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The Bads Of Bollywood Controversy: दिल्ली हाई कोर्ट ने समीर वानखेड़े याचिका की खारिज; बताई ये वजह

The Bads Of Bollywood Controversy

Highlights The Bads Of Bollywood Controversy: दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियन रेवेन्यू सर्विस अधिकारी समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका वेब सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में उनके कथित चित्रण को लेकर दायर की गई थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई करने का उसके पास क्षेत्रीय अधिकार नहीं है। क्या था मामला? समीर वानखेड़े ने शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सीरीज के पहले एपिसोड में एक किरदार दिखाया गया है, जो उनसे मिलता-जुलता है और इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। कोर्ट का फैसला हाई कोर्ट ने याचिका लौटाते हुए कहा कि वानखेड़े इसे सही अधिकार क्षेत्र वाली अदालत में दोबारा दाखिल कर सकते हैं। कोर्ट ने इस स्तर पर मानहानि के दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की। बचाव पक्ष की दलील रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की ओर से कहा गया कि यह सीरीज पूरी तरह काल्पनिक और व्यंग्यात्मक है। इसमें समीर वानखेड़े का नाम या सीधा चित्रण नहीं है। साथ ही, मामला मुंबई से जुड़ा है, इसलिए याचिका वहीं दायर होनी चाहिए थी। READ MORE: पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, पार्थ और जय ने दी मुखाग्नि; आंसुओं के सैलाब के बीच हुआ अंतिम संस्कार… 2 करोड़ मुआवजे की मांग समीर वानखेड़े ने 2 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी। उनका कहना था कि यह राशि वह टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल को दान करना चाहते हैं। किस सीन पर विवाद सीरीज में एक सीन में एक अधिकारी को ड्रग केस में युवक को गिरफ्तार करते दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर इस किरदार की तुलना समीर वानखेड़े से की गई, जिसके बाद विवाद बढ़ा। आर्यन खान केस से जुड़ाव समीर वानखेड़े 2021 में आर्यन खान ड्रग केस के जांच अधिकारी थे। बाद में पर्याप्त सबूत न मिलने पर आर्यन खान को क्लीन चिट दे दी गई थी। READ MORE: UGC 2026 पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, 2012 के नियम ही रहेंगे लागू

Economic Survey 2025-26: GDP ग्रोथ मजबूत, महंगाई नियंत्रित, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि में तेजी, रोजगार में बढोत्तरी

Economic Survey 2025-26

Highlights Economic Survey 2025-26: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वे 2025-26 पेश किया। इसमें अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2027 (FY27) में भारत की GDP वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच रह सकती है। सर्वे के अनुसार देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है और विकास स्थिर है। महंगाई पर नियंत्रण का भरोसा सर्वे में कहा गया है कि सप्लाई में सुधार और GST दरों को सही करने से महंगाई नियंत्रित रहेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे कीमतों पर दबाव कम होगा और लोगों को राहत मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में तेजी सर्वे में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की बढ़त को खास जगह दी गई है। FY22 में यह सातवी बड़ी निर्यात श्रेणी थी, जो FY25 में तीसरी और सबसे तेजी से बढ़ने वाली श्रेणी बन गई। FY26 की पहली छमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 22.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। मोबाइल फोन उत्पादन FY15 में 18,000 करोड़ था, जो FY25 में बढ़कर 5.45 लाख करोड़ हुआ। READ MORE: पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, पार्थ और जय ने दी मुखाग्नि; आंसुओं के सैलाब के बीच हुआ अंतिम संस्कार… कृषि में सुधार और रिकॉर्ड उत्पादन कृषि क्षेत्र में FY26 में 3.1% वृद्धि की उम्मीद है। FY25 में अनाज उत्पादन 3,320 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जिससे महंगाई नियंत्रित करने में मदद मिली। सरकार अब किसानों की आय बढ़ाने और बेहतर भंडारण सुविधाओं पर भी काम कर रही है। राजकोषीय घाटा घटा, विदेशी मुद्रा बढ़ी FY25 में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा 4.8% रहा, जबकि FY26 का लक्ष्य 4.4% है। विदेशी मुद्रा भंडार FY24 में 668 बिलियन डॉलर से बढ़कर FY25 में 701 बिलियन डॉलर हो गया। निर्यात और व्यापार में मजबूती FY25 में भारत का कुल निर्यात 825.3 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। अमेरिका की 50% टैरिफ के बावजूद अप्रैल-दिसंबर 2025 में सामान निर्यात 2.4% बढ़ा और सर्विस एक्सपोर्ट 6.5% बढ़ा। भारत ने EU, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और ओमान के साथ नए व्यापार समझौते किए हैं। नौकरी और रोजगार भारत की वर्कफोर्स 56 करोड़ से ज्यादा है। टैक्स सुधार और श्रम सुधारों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार 6% बढ़ा, यानी FY24 में 10 लाख से ज्यादा नई नौकरियां बनी। सरकार स्किल और रोजगार के बीच अंतर कम करने के लिए स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनिंग पर जोर दे रही है। महंगाई का अनुमान RBI और IMF के अनुसार महंगाई 4% के लक्ष्य के आसपास रहेगी। RBI ने FY26 के लिए महंगाई अनुमान 2% रखा है। FY27 की पहली और दूसरी तिमाही में महंगाई लगभग 4% रहने का अनुमान है। READ MORE: UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा – 2012 के नियम ही रहेंगे लागू…

