जानिए बीजेपी के घोषणा पत्र से जुड़ी खास जानकारी
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में भारतीय जनता पार्टी ने आज अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जोपी नड्डा द्वारा पार्टी के मैनीफेस्टो की घोषणा की गई। अपने घोषणा पत्र में बीजोपी ने लगभग हर वर्ग के लिए बड़ी घोषणा की हैं। पत्र में महिलाओं, किसानों, युवाओं को लेकर बड़े वादे किए गए हैं। बीजेपी का घोषणा पत्र हुआ जारी आज भाजपा ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है बतादें कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा इसकी घोषणा की गई। इस दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान, कैबिनेट मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ,प्रदेश वीडी शर्मा सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे। यह हैं भाजपा की घोषणांए यह भी पढ़ें- महिलाओं ने कर दी कांग्रेस नेता की चप्पलों से पिटाई
महिलाओं ने कर दी कांग्रेस नेता की चप्पलों से पिटाई
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरो-शोरो से चल रही है. चुनाव प्रचार के बीच ही कोई किसी को गोली दे रहा है तो कोई किसी के साथ मारपीट कर रहा है. एैसी ही एक खबर आई है, रहली विधान सभा गुंजौरा ग्राम से जहां कांग्रेस नेता को महिलाओं ने चप्पल से मारा. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दरसल पुरी बात ये है कि रहली विधान सभा गुंजौरा ग्राम के तीन लोगों का सड़क हादसा हो गया और तीनों लोगों की तत्काल मौत हो गई. जहां शोक सभा को संबोधित करने के लिए शुक्रवार को अनुसूचित जाति वर्ग के नेता प्रदीप अहिरवार रहली विधान सभा के गुंजौरा ग्राम में पहुचें. वहां जाने के बाद प्रदीप अहिरवार ने एक जनसभा में भाषण देने के दौरान इन तीनों मौतो का जिम्मेवार गोपाल भार्गव को ठहराया. एैसा करना जाति वर्ग के नेता प्रदीप अहिरवार पर भारी पड़ गया. जब प्रदीप ने गोपाल भार्गव पर ये आरोप लगाया तो इतना सुनते ही गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडी की मंत्री प्रतिनिधि मालती मंच पर आ पहुची और प्रदीप का भाषण बीच में ही रूकवा दिया. मालती के साथ मंच पर और कई महिलाए और पुरूष भी गए. मंच पर जाते ही मालती ने अपने पैरों से चप्पल उतारा और प्रदीप अहिरवार को मारने की कोशिश की, उनके साथ के बाकि लोगों ने भी उनका साथ दिया. गोपाल भार्गव पर आरोप लगाने पर तीनों मृतकों के परिजनों ने और वहां मौजूद अहिरवार समाज के लोगों ने कांग्रेस पार्टी के नेता प्रदीप अहिरवार को जमकर फटकार गलाई और कांग्रेस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए. इसके बाद प्रदीप अहिरवार को शोक सभा से खदेड़कर भगा दिया. रहली क्षेत्र से गोपाल भार्गव के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने जिला पंचायत सदस्य ज्योति पटेल को मैदान में उतारा है. मंत्री गोपाल भार्गव रहली विधानसभा से 8 बार विधायक हैं. ये भी पढ़े- मध्य प्रदेश की इन VIP सीटों पर हो सकता है एक तरफ़ा मुकाबला
ऊर्जा मंत्री की बिगड़ी तबियत,अस्पताल में भर्ती
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 15 नवंबर से प्रचार बंद हो जाएगा। इसी के चलते प्रदेश में प्रचार-प्रसार बड़ी तेजी से हो रहा है। इसी बीच कई प्रत्याशियों के तबियत बिगड़ने की खबरें भी सामने आ रही हैं। ग्वालियर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी और ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर की तबियत बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह अस्पताल में भर्ती सिंधिया समर्थक और शिवराज सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर को भाजपा द्वारा ग्वालियर विधानसभा से प्रत्याशी बनाया गया है। प्रत्याशी घोषित होने के बाद से ही प्रद्युमन सिंह तोमर लगातार अपने क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहे है। जिससे तोमर की तबीयत बिगड़ने लगी। शनिवार की सुबह उन्हें हजीरा के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हालाँकि ,तोमर की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। फ़िलहाल