Alankar Agnihotri: बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को शंकराचार्य ने धर्म क्षेत्र में बड़े पद का प्रस्ताव दिया

Highlights Alankar Agnihotri: गणतंत्र दिवस पर इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को यूपी सरकार ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। उन्हें शामली अटैच किया गया और मामले की जांच बरेली कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी को सौंप दी गई। सरकारी आवास पर सस्पेंशन का नोटिस चस्पा किया गया। धरने पर बैठे अग्निहोत्री मंगलवार को अग्निहोत्री डीएम से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन अंदर नहीं जाने दिया गया। वे करीब दो घंटे धरने पर बैठे रहे। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे इस्तीफा वापस नहीं लेंगे और कहा कि सरकार से मोहभंग हो गया है। शंकराचार्य ने दिया बड़ा ऑफर इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अग्निहोत्री को फोन कर कहा कि उनका निर्णय सनातन धर्म के प्रति निष्ठा दिखाता है और समाज गर्वित है। उन्होंने धर्म के क्षेत्र में बड़ा पद देने का प्रस्ताव भी रखा। READ MORE: महाकाल गर्भगृह में प्रवेश पर SC का फैसला; VIP दर्शन के खिलाफ याचिका खारिज; कलेक्टर तय करेंगे किसे मिलेगा प्रवेश उमा भारती की प्रतिक्रिया पूर्व मंत्री उमा भारती ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शंकराचार्य से प्रमाण मांगना गलत है। यह अधिकार केवल शंकराचार्य और विद्वत परिषद का है। उन्होंने प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी, लेकिन मर्यादा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। अलंकार अग्निहोत्री ने क्यो दिया था इस्तीफा अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए नियम और शंकराचार्य के शिष्यों की पिटाई के विरोध में इस्तीफा दिया था। उनका कहना है कि वे सरकार से मोहभंग महसूस कर रहे हैं। READ MORE: बजट सत्र के दिन पहली बार खुलेगा शेयर बाजार; 1 फरवरी रविवार को पेश होगा बजट
Budget 2026: बजट सत्र के दिन पहली बार खुलेगा शेयर बाजार; 1 फरवरी रविवार को पेश होगा बजट

Budget 2026: संसद का बजट सत्र इस साल 28 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन से इस सत्र की शुरुआत होगी। मना जा रहा है की इस बार का बजट सत्र खास रहने वाला है, इसकी वजह ये है कि भारत के संसदीय इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में बजट 2026 पेश करेंगी। पहली बार रविवार को पेश होगा केंद्रीय बजट आमतौर पर एक फरवरी को ही बजट पेश किया जाता है, लेकिन हमेशा से ही यह कार्यदिवस रहा है। 2026 में 1 फरवरी को रविवार होने के बाद भी बजट पेश किया जाएगा। भारतीय संसद के इतिहास में यह पहली बार होने जा रह है, की केंद्रीय बजट रविवार के दिन सदन में रखा जाएगा। 29 जनवरी को पेश होगा इकोनॉमिक सर्वे 2026 दरसल बजट से ठीक एक दिन पहले इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाता है, मगर इस बार इसमें कुछ बदलाव किये गए गया है। इकोनॉमिक सर्वे 2026 को 29 जनवरी 2026, गुरुवार को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाएगा। इसे भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत करेंगे। यह दस्तावेज वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा तैयार किया गया है। READ MORE: INDIA – EU FTA: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर मुहर; लग्जरी कार- प्रीमियम शराब होगी सस्ती; PM मोदी बोले – गेम चेंजर डील क्या है इकोनॉमिक सर्वे? देश की अर्थव्यवस्था की सालाना रिपोर्ट को इकोनॉमिक सर्वे कहा जाता है। इसमें बीते वित्तीय वर्ष के आर्थिक प्रदर्शन की समीक्षा की जाती है। इस रिपोर्ट में विकास दर, महंगाई, रोजगार, उद्योग, व्यापार, निवेश और सरकारी वित्त से जुड़ी सभी जानकारी दी जाती है। और इसके साथ ही आने वाले वित्तीय वर्ष की आर्थिक चुनौतियों और संभावनाओं का भी आकलन किया जाता है। आर्थिक सर्वे तय करता है बजट की दिशा इकोनॉमिक सर्वे को बजट का माध्यम माना जाता है। सरकार बजट बनाते समय इस रिपोर्ट में बताये गए आंकड़ों और सुझावों को ध्यान में रखती है। इससे यह समझने में आसानी होती है की सरकार किन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दे सकती है, और यह निर्धारित कर पति है की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए कौन से कदम जरूरी हैं। 2 अप्रैल तक चलेगा बजट सत्र केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के मुताबिक, संसद का बजट सत्र 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस बीच बजट पर चर्चा, मंत्रालयों की मांगों पर बहस और कई अहम विधेयकों पर विचार किया जाएगा। विपक्ष सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाएगा, जो की सरकार अपनी योजनाओं का पक्ष रखेगी। इकोनॉमिक सर्वे की लाइव कवरेज कहां देखें Sansad TV और दूरदर्शन पर इकोनॉमिक सर्वे 2026 की लाइव कवरेज देखी जा सकेगी। इसके अलावा सरकार की आधिकारिक यूनियन बजट वेबसाइट, वित्त मंत्रालय और प्रेस सूचना ब्यूरो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लाइव प्रसारण मौजूद रहेगा। READ MORE: गर्भगृह में प्रवेश पर SC का फैसला; VIP दर्शन के खिलाफ याचिका खारिज; कलेक्टर तय करेंगे किसे मिलेगा प्रवेश
Ujjain VIP Darshan: गर्भगृह में प्रवेश पर SC का फैसला; VIP दर्शन वाली याचिका खारिज; कलेक्टर तय करेंगे किसे मिलेगा प्रवेश

