Aayudh

नए साल की पहली कैबिनेट बैठक: सिंचाई व सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, मंत्रियों को मिले टैबलेट, ई-कैबिनेट की शुरुआत

कैबिनेट बैठक

नववर्ष में मोहन सरकार की पहली कैबिनेट बैठक 6 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। एमएसएमई मंत्री चेतन कश्यप ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी कैबिनेट ने बुरहानपुर जिले की झिरमटी मध्यम सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी, जिसकी लागत 922 करोड़ रुपये है। इससे 17,700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। वहीं नेपानगर में 1,676 करोड़ रुपये की योजना से 34,100 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। इन योजनाओं से आदिवासी क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा। READ MORE: मौत का आकड़ा गलत बताने पर HC ने MP सरकार को लगाई फटकार, कहा – सरकार के जवाब असंवेदनशील; भागीरथपुरा में कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन नर्मदा से जुड़ी योजनाएं नर्मदा शिप्रा परियोजना (2,489 करोड़) और माइक्रो लिफ्ट योजना (1,520 करोड़) को भी आगे बढ़ाया गया। नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड को मेंटेनेंस का जिम्मा सौंपा गया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत 2028 तक योजनाओं के क्रियान्वयन का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के विकास पर फोकस प्रधानमंत्री जनमन योजना जारी रहेगी। इसके तहत 1,039 किलोमीटर सड़क और 112 पुलियों के निर्माण पर 795 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सड़क विकास प्राधिकरण की योजना 2031 तक चलेगी, जिसमें 20,000 किलोमीटर सड़क और 200 पुल बनाए जाएंगे। इस पर 17,196 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 88,517 किलोमीटर मार्गों का नवीनीकरण किया जाएगा। ई-कैबिनेट की शुरुआत कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों को टैबलेट वितरित किए गए। दो बैठकों के बाद पूरा काम डिजिटल माध्यम से होगा। इससे ई-गवर्नेस और पेपरलेस व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। कैबिनेट ने 2026 को कृषि उद्योग विकास वर्ष के रूप में मनाने और परिवहन विभाग के कर अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी। READ MORE: रोजगार की लड़ाई शिक्षकों को सड़कों पर लाई; भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा प्रदर्शन, पद बढ़ाने की मांग तेज

मध्य प्रदेश में बेरोजगारी की मार: 25 लाख से अधिक युवा अभी भी नौकरी के इंतजार में

mp unemployment

MP Unemployment: साल 2025 खत्म होने के बावजूद मध्य प्रदेश में बेरोजगारी कम नहीं हुई। रोजगार पोर्टल पर अब भी 25 लाख 35 हजार 410 रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं, जिन्हें “आकांक्षी युवा” कहा जाता है। हर दिन करीब 200 नए युवा पोर्टल पर रजिस्टर्ड हो रहे हैं। सरकार का दावा और वास्तविकता भाजपा का कहना है कि 2025 में 11 लाख लोगों को रोजगार मिला, जिसमें 10 लाख निजी क्षेत्र और 1 लाख सरकारी क्षेत्र में नौकरी मिली। लेकिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि पोर्टल पर आंकड़े कम नहीं हो रहे और जमीनी हकीकत इससे अलग है। READ MORE: रोजगार की लड़ाई शिक्षकों को सड़कों पर लाई; भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा प्रदर्शन, पद बढ़ाने की मांग तेज सरकार का निवेश और भर्ती प्रयास भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने बताया कि सरकार निवेश लाकर रोजगार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। सरकारी और निजी क्षेत्र में भर्तियां हो रही हैं, साथ ही युवा अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित किए जा रहे हैं। 2026 में उम्मीदें साल की शुरुआत में एमपीपीएससी और ईएसबी के माध्यम से हजारों पदों पर भर्ती निकलने का काम शुरू हुआ है। महिलाओं के लिए आंगनबाड़ियों में लगभग 5 हजार भर्तियां निकाली गई हैं। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में और बड़ी भर्तियां होंगी, लेकिन अब सवाल यह है कि पोर्टल के आंकड़े कब कम होंगे और युवा सही अवसर कब पाएंगे। READ MORE: मौत का आकड़ा गलत बताने पर HC ने MP सरकार को लगाई फटकार, कहा – सरकार के जवाब असंवेदनशील; भागीरथपुरा में कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन

Bhopal Protest: रोजगार की लड़ाई शिक्षकों को सड़कों पर लाई; भोपाल में भर्ती को लेकर बड़ा प्रदर्शन, पद बढ़ाने की मांग

