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New Income Tax Law : इनकम टैक्स को लेकर बजट 2026 में ये हुए ऐलान, अप्रैल से नया आयकर कानून

New Income Tax Act April

Budget 2026 New Income Tax Law : नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में आयकर कानून पर बड़ा ऐलान किया है। नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। इसका मकसद टैक्स सिस्टम को सरल और आसान बनाना है। आम आदमी बिना किसी सीए या एक्सपर्ट की मदद के भी आसानी से रिटर्न फाइल कर सकेगा। रिटर्न फाइलिंग की समयसीमा बढ़ी रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए अब ज्यादा समय मिलेगा। पहले यह समयसीमा 31 दिसंबर थी, अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है। मामूली शुल्क देकर रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा। ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वाले व्यक्ति अब 31 जुलाई तक रिटर्न भर पाएंगे। नॉन-ऑडिट बिजनेस और ट्रस्ट के मामले में समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। विदेश यात्रा और शिक्षा पर TCS में कटौती विदेश यात्रा पैकेज पर TCS अब 5-20% की जगह सिर्फ 2% लगेगा। शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए LRS (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम) में भी TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इससे विदेश यात्रा और विदेश में पढ़ाई अब सस्ती हो जाएगी। NRI को राहत NRI द्वारा अचल संपत्ति की बिक्री पर TDS अब निवासी खरीदार द्वारा काटा जाएगा। पहले इसके लिए TAN की जरूरत होती थी। अब TAN की जरूरत नहीं रहेगी। विदेश में अर्जित आय पर भी कुछ राहत दी गई है। आय छिपाने पर सजा नहीं, टैक्स लगेगा आय छिपाने पर अब सजा की जगह 30% टैक्स लगेगा। यह नियम टैक्स चोरी रोकने के लिए लाया गया है। सड़क हादसे के मुआवजे पर टैक्स छूट मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए ब्याज पर कोई आयकर नहीं लगेगा। इस पर TDS भी नहीं कटेगा। सड़क हादसे में घायलों को मिलने वाले मुआवजे पर अब टैक्स का बोझ नहीं रहेगा। नया आयकर कानून सरल और आसान वित्त मंत्री ने कहा कि नया आयकर कानून बहुत सरल होगा। नियमों को तर्कसंगत बनाया जाएगा। फॉर्म आसान होंगे। आम आदमी बिना किसी मदद के रिटर्न फाइल कर सकेगा।

New Rules 2026 : आज से सिगरेट 40% तक महंगी! गैस सिलेंडर 50 रुपए बढ़ा, जानिए 6 बड़े बदलाव

New Rules LPG Price

New Rules 2026 : नई दिल्ली। केंद्रीय बजट पेश होने से ठीक पहले सरकार ने आम लोगों को बड़ा झटका दिया है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में 50 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर अब महंगे हो गए हैं। वहीं घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह दाम 8 अप्रैल 2025 से ही स्थिर है। कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमतें 19 किलो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। नई कीमतें इस प्रकार हैं: यह सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य कमर्शियल कामों में इस्तेमाल होता है। घरेलू सिलेंडर का दाम स्थिर 14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को दाम बदले गए थे। मौजूदा कीमतें इस प्रकार हैं: फरवरी में 6 बड़े बदलाव 1 फरवरी से कई बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ेगा। इनमें से कुछ मुख्य हैं: सिगरेट पर 40% GST पान मसाला, खैनी और गुटखा जैसे तंबाकू उत्पादों पर अब 40% GST लगेगा। सेस हटा दिया गया है। सिगरेट पर उसकी लंबाई के आधार पर नई एक्साइज ड्यूटी लगेगी। इससे सिगरेट की कीमतें 15% से 40% तक बढ़ सकती हैं। फास्टैग में नई राहत नई कारों के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV प्रोसेस नहीं कराना होगा। पहले से लगे फास्टैग पर भी रूटीन KYV की जरूरत नहीं रहेगी। केवल शिकायत मिलने पर ही जांच होगी। बजट से ठीक पहले कमर्शियल एलपीजी महंगी होने से होटल-ढाबा संचालकों पर असर पड़ेगा। घरेलू गैस का दाम स्थिर रहने से रसोई पर फिलहाल राहत है। लेकिन सिगरेट-तंबाकू महंगा होने से कई लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा।