Highlights Ujjain VIP Darshan: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में सभी श्रद्धालुओं को प्रवेश देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया और याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि गर्भगृह में किसे प्रवेश मिलेगा, इसका फैसला उज्जैन कलेक्टर ही करेंगे। क्या थी याचिका इंदौर के अधिवक्ता चर्चित शास्त्री और दर्पण अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जा रहा, जबकि नेता और वीआईपी आसानी से अंदर जाकर पूजा कर रहे हैं। इसे समानता के अधिकार का उल्लंघन बताया गया था। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मंदिर में किसे प्रवेश देना है, यह तय करना कोर्ट का काम नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं में न्यायालय दखल नहीं देगा और यह निर्णय प्रशासन पर ही छोड़ा जाना चाहिए। READ MORE: UGC के नए 2026 नियमों पर बवाल: सवर्ण छात्रों और शिक्षकों का विरोध, सुप्रीम कोर्ट में मामला, कुमार विश्वास बोले- मैं अभागा… कलेक्टर को अधिकार इससे पहले हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि गर्भगृह में प्रवेश का अधिकार उज्जैन कलेक्टर के पास रहेगा। यदि किसी दिन किसी व्यक्ति को अनुमति दी जाती है, तो उसी आधार पर उसे वीआईपी माना जाएगा। ढाई साल से बंद गर्भगृह महाकाल मंदिर का गर्भगृह 4 जुलाई 2023 से आम श्रद्धालुओं के लिए बंद है। सावन माह और बढ़ती भीड़ के कारण यह फैसला लिया गया था। महाकाल लोक बनने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई है। जनप्रतिनिधियों की मांग उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया और महापौर ने भी आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में दर्शन देने की मांग उठाई है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गर्भगृह में प्रवेश को लेकर स्थिति यथावत बनी रहेगी। READ MORE: UGC के नए इक्विटी नियमों पर बवाल: DAVV इंदौर में करणी सेना का प्रदर्शन, भारत बंद का ऐलान
Karni Sena Protest: UGC के नए इक्विटी नियमों पर बवाल; DAVV इंदौर में करणी सेना का प्रदर्शन, भारत बंद का ऐलान

Highlights Karni Sena Protest: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) परिसर में मंगलवार को करणी सेना और छात्रों ने प्रदर्शन किया। आरएनटी मार्ग स्थित नालंदा परिसर में करीब 300 छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान UGC का पुतला भी फूंका गया और सरकार से नियम वापस लेने की मांग की गई। सरकार को “सद्बुद्धि” देने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। क्या है नए नियम? UGC ने 13 जनवरी को ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस–2026’ जारी किया है, जिसे 15 जनवरी से लागू किया गया। इसके तहत हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में Equal Opportunity Center (EOC), इक्विटी कमेटी और इक्विटी स्क्वाड बनाना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य कैंपस में जाति, धर्म, लिंग, विकलांगता आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना है। READ MORE: 20 साल बाद ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर मुहर; लग्जरी कार- प्रीमियम शराब होगी सस्ती; PM मोदी बोले – गेम चेंजर डील विरोध की वजह करणी सेना का कहना है कि नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा में सवर्ण या जनरल कैटेगरी के छात्रों को शामिल नहीं किया गया है। इससे वे “स्वाभाविक अपराधी” की तरह देखे जाएंगे। संगठन ने इसे असमान और “काला कानून” बताया। प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रतापसिंह ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन तेज होगा। 1 फरवरी को भारत बंद और 2 फरवरी को सांसदों के निवास का घेराव किया जाएगा। सांसदों से लिखित आश्वासन भी मांगा जाएगा। आगे की राह UGC का दावा है कि इन नियमों से शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव खत्म होगा, जबकि विरोधी पक्ष बदलाव की मांग पर अड़ा है। READ MORE: UGC के नए 2026 नियमों पर बवाल: सवर्ण छात्रों और शिक्षकों का विरोध, सुप्रीम कोर्ट में मामला, कुमार विश्वास बोले- मैं अभागा…
INDIA – EU FTA: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर लगी मुहर; 110% टैक्स घटकर 10%; PM मोदी बोले – गेम चेंजर…