ऊर्जा मंत्री अस्पताल में ही भर्ती है। मीडिया कर्मियों को उनसे दूर ही रखा गया है। एक दिन पहले बीजेपी प्रत्याशी और सिंधिया समर्थक विधायक जजपाल सिंह जज्जी की मंगलवार को तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें इलाज के लिए भोपाल से एयरलिफ्ट कर दिल्ली भेजा गया है। तो वहीं आज एक बार फिर सिंधिया समर्थक ग्वालियर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी प्रद्युमन सिंह तोमर की तबियत बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आपको बता दें ,प्रद्युमन सिंह तोमर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने फिर से अपनी जीत दर्ज कराई थी और शिवराज सरकार में ऊर्जा मंत्री भी बन गए। वहीं ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर साल 2018 में ग्वालियर विधानसभा से ही चुनाव जीतकर विधायक बने और वह कमलनाथ सरकार में मंत्री भी रहे थे। ये भी पढ़े -मध्य प्रदेश की इन VIP सीटों पर हो सकता है एक तरफ़ा मुकाबला
मध्य प्रदेश की इन VIP सीटों पर हो सकता है एक तरफ़ा मुकाबला
मध्य प्रदेश में 230 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ा जा रहा है लेकिन इनमें से कुछ ऐसी सीटें है जिनपर चुनाव कुछ हद तक एकतरफा नज़र आ रहा है। इन सीटों को वीआईपी सीट भी कहा जा रहा है। ये इसलिए बोला जा रहा है क्यूंकि इन सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के ऐसे कद्दावर नेता चुनाव लड़ रहे हैं जो कई दशकों से इन्ही सीटों पर ही चुनाव लड़कर जीतते आ रहे हैं। आज हम आपको ऐसी ही छह वीआईपी सीटों बारे में बताएंगे। जिन पर चुनावी गणित बहुत हद तक एक तरफा है। इनमें बुधनी , छिंदवाड़ा , दतिया , भोपाल दक्षिण-पश्चिम सीट , भोपाल मध्य और रहली विधानसभा सीट है। हालाँकि , राजनितिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई बताते हैं कि ऐसी 6 नहीं बल्कि दर्जनों सीट हैं। ये हैं वो मध्य प्रदेश की 6 वीआईपी सीट पहली सीट बुधनी – यहां पर बीजेपी से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह मैदान में उतरे है। वहीं उनके खिलाफ थोड़ा पॉपुलर चेहरा लाने की कोशिश में कांग्रेस ने विक्रम मस्ताल को बनाया है। लेकिन यहां पर सीएम शिवराज सिंह चौहान को हरा पाना मुश्किल है। दूसरी सीट छिंदवाड़ा – यहां से कांग्रेस प्रत्याशी कमलनाथ के खिलाफ बीजेपी ने विवेक बंटी साहू को प्रत्याशी बनाया। यहां भी सिंगल रेस नज़र आ रही है। कमलनाथ को भी छिंदवाड़ा से हरा पाना उतना ही मुश्किल है। जैसे बुधनी में सीएम शिवराज सिंह चौहान को हरा पाना। तीसरी सीट दतिया – बीजेपी के नरोत्तम मिश्रा को लेकर दतिया में कभी चुनाव आसान नहीं रहा। इस बार भी वह चुनाव लड़ रहे है और यहाँ से कांग्रेस के राजेंद्र भारती उनके विपक्ष में है। लेकिन नरोत्तम मिश्रा चुनाव जीत रहे हैं। लेकिन यदि बीजेपी के खिलाफ हवा चली तो वे यहां चुनाव हार भी सकते हैं। चौथी सीट भोपाल मध्य – यहाँ से कांग्रेस के आरिफ मसूद के खिलाफ बीजेपी ने ध्रुव नारायण सिंह को टिकट दिया है। यहां बीजेपी ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश की लेकिन वो हो नहीं पा रहा है। भोपाल मध्य सीट से आरिफ मसूद दमदार दिख रहे हैं और उनके जीतने की संभावना उनकी अधिक हैं। पांचवी सीट भोपाल दक्षिण-पश्चिम – कांग्रेस से यहां पीसी शर्मा चुनावी मैदान में हैं। बीजेपी के भगवानदास सबनानी इनके खिलाफ मैदान में हैं। यहाँ पर बड़ा ही दिलचस्प चुनाव होने वाला है। पीसी शर्मा सरकारी कर्मचारियों के अधिक संपर्क में हैं और उनके बीच प्रसिद्ध हैं। तो वहीं बीजेपी के भगवानदास सबनानी का सिंधी वोटर बड़े पैमाने पर यहां नहीं है। लेकिन पीसी शर्मा को लेकर भी चुनौती यहां कम नहीं है। छठवीं सीट रहली – गोपाल भार्गव यहां से बीजेपी के उम्मीदवार हैं और कांग्रेस की ज्योति पटेल उनके सामने मैदान में हैं। बता दें , गोपाल भार्गव लंबे समय से इस सीट पर चुनाव जीत रहे हैं।मुख्यमंत्री बदलते रहे लेकिन गोपाल भार्गव वैसे के वैसे ही रहे। उनको हरा पाना मुश्किल है। ये भी पढ़े -गोंगपा को इस जिले में लगा झटका,बिगड़ेगा चुनावी समीकरण