Gold Silver Crash : सोना-चांदी में भयंकर क्रैश, बजट 2026 के दिन चांदी और सोना 9% गिरा

Gold Silver Crash Budget 2026

Gold Silver Crash : केंद्रीय बजट पेश होने के दिन सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखी गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं में तेज बिकवाली हुई। पिछले दो दिनों में सोने की कीमतों में करीब 20% की बड़ी गिरावट आई। चांदी भी एक दिन में 9% टूट गई। निवेशकों में हड़कंप मचा हुआ है। सोने की कीमतों में तेज गिरावटMCX पर 24 कैरेट सोना शुक्रवार को 1,36,185 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। सेशन की शुरुआत में यह 1,46,800 रुपये पर खुला था। पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। इंटरनेशनल बाजार में भी सोना 9% से ज्यादा गिरकर 4,887 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी में भी भारी टूटMCX पर चांदी 2,65,900 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। एक दिन में करीब 9% की गिरावट दर्ज हुई। पिछले दो महीनों की तेजी के बाद यह बड़ी गिरावट आई है। कस्टम ड्यूटी में कोई बदलाव नहींबजट 2026 में सोने और चांदी के आयात पर कस्टम ड्यूटी की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। सोने पर कुल 6% ड्यूटी (5% बेसिक + 1% AIDC) बरकरार है। चांदी पर भारतीय निवासियों के लिए 6% और अन्य के लिए 36% ड्यूटी लागू है। दोनों पर 3% GST भी लगता है। बाजार में क्या चल रहा हैबजट से पहले कीमतें बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थीं। बजट में कोई बड़ी राहत न मिलने से निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी है। इससे घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

Union Budget 2026 : बजट 2026 में AI क्रांति, क्रिएटर इकोनॉमी पर सरकार का बड़ा दांव

AI on Budget 2026

Union Budget 2026 : नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश केंद्रीय बजट में एक बहुत बड़ा और दूरदर्शी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देश को सोशल मीडिया प्रोफेशनल्स की भारी जरूरत है। 2030 तक भारत को ऐसे 20 लाख क्रिएटर्स और प्रोफेशनल्स चाहिए। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने एक नई योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत देश के 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 प्रमुख कॉलेजों में कॉन्टेंट क्रिएटर लैब्स बनाई जाएंगी। यह काम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी (IICT) की देखरेख में होगा। सरकार IICT को सीधा समर्थन देगी और ये लैब्स जल्द तैयार होंगी। स्कूलों में क्रिएटर लैब्स का विस्तार 15,000 माध्यमिक स्कूलों में ये लैब्स बनेंगी। छात्रों को वीडियो एडिटिंग, पॉडकास्टिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइन, डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट सिखाया जाएगा। लैब्स में आधुनिक कैमरा, कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट की सुविधा होगी। छात्रों को डिजिटल एथिक्स, कॉपीराइट कानून और मोनेटाइजेशन (कमाई के तरीके) की पूरी जानकारी भी दी जाएगी। कॉलेजों में भी ट्रेनिंग स्कूलों के अलावा 500 प्रमुख कॉलेजों में भी ये लैब्स स्थापित होंगी। उच्च शिक्षा ले रहे युवाओं को और अधिक तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाएगा। कॉलेजों में डिग्री के साथ व्यावहारिक स्किल्स मिलेंगी। इससे छात्रों को डिजिटल दुनिया में आसानी से काम मिल सकेगा। क्रिएटर इकोनॉमी में भारत की नई छलांग भारत दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया बाजारों में से एक है। इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और डिजिटल एडवर्टाइजिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकार का यह निवेश बहुत दूरदर्शी कदम है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को घर बैठे आय अर्जित करने का मौका मिलेगा। वे बड़े ब्रांड्स के साथ जुड़ सकेंगे। AI पर समीक्षा के लिए नया पैनल वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों का सर्विस सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा, इसकी समीक्षा के लिए एक नया हाई-पावर पैनल बनाया जाएगा। यह पैनल देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सही दिशा देगा और भविष्य की नीतियां तैयार करेगा। एजुकेशन से रोजगार तक की कड़ी युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार एक हाई-पावर ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइजेज’ स्टैंडिंग कमेटी बनाएगी। यह कमेटी सर्विस सेक्टर को आर्थिक विकास का मुख्य आधार मानते हुए शिक्षा, स्किल और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनाने के सुझाव देगी। लाभ किसे मिलेगा इस योजना से लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। छोटे शहरों और गांवों के छात्र भी क्रिएटर बन सकेंगे। वैश्विक स्तर पर भारत को ‘कंटेंट हब’ के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