Bhopal Protest

Bhopal Protest: मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखा। मंगलवार को शिक्षक वर्ग-2 और वर्ग-3 के करीब 2 हजार भावी शिक्षक भोपाल पहुंचे और चिनार पार्क से लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) तक पैदल मार्च किया। अभ्यर्थियों ने पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कम पदों पर हो रही नियुक्ति प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्तमान भर्ती में करीब 13 हजार पदों पर नियुक्ति की जा रही है, जबकि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक जरूरत इससे कहीं अधिक है। अभ्यर्थियों की मांग है कि पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 25 हजार की जाए, ताकि अधिक योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सके। READ MORE: इस साल भगवामय होगा मध्यप्रदेश, धार्मिक कॉरिडोर्स से बनेगा धार्मिक पर्यटन का केंद्र  हजारों पद खाली अभ्यर्थियों के अनुसार, 27 दिसंबर 2024 तक प्रदेश में माध्यमिक शिक्षकों के करीब 99 हजार और प्राथमिक शिक्षकों के 1.31 लाख से ज्यादा पद खाली हैं। इसके बावजूद भर्ती में माध्यमिक शिक्षकों के केवल 10,800 और प्राथमिक शिक्षकों के 13,089 पद ही घोषित किए गए हैं। ईडब्ल्यूएस-ओबीसी को लेकर आरोप प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि कई विषयों में ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के लिए शून्य पद दिखाए गए हैं। इससे इन वर्गो के युवाओं में निराशा है और सामाजिक न्याय पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों पर असर शिक्षक संगठनों का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई स्कूलों में एक शिक्षक को कई विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। मुख्य मांगें अभ्यर्थियों ने वर्ग-2 में सभी विषयों में पद बढ़ाने, वर्ग-3 में 25 हजार पद करने, दूसरी काउंसिलिंग जल्द शुरू करने और भर्ती पूरी होने तक नई पात्रता परीक्षा न कराने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। READ MORE: मौत का आकड़ा गलत बताने पर HC ने MP सरकार को लगाई फटकार, कहा – सरकार के जवाब असंवेदनशील; भागीरथपुरा में कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन

मौत का आकड़ा गलत बताने पर HC ने MP सरकार को लगाई फटकार, कहा – जवाब असंवेदनशील; भागीरथपुरा में कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन

Indore Polluted Water

Indore Polluted Water: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से होने वाली मौतों ने पूरे शहर में चिंता पैदा कर दी है। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 110 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। कुल 430 मरीजों में से 300 से ज्यादा डिस्चार्ज हो चुके हैं। इस बीच 15 मरीजों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। हाईकोर्ट ने लगाई फटकार मंगलवार (6 जनवरी) को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि दूषित पानी ने शहर की छवि को खराब किया है। इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता था, लेकिन अब यह मामले पूरे देश में चर्चा में हैं। कोर्ट ने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में पानी की सुरक्षा पर सवाल उठता है। READ MORE: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हत्याओं का सिलसिला जारी; 18 दिन में 6 हिंदू की मौत मुख्य सचिव को वर्चुअली हाजिर होने का आदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में मुख्य सचिव को वर्चुअली पेश होने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी। कोर्ट ने साफ कहा कि वह सीधे मुख्य सचिव से ही जवाब सुनना चाहता है।  कांग्रेस का प्रदर्शन भागीरथपुरा में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में प्रदर्शन हो रहा है। पुलिस ने कुछ जगहों पर उन्हें रोकते हुए सीमित संख्या में कार्यकर्ताओं को ही अंदर जाने की अनुमति दी। मौतों के आंकड़ों पर विवाद प्रशासन ने अब तक 14 मौतें स्वीकार की हैं। कुछ संस्थाओं ने 16 मौतों की रिपोर्ट दी थी। सोमवार को हुई एक और मौत के बाद यह संख्या 17 हो गई। आगे भी यह आंकड़े बढ़ सकते है। READ MORE: फिर बिगड़ी सोनिया गांधी की तबीयत, दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती; प्रदूषण का सेहत पर असर

Sonia Gandhi Health Update: फिर बिगड़ी सोनिया की तबीयत, गंगाराम अस्पताल में भर्ती; प्रदूषण का सेहत पर असर

