Greenland Controversy: ट्रम्प का ग्रीनलैंड दावा; मैक्रों, पुतिन और यूरोपीय नेताओं ने जताया विरोध, वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल

Highlights Greenland Controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र बताने का विवादित बयान दिया, जिससे वैश्विक राजनीति और बाजारों में हलचल मच गई। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, रूस के पुतिन और अन्य यूरोपीय नेताओं ने इस कदम की कड़ी आलोचना की। ट्रम्प के फैसले के बाद स्टॉक मार्केट्स में गिरावट आई। क्यों खास है ग्रीनलैंड? ग्रीनलैंड अब अमेरिका और रूस के लिए रणनीतिक रूप से अहम बन गया है। आर्कटिक में बर्फ पिघलने से नए समुद्री मार्ग खुल रहे हैं और जमीन के नीचे छिपे खनिज सामने आ रहे हैं। यहां लगभग 15 लाख टन खनिज भंडार हैं, जो इसे विश्व में आठवें स्थान पर रखते हैं। पहले ट्रम्प ने इसे खरीदने की इच्छा जताई थी, लेकिन अब वह इसपर कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं, जिसे वैश्विक स्तर पर गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। READ MORE: सोना ₹1.5 लाख पार, चांदी ₹3.20 लाख पर पहुंची; जानिए आज के ताजा रेट दुनियाभर के बाजारों पर असर ट्रम्प के बयान के बाद यूरोपीय और एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई। भारत के बाजार में भी गिरावट का दौर जारी है, आज सेंसेक्स 270 अंक गिरकर 81,909 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 75 अंक गिरकर 25,157 पर बंद हुआ। वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने इसे “दुनिया में गुंडागर्दी का युग” बताया, जबकि यूरोपीय कमीशन ने इसे “अमेरिकी धोखा” कहा। रूस के पुतिन ने कहा कि यूरोप अमेरिका के दबाव में आएगा, लेकिन हालात जल्द सामान्य हो सकते हैं। ट्रम्प का संदेश ट्रम्प ने NATO चीफ से बातचीत कर ग्रीनलैंड पर बैठक करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति केवल ताकत के जरिए कायम की जा सकती है और अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है। READ MORE: ‘ये अंकल कौन हैं?’ शाहरुख खान को लेकर तुर्की एक्ट्रेस के कमेंट से मचा बवाल
Protest Against Malti Rai: गौ हत्यारी महापौर इस्तीफा दो… हिंदू संगठनों ने मेयर की बनाई दाढ़ी, मुंह पर पोती कालिख

Highlights Protest Against Malti Rai: भोपाल में गोमांस तस्करी के मामले ने सियासी और सामाजिक माहौल गरमा दिया है। इसी मुद्दे को लेकर बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने बुधवार को महापौर मालती राय के बंगले का घेराव किया, इस्तीफे की मांग की और नगर निगम पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। ‘इस्तीफा दो’ के लगे नारे प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “मालती राय इस्तीफा दो” और “गौ हत्यारी” जैसे नारे लगाए। बंगले के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नगर निगम की जानकारी के बिना इतना बड़ा गोमांस तस्करी नेटवर्क नहीं चल सकता। पोस्टर और नेम प्लेट पर स्याही गुस्साए कार्यकर्ताओं ने महापौर मालती राय की नेम प्लेट और बंगले के बाहर लगे होर्डिंग्स पर स्याही पोत दी। कुछ पोस्टरों पर स्याही से दाढ़ी भी बनाई गई। कार्यकर्ताओं ने इसे प्रतीकात्मक विरोध बताया। READ MORE: सोना ₹1.5 लाख पार, चांदी ₹3.20 लाख पर पहुंची; जानिए आज के ताजा रेट 26 टन गोमांस का मामला संगठनों ने हाल ही में पकड़े गए 26 टन संदिग्ध गोमांस का हवाला देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक कड़ी है। इससे पहले 17 दिसंबर 2025 को PHQ के सामने मांस से भरा ट्रक पकड़ा गया था, जिसमें स्लॉटर हाउस संचालक को जेल भेजा गया। हिंदू उत्सव समिति और अन्य संगठनों ने कहा कि जब तक पूरे तस्करी नेटवर्क और उसके मास्टरमाइंड पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस का बयान एसीपी अंकिता खातरकर ने बताया कि यह प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया है, इसलिए संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। READ MORE: MP का बजट सत्र होगा हंगामेदार, कर्ज को बड़ा मुद्दा बनाएगी कांग्रेस…
Air Force Plane Crash: टेक्निकली फेल होने के बाद एयरफोर्स प्लेन तालाब में क्रैश, पायलटों ने दिखाया साहस