Highlights INDIA – EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का ऐलान हो गया है, जिसे दुनिया में ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता 140 करोड़ भारतीयों और यूरोप के करोड़ों लोगों के लिए बड़े अवसर लेकर आया है। इसके जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार आसान होगा और कई उत्पादों पर टैक्स कम या पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। टैक्स में बड़ी राहत इस डील के बाद यूरोप से आने वाली कारों पर टैक्स 110 प्रतिशत से घटकर धीरे-धीरे 10 प्रतिशत तक लाया जाएगा। यूरोप की शराब और वाइन पर भारी टैक्स 150 प्रतिशत से घटकर 20–30 प्रतिशत तक होगा। पास्ता, चॉकलेट, जैतून का तेल और अन्य खाद्य उत्पाद अब बिना टैक्स भारत में उपलब्ध होंगे। मेडिकल और मशीनरी से जुड़े लगभग सभी उपकरण भी बिना टैरिफ आएंगे। पीएम मोदी का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह डील भारत-EU के रिश्तों का नया अध्याय है। 27 जनवरी को भारत और यूरोप के 27 देशों के साथ FTA साइन किया गया। उन्होंने बताया कि इससे निवेश बढ़ेगा, नई इनोवेशन साझेदारियां बनेंगी और वैश्विक सप्लाई चेन मजबूत होगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का रोडमैप है। यह समझौता भारत और यूरोप के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करेगा और वैश्विक व्यवस्था में सुधार की दिशा भी देगा। READ MORE: भारत दौरे के बाद बदला UAE का रुख, इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन से पीछे हटा संयुक्त अरब अमीरात उर्सुला बोली – समझौता इतिहास रचेगा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते को इतिहास रचने वाला बताया। उन्होंने पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा, “पीएम मोदी, हमने अब तक का सबसे बड़ा समझौता कर दिखाया। हमने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ डिलीवर की है।” उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों महाशक्तियों की जीत है और लाखों लोगों के लिए रोजगार और नए अवसर पैदा करेगा। दोनों देशों को होगा फायदा इस समझौते से यूरोप को फायदा होगा क्योंकि प्रीमियम कारों की बिक्री आसान होगी और शराब सस्ती मिलेगी। IT, इंजीनियरिंग और बिजनेस सर्विस कंपनियों को भारत में काम करने के ज्यादा अवसर मिलेंगे। भारत को भी लाभ होगा क्योंकि कपड़े, जूते और लेदर प्रोडक्ट्स पर टैक्स कम या खत्म हो जाएगा। फार्मा और केमिकल सेक्टर का व्यापार हर साल 20–30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। यूरोप की डिफेंस कंपनियां भारत में फैक्ट्रियां लगा सकती हैं और स्टील, एल्युमिनियम और हाइड्रोजन सेक्टर को भी फायदा मिलेगा। READ MORE: अमेरिका जल्द ही हटा सकता है भारत का 25% टैरिफ, वित्तमंत्री ने कहा – भारत ने रूस से तेल खरीदना कम किया रक्षा और रणनीतिक सहयोग भारत और EU ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने सप्लाई चेन और भरोसेमंद रक्षा इकोसिस्टम के विकास के अवसरों पर विचार किया। यह डील भारत और यूरोप के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊचाई देगी। आम लोगों को यूरोप से सस्ते उत्पाद मिलेंगे और भारतीय उद्योगों को बड़े बाजार का फायदा मिलेगा। पीएम मोदी और EU लीडर्स के मुताबिक यह समझौता वैश्विक व्यापार और रणनीतिक सहयोग में नए अध्याय की शुरुआत है। READ MORE: UGC के नए 2026 नियमों पर बवाल: सवर्ण छात्रों और शिक्षकों का विरोध, सुप्रीम कोर्ट में मामला, कुमार विश्वास बोले- मैं अभागा…
UGC Controversy: UGC के नए नियमों पर बवाल; सवर्ण छात्रों और शिक्षकों का विरोध, कुमार विश्वास बोले- मैं अभागा…