Share Market Today : बजट से बाजार निराश, औंधे मुंह गिरा मार्केट, सेंसेक्स में 2 हजार अंकों की भारी गिरावट

Share Market Crash Today India

Share Market Today : नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश किया। बजट में कई सुधारों और ऐलानों के बीच एक फैसले ने शेयर बाजार को हिला दिया। फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में भारी बढ़ोतरी के ऐलान के बाद बाजार में तेज बिकवाली शुरू हो गई। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 2300 अंक से ज्यादा गिर गया। निफ्टी 24,600 के स्तर से नीचे फिसलकर 24,571.75 पर बंद हुआ। STT बढ़ोतरी का सीधा असर वित्त मंत्री ने बजट भाषण में F&O पर STT बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। फ्यूचर्स पर STT मौजूदा 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया – यानी 150% की बढ़ोतरी। ऑप्शंस प्रीमियम पर STT 0.1% से बढ़ाकर 0.15% और एक्सरसाइज पर 0.125% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया। इस बढ़ोतरी से ट्रेडिंग लागत बहुत बढ़ गई। ट्रेडर्स, हेजर्स और आर्बिट्रेजर्स पर बोझ बढ़ा। बाजार में मुनाफावसूली का तूफान बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह भारी मुनाफावसूली का दौर है। पिछले कुछ समय में बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। STT बढ़ोतरी की खबर ने निवेशकों में डर पैदा किया। कोटक सिक्योरिटीज के एमडी श्रीपाल शाह ने कहा कि इससे डेरिवेटिव वॉल्यूम में कमी आ सकती है। राइट रिसर्च PMS की सोनम श्रीवास्तव ने कहा कि यह स्ट्रक्चरल बदलाव है, जो लॉन्ग-टर्म में लिक्विडिटी सुधार सकता है। क्यों आई इतनी तेज गिरावट STT बढ़ोतरी के अलावा फिजिकल डिमांड कमजोर होने और वैश्विक अनिश्चितता ने भी बाजार को प्रभावित किया। अमेरिकी टैरिफ नीतियां और भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक बाजार अनिश्चित हैं। भारतीय बाजार में भी निवेशक सतर्क हो गए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि STT बढ़ोतरी से शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग धीमी हो सकती है। लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह स्थिरता ला सकता है। बाजार में अगले कुछ दिनों में उतार-चढ़ाव रह सकता है।

Union Budget 2026 : बजट 2026 क्या असर डालेगा आपकी जेब पर, यहां देखिये सस्ते और महंगे की लिस्ट

