प्रदेश में प्रमुख तीर्थ स्थलों का होगा विकास, CM मोहन यादव ने किया एलान

भोपाल। CM मोहन यादव कुबेरेश्वर धाम में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। यहाँ उन्होंने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद लिया। मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में संतों और गुरुओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। CM डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पं. मिश्रा ने भोपाल के निकट सीहोर में कुबेरेश्वर धाम की स्थापना कर इस क्षेत्र को एक नई धार्मिक पहचान दी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के दो सौ से अधिक देशों में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रयागराज कुंभ में गगा स्नान कर देश की सनातन संस्कृति के प्रति देशवासियों की अटूट आस्था का संदेश दिया है। गौ-माता के संरक्षण के लिए गौशालाएं बनाई जाएंगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता परमात्मा की हम पर असीम कृपा है। हमारी सरकार बेसहारा, अशक्त और वृद्ध गौ-माताओं के आश्रय के लिए भोपाल सहित सभी बड़े शहरों में 10 हजार क्षमता की गौ-शालाएं बनाएगी। उन्होंने कहा कि दूध के उत्पादन पर भी बोनस दिया जाएगा। दस से अधिक गाय पालने वालों को अनुदान दिया जाएगा। गांव-गांव में गोपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। गौ-शाला चलाने वालों को प्रति गाय 20 रुपये के स्थान पर 40 रुपये का अनुदान देकर गौ-शालाओं को सक्षम बनाया जाएगा। सभी तीर्थ स्थानों का होगा विकास – CM मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के भी काम कर रही है। प्रदेश सरकार कल्याणी बहनों के पुनर्विवाह के लिए दो लाख रुपए प्रदान करेगी। ताकि बहनों का फिर से घर बस सके और उनके जीवन में खुशियां आए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सभी महत्वपूर्ण धार्मिक एवं तीर्थ-स्थानों का भी विकास किया जाएगा। गर्मी के दिनों में क्षिप्रा नदी का पानी सूख जाता है। क्षिप्रा को पूरे साल प्रवहमान बनाये रखने के लिए सरकार व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने की योजना बनाई गई है। प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों वाले 19 स्थानों में शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय लिया इसके साथ ही खुले में मांस विक्रय पर भी प्रतिबंध लगाया है। ALSO READ : Oscar अवार्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं…आइए जानते हैं WATCH : https://youtu.be/nHip7nZs01s?si=YeLIfSODyfi6rHjO
Bihar Budget 2025 : नीतीश सरकार ने किए बड़े ऐलान…

पटना। वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने Budget 2025-26 में बिहार को कई सौगातें दी हैं। इस बार बिहार विधानसभा में 3.17 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में बिहार के लिए 52 नई घोषणाओं का ऐलान किया। Budget 2025-26 में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। नीतीश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में 60 हज़ार करोड़ से अधिक रूपए खर्च करने की घोषणा की है। आपको बता दें कि इस बार के बजट में सरकार ने शिक्षा के लिए सबसे अधिक पैसे आवंटित किए हैं। वहीं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुधार के लिए 20 हज़ार 335 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। टॉप 6 मंत्रालयों का Budget शिक्षा विभाग – 60 हज़ार 974 करोड़स्वास्थय विभाग – 20 हज़ार 335 करोड़सड़क और पुल – 17 हज़ार 908 करोड़गृह विभाग – 17 हज़ार 831 करोड़ग्रामीण विकास विभाग – 16 हज़ार 43 करोड़ऊर्जा विभाग – 13 हज़ार 484 करोड़ महिलाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर बजट 2025-26 में बिहार सरकार महिलाओं के लिए कई सारी योजनाएं लेकर आई है। राज्य में महिलओं की भूमिका को बढ़ाने के लिए और उन्हें रोजगार देने के लिए सरकार ने स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। महिलाओं की सहूलियत के लिए बड़े शहरों में पिंक बस सर्विस की शुरुआत की जाएगी, जिसमें कंडक्टर और चालक दोनों महिलाएं ही होंगी। सरकार