आयुध डिजिटल मीडिया में बौद्धिक संपदा अधिकार सेमिनार सफलतापूर्वक सम्पन्न; IPR से जुड़ी जटिलताओं पर विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग

आयुध डिजिटल मीडिया में 22 और 23 अप्रैल को दो दिवसीय बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस सेमिनार का उद्देश्य प्रतिभागियों को IPR के महत्व, सिद्धांतों और उपयोगों के बारे में जानकारी देना था। कार्यक्रम के दौरान पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और इनोवेशन मैनेजमेंट जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही यह भी बताया गया कि IPR किस प्रकार नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करता है। सेमिनार के पहले दिन का उद्घाटन सौरभ कुमार, सह-संस्थापक आयुध डिजिटल मीडिया ने किया। तकनीकी सत्र में पुष्पेंद्र रघुवंशी (डिजिटल हेड) ने IPR सिद्धांतों और प्रक्रियाओं पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही वास्तविक जीवन से जुड़ी केस स्टडीज़ पर चर्चा की गई, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव मिला। दूसरे दिन “IPR और नवाचार” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसका संचालन एडवोकेट सानिध्या पास्टोर ने किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने प्रश्नोत्तर सत्र, समूह चर्चा और नेटवर्किंग गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का समापन आशुतोष राय (संस्थापक, Ansoz Technologies) के उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने सेमिनार से मिली मुख्य सीखों का सार प्रस्तुत किया। दो दिनों तक चले इस सेमिनार से प्रतिभागियों को IPR के सिद्धांतों और उनके उपयोग की गहरी समझ मिली। पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और इनोवेशन मैनेजमेंट के प्रति उनकी जागरूकता में वृद्धि हुई। उद्योग विशेषज्ञों और सह-प्रतिभागियों से संवाद और नेटवर्किंग का अवसर भी मिला। अधिकांश प्रतिभागियों ने बताया कि अब वे IPR से जुड़े मुद्दों को लेकर अधिक आत्मविश्वास महसूस करते हैं। भविष्य की योजनाओं के तहत आयोजक अधिक उन्नत सेमिनार आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं, जिनमें पेटेंट विवाद और ट्रेडमार्क प्रबंधन जैसे विशिष्ट विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग बढ़ाने तथा वेबिनार और वीडियो ट्यूटोरियल जैसे ऑनलाइन साधनों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचने की योजना भी बनाई जा रही है। यह दो दिवसीय सेमिनार अपने उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी साबित हुआ।