Budget 2026 What Became Cheaper Expensive

Union Budget 2026 : नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। इस बजट में सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों से कुछ चीजें सस्ती हुई हैं तो कुछ महंगी भी। आम आदमी, मिडिल क्लास, निवेशक और उद्योग जगत सब इस बजट का असर देख रहे हैं। आइए विस्तार से देखते हैं कि बजट के बाद क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा हो गया। क्या सस्ता हुआकैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां – 17 एंटी-कैंसर दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है। व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित दवाओं पर शुल्क 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। मोबाइल, टैबलेट और इलेक्ट्रॉनिक्स – देश में बने स्मार्टफोन और टैबलेट सस्ते हो सकते हैं। कैमरा मॉड्यूल, डिस्प्ले पैनल जैसे कंपोनेंट्स पर शुल्क कम किया गया है। माइक्रोवेव ओवन के कुछ पार्ट्स भी सस्ते होंगे। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) – ईवी बैटरी और लिथियम-आयन बैटरी बनाने में लगने वाले कच्चे माल (लिथियम, कोबाल्ट आदि) पर सीमा शुल्क घटाया गया है। इससे ईवी सस्ती हो सकती हैं। जूते और कपड़े – चमड़े के जूते और कपड़ों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कच्चे माल पर शुल्क कम किया गया है। इससे घरेलू बाजार में भी कीमतों में राहत मिल सकती है। खेल का सामान – ‘खेलो इंडिया’ मिशन के तहत खेल उपकरण सस्ते होंगे। विदेश यात्रा पैकेज – विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज पर TCS 5% और 20% से घटाकर 2% कर दिया गया है। शिक्षा और चिकित्सा के लिए LRS में भी TCS 5% से 2% हो गया है। सोलर और सीएनजी – स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर सिस्टम पर टैक्स कम किया गया है। सीएनजी भी सस्ती हो सकती है। क्या महंगा हुआतंबाकू और सिगरेट – सिगरेट और पान मसाला पर नई एक्साइज ड्यूटी और सिन टैक्स लगाया गया है। ये उत्पाद महंगे हो गए हैं। विदेशी शराब – आयातित शराब पर शुल्क बढ़ाया गया है। लग्जरी आइटम – विदेशी परफ्यूम, महंगे जूते, कपड़े और लग्जरी घड़ियां महंगी हो सकती हैं। सोना और चांदी – कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में बदलाव से घरेलू बाजार में दाम बढ़ सकते हैं। शेयर बाजार ट्रेडिंग – फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में भारी बढ़ोतरी की गई है। इससे ट्रेडिंग महंगी हो गई है। बजट का असर कब दिखेगाये बदलाव ज्यादातर तुरंत या अगले कुछ महीनों में लागू होंगे। दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक्स जल्द सस्ते हो सकते हैं। लेकिन सिगरेट, शराब और लग्जरी सामान तुरंत महंगे हो जाएंगे। F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ने से छोटे निवेशकों पर असर पड़ेगा। बजट 2026 में आम आदमी को दवाइयों, मोबाइल, ईवी और विदेश यात्रा में राहत मिली है। लेकिन तंबाकू, शराब, लग्जरी और शेयर ट्रेडिंग महंगी हो गई है। सरकार ने स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया है।

Union Budget 2026 : निर्मला सीतारमण के नौवें बजट में क्या है खास, यहां देखें सभी बड़े ऐलान