के द्वारा हर पंचायत में विवाह मंडप भी तैयार किया जाएगा ताकि गरीब लड़कियों की शादी में कोई दिक्कत न हो। बड़े शहरों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए हॉस्टल भी खोले जाएंगे। महिलाओं को इ-रिक्शा और दो पहिया वाहन खरीदेने के लिए अनुदान दिया जाएगा, साथ ही प्रमुख शहरों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी खोले जाएंगे। जिसमें महिलाएं ही ट्रेनिंग देंगी। शिक्षा पर होगा सबसे ज्यादा खर्च इस वर्ष के बजट में सरकार ने शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। पीपीपी मोड यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड के आधार पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। जिसमें सरकार के द्वारा निवेश किया जाएगा और प्राइवेट पार्टनर्स को इसके प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जाएगी। सरकार ने हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने की भी घोषणा की है। आपको बता दें कि अब तक 534 प्रखंडों में से 358 प्रखंडों में राजकीय डिग्री महाविद्यालय नहीं हैं। सरकार SC/ST प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप की राशि भी दोगुनी करेगी, यानी राशि को 1000 रूपए से बढ़ाकर 2000 रूपए किया जाएगा। 7 नए हवाईअड्डे विकसित किए जाएंगे वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि अगले 3 महीनों में पूर्णिया एयरपोर्ट चालू हो जाएगा। वहीं 7 अलग-अलग शहरों में नए हवाईअड्डे बनाए जाएंगे। जिनमें राजगीर, मुंगेर, भागलपुर, रक्सौल आदि शामिल हैं। राजगीर और रक्सौल में ग्रीनफ़ील्ड एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इन हवाई अड्डों को उड़ान योजना से भी जोड़ा जाएगा, जिसमें 19 सीटों की क्षमता वाले विमानों का संचालन होगा। MSP पर अनाज खरीदेगी सरकार वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बजट पेश करते हुए घोषणा की है कि सरकार अरहर, मूंग और उड़द की दाल MSP पर खरीदेगी। साथ ही कोल्ड स्टोरेज का भी निर्माण कराया जाएगा। वित्त मंत्री ने सब्जी उत्पादन समिति के गठन का भी घोषणा की है। ALSO READ : Oscar अवार्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं…आइए जानते हैं WATCH : https://youtu.be/nHip7nZs01s?si=YeLIfSODyfi6rHjO
Oscar अवार्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं…आइए जानते हैं

Oscar 2025 : सिनेमा जगत में विश्व के सबसे प्रतिष्ठित ‘ऑस्कर अवार्ड’ का आयोजन इस बार कैलिफ़ोर्निया के डॉल्बी थिएटर में किया गया। इस अवार्ड को हर साल सिनेमा जगत में अपना योगदान देने वालों को दिया जाता है। मगर क्या आप जानते हैं कि इसकी शुरुआत कब हुई ? आइए जानते हैं इसके इतिहास के बारे में… Oscar का इतिहास…कब हुई शुरुआत ? अकादमी ऑफ़ मोशन पिक्चर्स एंड साइंस एक गैर सरकारी संगठन है, जिसके द्वारा Oscar अवार्ड्स को दिया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1927 में सिनेमा जगत के 36 लोगों ने मिलकर की थी। शुरुआत में केवल 5 श्रेणियों में इस अवार्ड को दिया जाता था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाया गया। 11 मई 1927 को अमेरिका के बिल्टमोर होटल में एक दावत रखी गई, जहाँ 300 मेहमानों में से 230 ने 100 डॉलर देकर इसकी सदस्यता ली। 16 मई 1929 को आयोजित पहले अकादमी अवार्ड्स में 270 लोगों ने शिरकत की थी। इस आयोजन में मीडिया को आमंत्रित नहीं किया गया, मगर अब हार साल मीडिया इस आयोजन को कवर करती है। कैसे तय होता है कि किसे मिलेगा Oscar ? Oscar अवार्ड्स के चुनाव के लिए बैलेटिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी शुरुआत 1935 में हुई थी। आपको बता दें कि नॉमिनेशन बैलेट्स सबसे पहले एकेडमी के सक्रिय सदस्यों को भेजे जाते हैं। एकेडमी के सभी सदस्यों को ऑस्कर अवार्ड के विजेताओं को चुनने का अधिकार होता है। अभिनेता सदस्य अभिनेताओं को, फिल्म एडिटर सदस्य फिल्म एडिटर्स को, निर्देशक सदस्य निर्देशकों को नामांकित करते हैं। आपको बता दें कि बैलटिंग के बाद केवल दो सदस्यों को ही इसके परिणाम मालूम होते हैं और किसी को इसकी जानकारी नहीं होती। 