Sonia Gandhi Health Update

Sonia Gandhi Health Update: कांग्रेस पार्टी की वरिष्ट नेत्री सोनिया गांधी की तबीयत अचानक बिगड़ जाने के कारण उन्हें दिल्ली की सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक सोमवार रात उन्हें अस्पताल में लया गया था। चेस्ट स्पेशलिस्ट की निगरानी में है सोनिया पिछले कुछ समय से कांग्रेस नेत्री स्वास्थ संबंधित परेशानियों से जूझ रही है। सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी को चेस्ट स्पेशलिस्ट की निगरानी में रखा गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि सोनिया कई सालों से खासी की समस्या से परेशान है, जिसके चलते उन्हें अस्पताल लाया गया है।  READ MORE: मोदी और शाह के खिलाफ JNU में नारेबाजी; छात्रों ने उमर-शरजील के समर्थन में किया प्रदर्शन; वीडियो वायरल दिल्ली के प्रदूषण का सेहत पर असर दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण कई लोगो को सांस और खासी जैसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों की सेहत पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। 79 साल की सोनिया गांधी को भी इसी वजह से चेकअप के लिए भर्ती है।  पिछले साल भी बिगड़ी थी तबीयत साल 2025 में भी पेट संबंधित परेशानी के चलते सोनिया को दिल्ली में भर्ती कराया गया था। वो 3 से 4 दिनों तक डॉक्टर्स की निगरानी में रही थी।  READ MORE: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हत्याओं का सिलसिला जारी; 18 दिन में 6 हिंदू की मौत

MP Tourism: इस साल भगवामय होगा मध्यप्रदेश, धार्मिक कॉरिडोर्स से बनेगा पर्यटन का केंद्र 

MP Tourism

MP Tourism: इस साल मध्यप्रदेश धार्मिक गतिविधियों और पर्यटन के मामले में पूरी तरह बदलने वाला है। बता दें कि राज्य सरकार ने बड़े धार्मिक महत्व के प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया है, जिससे मध्यप्रदेश धार्मिक कॉरिडोर्स के जरिए पूरे देश के लिए एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन सके। मोहन सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक मां नर्मदा परिक्रमा पथ का विस्तार किया जाए। इसके तहत अनूपपुर में मां नर्मदा लोक का निर्माण होगा और नर्मदा के किनारे 12 अन्य स्थानों पर बड़े धार्मिक प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रहेगा। इसके अलावा, राज्य के हर नगरीय निकाय में गीता भवन बनाए जाएंगे, जहां भक्त श्री कृष्ण पाथेय से जुड़ सकेंगे। READ MORE: मोदी और शाह के खिलाफ JNU में नारेबाजी; छात्रों ने उमर-शरजील के समर्थन में किया प्रदर्शन; वीडियो वायरल भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन, श्री कृष्ण एवं सुदामा का मैत्री स्थल स्वर्णगिरी पर्वत के पास ग्राम नारायणा, धार जिले का अमझेरा और रजोभूमि बदनावर, तथा इंदौर के पास जानापाव जैसे महत्वपूर्ण स्थल तीर्थ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ओंकारेश्वर में ममलेश्वर लोक, मंदसौर में पशुपति नाथ लोक, उज्जैन में कृष्ण सुदामा और शनि लोक, खरगोन में नवग्रह लोक, देवास में देवी लोक और धार में धारनाथ लोक का निर्माण किया जाएगा। मध्यप्रदेश अब धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से देश का एक नया केंद्र बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। READ MORE: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हत्याओं का सिलसिला जारी; 18 दिन में 6 हिंदू की मौत

JNU Protest: मोदी और शाह के खिलाफ JNU में नारेबाजी; छात्रों ने उमर-शरजील के समर्थन में किया प्रदर्शन; वीडियो वायरल