Supreme Court On UGC: UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा – 2012 के नियम ही रहेंगे लागू…

Supreme Court On UGC

Highlights Supreme Court On UGC: सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियम “प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026” पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि नियमों की भाषा अस्पष्ट है और इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। इस वजह से केंद्र को नियमों को फिर से तैयार करने का आदेश दिया गया है। नए आदेश तक 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। CJI ने सवाल उठाए, कहा- क्या हम पीछे जा रहे हैं? मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि हमें जातिविहीन समाज की दिशा में बढ़ना चाहिए, लेकिन नए नियम उल्टी दिशा में जाने का संकेत दे रहे हैं। CJI ने कहा कि जिनको सुरक्षा चाहिए, उनके लिए व्यवस्था होनी चाहिए। कोर्ट ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी किया और कहा कि नियमों को स्पष्ट करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाए। देशभर में विरोध और याचिकाए UGC ने 23 जनवरी 2026 को नए नियम नोटिफाई किए थे। इसके बाद देशभर में विरोध शुरू हो गया। कई याचिकाकर्ताओं ने इसे भेदभावपूर्ण और संविधान तथा UGC एक्ट, 1956 के खिलाफ बताया। याचिकाएं मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान ने दायर की हैं। उनका कहना है कि ये नियम सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव बढ़ाएंगे। READ MORE: इकोनॉमिक सर्वे से पहले पीएम का संबोधन; कहा – भारत-ईयू समझौता एक अवसर नए नियमों में क्या था? नए नियमों के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीम बनानी थी। SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को यह टीमें देखती। सरकार का कहना था कि यह उच्च शिक्षा में निष्पक्षता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जरूरी है। सवर्ण छात्रों का विरोध जनरल कैटेगरी के छात्रों का कहना है कि नए नियमों से उन्हें “स्वाभाविक अपराधी” जैसा माना जा रहा है। वे कहते हैं कि नियमों में उनके खिलाफ भेदभाव बढ़ने का खतरा है। इसी वजह से कई जगह विरोध-प्रदर्शन भी हुए हैं। अब क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कहा है कि नियमों को फिर से बनाकर स्पष्ट भाषा में तैयार करें और एक विशेष कमेटी बनाकर विशेषज्ञों से सलाह लें। तब तक 2012 के नियम ही लागू रहेंगे। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। READ MORE: पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, पार्थ और जय ने दी मुखाग्नि; आंसुओं के सैलाब के बीच हुआ अंतिम संस्कार…

Ajit Pawar Last Rites: पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, पार्थ और जय ने दी मुखाग्नि; आंसुओं के सैलाब के बीच हुआ अंतिम संस्कार…

Ajit Pawar Last Rites

Highlight Ajit Pawar Last Rites: बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में गुरुवार को महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हजारों लोग “अजित दादा अमर रहें” के नारे लगाते हुए भावुक हो उठे। अजित पवार के बेटे पार्थ और जय ने उन्हें मुखाग्नि दी। नेताओं की मौजूदगी में हुआ संस्कार अंतिम संस्कार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे सहित कई नेता मौजूद रहे। पुलिस बैंड ने सलामी दी और गन सैल्यूट भी दिया। कैसे हुआ हादसा अजित पवार का चार्टर्ड विमान बुधवार सुबह बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था। इस हादसे में पवार समेत पांच लोगों की मौत हुई। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर विश्लेषण किया जाएगा। READ MORE: ‘दादा’ के निधन के बाद पवार परिवार में पसरा मातम, रो-रो कर सुप्रिया सुले का बुरा हाल; बेसुध नजर आई पत्नी सुनेत्रा पवार… शरद पावार – दुर्घटना को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए पवार अपनी पत्नी सुनेत्रा, बेटे पार्थ-जय और बेटी सुप्रिया सहित परिवार छोड़ गए। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खालीपन हो गया है और NCP के भविष्य पर भी सवाल उठ रहे हैं। शरद पवार ने कहा कि यह एक दुर्घटना थी और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। लोगों ने दी भावुक विदाई बारामती और पुणे से लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। स्थानीय लोगों ने कहा कि अजित पवार ने शिक्षा और विकास में बड़ा योगदान दिया। अंतिम यात्रा में अभिनेता रितेश देशमुख भी मौजूद रहे। इस बीच महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। READ MORE: अजित पवार प्लेन क्रैश का  MP कनेक्शन आया सामने; हादसे में ग्वालियर की बेटी शांभवी पाठक की दर्दनाक मौत