Union Budget 2026

Union Budget 2026 : नई दिल्ली। आज 1 फरवरी 2026 है। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 9वां यूनियन बजट पेश किया। बजट का मुख्य फोकस सुधार, निवेश, रोजगार और विकसित भारत का रोडमैप रहा। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 सालों में 350 से ज्यादा सुधार लागू किए गए हैं। रिफॉर्म एक्सप्रेस अब तेजी से चल रही है। विकास, रोजगार और उत्पादन को गति देने के लिए छह क्षेत्रों में बड़े हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखा गया है। 6 प्रमुख क्षेत्रों पर जोर वित्त मंत्री ने छह क्षेत्रों में हस्तक्षेप की बात की। इनमें चैंपियन MSME बनाना, विरासत औद्योगिक क्लस्टरों का पुनर्जीवन, शहरों में आर्थिक क्षेत्रों का विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, दीर्घकालिक सुरक्षा और सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार शामिल है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड बनेगा। PSU रियल एस्टेट की रीसाइक्लिंग के लिए REITs लाए जाएंगे। अगले 5 सालों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू होंगे। ओडिशा के खनिज क्षेत्रों को जलमार्ग से जोड़ा जाएगा। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित होंगी। 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बजट में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया। ये हैं: बायोफार्मा और सेमीकंडक्टर पर बड़ा दांव भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना लाई जाएगी। अगले 5 सालों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान। तीन नए फार्मा संस्थान और CDSCO को मजबूत किया जाएगा। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना का परिव्यय 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया। MSME और सेवा क्षेत्र पर फोकस 10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड बनेगा। GeM को TReDS से जोड़ा जाएगा। TReDS को अनिवार्य सेटलमेंट प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनेगी। 2047 तक सेवा क्षेत्र में 10% वैश्विक हिस्सेदारी का लक्ष्य है। स्वास्थ्य, आयुष और ऑरेंज इकोनॉमी निजी और सरकारी क्षेत्र में नए AHP संस्थान बनेंगे। अगले 5 सालों में 1 लाख AHP को सिस्टम से जोड़ा जाएगा। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित होंगे। आयुष फार्मेसी और प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा। जामनगर स्थित WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र मजबूत होगा। ऑरेंज इकोनॉमी में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। ग्रामीण विकास और खेल महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना लाई जाएगी। एक जिला-एक उत्पाद को बढ़ावा मिलेगा। भारत सस्ते खेल सामान का वैश्विक केंद्र बनेगा। आर्थिक सर्वे और ग्रोथ अनुमान आर्थिक सर्वे 2025-26 में 6.8% से 7.2% ग्रोथ का अनुमान है। घरेलू मांग मजबूत है। वर्किंग-एज आबादी का फायदा मिल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य और रोजगार चुनौती हैं।

Union Budget 2026 : 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में बनेंगे कंटेंट क्रिएटर लैब्स वित्त मंत्री सीतारमण का ऐलान

Union Budget 2026

Union Budget 2026 : नई दिल्ली। आज 1 फरवरी 2026 है। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 9वां यूनियन बजट पेश किया। बजट का मुख्य फोकस सुधार, निवेश, रोजगार और विकसित भारत का रोडमैप रहा। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 सालों में 350 से ज्यादा सुधार लागू किए गए हैं। रिफॉर्म एक्सप्रेस अब तेजी से चल रही है। विकास, रोजगार और उत्पादन को गति देने के लिए छह क्षेत्रों में बड़े हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखा गया है। 6 प्रमुख क्षेत्रों पर जोर वित्त मंत्री ने छह क्षेत्रों में हस्तक्षेप की बात की। इनमें चैंपियन MSME बनाना, विरासत औद्योगिक क्लस्टरों का पुनर्जीवन, शहरों में आर्थिक क्षेत्रों का विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, दीर्घकालिक सुरक्षा और सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार शामिल है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड बनेगा। PSU रियल एस्टेट की रीसाइक्लिंग के लिए REITs लाए जाएंगे। अगले 5 सालों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू होंगे। ओडिशा के खनिज क्षेत्रों को जलमार्ग से जोड़ा जाएगा। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित होंगी। 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बजट में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया। ये हैं: बायोफार्मा और सेमीकंडक्टर पर बड़ा दांव भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना लाई जाएगी। अगले 5 सालों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान। तीन नए फार्मा संस्थान और CDSCO को मजबूत किया जाएगा। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना का परिव्यय 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया। MSME और सेवा क्षेत्र पर फोकस 10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड बनेगा। GeM को TReDS से जोड़ा जाएगा। TReDS को अनिवार्य सेटलमेंट प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनेगी। 2047 तक सेवा क्षेत्र में 10% वैश्विक हिस्सेदारी का लक्ष्य है। स्वास्थ्य, आयुष और ऑरेंज इकोनॉमी निजी और सरकारी क्षेत्र में नए AHP संस्थान बनेंगे। अगले 5 सालों में 1 लाख AHP को सिस्टम से जोड़ा जाएगा। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित होंगे। आयुष फार्मेसी और प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा। जामनगर स्थित WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र मजबूत होगा। ऑरेंज इकोनॉमी में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। ग्रामीण विकास और खेल महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना लाई जाएगी। एक जिला-एक उत्पाद को बढ़ावा मिलेगा। भारत सस्ते खेल सामान का वैश्विक केंद्र बनेगा। आर्थिक सर्वे और ग्रोथ अनुमान आर्थिक सर्वे 2025-26 में 6.8% से 7.2% ग्रोथ का अनुमान है। घरेलू मांग मजबूत है। वर्किंग-एज आबादी का फायदा मिल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य और रोजगार चुनौती हैं।