JNU Protest

Highlights JNU Protest: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न दिए जाने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक समूह ने विरोध प्रदर्शन किया। 5 जनवरी की रात का एक 35 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए जा रहे है। विरोध का कारण बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन जमानत याचिकाएं खारिज होने के विरोध में हुआ। छात्रों ने नारे लगाते हुए सरकार और फैसले पर नाराजगी जताई। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। READ MORE: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हत्याओं का सिलसिला जारी; 18 दिन में 6 हिंदू की मौत JNUSU का पक्ष JNUSU की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि हर साल 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की निंदा के लिए छात्र प्रदर्शन करते हैं। उनके अनुसार, लगाए गए नारे वैचारिक थे, किसी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत हमला नहीं थे और किसी को निर्देशित नहीं थे। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नारों को लेकर अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह छात्रों के गुस्से को जाहिर करने का तरीका है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति का प्रदर्शन है। वहीं, बीजेपी विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि देश में कोई भी सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है और न्याय व्यवस्था का विरोध देश की एकता के लिए ठीक नहीं। भाजपा का पलटवार  जेएनयू में छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह अमित शाह के खिलाफ दिए गए बयान पर मंत्री विश्वास सारंग बोले – जो नारे लगे हैं ये निंदनीय भी है और देशद्रोह की श्रेणी में आते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को गाली देना देश की जनता को गाली देना है। जब राहुल गांधी विदेश दौरे में जाकर हिंदुस्तान के मान सम्मान को ठेस पहुंचाते है तो ऐसी मानसिकता को संरक्षण मिलता है।  क्या हुआ था 5 जनवरी को? 5 जनवरी 2020 को JNU परिसर में हिंसा हुई थी, जब नकाबपोश लोगों ने हॉस्टलों में घुसकर छात्रों पर हमला किया था। तब से हर साल इस दिन छात्र घटनाओं की निंदा करते हुए प्रदर्शन करते हैं। वायरल वीडियो READ MORE: कोर्ट में पेश हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो; ड्रग और नार्को-टेररिज्म आरोपों से इनकार, गिरफ्तारी को बताया अपहरण

Bangladeshi Hindu Killings: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हत्याओं का सिलसिला जारी; 18 दिन में 6 हिंदू की मौत

Bangladeshi Hindu Killings

Highlights Bangladeshi Hindu Killings: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले और हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले 18 दिनों में 6 हिंदू नागरिकों की हत्या और महिलाओं पर डरावने हमलों की खबरों ने देश की सुरक्षा स्थिति को गंभीर चुनौती बना दिया है। दुकानदार से लेकर पत्रकार और साधारण नागरिक तक कोई भी सुरक्षित नहीं है। दुकानदार की बेरहमी से हत्या नरसिंदी जिले के चारसिंदूर बाजार में 40 वर्षीय हिंदू दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि अपनी किराना दुकान चला रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मणि को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। शरत कुछ साल पहले दक्षिण कोरिया से लौटे थे और स्थानीय समुदाय में सम्मानित व्यक्ति थे। READ MORE: कोर्ट में पेश हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो; ड्रग और नार्को-टेररिज्म आरोपों से इनकार, गिरफ्तारी को बताया अपहरण पत्रकार की निर्मम हत्या सिर्फ उसी दिन जशोर जिले के मोनिरामपुर में हिंदू पत्रकार और आइस फैक्ट्री मालिक राणा प्रताप बैरागी को गोली मारकर और गला रेतकर हत्यारों ने मौत के घाट उतारा। हमलावर मौके से फरार हो गए और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला के साथ बर्बरता 3 जनवरी को झेनाइदह जिले में 44 वर्षीय हिंदू विधवा महिला से गैंगरेप किया गया और उसे पेड़ से बांधकर पीटा गया। इस दौरान महिला के परिवार को कमरे में बंद कर दिया गया और पूरे मामले का वीडियो भी बनाया गया। सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने कहा कि यह सिलसिला जारी रहा तो बांग्लादेश में हिंदुओं का अस्तित्व खतरे में है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने भी कहा कि हिंदुओं के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है और कांग्रेस व इंडिया ब्लॉक जैसी पार्टियां इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने पूरे देश को एकजुट होकर कूटनीतिक दबाव बनाने की जरूरत बताई। पुलिस जांच जारी स्थानीय पुलिस ने हत्या और हमलों की जांच शुरू कर दी है। अभी तक कई आरोपियों की तलाश जारी है, लेकिन घटनाओं के पीछे की पूरी साजिश और कारण सामने नहीं आए हैं। READ MORE: एमपी में कोहरे और शीतलहर का कहर: 20 मीटर विजिबिलिटी, 24 जिलों में स्कूल बंद, ट्रेनें घंटों लेट

Nicolas Maduro: कोर्ट में पेश हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति; ड्रग और नार्को-टेररिज्म आरोपों से इनकार, गिरफ्तारी को बताया अपहरण