Gold-Silver Price Today: इतिहास में पहली बार चांदी 4 लाख के पार, सोना भी ऑल टाइम हाई पर; जाने क्या है आज के ताजा रेट…

Gold-Silver Price Today

Highlights Gold-Silver Price Today: भारत में चांदी की कीमतें इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई। MCX पर चांदी का भाव 4,07,456 रुपये प्रति किलो तक गया। दिल्ली सर्राफा बाजार में भी चांदी ने ऑल-टाइम हाई दर्ज किया। सिर्फ 24 घंटे में चांदी 15,000 रुपये और बढ़ गई। मंगलवार को ही चांदी में 40,500 रुपये की बड़ी छलांग लगी थी। सोना भी बेकाबू सोने की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं। MCX पर सोना 1,75,869 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। बुधवार को 99.9% शुद्धता वाला सोना 5,000 रुपये बढ़कर 1,71,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रफ्तार तेज अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,591.61 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। स्पॉट गोल्ड 5,511.79 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी भी 119.34 डॉलर प्रति औंस के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची। READ MORE: Budget Session 2026: इकोनॉमिक सर्वे से पहले पीएम का संबोधन; कहा – भारत-ईयू समझौता एक अवसर तेजी के पीछे क्या वजह? विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के संकेत, अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर में कमजोरी और क्रिप्टो कंपनियों का सोने में निवेश जैसे कारणों से कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है। चांदी में आपूर्ति की कमी और बढ़ती खरीदारी ने भी कीमतों को तेजी दी है। इस साल चांदी की कीमतों में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। क्या बढ़ती रहेंगी कीमतें? बाजार में चर्चा है कि अगर यही रुझान बना रहा तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतें और बढ़ सकती हैं। आम खरीदार के लिए ये दोनों धातु खरीदना अब किसी बड़े सपने की तरह हो गया हैं। READ MORE: अजित पवार का अंतिम संस्कार कुछ देर में, विद्या प्रतिष्ठान की ओर बढ़ी एंबुलेंस; बारामती में जनसैलाब

Delhi Congress Meeting: दिल्ली में कांग्रेस की बैठक के बाद सियासी बवाल; अनुशासनहीनता का मुद्दा उठा

Delhi Congress Meeting

Highlights Delhi Congress Meeting:दिल्ली में मध्यप्रदेश कांग्रेस की बैठक के बाद सियासी विवाद तेज हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बैठक में नेताओं ने मध्यप्रदेश में पार्टी में अनुशासनहीनता और अव्यवस्था का मुद्दा उठाया। यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने बुलाई थी। कौन-कौन बैठक में शामिल था? बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, PCC चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और CWC मेंबर कमलेश्वर पटेल मौजूद थे। बैठक में संगठन और विधायक दल की मजबूती पर चर्चा की गई। भाजपा ने कांग्रेस को घेरा भाजपा प्रदेश प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश प्रभारी और नेता प्रतिपक्ष को ही दिल्ली जाकर अपनी पार्टी की समस्याएं बतानी पड़े, तो नेतृत्व फेल है और संगठन खोखला हो चुका है। कांग्रेस मजबूती से काम कर रही – हरीश चौधरी बैठक के बाद हरीश चौधरी ने कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन और विधायक दल के तौर पर मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान, युवा, महिला, छात्र सहित हर वर्ग के मुद्दों पर काम किया जाएगा। भविष्य में अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई होगी। READ MORE: अजित पवार का अंतिम संस्कार कुछ देर में, विद्या प्रतिष्ठान की ओर बढ़ी एंबुलेंस; बारामती में जनसैलाब राहुल गांधी ने दिए निर्देश राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि SC/ST, OBC, महिला, अल्पसंख्यक जैसे हर वर्ग के लिए अलग रणनीति बनाकर उनकी समस्याओं को समझा जाए। संगठन में जिम्मेदारियों को टास्क देकर मॉनिटरिंग का सिस्टम बनाया जाए। बैठक में कुछ नेताओं की गैरमौजूदगी पर सवाल पत्रकारों ने सवाल किया कि बैठक में कमलनाथ और अरुण यादव जैसे बड़े नेता क्यों नहीं थे। इस पर हरीश चौधरी ने कहा कि बैठक की संरचना और बुलाने का अधिकार पार्टी का है, इसे मीडिया से नहीं पूछा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में अनुशासन में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। संगठन सृजन अभियान पर भी चर्चा बैठक में संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों और कार्यकारिणी बनाने पर भी चर्चा हुई। राहुल गांधी ने कहा कि नियुक्ति के बाद काम की मॉनिटरिंग कैसे होगी, इस पर भी सिस्टम तैयार किया जाए। READ MORE: इकोनॉमिक सर्वे से पहले पीएम का संबोधन; कहा – भारत-ईयू समझौता एक अवसर

