार दोस्त” कहा। उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने को गद्दारी बताया। राहुल ने हाथ बढ़ाकर शेक करने की कोशिश की, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया। बिट्टू ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनका “देश के दुश्मनों” से कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, कांग्रेस सांसद संसद गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। राहुल गांधी वहां पहुंचे। उन्होंने अपने सांसदों की तारीफ की। तभी बिट्टू भी आए। राहुल ने उन्हें “गद्दार दोस्त” कहा। हाथ मिलाने की कोशिश की लेकिन बिट्टू ने मना कर दिया। दोनों के बीच बातचीत तेज हो गई। वीडियो में साफ दिख रहा है कि राहुल हाथ बढ़ाते हैं लेकिन बिट्टू पीछे हट जाते हैं। Mamata Banerjee vs ECI : LLB डिग्री के बावजूद ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में दलील क्यों नहीं दे पाएंगी? लीगल twist समझिए! केंद्रीय मंत्री बिट्टू का पलटवार: केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने कहा कि उनका देश के दुश्मनों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने राहुल के पुराने बयानों का जिक्र किया। कहा कि राहुल सिख समुदाय को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। कौन हैं रवनीत बिट्टू: रवनीत सिंह बिट्टू पहले तीन बार कांग्रेस सांसद रहे। 2009 में आनंदपुर साहिब, 2014-2019 में लुधियाना से जीते। खालिस्तान समर्थकों के कट्टर आलोचक हैं। 2024 में बीजेपी में शामिल हुए। लुधियाना से हारे लेकिन मंत्री बने। Ghaziabad News : सॉरी पापा कोरियन गेम हमारी जिंदगी… 9वीं मंजिल से कूदी तीन नाबालिग बहनें यह पहली बार नहीं जब राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी बयानबाजी हुई है। सितंबर 2024 में भी बिट्टू ने राहुल को “देश का नंबर वन टेररिस्ट” कहा था। बिट्टू पहले कांग्रेस में थे। 2009 से 2019 तक कांग्रेस सांसद रहे। 2024 में बीजेपी में शामिल हुए। अब वे राज्य मंत्री हैं। बता दें कि, बिट्टू के पिता और दादा की हत्या खालिस्तान समर्थकों ने की थी। 2007 में राहुल गांधी से मिलने के बाद राजनीति में आए। 2024 में पार्टी बदल ली। यहां देखिये वीडियो

Ghaziabad News : सॉरी पापा कोरियन गेम हमारी जिंदगी… 9वीं मंजिल से कूदी तीन नाबालिग बहनें

Ghaziabad News

Ghaziabad News : गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। मंगलवार रात 2 बजे तीन सगी बहनें 9वीं मंजिल की बालकनी से हाथ पकड़कर कूद पड़ीं। तीनों की उम्र 12, 14 और 16 साल थी। गिरने की तेज आवाज सुनकर कॉलोनी वाले दौड़े। पुलिस को खबर दी। 80 फीट ऊंचाई से गिरने पर तीनों गंभीर घायल हो गईं। लोनी अस्पताल ले जाए गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना भारत सिटी बी-1 टावर फ्लैट 907 की है। पुलिस को कमरे में 8-10 पेज का सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था, “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही। अब आपको पता चलेगा हम इस गेम से कितना प्यार करते थे।” पिता चेतन ने बताया कि बहनें कोरोना से कोरियन लव गेम की लत में फंसी थीं। उन्होंने मना किया तो फटकार दी। इसी से तनाव में आकर यह कदम उठाया। चेतन शेयर ट्रेडिंग करते हैं। पुलिस हर पहलू जांच रही है। एडिशनल CP आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि सुसाइड कन्फर्म, लेकिन वजह पता लगेगी। यह ब्लू व्हेल जैसा मामला लगता है। पिता की अपील, बच्चों को मोबाइल गेम न खेलने दें। कौन सा टास्क आता है पता नहीं चलता।

Mamata Banerjee vs ECI : LLB डिग्री के बावजूद ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में दलील क्यों नहीं दे पाएंगी? लीगल twist समझिए!

Mamata Banerjee

Mamata Banerjee vs ECI : नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई में शामिल हो सकती हैं। यह सुनवाई राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ दायर याचिकाओं पर हो रही है। ममता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वे खुद अदालत में पेश होकर दलील रख सकें। सूत्रों के अनुसार उनके लिए कोर्ट में प्रवेश पास भी जारी हो चुका है। ममता ने अंतरिम आवेदन दाखिल कर याचिकाकर्ता के रूप में मौजूद रहने और तथ्य पेश करने की अनुमति मांगी है। Ghaziabad News : सॉरी पापा कोरियन गेम हमारी जिंदगी… 9वीं मंजिल से कूदी तीन नाबालिग बहनें ममता ने LLB डिग्री ली है। लेकिन वे प्रैक्टिसिंग एडवोकेट नहीं हैं। इसलिए सवाल उठ रहा है कि क्या वे जज के सामने खुद कानूनी बहस कर सकती हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ LLB डिग्री से कोर्ट में वकालत का अधिकार नहीं मिलता। यह अधिकार Advocates Act, 1961 और Bar Council of India के नियमों से मिलता है। फिर भी, याचिकाकर्ता के तौर पर ममता कोर्ट में मौजूद रह सकती हैं। वे अपने वकीलों को निर्देश दे सकती हैं। यह मामला पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया से जुड़ा है। Bhopal News : मोबाइल गेम की लत ने छीनी 14 साल के मासूम की जिंदगी, ब्लू व्हेल संदेह में पुलिस जांच शुरू ममता का आरोप है कि इससे लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। चुनाव से पहले यह प्रक्रिया गलत है। वे कहती हैं कि पीड़ितों को बचाव का मौका नहीं दिया जा रहा। आज CJI सूर्यकांत की बेंच इस पर सुनवाई करेगी। अगर अनुमति मिली तो ममता देश की पहली मौजूदा मुख्यमंत्री बन सकती हैं जो खुद सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगी। सुनवाई की मुख्य बातें: सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच सुनवाई करेगी। ममता की याचिका के अलावा TMC सांसदों की याचिकाएं भी शामिल हैं। Rahul Gandhi on India-US Trade Deal : अडाणी केस और एपस्टीन फाइल्स से PM डरे, ट्रेड डील पर LoP राहुल गांधी ममता ने क्या मांगा: सीएम ममता ने ‘पार्टी इन पर्सन’ के तौर पर पेश होने की अनुमति मांगी। कहा कि वे SIR से प्रभावित लोगों की समस्याओं से भली-भांति वाकिफ हैं। कोर्ट की मर्यादा और प्रक्रिया का सम्मान करेंगी। LLB से क्या अधिकार मिलता है: कानूनी विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत मिश्रा के अनुसार, LLB डिग्री से कोर्ट में बहस का हक नहीं मिलता। State Bar Council में एनरोलमेंट, AIBE पास और Certificate of Practice जरूरी है। Parliament Budget session : लोकसभा में बड़ा हंगामा, स्पीकर की कुर्सी पर कागज फेंकने वाले 8 विपक्षी सांसद निलंबित Advocates Act 1961 क्या कहता है: कानून के अनुसार, कोर्ट में दलील देने का अधिकार सिर्फ एनरोल्ड एडवोकेट को है। बिना इस प्रक्रिया के बहस गैरकानूनी है। ममता की कानूनी स्थिति: ममता LLB होल्डर हैं। लेकिन Bar Council में एनरोलमेंट नहीं कराया। AIBE पास नहीं किया। इसलिए वे वकील नहीं मानी जातीं। याचिकाकर्ता के रूप में मौजूद रह सकती हैं।