Highlights Air Force Plane Crash: प्रयागराज में बुधवार दोपहर एक एयरफोर्स का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट शहर के बीचों-बीच स्थित तालाब में क्रैश हो गया। तकनीकी खराबी के कारण एयरक्राफ्ट डगमगाया और तालाब में गिरा, लेकिन दोनों पायलटों ने समय रहते पैराशूट से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे के तुरंत बाद सेना और स्थानीय रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कैसे हुआ हादसा? हवाई उड़ान के दौरान एयरक्राफ्ट डगमगाया और फिर तालाब में गिरा। इसमें सवार दोनों पायलटों ने पैराशूट से कूदकर खुद को सुरक्षित निकाला। पायलट तालाब के दलदल में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की सूचना मिलते ही सेना और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। तालाब में चारों तरफ जलकुंभी उगी होने की वजह से एयरक्राफ्ट तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। सेना का हेलीकॉप्टर भी निगरानी कर रहा है। READ MORE: सोना ₹1.5 लाख पार, चांदी ₹3.20 लाख पर पहुंची; जानिए आज के ताजा रेट सेना की प्रतिक्रिया डिफेंस विंग कमांडर देबार्थों धर ने बताया कि एयरक्राफ्ट बमरौली एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरते समय तकनीकी खराबी का शिकार हुआ। पायलटों ने समझदारी दिखाते हुए एयरक्राफ्ट को सुनसान इलाके में गिराया, जिससे आम लोगों की जान-माल सुरक्षित रही। जांच की प्रक्रिया सेना ने हादसे की वजह पता करने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है। यह दो सीट वाला ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट था और दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं। READ MORE: सरकारी नोटिस पर बोले अविमुक्तेश्वरानंद, ‘शंकराचार्य का फैसला सिर्फ शंकराचार्य करेंगे; पुरी के दो शिविर कैसे लगे?
Hande Ercel: ‘ये अंकल कौन हैं?’ शाहरुख खान को लेकर तुर्की एक्ट्रेस के कमेंट से मचा बवाल

Hande Ercel: जॉय अवॉर्ड्स 2026 के दौरान रियाद में बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की मौजूदगी सुर्खियों में रही, लेकिन इस बार वजह उनका स्टाइल या स्पीच नहीं, बल्कि एक वायरल विवाद बना। तुर्की की मशहूर अभिनेत्री हांडे एर्सेल से जुड़ा एक कथित कमेंट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसने शाहरुख के फैंस को नाराज कर दिया और इंटरनेट पर बहस छेड़ दी। क्या था वायरल वीडियो में? इसी बीच एक वीडियो ने खास ध्यान खींचा, जिसमें तुर्की की मशहूर अभिनेत्री हांडे एर्सेल अपने मोबाइल से स्टेज पर मौजूद शाहरुख खान और मिस्र की अभिनेत्री अमीना खलील को रिकॉर्ड करती नजर आई। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग हांडे को शाहरुख की फैन बताने लगे। इंस्टा स्टोरी से मचा बवाल फैन होने की खबरों के बीच हांडे एर्सेल ने इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर की। इसमें उन्होंने साफ किया कि वे शाहरुख खान को नहीं, बल्कि अपनी दोस्त अमीना खलील को रिकॉर्ड कर रही थी। इसी स्टोरी में उन्होंने शाहरुख के लिए लिखा, “ये अंकल कौन हैं?” और कहा कि वे उनकी फैन नहीं हैं। READ MORE: मुंबई में अक्षय कुमार की सिक्योरिटी गाड़ी हादसे का शिकार, दो लोग घायल; वीडियो फैंस नाराज यह कमेंट सामने आते ही शाहरुख खान के फैंस नाराज हो गए। सोशल मीडिया पर हांडे को ट्रोल किया जाने लगा। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यह स्टोरी फेक भी हो सकती है, क्योंकि बाद में वह इंस्टाग्राम से डिलीट हो गई। फिलहाल वह स्टोरी हांडे के अकाउंट पर मौजूद नहीं है। इस वजह से पूरे मामले पर सस्पेंस बना हुआ है। न तो हांडे एर्सेल और न ही शाहरुख खान ने इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान दिया है। कौन हैं हांडे एर्सेल? हांडे एर्सेल तुर्की की जानी-मानी अभिनेत्री और मॉडल हैं। उन्होंने ‘Gunesin Kızları’, ‘Ask Laftan Anlamaz’ और ‘Sen Çal Kapımı’ जैसे लोकप्रिय टीवी शोज से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उनकी फैन फॉलोइंग यूरोप, मिडिल ईस्ट और एशिया तक फैली हुई है। READ MORE: टेक्निकल फेल होने के बाद एयरफोर्स प्लेन तालाब में क्रैश, पायलटों ने दिखाया साहस
Gold-Silver Price Today: सोना ₹1.5 लाख पार, चांदी ₹3.20 लाख पर पहुंची; जानिए आज के ताजा रेट