Highlights UGC Controversy: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के 2026 के नए नियमों ने भयंकर विवाद पैदा कर दिया है। ये नियम कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए हैं और हर संस्थान में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य किया गया है। लेकिन सवर्ण छात्रों, शिक्षकों और संगठनों ने इन नियमों का विरोध शुरू कर दिया है। छात्र और सामाजिक नेता दावा कर रहे हैं कि ये नियम सिर्फ SC, ST और OBC छात्रों को सुरक्षा देते हैं और जनरल कैटेगरी के छात्रों के खिलाफ झूठी शिकायतों का रास्ता खोल सकते हैं। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और विश्वविद्यालयों में विरोध लगातार बढ़ रहा है। आखिर क्या है UGC विवाद? नए नियमों के खिलाफ सबसे ज्यादा विरोध सवर्ण यानी जनरल कैटेगरी के छात्रों और संगठनों में है। उनका कहना है कि नियम सिर्फ SC, ST और OBC छात्रों की सुरक्षा करते हैं, जबकि जनरल छात्रों के खिलाफ झूठी शिकायतें हो सकती हैं। इसके चलते कई कॉलेज और यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन और हंगामा शुरू हो गया है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश नए नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाए गए हैं। 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों के बाद कोर्ट ने UGC को पुराने नियम सुधारने और भेदभाव रोकने के लिए कदम उठाने को कहा था। UGC ने कोर्ट में रिपोर्ट दी, जिसमें दिखाया गया कि 2017-18 में 173 और 2023-24 में 378 जातिगत भेदभाव की शिकायतें आई, यानी इस तरह के मामलों में 5 साल में 118% वृद्धि हुई है। READ MORE: उत्तर भारत में मौसम का कहर: दिल्ली-एनसीआर में बारिश, हिमाचल-जेपीके में भारी बर्फबारी, यलो अलर्ट जारी कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया कवि कुमार विश्वास ने UGC के नए नियमों पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में विरोध जताया। उन्होंने लिखा, “मैं अभागा सवर्ण हूं” और साथ में #UGCRollBack का इस्तेमाल किया। अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि नियम सवर्ण छात्रों के लिए चिंताजनक हैं और उन्हें गलत तरीके से फंसाने का डर है। छात्रों ने आंदोलन की चेतावनी छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर UGC नियम वापस नहीं लेता, तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। READ MORE: बैंक कर्मचारी हड़ताल: 5-दिन का बैंकिंग हफ्ता लागू करने की मांग, 7 हजार से ज्यादा शाखाएं आज बंद
Weather Today: उत्तर भारत में मौसम का कहर; दिल्ली-में बारिश, हिमाचल में भारी बर्फबारी, यलो अलर्ट जारी

Highlights Weather Today: उत्तर-पश्चिम भारत में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बारिश, आंधी और बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। कई राज्यों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश का अलर्ट दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार सुबह कोहरा और धुंध के साथ हुई। इसके बाद तेज ठंडी हवाएं चलने लगी। IMD ने 27 जनवरी के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। हल्की से मध्यम बारिश दिनभर जारी रह सकती है। तापमान में गिरावट आई है और विजिबिलिटी कम होने से यातायात प्रभावित हुआ। बारिश के बावजूद दिल्ली का AQI फिर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। मंगलवार सुबह औसत AQI 281 दर्ज किया गया। आनंद विहार, अलीपुर और अशोक विहार जैसे इलाकों में AQI 340 से ऊपर रहा। READ MORE: भारत दौरे के बाद बदला UAE का रुख, इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन से पीछे हटा संयुक्त अरब अमीरात मध्य प्रदेश के 28 जिलों में अलर्ट मध्य प्रदेश में भोपाल, ग्वालियर समेत 28 जिलों में आज और कल बारिश की चेतावनी है। बारिश के चलते तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है और कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे जा सकता है। यूपी और राजस्थान का हाल उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने की चेतावनी है, जबकि 50 जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के जयपुर में सुबह धूल भरी आंधी के साथ बारिश हुई। पहाड़ों में बर्फबारी से बढ़ी मुश्किलें हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी जारी है। कई नेशनल हाईवे बंद हैं और पर्यटक फंसे हुए हैं। श्रीनगर में आज सभी फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। गुलमर्ग में तापमान माइनस 9 डिग्री तक पहुंच गया है। आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 30 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में नया सिस्टम एक्टिव होगा। फरवरी की शुरुआत में भी बारिश और ठंड का असर बना रह सकता है। READ MORE: 20 साल बाद ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर मुहर; जानिए क्या बदलेगा?
Bank Employee Strike: 5-दिन वर्किंग डे लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्माचारियों की हड़ताल