Nicolas Maduro

Highlight Nicolas Maduro: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सोमवार रात न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में पेश किया गया। अदालत में उन्होंने ड्रग्स तस्करी, हथियार रखने और नार्को-टेररिज्म से जुड़े सभी आरोपों से इनकार किया। मादुरो ने कहा कि वह निर्दोष हैं और अब भी वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति हैं। मुझे किडनैप किया गया मादुरो ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया। उन्होंने अदालत में कहा कि उन्हें जबरन अमेरिका लाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उनके वकीलों ने इसे सैन्य अपहरण करार दिया और अमेरिकी अदालत के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देने के संकेत दिए। READ MORE: इस देश में IPL प्रसारण पर लगा बैन; जानिए किस कारण से लिया ये फैसला? पत्नी सीलिया फ्लोरेस भी अदालत में मादुरो की पत्नी और वेनेजुएला की प्रथम महिला सीलिया फ्लोरेस भी पेश हुई। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया। उनके चेहरे पर चोट के निशान और पट्टी बंधी दिखी। दोनों ने अनुवाद के लिए हेडफोन लगाए हुए थे। क्या हैं आरोप अमेरिकी अभियोजन के मुताबिक, मादुरो और उनके सहयोगियों पर नशा तस्करों और आतंकी गिरोहों के साथ मिलकर अमेरिका में कोकीन पहुंचाने की साजिश का आरोप है। मादुरो पर मशीनगन रखने का आरोप भी लगाया गया है। चार्जशीट में उनके बेटे, गृह मंत्री और गैंग ‘त्रेन दे अरागुआ’ के सरगना का नाम भी शामिल है। कौन लड़ रहे मादुरो का केस? मादुरो की ओर से मशहूर अमेरिकी वकील बैरी जे. पोलक पेश हुए, जिन्होंने पहले जूलियन असांजे के मामले में अहम भूमिका निभाई थी। सीलिया फ्लोरेस का बचाव पूर्व अभियोजक मार्क ई. डोनेली कर रहे हैं। अगली सुनवाई 17 मार्च Tenían que secuestrar a Nicolás Maduro y su esposa para darnos cuenta del verdadero apoyo popular que tiene el chavismo en Venezuela. pic.twitter.com/M6CBk3qAH7 — Mamertos 2.0🍉 (@Mamertos0) January 5, 2026 करीब 30 मिनट चली सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख 17 मार्च तय की। बाहर समर्थकों और विरोधियों ने अलग-अलग प्रदर्शन किए। यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है। READ MORE: एमपी में कोहरे और शीतलहर का कहर: 20 मीटर विजिबिलिटी, 24 जिलों में स्कूल बंद, ट्रेनें घंटों लेट

MP Weather Today: MP में कोहरे और शीतलहर का कहर: 20 मीटर विजिबिलिटी, 24 जिलों में स्कूल बंद, ट्रेनें घंटों लेट

MP Weather Today

MP Weather Today: मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। भोपाल, खजुराहो, ग्वालियर समेत कई शहरों में हालात ऐसे हैं कि 20 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो गया है। सुबह के समय सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक घना कोहरा और शीतलहर बने रहने की चेतावनी दी है। 24 जिलों में स्कूल बंद तेज ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने प्रदेश के 24 जिलों में नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, विदिशा, हरदा सहित कई जिले इसमें शामिल हैं। वहीं राजधानी भोपाल, धार, सागर समेत 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, ताकि बच्चों को सुबह की ठंड से राहत मिल सके। READ MORE: इंदौर में दूषित पानी से 17वीं मौत; सरकारी आदेश में ‘घंटा’ विवाद का जिक्र, देवास के SDM सस्पेंड तापमान 4 डिग्री के करीब ठंड का असर तापमान में साफ दिख रहा है। शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। दतिया में 4.4 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री और मुरैना में 5.5 डिग्री रहा। बड़े शहरों में भोपाल 6.8, ग्वालियर 6.4 और इंदौर 8.6 डिग्री पर रहा। ट्रेनें 15 घंटे तक लेट घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर पड़ा है। इटारसी आने वाली कई ट्रेनें 13 से 15 घंटे तक देरी से पहुंची। श्रीधाम एक्सप्रेस और अगरतला–रानी कमलापति स्पेशल जैसी ट्रेनें घंटों लेट रही। यात्रियों को स्टेशन पर ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा। अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार कम और नमी ज्यादा होने से कोहरा बना हुआ है। लोगों को सुबह-शाम सावधानी बरतने, बेवजह बाहर न निकलने और वाहन चलाते समय फॉग लाइट इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। READ MORE: अजब गजब कांग्रेसी! जिसके खिलाफ विरोध करने गए, उसी के साथ डटकर किया नाश्ता