Highlights Gold-Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी जारी है। 21 जनवरी 2026 को सोना पहली बार ₹1.5 लाख पार कर गया और 10 ग्राम सोने के दाम ₹7,795 बढ़कर ₹1,55,204 तक पहुंच गए। वहीं, चांदी की कीमत भी 10,730 रुपए बढ़कर ₹3,20,075 प्रति किलो हो गई है। सिर्फ 21 दिनों में सोना ₹22 हजार और चांदी करीब 90 हजार रुपए महंगी हो चुकी है, जिससे सर्राफा बाजार में हलचल बढ़ गई है। चांदी में भी उछाल 1 किलो चांदी की कीमत ₹10,730 बढ़कर ₹3,20,075 पर पहुंच गई। इस साल केवल 21 दिनों में चांदी ₹90,825 महंगी हो चुकी है। दोनों धातुएं लगातार तीसरे दिन अपने ऑल-टाइम हाई पर हैं। बाजार में तेजी का कारण विशेषज्ञों के अनुसार सोने-चांदी में तेजी का कारण वैश्विक राजनीतिक तनाव और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर रुझान है। एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं। READ MORE: मध्यप्रदेश बजट सत्र: ‘लोक-लुभावन’ योजनाओं और ‘कर्ज’ के बोझ के बीच सियासी संग्राम दिल्ली-मुंबई में भाव दिल्ली में 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड ₹157,130 और चांदी ₹3,29,020 पर पहुंच गई। मुंबई में भी सोना ₹1,57,400 और चांदी ₹3,29,580 पर बिक रही है। निवेशकों के लिए मुनाफा निवेशकों के लिए यह राहत की खबर है। जो लोग पिछले साल सोने-चांदी में निवेश कर चुके हैं, उन्हें शानदार रिटर्न मिल चुका है। READ MORE: सरकारी नोटिस पर बोले अविमुक्तेश्वरानंद, ‘शंकराचार्य का फैसला सिर्फ शंकराचार्य करेंगे; पुरी के दो शिविर कैसे लगे?
Shankaracharya Controversy: सरकारी नोटिस पर बोले अविमुक्तेश्वरानंद, ‘ये फैसला सिर्फ शंकराचार्य करेंगे; पुरी के दो शिविर कैसे लगे?

Highlights Shankaracharya Controversy: प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मेला प्रशासन ने नोटिस भेजा और पूछा कि वे खुद को ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य कैसे बता रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य का फैसला तब तक नहीं हो सकता जब तक मामला अदालत में लंबित है। अविमुक्तेश्वरानंद ने नोटिस पर दी प्रतिक्रिया स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नोटिस को अवैध बताया और कहा कि शंकराचार्य कौन होगा, यह केवल अन्य शंकराचार्य तय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति या मेला प्रशासन के पास यह अधिकार नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद तीन दिन से धरने पर हैं और प्रशासन से माफी मांगने तक आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे। READ MORE: भोजशाला विवाद; जुमे की नमाज और सरस्वती पूजा को लेकर दिग्विजय सिंह ने ASI आदेश लागू करने की मांग की पुरी के दूसरे शंकराचार्य पर उठाया सवाल उन्होंने मेला प्रशासन से पूछा कि पुरी के दूसरे शंकराचार्य का शिविर क्यों लगता है, जबकि वे इसे असली शंकराचार्य मानते हैं। उनका कहना है कि पुरी के शंकराचार्य ने उनके बारे में कोई विरोधाभासी बयान नहीं दिया और वे निर्विवाद रूप से ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य हैं। सपा अध्यक्ष का बयान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लिखा कि प्रशासन का यह व्यवहार “घोर निंदनीय” है और नोटिस देने वाले पहले खुद प्रमाण पत्र दें। उन्होंने भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप लगाया। सुप्रीम कोर्ट का मामला ज्योतिषपीठ में शंकराचार्य पद का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2022 के आदेश में किसी को भी शंकराचार्य घोषित करने या पट्टाभिषेक करने से रोक लगाई है। READ MORE: मध्यप्रदेश बजट सत्र: ‘लोक-लुभावन’ योजनाओं और ‘कर्ज’ के बोझ के बीच सियासी संग्राम
MP Budget Session: MP का बजट सत्र होगा हंगामेदार, कर्ज को बड़ा मुद्दा बनाएगी कांग्रेस…