IAS Niaz Khan : IAS नियाज खान ने उठाई ब्राह्मणों के लिए आरक्षण की मांग, जानिए क्या है वजह

IAS Niaz Khan

IAS Niaz Khan : मध्य प्रदेश। आईएएस अधिकारी नियाज खान ने एक पोस्ट से पूरे देश में बहस छेड़ दी है। उन्होंने ब्राह्मणों को आरक्षण देने की मांग की है। उनका कहना है कि ब्राह्मण सनातन धर्म के हजारों सालों से संरक्षक रहे हैं। इसलिए उनका सर्वांगीण विकास जरूरी है। ब्राह्मणों को आबादी के अनुसार आरक्षण मिलना चाहिए। हर योजना में भी आरक्षण दिया जाए। इससे ब्राह्मण मजबूत होंगे। देश मजबूत होगा। धर्म और आध्यात्म भी मजबूत होगा। नियाज खान ने अपनी एक्स पोस्ट में यह बात कही है। पोस्ट वायरल हो गई है। लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ सहमत हैं। कुछ विरोध कर रहे हैं। यह मांग ब्राह्मण समाज में भी चर्चा का विषय बन गई है। क्या ब्राह्मणों को आरक्षण मिलना चाहिए? नियाज खान की पोस्ट ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया है। नियाज खान का पूरा बयान नियाज खान ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “ब्राह्मण सनातन धर्म के हज़ारों सालों से संरक्षक रहे हैं। इसलिए इनका सर्वांगीण विकास आवश्यक है। इन्हें आबादी अनुसार आरक्षण दिया जाना चाहिए। हर योजनाओं में भी आरक्षण मिले। ब्राह्मण मजबूत होगा तो देश मज़बूत होगा। धर्म और आध्यात्म मज़बूत होगा। आरक्षण देने पर गंभीरता से विचार ज़रूरी है।” क्यों उठाई मांग नियाज खान का कहना है कि ब्राह्मण समाज ने सनातन धर्म को बचाया है। उनका विकास होगा तो देश आगे बढ़ेगा। आरक्षण से ब्राह्मणों को योजनाओं का लाभ मिलेगा। यह विचार गंभीर है। बता दें कि, नियाज खान आईएएस अधिकारी हैं। वे मध्य प्रदेश कैडर से हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। अक्सर सामाजिक मुद्दों पर बोलते हैं। यह मांग सरकार तक पहुंचेगी या नहीं, यह देखना है। ब्राह्मण समाज ने इसे सकारात्मक लिया है। राजनीतिक पार्टियां क्या कहेंगी, इंतजार है।

Nirmala Sitharaman Budget Look : निर्मला सीतारमण ने हैंडलूम साड़ी से दिया स्वदेशी का संकेत