Highlights Bank Employee Strike: पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर देशभर के 8 लाख से ज्यादा बैंक कर्मचारी आज हड़ताल पर है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर हुई इस हड़ताल का असर मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में रहेगा। हजारों बैंक शाखाएं बंद मध्य प्रदेश में करीब 40 हजार बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। प्रदेशभर में 7 हजार से अधिक शाखाएं बंद रही। इससे नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और पासबुक सेवाएं प्रभावित रहेगी। हालांकि, एटीएम, यूपीआई और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं सामान्य होगी। READ MORE: भारत दौरे के बाद बदला UAE का रुख, इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन से पीछे हटा संयुक्त अरब अमीरात सरकारी बैंकों ने भी लिया हिस्सा हड़ताल में SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसी सरकारी क्षेत्र की 12 बड़ी बैंकें शामिल है। कर्मचारियों की मांग बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू होने से कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन में सुधार होगा और सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी। आम ग्राहकों को आज बैंकिंग सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ा। READ MORE: INDIA-EU FTA: 20 साल बाद ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर मुहर; जानिए क्या बदलेगा?
INDIA-EU FTA: 20 साल बाद ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर मुहर; जानिए क्या बदलेगा?

Highlights INDIA-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से चल रही मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। करीब 20 साल बाद इस डील को लेकर औपचारिक ऐलान होने की उम्मीद है। गणतंत्र दिवस के मौके पर EU प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन की भारत यात्रा ने इसे और अहम बना दिया है। मोदी–वॉन डेर लेयेन शिखर बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और EU नेतृत्व के बीच आज अहम बैठक होगी। इसमें व्यापार के साथ-साथ रणनीतिक साझेदारी, निवेश और पेशेवरों की आवाजाही पर सहमति बनने की संभावना है। वाणिज्य सचिव (Commerce Secretary) ने पुष्टि की है कि बातचीत पूरी हो चुकी है और लीगल स्क्रबिंग चल रही है। क्यों खास है ये डील? EU भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा। यह समझौता ऐसे समय आ रहा है, जब अमेरिका के टैरिफ से भारतीय निर्यात दबाव में है। EU तक आसान पहुंच भारत के लिए बड़ा विकल्प बनेगी। READ MORE: गोल्डन डोम प्रोजेक्ट पर नाराज ट्रम्प की चेतावनी; कहा – चीन 1 साल में कनाडा को निगल जाएगा भारतीय निर्यातकों को फायदा FTA से कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, फार्मा और केमिकल सेक्टर को सबसे ज्यादा लाभ होगा। EU में इन पर लगने वाला 10–12% शुल्क घट सकता है या खत्म हो सकता है। इससे भारतीय उत्पाद बांग्लादेश और पाकिस्तान के बराबर प्रतिस्पर्धी बनेंगे। सेवाएं और प्रोफेशनल्स आईटी, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए आसान वीजा और काम के मौके बढ़ सकते हैं। इससे अमेरिका पर निर्भरता कम होगी। READ MORE: अमेरिका जल्द ही हटा सकता है भारत का 25% टैरिफ, वित्तमंत्री ने कहा – भारत ने रूस से तेल खरीदना कम किया यूरोप को क्या मिलेगा? EU को भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार तक पहुंच मिलेगी। ऑटोमोबाइल, मशीनरी, वाइन-स्पिरिट्स और निवेश के लिए बेहतर माहौल बनेगा। साथ ही चीन पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। कृषि-डेयरी सुरक्षित भारत ने अपनी रेड लाइन कायम रखी है। कृषि और डेयरी सेक्टर को इस समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें। कब लागू होगा समझौता इस साल साइन होने और 2026 की शुरुआत में लागू होने की उम्मीद है। इसे भारत की NDA सरकार का आठवां बड़ा व्यापार समझौता माना जा रहा है। READ MORE: भारत दौरे के बाद बदला UAE का रुख, इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन से पीछे हटा संयुक्त अरब अमीरात