Highlights MP Budget Session: मध्यप्रदेश विधानसभा का आगामी बजट सत्र इस बार सिर्फ वित्तीय हिसाब-किताब नहीं बल्कि राजनीतिक टकराव का भी मंच बनेगा। भाजपा सरकार अपने पहले पूर्ण बजट से ‘विकसित मध्यप्रदेश’ की तस्वीर दिखाने की कोशिश कर रही है, तो वहीं कांग्रेस कर्ज, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर हमला बोलने की तैयारी में है। ऐतिहासिक बजट सूत्रों के अनुसार, इस बार प्रदेश का बजट 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है, जो राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट होगा। सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। सरकार इसे ‘जनता का बजट’ बताकर आम लोगों, किसानों और व्यापारियों से सुझाव भी ले रही है। लाड़ली बहना और खजाने पर दबाव बजट में महिलाओं, युवाओं और उद्योगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं। विशेष रूप से ‘लाड़ली बहना योजना’ को संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि यह खजाने पर भारी दबाव डाल सकती है। READ MORE: मध्यप्रदेश में GBS का कहर: नीमच में 2 बच्चों की मौत, इंदौर में 11 मरीज भर्ती; केंद्र की टीम जांच में जुटी विपक्ष का हमला कांग्रेस ने बजट को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश कर्ज में डूब रहा है और महंगाई व बेरोजगारी चरम पर हैं। भाजपा का जवाब भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बजट में महिलाओं, युवाओं और उद्योगों का ध्यान रखा गया है। पार्टी का कहना है कि यह बजट ऐतिहासिक होगा और जनता को वास्तविक लाभ पहुंचाएगा। सत्र की चुनौती यह बजट सत्र भाजपा के ‘वेलफेयर मॉडल’ और कांग्रेस के ‘कर्ज व कुप्रबंधन’ के आरोपों के बीच सीधी टक्कर बन गया है। अब देखने वाली बात यह है कि यह बजट जनता को राहत देगा या कर्ज का बोझ बढ़ाएगा। READ MORE: जुमे की नमाज और सरस्वती पूजा को लेकर दिग्विजय सिंह ने ASI आदेश लागू करने की मांग की
Bhojshala Basant Panchami 2026: जुमे की नमाज और सरस्वती पूजा को लेकर दिग्विजय सिंह ने ASI आदेश लागू करने की मांग की

Highlight Bhojshala Basant Panchami 2026: धार के प्रसिद्ध भोजशाला में बसंत पंचमी 2026 के मौके पर सरस्वती पूजा और शुक्रवार की जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) के आदेश के अनुसार पूजा और नमाज का समय सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने सभी हिंदू और मुस्लिम समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। ASI आदेश का पालन जरूरी दिग्विजय सिंह ने कहा कि पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने 2003, 2013 और 2016 में स्पष्ट आदेश दिए थे कि जब बसंत पंचमी और शुक्रवार की नमाज साथ पड़ें, तो पूजा सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक होगी। दोपहर 1 से 3 बजे का समय नमाज के लिए छोड़ा जाएगा। उन्होंने प्रशासन से कहा कि इस आदेश का पूर्ण पालन हो। READ MORE: दूषित पानी से 25 की मौत, राज्य स्तरीय जांच समिति गठित, एक माह में पेश करनी होगी रिपोर्ट सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील पूर्व मुख्यमंत्री ने सभी हिंदू-मुस्लिम भाइयों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि किसी भी तरह के सांप्रदायिक उन्माद या अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। विवाद से बचने का प्रयास भोजशाल में सालो से विवाद चलता आ रहा है। यहां पर हिंदू पक्ष सरस्वती पूजा करता है और मुस्लिम पक्ष नमाज अदा करता है। इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव की आशंका है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अमन और शांति की भावना बनाए रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। READ MORE: मध्यप्रदेश में GBS का कहर: नीमच में 2 बच्चों की मौत, इंदौर में 11 मरीज भर्ती; केंद्र की टीम जांच में जुटी
मध्यप्रदेश में GBS का कहर: नीमच में 2 बच्चों की मौत, इंदौर में 11 मरीज भर्ती; केंद्र की टीम जांच में जुटी