Nirmala Sitharaman Budget Look

हाइलाइट्स Nirmala Sitharaman Budget 2026 Look : नई दिल्ली। हर साल 1 फरवरी को जब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करती हैं, तो सिर्फ आंकड़े और घोषणाएं ही चर्चा में नहीं आतीं। उनकी साड़ी भी उतनी ही सुर्खियां बटोरती है। यह साड़ी केवल कपड़ा नहीं, बल्कि एक प्रतीक बन चुकी है। हर साल हाथ से बुनी साड़ियां चुनकर वे स्वदेशी हस्तशिल्प, क्षेत्रीय गौरव और राष्ट्रीय विरासत का संदेश देती हैं। पिछले 7 सालों में उनकी साड़ियों ने बजट की भावना को शब्दों से ज्यादा साफ दिखाया है। 2026 : वाइन कलर कांजीवरम कट्टम इस साल निर्मला सीतारमण वाइन कलर की कांजीवरम साड़ी में नजर आईं। साड़ी पर सुनहरे ‘कट्टम’ (चौकोर खाने) बने थे, जो दक्षिण भारत की पारंपरिक पाडी कोलम (ग्रिड वाली रंगोली) की याद दिलाते हैं। ये डिजाइन स्थिरता और परंपरा का प्रतीक हैं। बॉर्डर गहरे नीले और ब्राउन का था। आंचल सुनहरे-ब्राउन शेड का था। साड़ी के साथ सरसों के फूलों वाला स्वेटर और ब्राउन शॉल ने लुक को गरिमापूर्ण बनाया। 2025: मधुबनी कला का संदेश 2025 के बजट दिन निर्मला सीतारमण क्रीम शेड की हैंडलूम साड़ी में नजर आईं। साड़ी के बॉर्डर पर सुनहरे रंग की फिनिश और मधुबनी शैली की मछली डिजाइन थी। लाल-गोल्डन ब्लाउज और हल्की क्रीम शॉल ने लुक को गरिमापूर्ण बनाया। यह साड़ी पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित बिहार की मधुबनी कलाकार दुलारी देवी ने उपहार में दी थी। 2024: सादगी और संतुलन 2024 के पूर्ण बजट में सफेद साड़ी चुनी, जिसका बॉर्डर बैंगनी और सुनहरा था। न्यूनतम ज्वेलरी के साथ यह लुक शालीनता और परिपक्वता का प्रतीक बना। अंतरिम बजट में नीली साड़ी पर हल्के आइवरी प्रिंट थे। पूरा लुक सादगी और संतुलन का बेहतरीन उदाहरण था। 2023: ताकत और परंपरा 2023 में लाल संबलपुरी साड़ी पहनी। पारंपरिक टेंपल बॉर्डर ने भारतीय हस्तशिल्प और मजबूत फैसलों का संदेश दिया। लाल रंग ताकत और ऊर्जा का प्रतीक था। 2022: ओडिशा की बोमकाई विरासत 2022 में गहरी भूरी बोमकाई साड़ी चुनी। सिल्वर जरी और आकर्षक बॉर्डर ने ओडिशा की कला को सम्मान दिया। लुक सधा हुआ और असरदार था। 2021: तेलंगाना की पोचमपल्ली 2021 में लाल-ऑफ-व्हाइट-हरे रंग की पोचमपल्ली इकत साड़ी पहनी। जीवंत रंगों ने कोविड के समय में उम्मीद और मजबूती का संदेश दिया। 2020: पीला और नीला – उम्मीद और स्थिरता 2020 में चमकीली पीली सिल्क साड़ी पर नीला बॉर्डर था। पीला रंग नई शुरुआत और नीला स्थिरता का प्रतीक था। कोविड के समय में यह संदेश बहुत मायने रखता था। 2019: गुलाबी मंगलागिरी से शुरुआत पहला बजट गुलाबी मंगलागिरी साड़ी में पेश किया। सुनहरा बॉर्डर भारत की विरासत को दर्शाता था। इस दिन उन्होंने पारंपरिक बही-खाता भी इस्तेमाल किया था। बजट से पहले साड़ी का महत्व निर्मला सीतारमण हर बजट में हाथ से बुनी साड़ियां चुनती हैं। यह उनके सांस्कृतिक जुड़ाव और स्वदेशी को बढ़ावा देने का प्रतीक है। हर साड़ी में एक कहानी छिपी होती है।