25 श्रेणियों में दिए जाने वाले ऑस्कर अवार्ड्स के नामों की गोपनीयता के लिए कड़े सुरक्षा इंतेज़ाम किए जाते हैं। एकेडमी अवार्ड्स का नाम Oscar क्यों पड़ा ? ऑस्कर अवार्ड्स के नाम के पीछे की भी एक कहानी है। इसका असली नाम ‘अकादमी अवॉर्ड ऑफ मेरिट’ है। ऑस्कर नाम के पीछे कई तथ्य हैं। सन 1934 में ऑस्कर विजेता बनीं डेविस का कहना है कि ये नाम उनके पति हार्मर ऑस्कर नेल्सन के नाम पर पड़ा है। एक दूसरी मान्यता यह है कि 1931 में एकेडमी के कार्यकारी सचिव मार्गट ने इसे अपने अंकल ऑस्कर जैसा बताया तभी से इसका नाम ऑस्कर पड़ गया। मदर इंडिया को क्यों नहीं मिला ऑस्कर ? भारत से 1958 में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म की कैटेगरी में मेहबूब खान की ‘मदर इंडिया’ का नामांकन हुआ था। फिल्म ऑस्कर के अंतिम नामांकन तक पहुंची भी परंतु फेडरिको फेलिनी की ‘नाइट्स ऑफ कैबिरिया’ से मात्र एक वोट से हार गई। ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय महिला 1958 में भारत की कोई फिल्म पहली बार ऑस्कर की रेस में शामिल हुई थी मगर ऑस्कर नहीं जीत पाई। 1983 में भारत ने एक इतिहास रचा, भानु अथैया भारत की पहली ऑस्कर विजेता बनीं। वर्ष 1983 में भानु अथैया को बेस्ट पोशाक डिज़ाइनर के लिए इस प्रसिद्द अवार्ड से सम्मानित किया गया। मदर इंडिया से नाटू-नाटू का सफ़र 1958 में नॉमिनेटेड भारत की ‘मदर इंडिया’ भले ही ऑस्कर नहीं जीत पाई, मगर उसके बाद देश की कई हस्तियों ने ऑस्कर के इतिहास में नाम दर्ज़ करवाया। 1983 में भानु अथैया के बाद भारत के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सत्यजीत रे को भी फिल्म जगत में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए इस अवार्ड ने नवाज़ा गया। हॉस्पिटल में बीमार होने के बावजूद उन्होंने इसे स्वीकार किया और उनके दिए गए भाषण ने ऑस्कर के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी। वर्ष 2009 में ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ में अपने दिए योगदान के लिए रेसुल पुकुट्टी को ‘बेस्ट साउंड डिज़ाइनर’ के अवार्ड से सम्मानित किया गया। ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ का एक गाना (जय हो ) जिसने पूरी दुनिया में नाम कमाया उसके लिए गुलज़ार को ‘बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग’ के अवार्ड से नवाज़ा गया। एआर रहमान को भी इसी वर्ष ‘बेस्ट ओरिजिनल स्कोर’ के लिए सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 में गुनीत मोंगा ने ‘एंड ऑफ सेंटेंस’ के लिए बेस्ट डाक्यूमेंट्री शार्ट का पुरस्कार जीता और 2023 में फिर से उन्हें ‘द एलीफेंट व्हिस्परर्स’ के लिए सम्मानित किया गया। वर्ष 2023 में ही भारत ने एक और ऐतिहासिक सफलता हासिल की। एसएस राजामौली की फिल्म आरआरआर के गाने ‘नाटू-नाटू’ ने ‘बेस्ट ओरिजिनल सांग’ का अवार्ड जीता। इसके साथ ही बेस्ट ओरिजिनल सांग की कैटेगरी में जीतने वाला ‘नाटू-नाटू’ भारत का पहला गीत बन गया। ALSO READ : 97वें Oscar Awards में इस फिल्म ने जीता सबका दिल, 5 Oscar किए अपने नाम WATCH : https://youtu.be/nHip7nZs01s?si=YeLIfSODyfi6rHjO
97वें Oscar Awards में इस फिल्म ने जीता सबका दिल, 5 Oscar किए अपने नाम

लॉस एंगेल्स : सिनेमा के सबसे बड़े अवार्ड शो (Oscar 2025) का इंतज़ार हर किसी को था। द अकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंस (AMPAS), द्वारा आयोजित 97वें एकेडमी अवॉर्ड्स की शुरुआत 2 मार्च को लॉस एंगेल्स में हुई। इस बार भारत की तरफ से भले ही कोई फिल्म ऑस्कर के लिए नॉमिनेट नहीं हो पाई मगर फिर भी इस बार का ऑस्कर भारतियों के लिए बेहद खास रहा। इस बार Oscar के इवेंट में हिंदी ने अपनी एक अलग छाप छोड़ी। इवेंट के होस्ट कोनन ओ’ब्रायन ने हिंदी बोलकर सभी का दिल जीता, उन्होंने भारतीय दर्शकों के लिए कहा – ” ‘नमस्कार! नाश्ते के साथ ऑस्कर कर रहे हैं आप” यानी ऑस्कर के इवेंट के वक्त भारत में सुबह हो चुकी है और सभी लोग नाश्ते के साथ ऑस्कर देख रहे हैं। Oscar 2025 के सभी विजेताओं के नाम : ALSO READ : PM ने क्यों कहा – ‘लुटियन जमात’ और ‘खान मार्केट गैंग’ से हूँ हैरान ? WATCH : https://youtu.be/nHip7nZs01s?si=xHkUfBR4z44V6osK