Budget Session 2026: इकोनॉमिक सर्वे से पहले पीएम का संबोधन; कहा- भारत-ईयू समझौता एक अवसर

Budget Session 2026

Highlights Budget Session 2026: बजट सत्र 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में 140 करोड़ देशवासियों की उम्मीदों को सही तरीके से बताया गया है। उन्होंने कहा कि देश आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है और दुनिया में भारत की पहचान मजबूत हो रही है। भारत-ईयू समझौता: मैन्यूफैक्चरर्स के लिए अवसर पीएम मोदी ने बताया कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच समझौता हुआ है। यह भारतीय मैन्यूफैक्चरर्स के लिए बड़े बाजार की सुविधा है। उन्होंने कहा, “अब यूरोपियन यूनियन के 27 देशों में हमारा सामान सस्ते में पहुंच सकेगा। इसलिए गुणवत्ता पर ध्यान दें और अच्छी क्वालिटी का सामान बाजार में भेजें।” कंपनियों को ब्रांड का नया गौरव मोदी ने कहा कि अगर भारत का सामान उच्च गुणवत्ता वाला होगा तो यूरोपीय खरीदारों का दिल जीत जाएगा। इसका असर कई दशकों तक रहेगा और कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड के साथ नया गौरव बनेगा। READ MORE: अजित पवार प्लेन क्रैश का  MP कनेक्शन आया सामने; हादसे में ग्वालियर की बेटी शांभवी पाठक की दर्दनाक मौत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 9वां बजट पीएम मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं जो लगातार 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं। उन्होंने बजट सत्र की शुरुआत को पॉजिटिव बताया। सरकार की पहचान: रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के फैसले मानव केंद्रित हैं और देश की प्रगति को लक्ष्य बनाकर लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब व्यवधान नहीं, समाधान की दिशा में बढ़ रहा है। संसद में फिर हो सकता है हंगामा बजट सत्र में विपक्ष के द्वारा SIR, VB-G RAM G कानून, US टैरिफ, विदेशी नीति, वायु प्रदूषण और सोशल मीडिया पर बैन जैसे मुद्दों पर बहस की मांग की जा सकती है। इसलिए आज भी सत्र में हंगामा होने की संभावना बनी हुई है। READ MORE: अजित पवार का अंतिम संस्कार कुछ देर में, विद्या प्रतिष्ठान की ओर बढ़ी एंबुलेंस; बारामती में जनसैलाब

Ajit Pawar Last Rites: अजित पवार का अंतिम संस्कार कुछ देर में, विद्या प्रतिष्ठान की ओर बढ़ी एंबुलेंस; बारामती में जनसैलाब

Ajit Pawar Last Rites

Highlights Ajit Pawar Last Rites: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार का बुधवार सुबह विमान हादसे में निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान ले जाया जा रहा है। पूरे मार्ग पर भारी भीड़ जुटी है और लोग “अजित दादा अमर रहे” के नारे लगा रहे हैं। राजकीय सम्मान के साथ विदाई अजित पवार के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया है। सुबह 11 बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। अंतिम संस्कार में राज्य सरकार का पूरा मंत्रिमंडल शामिल रहेगा। नेताओं की मौजूदगी में आंतिम संस्कार अंतिम संस्कार स्थल पर चाचा शरद पवार पहुंच चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत केंद्र और अन्य राज्यों के कई बड़े नेता भी अंतिम दर्शन के लिए बारामती आ रहे हैं। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या मौजूद है। READ MORE: ‘दादा’ के निधन के बाद पवार परिवार में पसरा मातम, रो-रो कर सुप्रिया सुले का बुरा हाल; बेसुध नजर आई पत्नी सुनेत्रा पवार… कैसे हुआ हादसा बुधवार सुबह 8.45 बजे अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। इस हादसे में पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हुई, जिनमें सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य शामिल हैं। अजित पवार 66 वर्ष के थे। जांच जारी विमान हादसे की जगह पर जांच टीमें पहुंच चुकी हैं। डीजीसीए की टीम मलबे की जांच कर रही है और ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है। लोगों की भावुक विदाई बारामती और पुणे से हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अजित पवार ने शिक्षा और विकास के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया। नम आंखों से लोग अपने नेता को अंतिम विदाई दे रहे हैं। READ MORE: अजित पवार प्लेन क्रैश का  MP कनेक्शन आया सामने; हादसे में ग्वालियर की बेटी शांभवी पाठक की दर्दनाक मौत