Highlights मध्यप्रदेश में गुइलेन–बैरे सिंड्रोम (GBS) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। नीमच जिले के मनासा में दो बच्चों की मौत के बाद अब मंदसौर, धार, खंडवा और अन्य क्षेत्रों में भी मरीज मिलने लगे हैं। कई जिलों में GBS की पुष्टि मनासा में अब तक GBS से दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 18 से अधिक बच्चों का इलाज जारी हैं। नीमच शहर में भी एक केस सामने आया है। मंदसौर के गरोठ और सुवासरा में भी मरीज मिले है। कुछ संदिग्ध मामले ग्वालियर और बैतूल से भी रिपोर्ट हुए हैं। इंदौर में 11 मरीज भर्ती स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में कुल 11 मरीजों का इलाज चल रहा है। चाचा नेहरू अस्पताल में दो बच्चों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। एमवाय अस्पताल, पीडियाट्रिक यूनिट और बांबे अस्पताल में भी मरीज भर्ती हैं। डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम लगातार निगरानी कर रही है। READ MORE: इंदौर का मांगीलाल निकला मालामाल; सराफा कारोबारियों को ब्याज पर देता है पैसे केंद्र–राज्य की संयुक्त जांच GBS के बढ़ते मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) और राज्य सरकार की संयुक्त टीम इंदौर पहुंची है। टीम ने अस्पतालों का निरीक्षण किया और जांच के लिए सैंपल लिए। इसके बाद टीम नीमच में प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी। मनासा में घर-घर सर्वे भी शुरू किया गया है। क्या है GBS? GBS एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यूनिटी नसों पर हमला करने लगती है। शुरुआती लक्षणों में पैरों में सुन्नपन, कमजोरी और चलने में परेशानी शामिल है। गंभीर स्थिति में सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। समय पर इलाज जरूरी विशेषज्ञों के मुताबिक, समय पर इलाज मिलने पर 80–90 प्रतिशत मरीज ठीक हो जाते हैं। बच्चों में अचानक कमजोरी या सांस की परेशानी दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। READ MORE: दूषित पानी से 25 की मौत, राज्य स्तरीय जांच समिति गठित, एक माह में पेश करनी होगी रिपोर्ट
Indore Contaminated Water Tragedy: दूषित पानी से 25 की मौत, राज्य स्तरीय जांच समिति गठित, एक माह में पेश करनी होगी रिपोर्ट

Highlights Indore Contaminated Water Tragedy: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की सप्लाई से हुई मौतों के मामले में राज्य सरकार ने अब राज्य स्तरीय जांच शुरू कर दी है। इस घटना में अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। राज्य स्तरीय समिति गठित सरकार ने अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति बनाई है। समिति में प्रमुख सचिव पी. नरहरि और आयुक्त संकेत भोडवे सदस्य हैं, जबकि आयुक्त इंदौर संभाग सुदाम खाड़े को सदस्य-सचिव बनाया गया है। समिति एक माह में अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगी। क्या करेगी समिति समिति भागीरथपुरा में हुई दूषित जल आपूर्ति की पूरी घटना की समीक्षा करेगी। इसमें घटना के वास्तविक कारण, प्रशासनिक और तकनीकी कमियों की जांच होगी। साथ ही, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुझाव भी दिए जाएंगे। समिति को रिकॉर्ड मांगने और स्थल निरीक्षण का अधिकार दिया गया है। READ MORE: क्या रोहित विराट का होगा डिमोशन! वर्ल्ड कप 2027 से पहले BCCI ने दिया बड़ा झटका एक और मौत, आंकड़ा 25 पहुंचा मंगलवार रात इलाज के दौरान हेमंत गायकवाड़ (51) की मौत हो गई। वे दूषित पानी पीने के बाद बीमार पड़े थे। हेमंत ई-रिक्शा चलाकर परिवार चलाते थे और उनके पीछे चार बेटियां हैं। उनकी मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। हाईकोर्ट में सुनवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने इस मामले में न्यायिक जांच और एफआईआर की मांग वाली याचिकाओं पर आदेश सुरक्षित रख लिया है। सरकार ने अदालत को बताया कि पानी की जांच में कई नलकूपों में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है, जो आमतौर पर सीवेज से फैलता है। इलाके में अभी भी गंदे पानी की शिकायतें मिल रही हैं। लोग डरे हुए हैं और साफ पानी की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की बात कही है, लेकिन स्थानीय लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। READ MORE: इंदौर का मांगीलाल निकला मालामाल; सराफा कारोबारियों को ब्याज पर देता है पैसे